मेरी माँ की चुदाई दो लंडों से होती देखी

वो मॉम के मुँह को जोर जोर से चोदने लगा, मॉम के मुँह से ‘ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग..’ जैसी आवाजें आ रही थीं। संदीप का खीरे जैसा लम्बा लंड मॉम के मुँह के अन्दर पूरा का पूरा घुसा हुआ था। संदीप ने भी मॉम के मुँह को कई मिनट तक भरपूर चोदा और फिर अपने लंड को मुँह से बाहर कर लिया।

मॉम अब पलंग में अपनी टांगें फैला कर लेट गईं। कपिल मॉम की टांगों के बीच में आ गया और उनकी चूत के होंठों के ऊपर लंड को रख दिया। मॉम ने अपने हाथों से लंड को चूत के मुँह पर सैट करते हुए इशारा किया तो कपिल ने लंड सैट होते ही एक झटका दे दिया। उसका आधा लंड अन्दर घुस गया। मॉम की ‘आह..’ निकल गई।
जैसे ही दूसरा झटका दिया, तो मॉम ‘आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह..’ करने लगीं।

कपिल जोर-जोर से ठोकना चालू कर दिया। कुछ ही मिनट की चुदाई के बाद मॉम की चूत से झाग आने लगा और वो भी अपनी गांड को उठा-उठा कर मस्ती से चुदाई के मजे लेने लगीं।

मेरी मॉम उछल-उछल कर लंड के मजे ले रही थीं, कपिल कस-कस मेरी माँ की चूत की चुदाई किए जा रहा था। अब कपिल ने अपना लंड मॉम की चूत से बाहर निकाल लिया, तो संदीप ने अपना लंड मॉम के सामने हिलाने शुरू कर दिया। मॉम भी संदीप का खड़ा लंड इदेख कर देख कर मुस्कुरा कर बोलीं- संदीप, तेरा लंड तो कपिल से कुछ छोटा है!

संदीप की झांटें सुलग गईं, वो बोला- लगता है इस हरामजादी, भोसड़ीवाली रण्डी को आज सांडों से चुदवाना है। इस छिनाल का एक लंड से मन नहीं भरता है।
कपिल भी बोला- चुप बुरचोदी रण्डी, अधिक नखरे किए तो गांड भी फाड़ दूँगा।
मॉम डर कर बोलीं- प्लीज़ गांड नहीं.. चुत में कर लो और मुझे छोड़ दो।
संदीप बोला- ऐसे कैसे छोड़ दें.. चल साली रण्डी, कुतिया बन जा.. आज तेरी बुर को फाड़ कर तेरी प्यास बुझानी है।

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संदीप ने मॉम कुतिया बना दिया और खुद मॉम के नीचे लेट कर माँ की चूत में लंड लगा दिया। उधर कपिल ने पीछे से पहले मॉम की गांड में थूक लगा कर मॉम की गांड में उंगली की, फिर अपना लंड उनकी गांड में पेल दिया।

मॉम एकदम से चिल्ला पड़ीं.. शायद माँ की चुदाई ऐसे सैंडविच बन कर कभी नहीं हुई थी। वह रोए जा रही थीं… चिल्ला रही थीं और कह रही थीं- अबे हरामियों एक-एक करके चोदो.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मुझे छोड़ दो कमीनों।

‘ऐसे कैसे छोड़ दें साली रंडी.. ले बहुत बड़े-बड़े लंड लेने की चुल्ल थी ना.. ले अब कुतिया.. साली दो लंड का मजा ले..।’
मॉम कहने लगीं- नहीं… नहीं… मुझे छोड़ दो.. प्लीज़ मेरे पति ने भी कभी ऐसा नहीं किया।
कपिल बोला- साली रण्डी, एक लंड से तुझे संतोष ही नहीं था। तुझे दो मर्दों के ही लंड चाहिए, तो अब नाटक क्यों कर रही है.. साली रण्डी अब तो तू दोनों पाइप ले..

मॉम कुछ नहीं बोल रही थीं.. अब शायद उनकी चुत और गांड ने दोनों लंड झेल लिए थे।
कपिल बोला- बस अब चलो पूरी घोड़ी बन जाओ।

मॉम अपने हाथों के बल पर उठते हुए पूरी चौपाया बन कर घोड़ी बन गईं।

वाहह.. क्या नजारा था.. उनकी गांड तो फ़ैल कर और भी ख़तरनाक हो गई थी। कपिल ने मॉम की गांड को जबरदस्ती फ़ैला कर अपने लंड को घुसा दिया और मॉम चीख निकल पड़ी.. पर वो रुका नहीं और लगातार मॉम की गांड मारता रहा।

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करीब दस मिनट लगातार गांड मारने के बाद जब वो झड़ने वाला था, तो कपिल ने अपने लंड को मॉम की गांड से निकाला और अब संदीप ने नीचे से ऊपर आकर मॉम की गांड में अपना मूसल पेल दिया।

अब संदीप मॉम की कमर पकड़ कर अपने लंड को बहुत जोर-जोर से पेलते हुए ठोक रहा था। मॉम आह्ह.. कर रही थीं और संदीप और भी जोर-जोर से मॉम के चूतड़ों में चमाट मारते हुए गांड मारने लगा।

अब मॉम भी जोर से अपनी गांड हिला-हिला साथ देने लगीं। संदीप ने मॉम की गांड को दस मिनट तक ऐसे ही जोर-जोर से ठोका। मॉम की गांड भी मस्त लाल-लाल हो गई थी।

फिर संदीप ने झड़ कर अपना वीर्य से लिपटा हुअ लंड मॉम की गांड के छेद के ऊपर रगड़ते हुए निकाला और वो ‘आह आह ओह ओह..’ करते हुए लेट गया।

तो मित्रो, यह कहानी मेरे दोस्त की माँ की चुदाई की थी जो कि एकदम सच्ची कहानी है।

अपने विचार मुझको ईमेल कीजिएगा.. पर फालतू में चूत दिलाने की बात ना करें.. बस हिंदी में चुदाई की कहानी का मजा लेते हुए अपने लंड का पानी निकाल लें।

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