मेरी बहन और बीवी रंडी बन कर चुदी

ही गाइस मैं आज स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट के साथ हाज़िर हुआ हू. लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा था की किस तरह से असलम साब ने दीदी और राधिका को एक साथ चोदा था. अब आगे.

टीवी लाउंज में दीदी और राधिका दोनो नंगी बैठी हुई थी. अब राधिका की शरम भी ख़तम हो चुकी थी. असलम साब ने कक्चा पहना हुआ था. इतने में बेल बाजी तो राधिका दर्र गयी के इस टाइम कों आ गया. असलम साब ने दीदी को इशारा किया की वो जेया कर पिज़्ज़ा रिसीव करे. दीदी ने असलम साब को बोला-

दीदी: आज राधिका जेया कर रिसीव करेगी.

राधिका: मैं कैसे करू, मैं तो पूरी नंगी हू.

दीदी: इसी तरह कर ले. उसको भी अपना हुस्न दिखा दे.

राधिका: दीदी मैं नही रिसीव कर सकती.

राधिका की बात सुन कर दीदी उठी और नंगी ही दरवाज़े की तरफ चल दी. दीदी को नंगा दरवाज़े पर जाता देख कर राधिका हैरान थी. दीदी ने अपना सारा जिस्म दरवाज़े के पीछे किया, और सिर्फ़ अपना हाथ और मूह बाहर रख कर दरवाज़ा खोला. डेलिवरी बॉय आँखें फाड़ कर दीदी को देख रहा था. दीदी ने हेस्ट हुए पिज़्ज़ा रिसीव किया और पीछे को मूडी.

दीदी ने दरवाज़ा बंद नही किया, सिर्फ़ दरवाज़े पर हाथ मारा था की वो बंद हो जाए. लेकिन डेलिवरी बॉय का पैर दरवाज़े पर लगा, और पूरा दरवाज़ा खुल गया. दरवाज़ा खुलने की वजह से डेलिवरी बॉय को सारा सीन नज़र आ गया. दीदी की गांद और सामने राधिका नंगी बैठी होई. दीदी जल्दी से मूडी और दरवाज़ा बंद करने लगी, तो डेलिवरी बॉय को दीदी के बूब्स भी नज़र आ गये. उसके मूह में पानी आ गया.

दीदी ने जल्दी से दरवाज़ा बंद किया, और गुस्से से वापस आई तो असलम साब हस्स रहे थे. असलम साब को हस्ता हुआ देख कर दीदी बोली-

दीदी: आप तो यही चाहते है की हम नंगी हो कर घूमे.

असलम साब: तुम्हारी ही ग़लती थी, पर उस बेचारे की रात की नींद खराब कर दी. अब सारी रात तुम दोनो के बारे में सोच कर अपना लोड्‍ा हिलाएगा.

असलम साब की बात सुन कर दोनो शर्मा गयी, और पिज़्ज़ा खाने लगी. पिज़्ज़ा खा कर असलम साब ने शर्मा साब को कॉल मैइलाई.

असलम साब: शर्मा आज तेरी बड़ी याद आई. इन दोनो शरीफ औरतों ने तका दिया मुझको.

शर्मा साब: अछा जी, अंजलि के साथ राधिका भी शामिल हो गयी है.

असलम साब: हा यार बिल्कुल. दोनो ने मिल कर तका दुया.

शर्मा साब: तू तो मज़े में है.

असलम साब: तू भी आजा, फिर मिल कर दोनो की गर्मी निकालेंगे.

शर्मा साब: कल फ्राइडे है, और मैं कल ही आ जौंगा.

असलम साब: ठीक है कल सही.

शर्मा साब: प्रोग्राम किधर का बनाओगे.

दीदी जो सब सुन रही थे बोल पड़ी-

दीदी: मेरे घर ही ठीक रहेगा.

शर्मा साब: उधर तेरे और राधिका के बच्चे भी होंगे. हम उनके सामने कैसे एंजाय करेंगे?

दीदी: बात आपकी ठीक है.

दीदी ने इतना बोल कर राधिका की तरफ देखा तो राधिका ने बोला-

राधिका: दीदी, बच्चो को मैं अपनी मम्मी के घर छ्चोढ़ अवँगी.

दीदी: हा ये ठीक है, मेरे बच्चो का भी उधर दिल लगेगा.

शर्मा साब: हा ये ठीक है. फिर हम सब एंजाय करेंगे.

असलम साब: क्या मज़े का प्रोग्राम बनाया है तुम दोनो ने.

फिर कॉल कट हो गयी, तो राधिका ने दीदी से पूछा-

राधिका: दीदी ये शर्मा साब कों है?

दीदी: ये भी हरामी ग्रूप के मेंबर है, तू टेन्षन ना ले.

राधिका: पर दीदी मुजको शरम आएगी उनके सामने सब कुछ करने से.

असलम साब: तू तो मुझसे भी शरमाती थी. अब देख कैसे नंगी हो कर बैठी है. कल उसके सामने भी तू ऐसे ही बैठेगी.

असलम साब की बात सुन कर राधिका शर्मा गयी. फिर दीदी और राधिका ने अपने कपड़े पहने और वापसी की तैयारी करने लगी.

असलम साब: तुम दोनो ने तो रात इधर ही रुकना था.

दीदी: अब तुम से कुछ होना तो है नही, इसलिए सो जाओ. हम बच्चो के साथ जेया कर सो जाएँगे.

दीदी के बात सुन कर राधिका हासणे लगी और फिर दोनो वापस अपने घर आ गयी. घर आ कर दोनो ने निघट्य पहन ली, फिर दीदी बोली;

दीदी: राधिका तुझको मज़ा आया?

राधिका: मज़ा तो बहुत आया, लेकिन मुझको लगता है ये सब ग़लत है.

दीदी: कुछ ग़लत नही. तुझको पता है मेरे हज़्बेंड जो बाहर है. उधर उसने अपनी कोई गर्लफ्रेंड रखी हुई है, जिसके साथ वो सब कुछ करता है. और तेरा हज़्बेंड जो ट्रिप पर गया है, अपने साथ अपनी कोई दोस्त लेकर गया है.

राधिका: दीदी आपको कैसे पता?

दीदी: मुझको असलम साब ने बताया है.

फिर दीदी ने अपने मोबाइल से एक पिक्चर दिखाई जिसमे मैं एक लड़की के साथ था.

दीदी: देख लिया ना तूने. जब ये सब कुछ कर सकते है, तो हम क्यूँ कुछ नही कर सकते?

राधिका: दीदी आपने तो मेरी बड़ी टेन्षन उतार दी. पहले मैं टेन्षन में थी की सब ग़लत है.

दीदी: बस तो मज़े कर, और कल के लिए तैयार हो.

दीदी के बात सुन कर दोनो सो गये. सुबा उठा कर राधिका बच्चो को अपनी मम्मी के घर छ्चोढ़ आई, और बहाना बनाया की वो अंजलि दीदी के साथ उनकी दोस्त की तरफ जेया रही थी, तो बच्चो को मंडे को ले जाएँगी.

रात 8 बजे दीदी और राधिका दोनो हल्का-फूलका मेक-उप करके तैयार हो गयी. राधिका ने वाइट कलर की लेगैंग्स और साथ टाइट वाइट कलर की कमीज़ पहनी हुई थी. कमीज़ उसके जिस्म से चिपकी हुई थी. राधिका ने दुपट्टा नही पहना हुआ था, जिसकी वजह से उसकी वाइट ब्रा सॉफ नज़र आ रही थी.

दीदी ने जीन्स की पंत और साथ एक त-शर्ट पहनी हुई थी. त-शर्ट काफ़ी टाइट थी. दीदी और राधिका दोनो ही बहुत हॉट लग रही थी. 8 बजे बेल बाजी, तो दीदी ने जेया कर दरवाज़ा खोला. सामने शर्मा साब थे. दीदी ने उनको अंदर बुलाया, तो वो अंदर आ गये. दीदी उनको गले लग कर मिली. इतने में राधिका भी आ गयी, जिसको देख कर शर्मा साब के मूह में पानी आ गया.

राधिका ने उनसे हाथ मिलाया, तो शर्मा साब ने राधिका का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा. इससे राधिका के बूब्स जेया कर शर्मा साब के सीने में लगे. शर्मा साब ने राधिका को अपनी बाहों में ले लिया, और उसकी गांद पर हाथ फेरने लगे.

राधिका को शरम आ रही थी, लेकिन उसने कोई रेज़िस्टेन्स नही की. तो शर्मा साब उसकी गांद को दबाने लगे, और उसके गले पर किस करने लगे. राधिका को बड़ा मज़ा आ रहा था. उसने भी अपने हाथो से शर्मा साब की गर्दन पकड़ ली.

दीदी ने जब ये दखा तो बोली-

दीदी: शर्मा साब छ्चोढ़ दो, अभी तो पूरी रात बाकी है.

उनकी बात सुन कर शर्मा साब ने राधिका को छ्चोढा. राधिका शरमाते हुए पीछे हटी, तो दीदी बोली-

दीदी: तुझसे बोला था ना की शर्मा साब बड़े मज़े के आदमी है.

दीदी के बात सुन कर सब हासणे लगे. फिर तीनो बैठ गये. 5 मिनिट के बाद असलम साब भी आ गये. अब चारो बैठे हुए थे. 5 मिनिट्स के बाद असलम साब बोले-

असलम साब: अंजलि ज़रा दारू तो पीला दे, जो मैं लेकर आया हू.

असलम साब की बात सुन कर दीदी उठी, और फ्रिड्ज से दारू ले आई. दीदी ने दारू ग्लास में डाली. फिर राधिका उठी और दारा का ग्लास लेकर असलम साब के पास गयी. तो असलम साब ने राधिका का हाथ पकड़ कर अपनी जांघों पर बिता लिया और बोले-

असलम साब: अपने हाथो से पीला दे.

राधिका हासणे लगी. असलम साब ने राधिका की कमर पर हाथ डाल दिया. राधिका हेस्ट हुए दारू का ग्लास आयेज लेकर गयी, और असलम साब के होंठो से लगा दिया. असलम साब दारू पी रहे थे. फिर अचानक असलम साब ने कमर वाले हाथ को तोड़ा सा उपर किया, और राधिका के बूब्स दबा दिए. राधिका की इस तरह अचानक बूब्स दबाने से एक चीख निकली, और दारू असलम साब के उपर गिर गयी.

दूसरी तरफ दीदी शर्मा साब की गोद में इस तरह बैठी हुई थी, की दीदी का मूह शर्मा साब की तरफ था, और और दोनो टांगे शर्मा साब के जिस्म की इर्द-गिर्द थी.

शर्मा साब के हाथ में दारू का ग्लास था. वो तोड़ा सा आयेज हुए, और दीदी के होंठो को चूमने लगे. छ्होटी सी किस करने के बाद शर्मा साब तोड़ा सा पीछे हुए, तो दीदी ने अपनी शर्ट उतार दी. दीदी के टाइट बूब्स ब्रा में फ़ससे हुए थे. शर्मा साब ने एक हाथ आयेज बढ़ाया, और दीदी का बूब दबा दिया. दीदी के मूह से एक हल्की से सिसकी निकली.

दूसरी तरफ राधिका ने असलम साब की शर्ट उतरी, तो असलम साब ने राधिका की कमीज़ उतार दी. अब राधिका भी सिर्फ़ लेगैंग्स और ब्रा में थी.

असलम साब खड़े हुए, और राधिका को पकड़ कर किस करने लगे. दूसरी तरफ शर्मा साब ने दारू दीदी के बूब्स पर गिरा दी.

दीदी के बूब्स दारू गिरने से गीले हो चुके थे. शर्मा साब दीदी के बूब्स जो दारू की वजह से गीले हो चुके थे, उनको चूमने लगे. दीदी ने भी अपने हाथ शर्मा साब की गर्दन के पीछे डाल लिए थे.

दूसरी तरफ रशिका और असलम साब खड़े हो कर किस कर रहे थे. राधिका के दोनो हाथ असलम साब की गर्दन के इर्द-गिर्द थे. जब की असलम साब के दोनो हाथ राधिका की टाइट गांद पर थे. 2 मिनिट के बाद दोनो ने किस तोड़ी, तो असलम साब ने राधिका की लेगैंग्स उतार दी.

अब राधिका सिर्फ़ वाइट ब्रा और पनटी में थी. दूसरी तरफ शर्मा साब ने दीदी को गोद से उतरा. दीदी की ब्रा गीली हो चुकी थी. फिर उसने अपनी जीन्स उतार दी. शर्मा साब ने इशारा किया तो असलम साब राधिका को शर्मा साब के पास लाए, और शर्मा साब ने राधिका को अपनी गोद में बिता लिया.

राधिका को थोड़ी-थोड़ी शरम आ रही थी, लेकिन शर्मा साब ने उसको अपनी गोद में बिता कर उसको चूमना शुरू कर दिया. राधिका ने भी अब अपनी शरम उतार दी थी, और वो बिल्कुल खुल कर शर्मा साब को किस कर रही थे.

असलम साब और दीदी दोनो एक-दूसरे को किस कर रहे थे. असलम साब दीदी की गांद को दबा रहे थे. 2 मिनिट्स के बाद असलम साब भी उसी सोफे पर बैठ गये, जिस सोफे पर शर्मा साब बैठे राधिका को किस कर रहे थे.

शर्मा साब ने भी राधिका को अपनी गोद से उतार दिया. दीदी और राधिका दोनो नीचे ज़मीन पर बैठी हुई थी. अब दोनो बुद्धो ने अपनी पंत उतार दी. दोनो के काले लोड बाहर आ गये. दीदी आयेज बढ़ी और नीचे बैठ कर असलम साब के लोड को अपने हाथ में लेकर हिलने लगी. उनको देख कर राधिका ने भी शर्मा साब के लोड को पकड़ लिया था. अब दोनो दीदी और राधिका, असलम साब और शर्मा साब का लोड्‍ा चूस रही थी.

5 मिनिट्स के बाद दोनो बुद्धो के लोड थूक की वजह से गीले हो चुके थे. दीदी ने अपनी ब्रा उतरी तो दीदी के टाइट बूब्स एक-दूं से आज़ाद हो गये. दीदी तोड़ा सा आयेज हुई और अपने बूब्स को दोनो हाथो से पकड़ा, और बूब्स के बीच में असलम साब का लोड्‍ा मसालने लगी. असलम साब का काला लोड्‍ा दीदी के टाइट बूब्स के दरमियाँ फिर रहा था. असलम साब ने मज़े से अपनी आँखें बंद की हुई थी.

दीदी को ऐसा करते देख कर राधिका ने भी अपनी ब्रा उतार दी. राधिका के बूब्स को देख कर कर शर्मा साब की आँखों में चमक आ गयी. तो उन्होने अपनी टांगे आयेज की, और अपने पैर के अंगूठे से राधिका के बूब्स दबाने लगे.

राधिका की मूह से एक सिसकी निकली. फिर शर्मा साब ने राधिका को इशारा किया तो राधिका भी अपने बूब्स को शर्मा साब के लोड पर मसालने लगी. 5 मिनिट्स तक बूब्स मसालने के बाद फिरसे दीदी और राधिका दोनो लोड्‍ा चूसने लगी. थोड़ी देर के बाद शर्मा साब और असलम साब खड़े हुए, और दीदी और राधिका का हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गये, और दोनो को बेड पर लिटा दिया.

दीदी और राधिका दोनो की पनटी गीली हो चुकी थी. असलम साब ने दीदी की, और शर्मा साब ने राधिका की पनटी उतरी, और दोनो की छूट पर अपना मूह रख कर उनकी छूट चाटने लगे. दीदी और राधिका दोनो ने मज़े से अपनी आँखें बंद की हुई थी. राधिका को बड़ा मज़ा आ रहा था.

राधिका के मूह से सिसकियाँ निकल रही थी. उसने हाथ आयेज बढ़ा कर दीदी के बूब्स पर लिए, और दीदी के बूब्स मसालने लगी. दीदी भी सिसकियाँ ले रही थी. 5 मिनिट के बाद असलम साब और शर्मा सब उठे, और अपने-अपने लोड पर टेल लगाया.

शर्मा साब ने राधिका के टांगे अपने कंधे पर रखी, और राधिका की छूट पर अपना लोड्‍ा रख कर धक्का मारा, और एक झटके मैं शर्मा साब का आधा लोड्‍ा राधिका की छूट चीरता हुआ अंदर चला गया.

राधिका के मूह से एक चीख निकली. दूसरी तरफ असलम साब भी दीदी की छूट में लोड्‍ा डाल चुके थे. शर्मा साब तोड़ा सा पीछे हटते, और फिर पूरी ताक़त से धक्का मारा जिसकी वजह से शर्मा साब का पूरा लोड्‍ा राधिका की छूट में चले गया. राधिका मछली की तरह तड़प उठी, और ज़ोर-ज़ोर से अपना सिर हिलने लगी.

शर्मा साब अब आहिस्ता-आहिस्ता धक्के मार रहे थे. अब पुर कमरे में दीदी और राधिका की सिसकियाँ गूँज रही थी. दोनो बुद्धो के तेज़ धक्को की वजह से दीदी और राधिका के बूब्स बड़ी ज़ोर से हिल रहे थे. शर्मा साब तोड़ा सा आ गये, और अपने दोनो हाथो से राधिका के बूब्स पकड़ लिए. 15 मिनिट्स तक दोनो बुड्ढे राधिका और दीदी को छोड़ते रहे.

फिर असलम साब ने अपना लोड्‍ा बाहर निकाला, तो दीदी देख रही थे की अब वो क्या करने वाले थे. इतनी देर में शर्मा साब ने अपना लोड्‍ा भी राधिका की छूट से बाहर निकाला. अब दोनो बुद्धो ने अपनी पोज़िशन चेंज कर ली. शर्मा साब अब दीदी को छोड़ रहे थे, और असलम साब राधिका को छोड़ रहे थे. कमरे में सिर्फ़ बेड हिलने की, और दीदी और राधिका की चीखें गूँज रही थे.

15 मिनिट्स तक डुमदार चुदाई के बाद पहले शर्मा साब ने अपना पानी दीदी की छूट में छ्चोढा. फिर उसके बाद असलम साब ने अपना पानी राधिका की छूट में छ्चोढा, और साइड में लेट गये.

सब के सब पसीने में डूबे हुए थे. तो बे कंटिन्यूड…

आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी, मुझको एमाइल लाज़मी करना.

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