मम्मी की गांड मारने की फेंटसी पूरी हुई

mummy-ki-gaand-marne-ki-fantasyहाई दोस्तों मेरा नाम अभय हे और मैं मंगलोर से हूँ. मैं 19 साल का हूँ और अभी डिप्लोमा में पढाई करता हूँ. चलिए अब कहानी के ऊपर आते हे. मेरे घर में हम तिन मेम्बर्स हे. मैं मेरी माँ और डेड. मेरे पापा एक पॉलिटिशियन हे और मम्मी एक हाउसवाइफ हे. मम्मी का नाम रेणुका हे और अब इस कहानी में मैं उसे प्यार से रेनू कह के बुलाऊंगा. मम्मी 5 फिट और 4 इंच लम्बी हे और उसका रंग एकदम साफ़ हे. मम्मी के बूब्स एकदम बड़े हे और उसकी गांड तो उस से भी बड़ी हे. मम्मी की गांड और चूत के ऊपर घने बाल हे जैसे की कबूतर का घोंश्ला.

मैं पिछले कुछ सालों से अपनी मम्मी को चोदने की फेंटसी में जी रहा था जो अभी 10 दिन पहले ही पूरी हुई. मम्मी डेली साडी पहनती हे और वो सोती भी हे साडी पहन के ही. मैं रोज अपनी माँ के नाम की ही मुठ मारता था. और बेताबी से उसके साथ सेक्स करने के मौके की तलाश में था.

एक दिन मैं हॉल में बैठ के टीवी देख रहा था. और मम्मी बाथरूम में नहाने के लिए गई थी. मेरा लंड खड़ा हो गया. और पता नहीं मुझे क्या हुआ की मैं वही पर अपने लंड को निकाल के मुठ मारने लगा. मम्मी की बिग एस के बारे में सोच के मैं लंड को हिला रहा था. फिर मैंने सोचा की मम्मी का बाथरूम में नहाने का वीडियो बनाना चाहिए!

तो अगले दिन मम्मी के नहाने जाने से पहले मैंने अपने मोबाइल को रिकोर्डिंग ओन कर के बाथरूम में छिपा दिया और बहार आ गया. जब मोम नहाने के लिए गई तो मैं हॉल में ही था. फीर जब वो नाहा के निकली तो मैं मोबाइल निकाल लाया बाथरूम से और अपने कमरे में चला गया रिकोर्डिंग देखने के लिए. वाह क्या मस्त सेक्सी बदन था मेरी माँ का!

मम्मी ने पहले अपनी साडी उतारी और फिर पेटीकोट को. और फिर उसने अपने ब्लाउज के बटन खोले. उसने अन्दर कोई ब्रा नहीं पहनी थी. मम्मी की पेंटी को देख के मेरा लंड कडक हो गया. मोबाइल में माँ का नंगा बदन देख के मैं अपने लंड को हिला रहा था. और फिर मैंने देखा की मम्मी ने शेंपू की बोतल उठा के अपनी चूत में डाल दी. बाप रे आधी से भी ज्यादा बोतल वो चूत में डाल के हिला रही थी.

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मैं समझ गया की पापा अपनी पोलिटिकल एम्बिशन के लिए मम्मी को समय नहीं देते होंगे इसलिए मम्मी को हस्तमैथुन करने की जरूरत थी. मैं ये जान के खुश हुआ की मम्मी भी सेक्स के लिए तड़प रही थी. मैंने सोचा की माँ को पटा के चोदा जा सकते हे.

तभी मम्मी ने मुझे खाने के लिए आवाज दी. खाना खाते हुए भी मैं मम्मी के क्लीवेज और उसके बूब्स को देख रहा था. सच में बहुत बड़े थे. मेरा लंड तो कब से खड़ा ही था. और उसने पेंट के अन्दर आकार भी बनाया हुआ था. माँ ने लंड के बने हुए आकार को देख लिया लेकिन वो कुछ नहीं बोली. वो कीचन में गई और मैं खाता रहा. फिर मैंने रेनू मम्मी को गुड नाईट कहा और अपने कमरे में चला गया.

रात में भी मैंने मम्मी के बारे में सोच के दो बार अपने लंड को हिलाया. मैंने सोचा की मम्मी को अपना लंड दिखाऊं तो शायद काम बन जाएगा. मैं पूरा न्यूड हो के सो गया.

मम्मी मोर्निंग में मुझे उठाने के लिए आई. उसने जैसे ही बेडशिट को खिंची तो शोक लगा उसे. मेरा लंड किसी जानवर के जैसा था. मम्मी मेरे करीब आई और उसने बड़े ही प्यार से मेरे लंड को टच किया. मैं जाग चूका था लेकिन सोने की एक्टिंग कर रहा था.

मम्मी के हाथ में लंड लेते ही वो तन के पूरा 7 इंच का हो गया. मम्मी ने धीरे से मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी. उसकी सलाइवा और गर्मी की वजह से मैं आउट ऑफ़ कंट्रोल हो रहा था. मम्मी लंड चूसने लगी थी. और एक मिनिट में तो मैं उसके मुहं में झड़ भी गया. मम्मी ने सब मुठ पी ली. उसे लगा की मैं अभी भी सो रहा था.

लेकिन मैं कहा सो रहा था मैं तो उसकी ब्लोवजोब को एन्जॉय कर रहा था. मेरी मुठ निकलने के बाद वो किचन में नाश्ता बनाने के लिए चली गई. मैं ख़ुशी से उठ गया और फिर से अपने लंड को हिला लिया. और मैं किचन में चला गया. मम्मी वही पर थी तो मैंने उसे नाश्ते के लिए पूछा.

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मम्मी ने कहा चलो बहार लगा देती हूँ. उसने डाइनिंग टेबल पर नाश्ता रखा और हम लोग खाने लगे. तभी मम्मी संभार परोसने के लिए उठी और उसका पल्लू निचे गिरा. मैंने उसके बिग बूब्स को देखे जो ब्लाउज में थे. मुझे लगा की उसने जानबूझ के ही पल्लू निचे किया था. मैं उसके बूब्स देख रहा था जो उसने भी देखा और स्माइल दे दी. मैं खुश हुआ और कालेज के लिए निकल गया. लेकिन आज साला कोलेज में मूड ही नहीं आ रहा था, क्लास में ध्यान ही नहीं लग रहा था मेरा.

मैं 11 बजे घर वापस आ गया. घर में एकदम सन्नाटा था. मुझे लगा की मम्मी सो रही थी तो मैंने चेंज कर लिया और शॉर्ट्स पहन ली. मम्मी के कमरे के पास गया तो अंदर से मोअन की साउंड आ रही थी. उसे पता नहीं था की मैं जल्दी आ गया था. मैंने दरवाजे को खोला और अन्दर गया तो देखा की मम्मी एकदम नंगी बेड के ऊपर पड़ी थी. और उसने अपनी चूत में बेगन डाला हुआ था. मम्मी ने फटाक से चद्दर बदन पर डाली और नंगे बदन को कवर किया. वो घबरा गई थी. मैंने कहा सोरी और फिर मैं अपने कमरे में चला गया.

आधे घंटे के बाद मम्मी मेरे कमरे में आई और मेरे बगल में लेट गई. और उसने अपने हाथ को मेरे लंड के ऊपर रख के सहला दिया. मैं उठा और उसे देखा. मम्मी ने मेरा लंड पकड़ा हुआ था. फिर उसने हाथ हटा लिया और अपने कमरे में चली गई. शाम को वो नजरें नहीं मिला रही थी डिनर के वक्त. खाने के बाद मैं उसके कमरे में ही सोने के लिए चला गया. पापा की कोई रेली थी इसलिए वो सुबह ही आनेवाले थे.

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