मेरे चुदाई के सफ़र की शुरूवात

हेलो दोस्तो, मेरा नाम देव है और ये मेरी पहली कहानी है.

मई 29 साल का हू आमेडबॅड गुजरात से और एक सही चुदाई से भारी ज़िंदगी के मज़े ले रहा हू…

अब चलते है कहानी की और.

जब मई 12त मे आया तो मेरे घर वालो ने ज़बरदस्ती मेरा तूतिओं लगा दिया था. मई पढ़ने मे अछा था और अपने घमंड मे घूमता रहता था, की मुझे सब आता है.

शायद इसी हरकत की वजह से घर वालो ने मेरी तूतिओं क्लासस जाय्न करवा दी. पहले तो मई जाना नही चाहता था पर फर्स्ट दे गया तो देखा की वो तूतिओं क्लास एक सुनसान एरिया मे थी और उस क्लास पे सिर्फ़ दो लोग आते थे मई और मेरा दोस्त.

वाहा हमे दोपहर मे मेद्स पढ़ने के लिए एक सिर. और फिर एक घंटे एक्सट्रा पढ़ाई क बाद 5 से 7 फिज़िक्स की क्लास होती थी. फिज़िक्स पढ़ने वाली मेडम का नाम उर्वी था.

दो महीने सब सही से चला फिर मेरे दोस्त ने फिज़िक्स के क्लासस छोड़ दिए. क्यूकी उसे उर्वी का पढ़ाया समझ नही आता था. अभी तक मैने उर्वी माँ को ग़लत नज़रो से नही देखा था. पर फिर अकेले तूतिओं चालू होते ही उर्वी माँ मेरे बगल मे आके बेत के मुझे पढ़ने लगे.

अगले दिन से मानो मेरी दुनिया ही अजीब सी हो गयी. अब मई उनकी फिग पे ध्यान देता उनकी 32 के बूब्स उस टाइम मेरा लंड टाइट कर देते थे. हलकी वो दिखाने मे कुछ खास नही थी. पर दोस्तो औरत का टच तो लोड के लिए काफ़ी होता है.

एक महीना ऐसे ही बीट गया और मेरा दोस्त मुझे चिढ़ने लगा की तू अकेले भी कुछ नही कर पाया. उसकी इन बातो से मुझे गुस्सा आया और मैने सोचा कू ना मेडम को तोड़ा फसाया जाए.

उस दिन मेडम वाइट चूड़ीदार मे आई हुई थी और उन्हे देख ते ही लंड महराज टाइट हो गये. मई बेंच पे बेता था इसीलिए बच गया और उर्वी को नही दिखा. उस दिन वो तोड़ा बिज़ी लग रही थी और मेरे पूछने पर उन्होने बताया की उनकी शादी की तैयारी चल रही है.

अब मेरा दिमाग़ और खिसक गया. तभी शायद किस्मत को मेरे लंड पे दया आ गई. उस दिन उर्वी ने बोला की आज वो टेस्ट लेंगी. मई पढ़ने मे बौहत अछा था और मुझे सब आता था तो मैने शर्त लगाने की सोची. और उनसे बोला की अगर मैं सारे जवाब दूँगा तो मुझे क्या मिलेगा..?

इसपर उर्वी ने मुझसे ही पूछा की मुझे क्या चाहिए? मैने नखरे करने शुरू किए और फिर बोल दिया की अगर मई सारे जवाब दे लू तो मुझे उनसे लीप किस चाहिए.

मेरी फट गई ये बोलने के बाद उन्होने मुझे गुस्से से देखा और क्लास ख़तम बोल कर चली गई. मई ही क्लासस बंद करता था. मुझे वो दिन आचे से याद है उस दिन टला भी मेरे हाथ से फिसल गया था मई इतना घबराया हुआ था की कही ये घर पर ना बता दे.

अगले दिन तक मई यही सोचता परेशन हो रहा था और मेरे पास मोबाइल भी नही था की सॉरी बोल साकु. मई जब मेद्स क तूतिओं मे पौहचा तो सब नॉर्मल था फिर मेरा दोस्त चला गया और मई बेत के इंतज़ार करने लगा.

मेडम उस दिन जल्दी आ गयी और मुझे देख के बोर्ड पे पढ़ने लगी. मैने उन्हे रोक के सॉरी बोला फिर ध्यान दिया की उस दिन मेडम कुछ अलग लग रही थी हल्की सी डार्क लिपस्टिक और ग्रीन कलर की सलवार कमीज़ कयामत ढा रही थी.

उन्होने मुझसे पूछा की मेरी कोई गफ़ नही है. मैने माना किया तो उन्होने मुझे स्माइल दी और मेरे पास आकर बेती. पहले तो उन्होने कई प्रवचन वाली बाते कही फिर बोला क्या तुम अभी भी टेस्ट देना चाहते हो?

मई अब तक फ्रॅंक हो चुका था तो मैने बोला अगर किस मिलेगी तो हन. मेडम ने मुझे चॉक वेल हाथ से गाल पे छुआ और उसे सॉफ करने के बहाने आयेज आई. जैसे ही वो आयेज आई मैने उनके होतो पे अपने होत रख दिए.

अब मई फिर से डरा क्यूकी मेडम ने मुझे धक्का मार दिया. फिर कुछ मिन्स बाद वो मेरे बगल मे आके बेती और मुझे बोला ठीक है पर सिर्फ़ किस करेंगे. मई तो मानो पागल सा हो गया था.

जैसे ही मैने उनके होतो को अपने पास आते देखा मैने भी अपने होत लगा दिए. मुझे किस करनी भी नही आती थी.

फिर मेडम ने प्यार से मेरे मुलायम होतो पे अपनी जीभ घुमाई और उन्हे खोलने का इशारा किया. मैने फॉरन अपने होत खोले और उर्वी की जीभ मेरे मूह मे जा घुसी.

मुझे तोड़ा अजीब सा लगा और फिर मैने भी वैसा ही किया अपनी जीभ निकल कर उर्वी की जीभ पे टच करने लगा. तब तक मेरा एक हाथ अपने उर्वी की गर्दन और दूसरा उसके निपल्स को टच कर रहा था और उर्वी ने अपने दोनो हाथो से मेरे दोनो हाथो को पकड़ा और मुझसे दूर हो गई.

मई उर्वी को एक बेचारे मेमने की नॅज़ारो से देखने लगा. मुझे लगा उर्वी बुरा मान गई पर अगले ही पल उनसे मेरी आँखो मे देखते हुए मुझे पूछा आज तक किसिको किस नही किया. मैने नीचे नज़रे करके ना मे सिर हिलाया और उसने हेस्ट हुए मेरा गाल पकड़ कर बोला चल आज तुझे कुछ और तूतिओं देती हू.

मेरी तो खुशी का ठिकाना नही था, और उसी पल हम दोनो के होत वापिस एक दूसरे से जुड़ गये. मेरी जीभ उर्वी के दंटो और होतो पे टकराती हुई उर्वी की जीभ क साथ खेलने लगी. कभी उपर तो कभी नीचे और उर्वी अपने हाथो को मेरी टशहिर्त क अंदर डाल के मेरे सीने पे घूमने लगी.

मैने तुरंत दोनो हाथो से उर्वी के छोटे छोटे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और उर्वी क मूह से आ निकल गयी.

उर्वी ने अपने हाथो से पीछे से मेरे बालो को पकड़ा और मेरा सिर अपने होतो से अलग करके मुझे देखा. मई मानो उसके होतो के साथ वापिस चिपकाने के लिए पागल हुआ जेया रहा था पर उसने रुकने का इशारा किया और मई एक आचे बचे की तरह सिर्फ़ उसके हाथ क इशारे से रुक गया.

उसने अपनी कमीज़ उतरनी शुरू की तो मैने भी अपनी टशहिर्त निकल दी. अब उर्वी ग्रीन ब्रा और सलवार मे कमाल की लग रही थी मैने उसके ब्रा निकालने का इंतज़ार ना करते हुए उसके ब्रा को उपर उठा कर उसके बूब्स चूसने लगा. सीधा लेफ्ट निपल्स को मूह मे लेकर काटने लगा और उसके मूह से सिर्फ़ उम्म्म आअहह पागल आराम से… उम्म्म ऐसी आवाज़े आ रही थी…

जब मैने अपना मूह उसके लेफ्ट बूब से हटाया तो उसपे मेरे दंटो के निशान बन गये थे और मुझे लगा मैने ग़लत किया. पर तभी उर्वी ने फिर से मेरा सिर पकड़ क अपने रिघ्त बूब पर दबा दिया.

अब मई सारे होश भूल चुका था और मेरा एक हाथ उसके लेफ्ट निपल को पिंच कर रहा था. तो दूसरा उसने खुद अपने हाथों से पकड़ के अपनी सलवार क अंदर डाल दिया था.

मैने पहली बार छूट छुई और उसके आस पास गरम चिप छिपा पानी सा था. वो मेरे हाथो मे लग गया और फिर उर्वी ने अपने हाथ से मेरा हाथ बाहर निकल कर पहले मेरी उंगलिया छाती. और फिर मुझे किस किया और मुझे भी वो रस चाताया. मैने पहली बार इतना सॉल्टी सा कुछ टेस्ट किया था. उतने मे ही अचानक उर्वी ने घड़ी देखी.

आयेज क्या हुआ ये अगले पार्ट मे बतौँगा. ज़रूर बताईएएगा आपको कैसा लगा मेरा एमाइल

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