मौसी की तड़प ओर चूत की प्यास

हाय फ्रेंड्स में साहेब और में अपनी पहली स्टोरी लिख रहा हूँ और मुझे आशा हे की आप को मेरी यह स्टोरी जरुर पसंद आयेगी तो अब स्टोरी पर आते हे तो दोस्तो मेरा नाम साहेब है, में गुडगावं मे एक कम्पनी मे सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ, पर ये बात तब की है जब में स्कूल मे था ओर अपने
घर पर था (गुड़गावं मेरा होमटाउन नही है), मेरे होमटाउन मे ही मेरी मौसी भी रहती थी ओर तब उनकी शादी नही हुई थी में आपको बता दूँ मौसी बहुत की बेहतरीन माल है एकदम जब्रदस्त खूबसूरत है में तो उनका ज़माने से दीवाना था बस मोके नही मिल रहे थे, मौसी बी.एड कर रही थी ओर दिन मे उनका कॉलेज रहता था ओर दोपहर को वापस घर आती थी, मौसी के साथ माँ, नाना,नानी भी रहते है, पर वो तीनो जॉब करते है तो सब अपने ऑफीस निकल जाते है सुबह ओर दोपहर मे ही मौसी अकेली रहती है.

में अक्सर उनके यहा किसी भी टाइम चला जाता था, पर 12वी मे मैने कोचिंग उनके घर के पास ही लगा ली, वैसे मौसी के साथ मेरा रिश्ता शुरू से ही दोस्त जैसा है क्योकि उनकी ओर मेरी उम्र मे सिर्फ़6 साल का ही अन्तर था, हम दोनो काफ़ी मज़ाक मस्ती, डांस भी करते थे, ओर कभी वो मस्ती मे मुझे गालो पर किस भी कर दिया करती थी, में जब उनके यहा पढाई करता था तो हमेशा मौसी के साथ ही सोता था, ओर जब रात को सब सो जाते थे तो मौसी मेरे से चिपक जाया करती थी, क्या बताऊँ दोस्तो मेरा तो लंड खड़ा हो जाया करता था।

कभी वो मेरे पेरो पर अपने पेर रख लेती ओर कभी लंड पर हाथ ओर मे अंदर ही जल पड़ता था, पर डर से कुछ करता नही था, क्योकी मुझे लगता था की वो नींद मे है एक दिन सर का कॉल आया की कल कोचिंग दोपहर मे 3 से 5 रहेगी क्योकि शाम को उन्हे कुछ काम है, मैने ओके बोल कर फोन काट दिया अगले दिन में कोचिंग के लिये लेट हो गया तो सर ने मुझे डाटा ओर सर थोड़े सनकी है तो उन्होने मुझे क्लास से भगा दिया, मैने भी सोचा अच्छा है वैसे भी मन नही था दोपहर मे पढ़ने का, तो लौटते टाइम मे मौसी के घर चला गया.

यह कहानी भी पड़े  पहली चुदाई मे ही चूत फाड़ दी

मौसी घर मे अकेली थी मैने बेल बजाई तो मौसी ने डोर खोला ओर मुझे देख कर काफ़ी खुश हो गई में अंदर गया ओर पानी पी कर आराम से मौसी के साथ सोफे पर बैठ गया, मौसी मुझसे बाते करने लगी इधर उधर की क्या चल रहा, कैसे हो, ओर ये सब बस, पर उनके दिमाग़ मे कुछ चल रहा था जिससे मे अंजान था बात करते करते अचानक मौसी उठी ओर बेडरूम मे जाकर लेट गई, तो मैने उनसे पुछा की क्या हुआ, थक गई हो, नींद आ रही है क्या तो बोली नही बस थोड़ा पेरो में दर्द है तो आराम करना चाहती हूँ.

मैने कहा ठीक है आप आराम करो में जा कर टी.वी देखता हूँ शाम को जब नाना नानी आ जायेगे तो उनसे मिल कर चला जाऊंगा इतना कह कर में वहा से जाने लगा इतने मे मौसी ने आवाज़ दी ओर कहा की साहेब सुनो तो मैने कहा हाँ मौसी बोलो तो वो कहने लगी की अगर बुरा ना मानो तो मेरे पेर थोड़ी देर दबा दो मैने कहा ठीक है ओर मैं उनके पेर दबाने लगा मौसी ने बिना दुप्पटे के सलवार-कुर्ता पहना हुआ था.

में उनके पेर दबाने लगा तो वो बोली की थोड़ा उपर तक दबाओ बहुत दर्द है साहेब तो मैं घुटने तक उनके पेर दबाने लगा, मुझे उनके पेर दबाने मे मज़ा आ रहा था ओर मे बहुत मसल मसल कर पेर दबा रहा था, फिर वो बोली की थोड़ा ओर उपर जाँघो तक दबाओ, तो में फिर अपने हाथ जाँघो तक ले जाने लगा ओर दबाने की जगह अपना हाथ उनकी जाँघो पर फेरने लगा उनकी आँखे बंद थी ओर वो पूरा मज़ा ले रही थी फिर उन्होने अपना एक हाथ नीचे करके अपने पज़ामे का नाडा खोल दिया में ये देख कर हैरान हो गया की आज मौसी चाहती क्या पर जो भी हो आज मेरी लॉटरी थी शायद अचानक वो मुझ से बोली की मेरे पूरे शरीर मे दर्द हो रहा है तुम एक काम करो मेरे उपर लेट जाओ ओर बस मेरी तो खुशी मे जान निकली जा रही थी।

यह कहानी भी पड़े  दीदी आओ ना मिठाई तो खा लो

मैं तुरंत उनके उपर लेट गया जैसे ही मे लेटा तो वो बोली की मेरी जीन्स उन्हे बॉडी मे गड़ रही है में इसे उतार दूँ तो में समझ गया की आज ये चुदना ही चाहती है मैने झट से अपनी जीन्स उतार दी ओर फिर से उनके ऊपर लेट गया मैं बस लेटा ही था की उन्होने मुझे कस कर जकड़ लिया बहुत टाइट हग था तो मेरा लंड अब क़ुतुबमीनार बन गया था ओर मौसी भी ये जान गई थी अब मेरा चेहरा ओर उनका चेहरा आमने सामने था ओर उनकी साँसे मेरी सांसो से टकरा रही थी जिससे एक अजीब सी गर्मी पैदा हो रही थी मै तो पागल हो रहा था हम दोनो एकदम चुप थे एकदम से उन्होने मुझे किस करना शुरू कर दिया.

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!