मेरी और आंटी की सेक्स कहानी

ये करीब 1 साल पहले की बात है जब मैं गुवाहाटी, (आसाम) गया था मेरे रिलेटिव्स के घर वाहा पड़ोस मे एक आंटी रहती थी फ्लॅट पे वो हमेशा मेरे रिलेटिव्स के घर आती रहती थी क्यू की वो ज़्यादा टाइम अकेली ही रहती थी घर पे इसीलिए और वो हमेशा मुस्कुराते रहती थी,

जब मैं वाहा गया तो शाम का वक़्त था और वो आई थी तब मैने उसे फर्स्ट टाइम देखा ब्लू साड़ी मे वो क्या सेक्सी लग रही थी, उसका पेट देख कर मैं तो पूरा खुश हो गया, क्या फिगर था 38-26-38, क्या अदा थी और क्या प्यारा सा चेहरा था.

मुस्कुराते हुए मुझसे बाते किया, बोहुत अछा लगा, फिर थोड़ी देर बाद वो चली गयी, मैं भी खाना खा कर सो गया, अगले दिन वो फिर आई और मुझसे बाते करने लगी.

फिर उसने मुझे ऐसे बुलाया की मेरे घर भी आइएगा, और मैं जब बाहर जा रहा था तब वो भी अपने घर जाने को निकली तब हम दोनो बाते करते हुए गेट के बाहर निकले और उसने मुझसे कहा की चलिए मेरे घर चाय पीकर जाइए गा मैं मना नही किया और चला गया, उसके घर जब गया.

तो मैने देखा कोई नही था उसके घर तो मैने पूछा की कोई नही है क्या घर पे, तो उसने कहा की उसके हज़्बेंड 15 डेज़ के लिए देल्ही गये है और उसकी एक बेटी है जो बेंगलोरे मे रहती है.

वो ज़्यादातर अकेली ही रहती है, और मेरे लिए चाय बनाकर लाई और थोड़ा सा खीर था वो भी खाने को दिया, खानेके बाद मैं हॅंड वॉश करने को जा रहा था तभी अचानक से मेरा हाथ उसके कमर पे टच हो गया तो वो मुस्कुराते हुए कहा की क्या इरादा है आपका, मैने कहा कुछ नही क्या होगा.

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मुझे थोड़ा अजीब लगा और मैं सोफे पे बैठ गया और फिर आकर मेरे से बाते करने लगी और थोड़ा फ्री हो गयी, और मुझसे पूछा की आपकी जीएफ़ का क्या नाम है तो मैने कहा की मेरी कोई भी जीएफ़ नही और वो ज़ोर ज़ोर से हसने लगी और कहा की कोई जीएफ़ नही है, मैने कहा हा इसमे हसने वाली क्या बात है.

उसने कहा की सच बोल रहे हो आप, मैने कहा हा तो वो मज़ाक से मुझे बोल दिया की आप मर्द तो हो ना या की बीच के हो, अभी तक आपका कोई जीएफ़ नही है, मुझे बोहोत गुस्सा आया और मैं भी गुस्से मे बोल पड़ा की पैंट खोल के दिखाओ क्या मर्द हू या नही, तो वो झटके से बोल पड़ी की हा दिखाओ तो मैं देखना चाहती हू की आप सच मे मर्द हो की नही.

तब मैने कहा की ठीक है पहले आप दिखाओ की आप औरत हो की नही तब मैं दिखाउन्गा, तब उसने कहा ठीक है, मैं हैरान हो गया और मुझे डर लगने लगा, फिर उसने कहा की दोनो झन साथ मे दिखाएँगे मंजूर है, मैने कहा ओके, फिर वो मेरा हाथ पकड़ के अपने बेडरूम पे ले गई और डोर लॉक कर दिया और कहा यहा ठीक है ना.

मुझे तो डर लग रहा था और पसीना भी आने लगा तब वो कहा की नर्वस क्यूँ होते हो, या डर रहे हो तो मैने उससे कहा की मैं डरता नही हू, झूट बोल दिया असल मे बोहोत ही डर रहा था, फिर उसने मेरे कंधे पे हाथ रख के बोला चलो अभी हम दोनो साथ साथ दिखाएँगे और अपना पल्लू हटा दिया..

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उसके बूब्स देख कर मैं अपना आपा खो बैठा और मेरा पूरा बॉडी गरम होने लगा, और मैने भी धीरे से अपना शर्ट का बटन खोलने लगा, फिर वो भी अपना साड़ी को घुमा घुमा के उतारने लगी.

मैं तो पूरा गरम हो चुका था, उसने अपना पूरा साड़ी उतार दिया और मैने भी अपना शर्ट खोल दिया अब वो सिर्फ़ पेटिकोट और ब्लाउस पे थी और मैं इन्नर पे, फिर उसने अपना ब्लौसे खोलने लगी और मैं उसे देखते ही रह गया उसने अपना ब्लौस भी खोल दिया और वो सिर्फ़ एक वाइट ब्रा पे थी अब मैं अपने आप पे कंट्रोल नही कर सक रहा था.

फिर उसने अपने हाथो से मेरा इन्नर खोलने लगी और फिर मुझसे रहा नही गया और मैने उसका ब्रा टच कर दिया वो मुस्कुराने लगी और मैं भी उसका ब्रा खोल दिया.

उसके बड़े बड़े बूब्स मेरे हाथो पे आ गये, मैं उसका बूब्स दबाने लगा और वो मुझे घिचकर बेड पे गिरा दिया झोर से पकड़ के हग करने लगी, मैं भी उसे टाइट से पकड़ के हग करने लगा और नेक पे किस करने लगा, वो गरम हो गयी और मुझे भी किस करने लगी.

मैं फिर उसके लिप्स पे किस करने लगा पूरा ज़ोर ज़ोर से वो मुझे और ज़ोर से पकड़ने लगी, मे अपने दोनो हाथ से उसके दोनो बूब्स को मसल रहा था और किस कर रहा था वो भी मेरे गाल को पकड़ के ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी, हम दोनो पूरा गरम हो गये थे.

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