एक्स-गर्लफ्रेंड की होटेल में चुदाई

अस्सलामुआलैईकूं, आदाब, नमस्ते. मेरा नाम अम्मू है. उमीद करता हू आप सब को ये स्टोरी पसंद आए. मुट्ठी और उंगली स्टोरी पढ़ के ज़रूर करे. आप लोग को स्टोरी अगर पसंद आए तो बहुत खुशी की बात है.

आज मैं अपनी एक एक्स-गफ़ शमी (नामे चेंज्ड) के बारे में बात करने वाला हू. कुछ महीने पहले शमी दुबई से शहर आई थी. वो एक होटेल में रुकी हुई थी, और मैं वाहा उससे मिलने गया.

हम लोग नंगे होके वीडियो कॉल्स किया करते थे, और वो बहुत हॉट थी. अब आपको उसके बारे में बता देता हू. उसकी हाइट 5’2″ थी, थोड़ी चब्बी थी वो, और सेल्फ़ डिपेंडेंट थी. वो काफ़ी हार्डवर्किंग थी, और उसके बूब्स 34″ के थे. उसके बूब्स पर ब्राउन निपल्स थे, बड़ी गांद थी उसकी, और टाइट छूट थी. चलिए अब स्टोरी पर वापस चलते है.

हम दोनो आपस में मिले होटेल में. वाहा हम गले मिले एक-दूसरे से. फिर हमने सिगरेट लाइट की. हम जनरल बात-चीत कर रहे थे. फिर मैने उसके साथ फ्लर्ट वाली बातें शुरू कर दी, और वो भी रेस्पॉंड कर रही थी. कही ना कही हम दोनो एक-दूसरे के साथ चुदाई करना चाहते थे, लेकिन दोनो पहल करने का इंतेज़ार कर रहे थे.

उसको वॉशरूम उसे करना था. फिर जब वो वापस आई, तो मैने उसको कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींचा, और उसके लिप्स पे अपने लिप्स लगा दिए. उसने भी अपने लिप्स ओपन किए आस आन इन्विटेशन की चूस लो मेरे होंठ. हम लोग अब जानवरों की तरह किस कर रहे थे.हम दोनो एक-दूसरे के लिप्स को चूस्टे, बीते करते, डीप किस्सिंग करते. कभी वो मेरी टंग चूस्टी, तो कभी मैं उसकी टंग चूस्टा. वो बहुत बढ़िया किस्सर थी. इसके लिए तो उसको अवॉर्ड मिलना चाहिए. लोवे योउ शमी.

जब एक लड़की अपनी पूरी गर्मी में अपने शिकार का शिकार करती है ना. वो ही असली मज़ा है. किस करते-करते मैने उसकी बॉडी को फील करना शुरू कर दिया. मैने चूतड़ ज़ोर से दबा देना, स्पॅंक करना, और गांद को उपर से प्रेस करना शुरू कर दिया.

किस्सिंग के बाद हम दोनो ने अपने-अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए. मैने उसकी टॉप और लेगैंग्स निकाल दी, और अब शमी मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पनटी में थी. शमी ने रेड ब्रा, और रेड तोंग पहना हुआ था. उसकी गांद बहुत बड़ी दिख रही थी छ्होटे थॉंग्ज़ में. शी लुक्ड सूपर हॉट.

आज उसको देख के दिल में ख़याल आया, बस आज शमी को इतना छोड़ूँगा, इतना छोड़ूँगा, की शमी हमेशा-हमेशा के लिए सिर्फ़ मेरी हो जाए, और सिर्फ़ मेरे गुल्ले की प्यास उसकी छूट और गांद बुझाए. किस करते-करते उसने भी मेरी बॉडी को फील करना शुरू कर दिया.

वो मेरा लंड अंडरवेर के उपर से अपने हाथ से ज़ोर से पकड़ के दबाती, जिससे तोड़ा हर्ट होता. वो बहुत वाइल्ड थी, और लगातार मेरे गुल्ले से खेल रही थी. फिर धीरे-धीरे मैने उसकी ब्रा निकाल कर उसके बड़े-बड़े ब्राउन निपल्स वाले बूब्स आज़ाद कर दिए.

उसके बड़े बूब्स देख कर मैं उन्हे ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर देता. मैं कभी रिघ्त बूब चूस्टा, तो कभी लेफ्ट. रिघ्त बूब चूस्टे वक़्त मैं उसका लेफ्ट बूब दबाता, और लेफ्ट बूब चूस्टे वक़्त रिघ्त बूब दबा डेट. शमी मुझे और चूसो जान, आराम से चूसो बोल कर आवाज़े निकाल रही थी.

फिर वो मुझे प्यार से आँखों में आँखें डाल के बोलती है: अम्मू मुझे गुल्ला चूसना है. डेडॉ ना तुम्हारा गुल्ला.

वो मुझे ये बोलती है, और लंड को स्माइल करके टच करती है. फिर वो अपनी नीस पर बैठी, और मेरे लंड को अंडरवेर के उपर से स्लोली फील कर रही थी. इट वाज़ वेरी सेडक्टिव. उसने मेरे लंड को अंडरवेर में से स्मेल किया, और सडन्ली अंडरवेर निकाल के लंड मूह में ले लिया.

बहुत प्यार से चूस रही थी वो. कभी वो लंड का टोपा चाट-ती, कभी पूरा लंड और बॉल्स मूह में लेके दीपत्र्ोआट करने की कोशिश करती. मगर वो पूरा लंड नही ले पा रही थी. करीब ये चुसाई के बाद मैं सीधा उसके मूह में झाड़ जाता हू. इससे वो गुस्सा होने का नाटक करती है, और पूरा पानी निगल जाती है.

अब उसकी बारी थी मज़ा लेने की. फिर मैने उसे बेड पे धक्का दिया. मैने उसकी लेग्स एक-दूं वाइड स्प्रेड करके पनटी के उपर से छूट पे किस और लीक करना शुरू कर दिया, जिससे शमी गरम हो गयी. फिर मैं उसकी पनटी निकाल दी. उसकी क्लीन शेव्ड छूट एक-दूं चिकनी थी. मैं जब उसकी छूट को देख रहा था, तो मेरी शमी शर्मा रही थी. फिर उसने बोला-

शमी: आओ खा लो मेरी चॉक्लेट.

मैने भी शरारती अंदाज़ में पूछा: ये चॉक्लेट क्या है?

तो उसने पैरों के बीच इशारा किया और बोला: आ जाओ, अब खा लो, बस हो गयी भड़कौ बातें. चूस लो छूट मेरी, खा लो.

मैं सीधा अपना मूह उसके पैर खोल के छूट में घुसा दिया, और जुंगली की तरह छूट चाट-ता और चूस्टा रहा. कभी सुराख के अंदर अपनी टंग भी घुसा देता, जिससे वो और मचल जाती, और मेरा मूह और अंदर घुसती.

वो बार-बार बोलती: चाट लो अम्मू. खा ले मेरी छूट. लेले मेरा मज़ा. चूस ले कुत्ते.

ये बोल के वो मेरा मूह छूट में घुसती. मेरी चाटने से वो झाड़ गयी, और मैं भी चाट लेता हू उसका सारा पानी.

फिर वो बोली: मेरी जान, छूट मेरी पूरी खुल गयी. अब गुल्ला होना मेरे को. छोड़ो मेरी छूट को. बताओ आज मर्द कैसे छोड़ता है.

ये सुन के मुझे और हॉर्नी फील हुआ. आज पूरी शमी की छूट का भोंसड़ा बनाना था मुझे. अब मैं उसे मिशनरी में पैर खोल के आराम-आराम से धक्के मारना शुरू कर देता हू. उसको मैं एक-एक झटका फील करवा रहा था. हर झटका अंदर-बाहर होते ही एक आवाज़ निकलती-

शमी: आ जान, आ छोड़ो जान.

ये आवाज़े मेरा मूड और सेट कर रही थी. अब मैं और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा. वो चुदाई के टाइम बहुत डर्टी टॉक कर रही थी.

शमी: अम्मू छोड़ मुझे, और ज़ोर से,

फक मे, फक मे हार्डर जान. ई लोवे योउ सो मच. उसके ये बातों से मैं और ज़ोरदार चुदाई कर रहा था. 15-20 मिनिट की चुदाई के बाद वो मुझे लेटने को कहती है. फिर वो मेरे उपर आ कर एक-दूं प्रोफेशनल की तरह राइड करती है. वो एक-दूं स्पीड राइड करते-करते सडन्ली आराम-आराम से झटके देती है. फिर मैं उसे डॉगी बनने को कहता हू.

वो बेड की साइड में अपनी गांद बाहर करके एक-दूं प्रोफेशनल जैसे डॉगी में आ जाती है. मैं डॉगी में पहले उसकी छूट चाट-ता हू. फिर चूतड़ पे ज़ोर से स्पॅंक भी करता हू. इससे उसे अछा लगता है. शमी के चूतड़ बड़े है.

जब मैं चूतड़ खोलता हू, गांद का छ्होटा डीप सुराख दिखता है. मैं उसको पागलों जैसा चाटना शुरू करता हू, जिससे शमी भी पागल हो जाती है. फिर मैं शमी की छूट में एक झटके में डॉगी पोज़िशन में लंड घुसा देता हू, जिससे शमी की चीख निकलती है. छोड़ते-छोड़ते कभी मैं उसके बाल खींचता हू. कभी स्पॅंक करता हू, और गांद में उसकी अंगूठा घुसा देता हू. इससे वो इमबॅलेन्स होके गिरती है, और मैं वैसे ही उसके उपर लेट कर छोड़ता हू.

जब मैं झड़ने वाला होता हू, तो शमी फेस पे झड़ने को कहती है. और फिर मैं झाड़ जाता हू.

शरमाजीकबेटा53@गमाल.कॉम पर अपनी फीडबॅक दे.

यह कहानी भी पड़े  कहानी जिसमें पड़ोस के अंकल ने एक मां को चोदा


error: Content is protected !!