Incest Sex Kahani मौसेरे भैया से चुदी

Incest Sex Kahani मौसेरे भैया से चुदी
दोस्तों मेरा नाम मीना है. आज मैं अपनी सच्ची सेक्सी हिंदी कहानी ले के आई हु. दोस्तो, मेरी पिछली कहानी जीजा – साली का वासना भरा प्यार आप सब ने पढ़ी , आपने बहुत पसन्द किये और मुझे बहुत से से मेल किये .इस के लिए मैं आप सभी का आभारी हूँ।
आज नई कहानी आपकी नज़र कर रहा हूँ। यह कहानी जीजू से चुदाई की छह महीने बाद की है . जब से जीजू से चुदी थी तब से मेरी चूत हमेशा ही नए लड लेने को तरसती रहती थी एक बार चूत ने लौड़ा चख लिया तो घड़ी-घड़ी भूख लगती है यार..पर करूँ तो क्या करूँ.. कुछ सूझ ही नहीं रहा था।

ऐसे ही कुछ छह महीने गुजर गया और मेरी स्थिति की तो बात ही मत करो यार एक अजीब सी भूखी.. मन में जानवरों जैसी विचार धाराएं उठ रही थीं। जब भी कोई लड़का दिखता, तो मन करता था कि अभी इसे यहीं पटक कर चुदाई करवा लूँ, पर नहीं कर सकती… लड़की हूँ ना.. क्या करूँ?.इसी बीच भगवान ने मेरी सुन ली और एक दिन मेरी मौसी का बेटा राज ने मुझे जबर्दस्त तरीके से पेल दिया . दोस्तों हुवा ये की बरसात के दिनों की बात है। हमारे स्कूल की छुट्टी हुई और अचानक मौसम खराब हो गया और जोरों से बारिश होने लगी। में कुछ देर तो स्कूल में रुकी और एक घंटे तक में वहाँ पर खड़ी रही..

लेकिन बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी और अब धीरे धीरे रात भी होने को थी.. तो में बारिश में भीगते भीगते अपने घर पर आ गयी। घर पर पहुंचते पहुंचते बहुत अंधेरा भी हो चुका था और उस समय घर पर लाईट भी नहीं आ रही थी। मैंने दरवाजा बजाया तो मेरी मौसी का बेटा राज दरवाजे पर आया और उसने दरवाजा खोला.. वो मुझसे दो साल बड़ा था । चूँकि हम तीन चार साल बाद मिले थे और मेरी बदन पूरी भीगी होने के कारन मेरी निप्पल एकदम कड़ी कड़ी दिख रही तो भैया मुझे बस देखते ही रह गए , वो मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे मानो

अभी खड़े खड़े ही मुझे चोद देंगे | जैसे ही मै भैया की पैर छूने के लिए निचे झुकी उसने उठा के मुझे सीने से लगा लिया जिससे मेरी निप्पल उसकी छाती में चुभने लगा जिसका अहसास हम दोनों को हो रहा था , धीरे धीरे भैया का लंड मेरी नाभि पे मुझे चुभने लगा था वो तनकर खड़ा हो गया था .मै चाह रही थी की भैया मुझे यही पटक के मुझे चोद दे पर घर में सब थे तो मैं उससे अलग हुवि और अंदर आ गयी भैया भी मेरी पीछे पीछे अंदर आ गए तो उसने बताया की नानी की तबियत बहुत ही ख़राब है और वो हॉस्पिटल में भर्ती है लेकिन मेरे पापा को छुट्टी नहीं मिल रहा था तो ,

वो (राज) मेरी माँ को लेने आये थे पर अचानक मेरे पापा को छुट्टी मिल गयी और मेरे माँ -पापा
दोनों मेरी नानी को देखने गए है और कह के गए है की वो जब तक नहीं आये तब तक मै उनका ख्याल रखु . इतना सुनते ही मेरी तो चुत में और पानी छोड़ने लगी मुझे अब चुदने की ललक और बढ़ गयी अब मुझे किसी तरह अपने भैया को पटाना था फिर में अपने कमरे में चली गई.. बाहर मौसम अब ठीक हो चुका था.. लेकिन हवा  तेज़ चल रही थी और में मोमबत्ती जलाकर अपने रूम तक गयी.. लेकिन रूम तक जाते जाते मोमबत्ती बुझ गई और फिर में बाथरूम में कपड़े चेंज करने गई और मैंने एक एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिए। तभी मुझे याद आया कि मैंने टावल तो लिया ही नहीं..

तो मैंने बाथरूम के दरवाजे को हल्का सा खोला और देखा कि ज्यादा अंधेरे में बाहर कुछ भी नहीं दिख रहा था। फिर में धीरे धीरे अलमारी की तरफ गयी तभी अचानक तेज लाईट के कारण मेरी आखें बंद हो
गयी.. लेकिन जब मैंने आंखे खोली तो में सहम गई.. मेरा भाई मेरे सामने खड़ा है । मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूं और वो मेरे 32 साईज के बूब्स को तो कभी मेरी नंगी चूत को देख रहा था.. मानो जैसे उसकी लाटरी लग गयी हो। मैंने एक हाथ से चूत और एक हाथ से बूब्स को छुपा लिया और दौड़ते हुए बाथरूम में चली गई। ।

फिर मैंने एक लम्बी फ्राक पहन लिया और फिर में किचन में आ गयी.. फिर खाना बनाया और जब मै राज को खाना परोस रही थी तो उनकी निगाहे मेरी बूब्स पर गड़ी रहती थी यैसे लग रहा था मानो
जैसे वो खा ही जायेगा. फिर हम खाना खाने बाद सोफे पर बैठकर इधर उधर की बात करने लगे और बात गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड तक आ गयी .उस समय लाइट बंद थी हम मोमबत्ती की उजाले में बैठे थे और राज की नजर मेरी मेरी बूब्स पर थी,
,जिससे उसका लंड एकदम तन गया था .मेरा भी मन डोल रहा था. पर रिश्तों की मर्यादा का भी ख्याल था, तब राज ने कहा की तुम तो बहुत ही हॉट और सेक्सी हो जरूर तुम्हारा बॉयफ्रेंड होगा .

मै: नहीं ,मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है ,तुम भी तो बहुत ही स्मार्ट और हॉट लग रहे हो तुम्हारी तो पक्की गर्लफ्रेंड होगी राज : नहीं आज तक नहीं मिली .एक बात पुछु सच सच बताना . मै : हा ,पूछो राज : क्या तुम्हर मन नहीं करता ये सब करने को उनके इस सवाल से मै शर्मा गयी और कुछ जवाब नहीं दिया ,और वहां से उठकर जाने लगी अचानक से राज ने मुझे पीछे से पकड़ लिया, उसके दोनों हाथ मेरे चुचों पेथे, वो कह रहा था, माफ़ करना मीना अब बर्दाश्त के बाहर है, अगर मैं अपनी चुदास की भूख नहीं मिटाऊंगा तो मैं पागल हो जाऊंगा। मैंने उसके दोनों हाथ को पकड़ के हटाने की कोशिश की पर वो जोर से पकड़ रखा था, मैंने कहा राज ये गलत बात है मैं तुम्हारी बहन हूँ तुम मेरे साथ ऐसे नहीं कर सकते हमारा रिश्ता भाई बहन का है।उस पर अजय बोला,

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मैं आपका भाई हूँ और रहूँगा भी हमेशा लेकिन ये किसी को भी पता नहीं चलेगा, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ, मैं आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ, उसकी मजबूत बाहों ने मुझे भी पिघला दिया । मुझे भी वो जकड़न अच्छा लगने लगा फिर मैं बड़े ही शांत स्वर में राज से कहा, राज पता है ये बात किसी को पता चल गया तो क्या हाल होगा । राज ने कहा माँ कसम दीदी मैं कभी भी किसी को नहीं बताऊंगा, मैंने कहा ठीक है, पर बस एक बार ही दूंगी, पहले प्रोमिस करो, राज ने प्रोमिस किया की एक ही बार वो मुझे चोदेगा। मैंने उसके तरफ घूम गयी, वो अब चूचियों को छोड़ कर मेरे बड़े बड़े चूतड़ को दोनों हाथ से दबा के अपने लंड के पास मेरे चूत से सटा लिया और धक्का मारने लगा, मैंने उसके होठ को अपने होठ से चूमना शुरू कर दी। बरसात के मौसम में लंड का एहसास ,,आअह्ह्ह्ह्ह, मेरा शरीर गरम हो चुका था, मैं राज का लंड मेरे भोसड़े में लेने के लिए काफी व्याकुल थी।

मैं चुदना चाह रही थी, तभी भइया ने मेरे ऊपर के कपडो को उतार दिया, ओर मेरे बड़े बड़े चूचे उसके सामने जैसे ही आजाद हुए वो बच्चो की तरह पिने लगा। मैंने पूछा भइया क्या मिल रहा है इसमें, इसमें से तो कुछ भी नहीं निकलेगा,भइया ने कहा मीना जब लड़की की

चूची को पियों को अमृत दूध से नहीं बूर से निकलने लगती है देखो हाथ लगा के अपनी चूत पे अमृत निकल रहा होगा।
मैंने अपने पैंटी निचे किया और चूत पे हाथ लगा के देखा तो चूत गरम हो चुकी थी और लस लसीला पदार्थ निकल रहा था, मैंने कहा हाँ भइया सही कर रहे हो चूत से तो अमृत निकल रहा है पर तुम ऊपर क्या कर रहे हो पीना है तो अमृत पियो। वो चूची को छोड़कर निचे बैठ गया और मैंने दोनों पैर फैला दिए बीच में आके मेरी चूत को चाटने लगा, मैं बैचेन होने लगी, मैं उसके बाल को पकड़ के उसका मुँह भोसड़े में सटाये जा रही थी, मैंने कहा बस भइया अब चोद दो मुझे। भइया अपनी चड्डी उतार दी अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगे हो गए
। उनका लंड किसी लोहे की रोड की तरह तना हुआ खड़ा था। । भइया ने मुझे घुटनों पर बैठने को कहा और मैं बैठ गई। और अपने लंड को मेरे होठों से लगाते हुए बोले, “इसे अपने मुंह में डालो।”

मैंने कहा, “नहीं, भइया ये बहुत मोटा है मेरे मुँह में नहीं जाएगा।”

भइया को अब थोड़ा गुस्सा आ गया और गुस्से में बोले, “मुँह में लेती है या ………

फिर मैंने उनका लंड अपने मुँह में लिया। लंड का सुपाडा बड़ा होने के कारण मुँह में फँस रहा था और मैं लंड को मुँह में लिए उसे चूस नहीं पा रही थी लेकिन भइया के इरादे कुछ और थे उन्होंने मेरे बाल पकड़े और मेरे मुँह में धक्के देने लगे। मैं कुछ नहीं बोल पा रही थी और मेरी आँखों से आँसू निकलने लगे थे। भइया पूरी तरह से वहशी हो गए थे और मेरे बालों को खीचते हुए मेरी मुँह को चूत समझकर चोदने लगे थे। मेरी हालत बहुत ख़राब हो रही थी लेकिन भइया के धक्के लगातार तेज़ हो रहे थे। वो मेरे बालों को इस तरह खींच रहे थे जैसे मैं उनकी बहन नहीं कोई रण्डी हूँ। उनके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं। मैं अपनी हालत से सचमुच में रोने लगी थी लेकिन उनको मेरे ऊपर जरा भी तरस नहीं आ रहा था। वो तो किसी जानवर की तरह मेरे मुंह को चोदते जा रहे थे, कुछ देर बाद भइया शायद झड़ने वाले थे इसीलिए उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाल लिया। मैंने एक गहरी साँस ली । भइया बोले, “ मीना ज़रा अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटकर इसका पानी निकाल दो।” मैंने भइया के लंड की तरफ़ देखा वो अब भी तना हुआ खड़ा था, उनके लंड को देखकर मेरा शरीर गरमा गया, मैं घुटनों पर चलती हुई भइया के लंड के पास पहुँची और उसे हाथ में लेकर जीभ से चाटने लगी। मेरे चाटने से भइया की सिसकारियाँ निकलने लगीं और वो बोलने लगे, “शाबाश, मेरी प्यारी बहना ! चाट और चाट, अभी रसमलाई निकलेगी उसे भी चाटना।”इतना कहकर भइया ने एक जोर की अह्ह्ह्ह… के साथ वीर्य मेरे मुंह पर छोड़ना शुरू कर दिया, मेरा मुंह पूरी तरह से उनके वीर्य से नहा गया, कुछ मेरे होठों पर भी रह गया जिसे मैंने जीभ से चाट लिया और उसके बाद भइया के लंड को भी चाटकर साफ़ कर दिया । ये सब मैंने पहली बार किया था उस समय तो अच्छा नहीं लगा था पर अब मुझे लण्ड चूसना बहुत ही पसंद है भइया ने मुझे उठाकर बेड पर लिटा दिया और मुझे चूमने लगे, भइया का एक हाथ अभी मेरी चूत को सहला रहा था। उनका मुँह मेरे 32 साइज़ की चूचियों पर रख दिया और बुरी तरह से मेरी निप्पलको चूसने लगे, उनका हाथ बराबर मेरी चूत को सहला रहा था। भइया काफी एक्सपर्ट थे वो अच्छी तरह जानते थे कि लड़की को कैसे गरम किया जाता है वो ये सब मुझे फिर से गरम करने के लिए कर रहे थे और वो इसमे फल भी हो रहे थे क्योंकि धीरे-धीरे मेरे अन्दर सेक्स फिर से जागने लगा था ।वो मेरी चूचियों को छोड़कर मेरी कमर पर आ गए, नाभि के आस-पास चुम्बन देते हुए वो सीधे मेरी चूत पर पहुँच गए और उन्होंने अपने होंठ मेरी चूत के होंठो पर रख दिए।

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उनके होठों का एहसास पाकर मेरे मुंह से सिसकारी निकल पड़ी, भइया ने मेरी चूत चाटना शुरू कर दिया। हाय… मैं क्या बताऊँ पको  समय मुझे ऐसा लगा मानो स्वयं कामदेवता मेरी चूत को चाट रहे थे और मेरी नस-नस में सुधा भर रहे थे, मेरी चूत के होंठ सेक्स की प्रबलता से हिलने लगे थे, मैं भइया से लगभग भीख माँगते हुए बोली,” प्लीज़ भइया अपना लंड डालो नहीं तो मैं मर जाउँगी।” भइया और जोर जोर से मेरी चूत चाटने लगे। उनके जीभ की रगड़ से मेरी चूत ने अपना पानी निकाल दिया। भैया ने सारा माल पीकर मेरी गीली चूत
पर अपना लंड रगड़ने लगे। मेरे को उसके लंड की रगड़ बर्दाश्त नहीं हो रही थी। मैंने अपने हाथों से उसका लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया। उसने जोर का धक्का मारा। उनका टोपा ही अंदर घुसा था। मेरी मुह से “……मम् मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ …. ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीख निकल गयी। मेरी चूत अंदर से काफी गीली थी। भैया ने अपना लंड धीरे
धीरे करके पूरा अंदर घुसा दिया। मेरी चूत का बहुत बुरा हाल हो गया। मेरी सील पहले से ही टूटी थी। दर्द तो बहोत हुआ लेकिन खून नहीं निकला। मेरे चूत में अपना लंड घुसाये ऊपर नीचे होकर चुदाई कर रहे थे। मैं भी मजे ले ले कर चुदवा रही थी। वो जोर जोर से अपना लंड मेरी चूत फाडने लगे। मै अपनी अंगुलियों से चूत को मसलते हुए मसाज के साथ चुदवा रही थी। मेरी चूत बहुत ही गर्म हो चुकी थी। उनका टाइट लंड मेरे को बहुत दर्द दे रहा था। मै भी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज
के साथ संभोग का सारा मजा ले रही थी। । भैया भी अपनी कमर मटका मटका कर हिलाते हुए मेरी चूत चुदाई कर रहे थे। एक ही पोजीशन में मेरे को उन्होंने 20 मिनट तक चोदा। वो थक कर धीरे धीरे चोदने लगे। भैया ने कुछ देर बाद मेरे को कुतिया बना कर खड़ा होकर चोदने की पोजीशन बना दी। कुत्ते की तरह अपना लंड हिलाते हुए मेरी चूत में अपना लंड रगड़ कर घुसाने लगे। पूरा लंड घुसाकर मेरी चूत चोदने लगे। इस बार की चुदाई बहोत तेजी से करने लगे। पूरा कमरा मेरी चीख से भरा हुआ था। मैं भी जोर जोर से आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी आआह्ह्ह आआअह्ह्ह्हह्हह आह्ह्ह्हह..” की आवाज
निकाल कर चुदने लगी। मेरी चूत का उन्होंने भरता बना डाला। मेरी चूत ढीली हो गयी। मेरे को उनका मोटा लंड खाने में बहुत मजा आने लगा। हच… हच करके मेरी चूत को उसने मेरी चूत का कचरा कर दिया। मेरी चूत उसके लंड की रगड़ ज्यादा देर तक बर्दाश्त न कर सकी। बार बार झड़ कर मेरी चूत गीली हो गयी।
वो भी अपनी गाड़ी उस गीली चूत में ही चलाये रहा। मै बहुत ही थक गयी थी।भैया भी ज्यादा देर नहीं टिक सकते थे। वो भी झड़ने वाले हो गए। मेरी चूत से अपना लंड निकाल कर चूत के ऊपर सारा माल गिरा दिया। उसके बाद वो थक हारकर मेरे ऊपर लेट गए। कुछ देर बाद मैंने माल को साफ़ किया। रात के ३ बजने के बाद मैंने भइया से सोने के लिए कहा तो भइया ने एक बार फिर चुदाई करने की इच्छा ज़ाहिर की। तो मैंने दर्द का बहाना बनाकर सुबह चोद लेने को कहा तो भैया मान गए उसके बाद हम दोनों नंगे ही सो गए ।

सुबह ९ बजे जब राज भैया का मोबाइल बजा तब मेरी नींद खुली भैया ने फोन उठाया तो उधर से मम्मी ने बोला की अभी वे लोग तीन दिन और नहीं आएंगे तब तक वो (राज भैया ) वही मेरे पास ही रुक जाये | इस पर भैया ने हामी भरी और फोन कट कर दी |
उसके बाद भैया ने मुझे बहो में भरकर चूमना चाटना शुरु कर दिया | फिर उन तीन दिनों तक हमने कैसे मजे किये| ये सब मेरी आगे की कहानी में लिखूंगी आपको मेरी और मेरी भैया की चुदाई की कहानी कैसा लगा मेल करके जरूर बताना
, मेरी मेल आइड

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