मुंबई की चुदासी सेठानी

हैलो फ्रेंडज़ आप सब कैसे हो.. उम्मीद है कि आप सब अन्तर्वासना पर कामुकता भरी चुदाई की कहानी पढ़ कर मजा ले रहे होगे.

इससे पहले मेरी कहानी
क्लासमेट की माँ को चोदा
आप सभी ने पढ़ी, वो आप सबने खूब पसंद की और मुझे ढेर सारे ईमेल आए.. उसके लिए आप सभी का धन्यवाद.

अब मैं आपको दूसरी कहानी बता रहा हूँ, जो एकदम सच्ची है.

सन 2003 में मैं मुंबई गया हुआ था कुछ काम की वजह से. वहां मैं एक होटल में ठहरा. सुबह हुई तो वेटर अखबार दे गया. मैं अख़बार पढ़ने लगा. उसमें एक छोटे से एड में लिखा था कि ‘मस्ती भरी दोस्ती करो..’ और नीचे फोन नम्बर लिखा था. मुझे लगा कि चलो कुछ दोस्ती करें.

मैंने उस फोन नम्बर पर फोन किया तो किसी महिला ने उठाया. मैंने बताया कि अख़बार में आपकी एड है, उसी के बारे में फोन किया था.
तो उसने कहा- बराबर है.. आप मेंबर बन जाइए, फिर हम आपको नम्बर देंगे और आप उस नम्बर पर बात करके दोस्ती करें.
मैंने हां बोल दिया. उसने मुझसे पूछा कि आप कहां हैं?
तो मैंने अपने होटल का पता दे दिया.
वो बोली- हम वहां नहीं आएंगे, आप इस एरिया में एक रेस्टोरेंट है, वहाँ आइए.
उसने एरिया का नाम पता बताया.
मैंने कहा- ओके मैं आता हूँ.

कुछ 10-15 मिनट में मैं वहां पहुँच गया. उसने अपनी कुछ निशानियां दी थीं, उन्हें देख कर मैं पहचान गया और मुस्कुरा दिया.
वो मेरी बाजू में आकर बैठ गई और मुझसे मेंबरशिप के 500 रूपए माँगे.
मैंने दे दिए.

उसने मुझे कुछ नम्बर दिए और कहा कि आप ये कोड लो और कोड बात करने के बाद जब कोड नंबर माँगा जाए तब दे देना. जब कोड नम्बर मिल जाएगा तभी वे आपसे बात करेंगे.
मैंने कोड नंबर लिया और हम दोनों साथ चल पड़े. मुझे बोरीवली जाना था और उसको सांताक्रूज जाना था.

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हम दोनों टैक्सी करके रेलवे स्टेशन के लिए निकले. उधर से मैं बोरीवली पहुँच गया और वहाँ से उसके बताए नंबर पर फोन किया. फोन किसी जेंट्स ने उठाया, तो मैंने फोन रख दिया.

फिर मैंने उसी औरत को फोन लगाया जिसका नाम मालती था. मैंने उससे कहा कि वहां से तो फोन किसी जेंट्सा ने उठाया है.. ये क्या चक्कर है?
वो बोली- कोई बात नहीं, उसी से बात कर लो.

मैंने फिर से फोन मिलाया, फिर से उसी जेंट्सन ने फोन उठाया. मैंने कहा कि मुझे मालती ने आपका नंबर दिया है.
वो बोला- आप कोड नंबर बोलो.
मैंने कोड नंबर बताया, तो वो बोला कि अभी आप कहां हो?
मैंने कहा- बोरीवली में हूँ.
उसने एक एड्रेस बताया और कहा कि इधर आकर मुझे रिंग करो.

मैंने वहां जाकर उसे रिंग की, तो एक 50 साल का आदमी मुझे लेने आया. उसका नाम कमलेश था. वो मुझे अपने फ्लैट में लेकर गया. उसने मुझे वहां ले जाकर बिठाया और मुझे मेरे बारे में पूछने लगा.
तभी बेल बजी.. उसने उठ कर डोर खोला तो एक करीबन 40 साल की औरत अन्दर आई.
वाह… क्या खूबसूरत बला थी.. मैं तो देखता रह गया. उसने ब्लैक कलर की साड़ी पहनी थी और झीने काले रंग के ब्लाउज के अन्दर सफ़ेद रंग की ब्रा पहनी थी, जोकि एकदम साफ़ झलक रही थी.

क्या गजब की माल दिख रही थी.. कोई ऐसा वैसा आदमी होता तो पैन्ट में झड़ ही जाता.. बड़ा कांटा माल लग रही थी भाई.. साली की क्या तो गांड थी.. वो चल रही थी, तो उसके चूतड़ों की थिरकन बेहोश कर देने वाली थी.

लेकिन मैं गलत था, क्योंकि ये माल वो नहीं था जो मैं समझ रहा था. जो आदमी मेरे सामने बैठा था, वो उसका पति था.

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जब मैंने उसके हज़्बेंड से पूछा कि यही मैडम हैं, जिनके लिए मैं आया हूँ?
तो उसने बताया कि नहीं नहीं.. ये तो मेरी बीवी है, आपके लिए तो दूसरी आएगी.
मैं हंस दिया.

उसने मुझसे पूछा कि आप ड्रिंक करते हो?
मैंने हां कहा, तो वो मुझसे 500 रूपए लेकर ड्रिंक लेने चला गया.
तब मैंने उसकी बीवी से बोला- आप मेरे पास बैठिए ना.
वो लहरा कर मेरे करीब आई और एकदम पास सट कर बैठ गई. वो मुझसे बातें करने लगी.
मैंने उसको बोला- आप इतनी खूबसूरत हो और आपनी जिंदगी ऐसे ही जाया कर रही हो?
वो हंसने लगी कि बस मुझे कोई शौक नहीं है, हमको तो कमीशन मिल जाता है, बस उतना ही हमारे लिए काफ़ी है.

मैंने उसकी जाँघ पे हाथ रखा तो उसने कुछ नहीं बोला, मैं उसकी जांघ पर हाथ घुमाने लगा और उसकी आपत्ति न होते देख कर मैंने अगले ही पल अपना हाथ उसकी चुचियों पर रख कर सहलाने लगा. वो भी मम्मे सहलवाने का आनन्द उठाने लगी.

तभी उसका हज़्बेंड आ गया और वो उठकर चली गई.

हम दोनों बैठ कर जिन पीने लगे. उसने अपनी बीवी को बोला- जरा पकौड़े बना लाओ.
वो झट से बना लाई. हम दोनों ने पकौड़ा के साथ जिन पीने का पूरा मजा लिया. कुछ देर बाद उसने किसी को फोन किया और कहा- आ जाओ.
मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मुझसे कहा- बस वो अभी आ ही रही है.

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