मेरी मा को रंडी बनाया

शुभ के दिन मई मम्मी के पास गया, मम्मी कुछ सोच रही थी तो मैने मम्मी से पूछा-

मई- क्या हुआ मम्मी?

मम्मी – कुछ नही बस यूँ ही बती थी.

मम्मी (मॅन मे सोचती हुई) – मई दो गियर बुद्धू से छोड़ गयी, मेरे जैसे सेक्सी औरत को सब देखते रहते है और छोड़ने की इक्चा रहकते है लेकिन मई अब दो गंदे से बुद्धू से छोड़ गयी, कही मई रंडी तो नही बन रही हू.

मई – मम्मी मुझे छाई बना दो.

फिर मम्मी छाई बनाने चले गये. मई साँझ गया कुछ ना कुछ गड़बड़ है. मई अपने सामने वेल दोस्त अभिनव के पास गया और मैने उससे पूछा, भाई मम्मी कुछ अजीब सी हरकत कर रही है, तूने कुछ देखा है क्या?

अभिनव – हा भाई तेरे घर एक बुद्धा आया था, वो कही का पता पूछ रहा था. फिर थोड़ी देर बाद वो और तेरी मम्मी अंदर चले गये और तेरी मम्मी ने डरवजा लगा लिया था. फिर तेरे घर के पास तेरा पड़ोसी (पापु) भी देख रहा था. मई भी उसके पास गया और पूछा क्या कर रहा है?

पापु – ये देख कैसे ये सेक्सी रांड़ छुड़वा रही है.

अभिनव – ये क्या औंती बुड्ढे से चुड रही है!

पापु – अब तू देखता जा मई भी कैसे इसे छोड़ता हू.

अभिनव – तू कैसे छोड़गेआ, वो तेरे जैसे गंदे से बुड्ढे से नही चूड़ेगी.

पापु – रात को चाट पर आ जाना.

मई – पापु ने भी फिर मम्मी को छोड़ा क्या?

अभिनव – हा किस करता हुआ देखा फिर तेरी मम्मी उसके पास सो गयी फिर कुछ नही देखा, मुझे पक्का है चूड़ी तो होगी.

मई (मॅन ही मॅन मे)- अक्चा तो ये बुड्ढे से चूड़ते फिर रही, अब लगता मुझे भी हाथ मार लेना चाहिए.

फिर मई घर चला गया और मम्मी मेरे लिया छाई लेकर आ गये और मई छाई पेकर बोला. चल मम्मी बाज़ार चलता है मुझे कुछ कपड़े लेने है.

मम्मी फिर रेडी हुंे चली गये, मम्मी ने ब्लू कलर का लस्टिक वाला ब्लाउस फ़ना था. उससे मम्मी के बूब्स उभर के बाहर आ रहे थे और बाज्नि कलर की सारी, उसमे वो भोथ सेक्सी लग रही थी.

फिर हम निकल गये और बस पे चाड गये. बस मे भीड़ भोथ थी लेकिन थोड़ी देर बाद एक सीट खाली हो गयी. मम्मी ने मुझे सीट पर बेता दिया और खुद खड़ी रही.

बस मे थोड़ी और भीड़ बढ़ने के कारण मम्मी मुजसे तोड़ा दूर चली गयी. मैने देखा वाहा पापु का दोस्त रामू मम्मी के पीछे आ गया और मम्मी के कान मे कुछ कहने लगा. और मम्मी के शकल ऐसी लग रही थी की पापु ने रामू को सब बात दिया है.

अब बस चल पड़ी, मैने पीछे मूड के देखा तो रामू ने मम्मी की कमर पे हाथ रहका है. और ढेरे ढेरे उसने मम्मी की छूट पे हाथ रख के फिर रहा है. वो मम्मी की छूट पे हाथ फिर रहा था और कुछ बाते भी कर रहा था लेकिन मुझे सुनाई नही दे रही थी. फिर एकदम से मम्मी ने उसे पीछे मूड के किस कर दिया.


मई देखता का देखता रह गया, अब रामू मम्मी के गांद पे अपना लंड भी फिर रहा था.

5 मीं बाद हमारा स्टॉप आ गया और हम उतार गये. रामू भी हमारे साथ उतार गया. अब हम कपड़े की दुकान पे पहुँचे और मुझे कुछ कपड़े पसंद आ गये और मई चेंजिंग रूम मे चला गया.

तब तक रामू ने मम्मी को पीछे से खिंकके बातरूम मे ले गया. जब मई चेंजिंग रूम से बाहर आया तो मैने देखा मम्मी वाहा नही थी.

मई साँझ गया था रामू मम्मी की चुदाई कर रहा होगा. मैने दुकान के मलिक से पूछा मम्मी कहा है? उसने बोला बातरूम गये है. मई ढेरे ढेरे बातरूम के पास गया, मुझे मम्मी की आवाज़ आ रही थी.

मम्मी – रामू हा यहा यही पे चाट ऊफ़फ्फ़ आअहह एम्म्म एसस्स चाट और चाट रामू…

रामू – एम्म मई सोच भी नही सकता था की मोहल्ले की सबसे सेक्सी औरत की छूट चाटने को मिलेगी, आपके छूट सही मे स्वाड्िस्ट हा भाभिजी..

मम्मी – पता है, उन दोनो को भी मज़ा आ गया था मेरी छूट चाट के..

रामू – जल्दी से आपको छोड़ देता हू आपका बेटा के बाहर आने से पहले.

मम्मी- हन चुदाई मे इतने मगन हो गये थे की उसके बारे मे भूल गये, जल्दी से छोड़..

मुझे मम्मी की चुदाई के आवाज़ आ रही थी, मैने सोचा आज रंगे हाथ पकड़ा जाए और मम्मी चिल्लाते हुए बातरूम के पास आ गया.

मम्मी- आहा ऊओफ्फ एम्म क्य्ाआ हुआअ बेटाअ…?

मई – मम्मी आप ऐसे आवाज़ क्यू निकल रहा हो?

मम्मी – वो मेरा पेर मूड गया था ह्म्‍म्म्म..

मई – अक्चा ठीक है मई आपका यही खड़े रह के इतनेज़र करता हू.

मम्मी (घबरते हुए) – नही तू मेरा बाहर वेट कर मई आ रही हू बस.

मई – मुझे सब पता आपके साथ अंदर रामू भी है और वो आपको छोड़ रहा है, मुझे पापु और वो बुड्ढे वेल बात भी पता है!

मम्मी (चौंक गयी) – ये सब किसने बोला तुझे?

मई – आप बस बाहर आओ अभी!

रामू – अभी रुक जेया इस रंडी को छोड़ने के लिए 2000 दिया है, छोड़े बिना नही जाने दूँगा इसे.

मई – अक्चा ठीक है रामू अपनी चुदाई कंप्लीट कर ले.

1 घंटे बाद वो दोनो बाहर आए और मई मम्मी कोने मे ला गया और बोला-

मई – अब जैसा मई बोलूँगा वैसा तू करेगी, जब चाहे तुझे छोड़ूँगा और लोगो से पैसे लेका तुझे चड़वौनगा.

मम्मी – तू ऐसा नही कर सकता, मई तेरी मा हू.

मैने फिर मम्मी को किस करना चालू कर दिया और उनका होंठ को चूसने लगा. मम्मी भी थोड़ी देर बाद मेरा साथ देने लगी और मई रुक गया. और बोला, मई साँझ गया मम्मी तुम मे कितनी गर्मी है, अपने दोनो आपकी छूट और सेक्सी बॉडी से भोथ पैसे छापेंगे.

मम्मी – अगर ये सब तेरे पापा को पता चल गया तो?

मई – उसकी चिंता आप मत करो.

फिर मम्मी मुझे किस करने लगी और बोले थॅंक्स बेटा, अब मेरी छूट की आग तू ही भुजा सकता है.

रामू हमारी सारी बाते सुन रहा था और बोला मेरी चुदाई अभी पूरी नही हुई ह्म, मीआ बोला बस मे छोड़ लेना.

अब हम बस मे चाड गये और मैने मम्मी को बोला आप अपने सारी उची करके रामू के लंड पे बैठ जाना. फिर ऐसा ही हुआ, रामू की पेंट मे ज़िप नही थी तो उसने सीधा अपना लोड्‍ा निकाला और मम्मी सारी उची करके उसके लोड्‍ा पे बैठ गयी.

वो दोनो बस मे मेरे सामने चुदाई कर रहे थे और रामू ने मम्मी की सारी के अंदर हाथ डाल के मम्मी की छूट भी सहला रहा था. वो बेच बेच मे एक दूसरे को किस भी कर रहे थे.

अब घर आ गया था और उन दूनो की चुदाई भी पूरी हो गयी थी. रामू बोला मज़ा आ गया, अभी मुझे और छोड़ना है और वो 2000 रुपया देने लगा. मैने माना कर दिया और बोला 5000 लगेंगे. वो चौंक गया और बोला इतने ज़्यादा कैसे, पहले तो 2000 ही दिया था.

मई – वो तूने पापु को दिया था और इतनी सेक्सी औरत को सिर्फ़ 2000 मे छोड़ेगा?!

रामू – आछा ठीक है, मई बाद मे पैसो का जुगाड़ करके छोड़ दूँगा.

फिर मम्मी और मई घर चले गये.

अब आयेज देखते है कैसे मैने मम्मी को रांड़ बनाने का सफ़र शुरू किया और मम्मी कैसे सब लोगो से चूड़ी..

यह कहानी भी पड़े  बेटे ने देखा मोम और मामू का प्यार

error: Content is protected !!