मम्मी की पहली गांद चुदाई

नेक्स्ट पार्ट ऑफ थे मम्मी सेक्स स्टोरी-

मम्मी अब खड़ी हुई, और मुझे उसके पीछे आने का इशारा किया. मैं भी उनके पीछे चलने लगा. उनकी मटकती हुई गांद देख कर मेरा लंड काबू से बाहर हो गया. वो मेरे बेडरूम में चली गयी, और बेड पर लेट गयी.

मम्मी: आज तो जाम कर चुदाई का मज़ा लेना है. आज की चुदाई मेरे पुराने यारों के नाम.

मैं: मम्मी बताओ ना आपको सब कैसे छोड़ते थे? आज आपको उन्ही के स्टाइल में छोड़ूँगा.

मम्मी बेड के कोने पर लेट गयी, और मुझे उनकी चुदाई करने को कहा. अब मैं उनको झुक कर छोड़ने लगा. मम्मी ने उनके दोनो हाथ मेरे गले में डाले, और दोनो पैर कमर में फ़ससा दिए. अब वो मेरे उपर झूलने लगी. मेरे दोनो पैर नीचे थे, और मेरे दोनो हाथ से बेड का सपोर्ट लिया था. यार बहुत मज़ा आ रहा था मम्मी की गरम छूट को ऐसे छोड़ने में.

मम्मी: बेटा तेरे अमित मौसा मुझे ऐसे झूला झुलाते थे, और मेरी बहुत चुदाई करते थे. और कहते थे भावना मेरी रंडी मेरे लंड पर झूलने को तैयार हो जेया.

मैं: ऐसे आपको छोड़ने में तो सच में बहुत मज़ा आ रहा है. आपने तो बहुत मज़ा किया है. मैं नसीब वाला हू की मुझे आप जैसी सेक्सी मम्मी मिली है.

मम्मी: तेरा लंड तो मुझे जन्नत दिखा रहा है. अब तो मेरा घर में काम हो गया. ऐसे ही तेरी मुम्मा की प्यास बुझते रहना.

मैं: आप जिस तरह छुड़वा रही हो. मेरा हमेशा आपको छोड़ने का मॅन करता है. क्या गरम छूट है आपकी. कितनी आग भारी पड़ी है.

मम्मी: मुझे कितना भी छोड़ लो, मैं प्यासी ही रह जाती हू. सुधा ने मुझे पहले से एक ही दिन में 4-5 बार चूड़ने की आदत डाल दी है. मेरी प्यास तो तेरे जैसा मर्द ही बुझा सकता है. मैं सच कह रही हू बेटा, तू मुझे ओरल सेक्स में बहुत मज़ा देता है (मैने अब फिर से मम्मी की छूट चाटने लगा).

मैं: आपने कभी 69 किया है?

मम्मी: नही बेटा, सुना बहुत है, लेकिन किया नही.

मैने अब मम्मी को सीधा लेटने को कहा, और हम 69 पोज़िशन में लेट गये.

मैं: मैं आपकी छूट का मज़ा लूँगा. आप मेरा लंड चूसो.

मम्मी: वाह, ये सही है. एक साथ दोनो का काम हो रहा है. आज कल की जेनरेशन बहुत फास्ट है.

मम्मी अब मेरी बॉल्स को मूह में भर कर चूसने लगी. उनके ऐसे करने से मेरा लंड और टाइट हो रहा था. अब तो लंड में बहुत दर्द होने लगा था. मैने ज़्यादा पवर का टॅबलेट खाया था, तो आज तो मेरा स्पर्म जल्दी निकालने वाला नही था. मेरी मम्मी ने मेरी बॉल्स को आचे से गीले कर दिया. वो दूसरी बार मेरे मूह में झाड़ गयी. उस मोमेंट तक मम्मी टोटल 3 बार झाड़ चुकी थी.

48 साल की औरत 3 बार झड़ने के बाद भी इतना ही जोश दिखा रही थी. मैं भी उनका सारा रस्स चाट गया. मेरी मम्मी की छूट का रस्स बहुत मस्त है. मम्मी के मूह से गुप-गुप की आवाज़ आ रही थी क्यूंकी उसने पूरा लंड मूह में तूस लिया था. शायद उस दिन मैं वियाग्रा नही लिया होता, तो मम्मी की बातें सुन कर डिसचार्ज हो जाता. अब वो मेरे उपर बैठ कर हॉर्स राइडिंग करने लगी.

मैं: मम्मी आपका ये स्टाइल मुझे बहुत पसंद है. ये आपको किसने सिखाया?

मम्मी: मुझे और सुधा को व्क्र पर ऐसे वीडियो दिखा कर ट्रैनिंग देते थे. बाद में वो लोग ऐसे ही छोड़ते थे.

मैं: कितने लोग वहाँ होते थे?

मम्मी: कोई फिक्स नही था. कभी 2-3 और कभी-कभी तो 7-8 लोग एक साथ होते थे.

मैं: तो आप एक साथ इतने सारे लोगों से चुड कर तक नही जाती थी?

मम्मी (हेस्ट हुए): अभी इतनी उमर में तुझे गोली खा कर मुझे छोड़ना पद रहा है. वो तो मेरी जवानी के दिन थे. तेरी मम्मी को संतुष्ट करना आसान नही था.

मैं: मम्मी शादी के बाद तो आपकी रातें भी नही काट रही होंगी. आपको पापा इतना छोड़ भी नही पा रहे होंगे.

मम्मी: बेटा जाने दे यार, क्या कुछ सहा है. मैं रात भर चूड़ने वाली औरत को वो बस 5-10 मिनिट छोड़ कर सो जाते थे. और बेटा सही टाइम पर तुमने तो मेरी इज़्ज़त रख ली. वरना मैं अभी काईं और लोगों से चूड़ने लगती.

मैं (शॉकिंग फेस): और किसके साथ मुम्मा?

मम्मी: तेरी मसाज ने मेरे अंदर की प्यासी औरत को फिर से जगा दिया था. तू आयेज बढ़ ही नही रहा था, तो मैने मेरे एक पुराने यार से कॉंटॅक्ट कर लिया था. वो मुझे उसके कुछ ख़ास दोस्तों के साथ मिल कर छोड़ने वाला था.

मैं: तो आपने अब उन्हे माना कर दिया क्या?

मम्मी: नही बेटा. तेरी नानी के घर जाने के बाद प्रोग्राम है.

मैं: मम्मी आपकी सकचाई तो कभी मैं जान ही नही पौँगा.

मम्मी (स्माइल करते हुए): वो बेटा मैने खुद नही याद रखा की मैने अपने जीवन में क्या-क्या किया है. रात गयी बात गयी वाली थिंकिंग है मेरी.

मैं: यहीं होनी चाहिए. आप सच में ग्रेट हो मुम्मा. ई लोवे योउ.

मम्मी: लोवे योउ टू बेटा. तू मुझे इतना सपोर्ट करेगा, मैने कभी सोचा नही था.

मैं: आपको मेरा फुल सपोर्ट है. आप जब चाहे, जिसके साथ साथ चाहे चुदाई कर सकते है.

मम्मी नीचे झुक कर मेरे लिप्स चूसने लगी और बोली: थॅंक योउ बेटा. तू मेरा असली खून है.

मैं अब मम्मी की गांद पकड़ कर नीचे से धक्के मार कर छोड़ रहा था. अब वो तक कर मेरे पास लेट गयी. हम एक-दूसरे से साँप की तरह लिपट कर किस कर रहे थे. मैं मम्मी की नेक, बूब्स, और र्लोबस, हर जगह पर किस कर रहा था. मैं अब उठ कर बियो आयिल की बॉटल ले आया.

मम्मी समझ गयी थी की अब उसकी गांद चूड़ने वाली थी. उनकी आँखों में तोड़ा दर्र दिख रहा था. वो खुद से घोड़ी बन गयी, और उनकी गांद उपर उठा दी. मैने उनकी गांद पर एक छाँटा मारा.

मैं: मम्मी रेडी हो जाओ. आज आपकी गांद फटने वाली है.

मम्मी: बेटा मुझे सच में बहुत दर्र लग रहा है. आराम से करना.

मैं: मम्मी बहुत प्यार से करूँगा. डॉन’त वरी.

मैने अब उनकी गांद का च्छेद छाता और आयिल लेकर उनकी गांद में उंगली करने लगा. मैने 2 उंगली डाल कर आयिल से गीला कर दिया. मैं उंगली अंदर-बाहर कर रहा था, तब मम्मी तोड़ा दर्द महसूस कर रही थी. उनकी गांद बहुत ही टाइट थी, जिससे ये बात तो पक्की थी की मैं पहला आदमी था जो उनकी गांद मारने वाला था. और मेरी रंडी मम्मी का सील पॅक गांद मारना मेरे ही नसीब में था.

मैने अब मेरे लंड पर बहुत सारा आयिल लगाया और पूरा चिकना कर दिया. मैने अब मम्मी को ठीक से घोड़ी बना दिया, और लंड को गांद पर टीका दिया. मम्मी ने दर्र के मारे अपनी गांद को टाइट कर दी थी.

मैं: मम्मी लूस रखना, जिससे दर्द कम होगा.

मम्मी: ह्म. अभी आराम से. मुझे दर्र लग रहा है.

मैं: कुछ नही होगा, तोड़ा दर्द होगा, फिर मज़ा आएगा.

अब मैने गांद के च्छेद पर लंड टीका दिया, और पुश किया. 2-3 बार ट्राइ करने के बाद मेरा टोपा अंदर घुस गया. मेरी मम्मी की आ निकल गयी. वो दर्द से तड़प रही थी. मैने उनकी कमर को पकड़ा, और एक ज़ोर से धक्का मारा. मेरा आधा लंड अंदर चला गया. साथ में मम्मी की चीख निकल गयी. उनकी आँखें फटत कर बाहर आ गयी थी. आँखों से आँसू निकल रहे थे. वो दर्द से चिल्ला रही थी.

मम्मी: अभी प्लीज़ निकालो इसे, मैं नही से पा रही हू.

मैं: बस 2-5 मिनिट दर्द होगा. उसके बाद मज़ा आएगा.

मैने ऐसे कुछ पल तक लंड अंदर रखा और बाहर निकाला. और फिर से लंड घुसा दिया. अब मैं उनकी स्लोली गांद मार रहा था. मम्मी को भी अब मज़ा आ रहा था. फिर मैने मौका देख कर उनकी कमर पकड़ कर कसा कर धक्का मारा, और पूरा लंड गांद फाड़ कर अंदर उतार गया. आप बिलीव नही करेंगे दोस्तों, पर मम्मी की गांद सच में फटत गयी थी. उनका एहसास मुझे फील हुआ.

मम्मी इतनी ज़ोर से चीखी, की शायद आवाज़ घर के बाहर भी गयी होगी. मम्मी की एक-दूं से आवाज़ भी नही निकल रही थी. उनसे साँस भी नही ली जेया रही थी. मम्मी का पूरा शरीर तर-तर काँप रहा था.

मम्मी (दर्द भारी आवाज़ से): बेटा प्लीज़ निकाल दे. मैं तेरे आयेज हाथ जोड़ रही हू.

मैने तुरंत लंड बाहर निकाला, तो देखा मेरा लंड मम्मी के खून से लाल हो गया था. मम्मी की जांघों पर खून बह रहा था. मैं ये देख कर तोड़ा दर्र गया. लेकिन मेरे चेहरे पर उनकी गांद फाड़ने की एक खुशी भी थी. मैं मम्मी को समझने लगा.

मैं: मम्मी बस अब हो गया है. आप थोड़ी हिम्मत रखो. फिर बहुत मज़ा आएगा.

मम्मी: बस एक मिनिट साँस लेने दे.

मैने अब ज़्यादा टाइम वेस्ट नही किया, और उनको फिर से घोड़ी बना दिया. मैने धीरे-धीरे पूरा लंड गांद में उतार दिया, और उनकी स्लोली गांद मार रहा था. 2-3 मिनिट के बाद मम्मी भी नॉर्मल हो रही थी, और खुद से पीछे धक्के लगा कर गांद में लोड्‍ा ले रही थी.

मैं: क्या हुआ मम्मी. लगता है अब आपको भी मज़ा आ रहा है.

मम्मी (मादक आवाज़ में): हा बेटा, बहुत मज़ा आ रहा है. दर्द भी बहुत है, पर तुमने मेरी गांद की सील तोड़ी है इस बात की खुशी भी है. चलो एक चीज़ थी, जो मैने तेरे पापा के लिए बाकी रखी थी. पर उन्होने नही तो तुमने मार ली.

मैं: थॅंक योउ मुम्मा. ई लोवे योउ.

मम्मी: लोवे योउ टू बेटा.

मैने अब धीरे-धीरे स्पीड बढ़ा दी. मम्मी भी फुल सपोर्ट कर रही थी. मैने अब उनकी डॉगी स्टाइल में भी गांद मारी जिससे उनको और मज़ा आने लगा. मम्मी को मेरे उपर बिता कर भी गांद मारी. मैने कुछ 3-4 पोज़िशन में मम्मी की गांद मारी. मैं कुछ 20-25 मिनिट से मम्मी की गांद मारे जेया रहा था.

मैं: मम्मी अब लगता है मेरा होने वाला है.

मम्मी: पूरी ताक़त से गांद मारना. मैं आज तेरे से बहुत खुश हू.

मैने अब मम्मी को फिर से घोड़ी बना दिया, और नीचे झुक कर उनकी गांद मार रहा था. मेरी भी हार्टबीट बढ़ने लगी थी.

मम्मी: ह्म आ, मज़ा आ गया बेटा. ऐसे ही छोड़ मुझे. फाड़ दे अपनी रंडी मम्मी की गांद. बहुत मस्त लोड्‍ा है तेरा बेटा. आज तो तुमने मेरी सारी प्यास बुझा दी.

मैं: मैं बस झड़ने वाला हू मम्मी.

मैं अब पूरी ताक़त लगा कर छोड़ रहा था. मेरे पैर भी दर्द करने लगे थे, और मैं कुछ 2-3 मिनिट के लगातार स्पीडी धक्को के साथ मैं उनकी गांद में झाड़ गया. मैने जब लंड बाहर निकाला तब मेरे स्पर्म और ब्लड मिक्स हो कर मम्मी की गांद से बाहर बह रहा था. मैं इतना तक गया था की सीधा बेड पर सो गया. मम्मी भी मेरे से चिपक कर सो गयी. हम दोनो की साँसे फूल गयी थी.

मैं: क्यूँ मज़ा आया की नही?

मम्मी: बेटा दर्द बहुत हुआ लेकिन मज़ा भी उतना ही आया. आज मुझे सुधा की एक बात याद आ रही है. वो हमेशा कहती थी की भावना तू जब गांद मरवाएगी तब तुझे लगेगा की इसमे भी बहुत मज़ा है. लेकिन मैने सोचा था की मैं अपने पति के लिए रखू.

मैं: तो आपने पापा को बोला क्यूँ नही?

मम्मी: कभी कोई औरत अपने पति से चूड़ना है ऐसा भी नही कहती. और मैं उनको सामने से कैसे कहती की आप मेरी गांद मारो? उपर वाला है, जो उन्होने तुम्हे मेरी सारी इक्चा पूरी करने भेजा है.

मैं: पर पापा आपकी गांद नही ले रहे थे, तो उसके बाद आपने इतने साल तक किसी और से क्यूँ नही मरवाई?

मम्मी: बेटा मैं जैसी भी हू, लेकिन एक बार जो तान लेती हू, वो करके रहती हू. मेरी गांद को चाहने वाले बहुत थे. लेकिन मैने तेरे पापा के लिए संभाल कर रखी थी. लेकिन अब तो वो मेरी लेंगे नही, और जब तुमने गांद मारने की बात की तो मैने सोच लिया की जो मेरे पति ने नही किया, वो काम मेरा बेटा करेगा.

मैं (उनके माथे पर किस करके): थॅंक्स मुम्मा. आपने मुझे इतना इंपॉर्टेन्स दिया.

मम्मी: बेटा तू मेरा खून है. तेरे लिए तो मेरी पूरी ज़िंदगी कुर्बान कर सकती हू.

मम्मी को चलने में भी परेशानी हो रही थी. मैं उनका हाथ पकड़ कर बातरूम ले गया. हमने साथ में शवर लिया, वहाँ भी मेरा लंड खड़ा हो गया. शवर के बाद मैने मम्मी को एक और बार छोड़ा. और हम नंगे एक-दूसरे से लिपट कर सो गये.

ही दोस्तों मैं आपका मूडछंगेरबोय. आपको मेरी लिखी गयी मेरी स्टोरी रीडर अभी और उसकी मम्मी की चुदाई की कहानी कैसी लगी वो मुझे मूडछंगेरबोय@गमाल.कॉम पर मैल करे.

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