चुदासी मम्मी को पटा के गांड मारी

दोस्तों मेरा नाम विक्की हैं और मैं बंगलौर के एक कोलेज में इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा हूँ. मेरी मम्मी का नाम नताशा हैं और उसकी उम्र 41 साल हैं. मम्मी का फिगर 36D 34 38 का हैं और उसकी गांड पूरी कोलोनी में सब से सेक्सी हैं. मेरे पापा आर्मी ऑफिसर हैं और वो ऑलमोस्ट बोर्डर के ऊपर ही रहते हैं. मेरा एक छोटा भाई हैं जो अभी सातवी में पढता हैं.

मैं अपनी मम्मी को बहुत पहले से ही लाइक करने लगा . वो बढती उम्र जब दोस्तों के साथ बैठ के के पोर्न देखता था तब से. लेकिन कभी मम्मी को कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई. मैं मम्मी की गांड के बारे में सोच के अक्सर मुठ मारता था. पापा 6 महीने में एकाद बार जब घर आते थे तो वो पुरे 15 दिन तक रोज मम्मी को ऐसे चोदते थे! लेकिन वो आर्मी की डिसिप्लिन और अपनी ड्यूटी को बहुत कमीटेड थे. मैंने अक्सर पापा को मम्मी की चूत बजाते हुए कमरे के दरवाजे के कीहोल से देखा. और मम्मी की चुदाई को देख के मैं लंड हिला लेता था अपना.

और फिर माँ अकेली रह जाती थी पापा के जाने के बाद. अक्सर मैं बिस्तर में अकेली सोयी हुई माँ को भी कीहोल से देख के मुठ मार लेता था. मुझे मम्मी को देख के लंड को हिलाने में अलग ही तसल्ली मिलती थी जैसे! कोलेज के अन्दर मेरे दोस्त मुझे एन्करेज करते थे लड़कियों और रांड के साथ सेक्स के लिए. लेकिन मैं मन ही मन जैसे गाँठ बाँध चूका था की पहली चुदाई तो मम्मी के साथ ही करूँगा बस!

एक दिन जब मैं कोलेज से घर आया तो देखा की भाई अभी स्कुल में ही था और घर पर मम्मी अकेली ही थी. घर का दरवाजा खुला था और मम्मी अपने काम में बीजी थी. घर के अंदर मम्मी अक्सर नाइटी पहन के ही घुमती हैं. और नाइटी के अंदर वो ब्रा पेंटी नहीं पहनती हैं. और उसकी बॉडी का आकार बिना ब्रा पेंटी के मस्त दीखता था. मैं बाथरूम में नहाने के लिए चला गया. वहां पर मम्मी की पेंटी टंगी हुई थी. उसे उतार के देखा तो उसके अन्दर उसकी चूत की झाड थी. उसे देख के मेरा लंड खड़ा हो गया. मैंने ताबड़तोड़ अपने लंड को हिला लिया. और मैंने सोचा की आज तो मम्मी को पटा ही लूँ!

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खाने के वक्त मैं मम्मी को कहा की आज तो आप बहुत चमकीली लग रही हो मम्मी. तो उसने हंस के कहा मैं तो हमेशा ही ऐसी होती हूँ. और फिर वो गरम सब्जी लेने के लिए किचन में चली गई. और जब वो उठी तो उसका ड्रेस उसकी गांड की फांक में फंसा हुआ था. अन्दर पेंटी नहीं थी इसलिए कपडे बदन से चिपके हुए थे. और माँ ने कपडे को गांड से निकाला चलते हुए.

खाना खाने के बाद मैंने फिर से एक बार मुठ मारी. और फिर मैं सो गया. मेरे भाई ने मुझे आ के उठाया.

रात के खाने के बाद जब मेरा भाई सो गया तो मैंने सोचा की आज अपना लंड कुछ भी कर के माँ को दिखाता हूँ. हम दोनों बैठ के टीवी देख रहे थे.और टीवी के ऊपर डांस का प्रोग्राम चल रहा था. मैंने मम्मी को कहा आप तो अब डांस ही नहीं करती हो. वो बोली अब तुम बड़े हो गए हो इसलिए नहीं करती. मैंने कहा आप स्टेट लेवल डांसर थी, चलो आज हम साथ में डांस करते हैं. मम्मी ने पहले तो मना कर दिया. लेकिन मैंने उसके हाथ को पकड के उसे उठा लिया.

और तब मेरे हाथ के ऊपर उसकी कमर और गांड के टच हुआ जो बड़ा ही सेक्सी था. और मेरा लंड भी पेंट में तम्बू बना चूका था. मम्मी ने मेरे तम्बू को देखा और बोली, चल हट मैं सोने को जाती हूँ. और वो अपने कमरे में चली गई.

और मैं भी अपने भाई के पास जा के सो गया. हमारा कमरा और माँ का कमरा एक बाथरूम से जुडा हुआ हैं. मैं मुठ मारने के लिए बाथरूम जा रहा था तो मैंने बाथरूम से सिसकियाँ सुनी. देखा तो मम्मी अपनी चूत के ऊपर शेम्पू की बोतल को घीस के हस्तमैथुन कर रही थी. मेरा प्लान काम कर चूका था. मैंने मम्मी के अन्दर सेक्स का लावा उबाल दिया था.

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अगले दिन मैं कोलेज नहीं गया और घर पर ही रहा. मेरा भाई स्कुल के लिए निकल गया. और पुरे दिन मैंने मम्मी की मटकती हुई गांड को और उछलते हुए बूब्स को देखे. और मम्मी ने भी देखा की मैं उसे ही देख रहा था. एक बार तो मम्मी ने कहा क्या ऐसे देख रहा हैं, जा के टीवी देख.

फिर वो अपने कपडे धोने के लिए चली गई. दोपहर को जब मम्मी सो गई तो मैंने उसकी धूलि हुई ब्रा ले ली जो बहार टंगी हुई थी. और मैंने उसके बड़े कप्स के अन्दर मुठ मार के अपना वीर्य निकाल दिया. जब माँ नींद से जगी तो उसने कपडे लेते वक्त उस ब्रा को सूंघा और उसके चहरे के उपर स्माइल आ गई वीर्य की स्मेल ले के! और फिर वो अपने कमरे में चली गई.

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