मामा की बड़ी बेटी तरन्नुम की चुदाई

ज़्यादा देर ना करते हुए मैं अपनी कहानी को स्टार्ट करने जेया रहा हू. और ये कहानी का मैं टाइटल भी इसलिए अलग रखा हू, क्यूंकी उसमे सबना थी ही नही, और जो भी हुआ हमारे और तरन्नुम की बीच हुआ.

जैसा की आप लोग जानते है की मैं लॉक्कडोवन् की वजह से अपने मामा के घर पर ही था, और यहा मुझे उनकी दोनो बेटियों का अब तक प्यार मिल चुका था.

दरअसल जिस दिन मैने सबना और तरन्नुम को एक साथ छोड़ा था. ठीक उसके दो दिन तक मैने कोई चुदाई नही की. क्यूंकी मैने लगातार काई दिन से पहले सबना और फिर दोनो बहनो को छोड़ रहा था.

लगातार रोज़ एक ही चीज़ करने से फासने का ख़तरा ज़्यादा होता है. तो मेरे बोलने पर दोनो बहने भी समझ गयी, और फिर मेरे कहने के हिसाब से दो दिन होने की बाद ही मेरा मॅन छोड़ने को कर रहा था.

तब मैने इन लोगों को रेडी रहने की लिए बोला. पर सबना को पीरियड्स आ गये थे, तो उसने बोला वो दो-टीन दिन बाद ही अब मुझसे सेक्स करवाएगी. पर तरन्नुम रेडी थी, और मैने रात को उसको अपने वाले रूम में आने को बोल दिया था.

तरन्नुम के अकेले आने से मुझे भी ज़्यादा खुशी थी, क्यूंकी मैने इससे पहले भले ही तरन्नुम की सील तोड़ी थी. पर रुक-रुक कर सेक्स करना पड़ा था उसके साथ.

तो उस दिन मैने तरन्नुम के लिए डॉवा स्टोर से सेक्सी मेडिसिन ला कर उसको खाने के लिए दे दी थी. उसने रात 11 बजे वो डॉवा खा ली थी, और सब के सोने की बाद वो मेरे रूम में आ गयी थी.

आते ही मुझे बोली: तुमने कों सी डॉवा दी है, जिसको खाने के बाद मेरे जिस्म में गुदगुदी हो रही है, और नशे जैसा फील हो रहा है? बस मॅन में एक ही चीज़ चल रही है, की कोई मुझे छोड़ दे.

मैं समझ गया की डॉवा असर कर रही थी.

तो मैने बोला: ये तुम्हारी हवस को और भी बढ़ा देगी.

तरन्नुम ने कहा: पागल मुझे इसकी ज़रूरत नही थी. मैं तो खुद ही सेक्स से भारी हुई हू. मुझे शांत करना आसान नही है तुम्हारे लिए.

मैने पहले दरवाज़े को लॉक किया, और उसको कम बोलने को कहा. ताकि कोई उसकी आवाज़ ना सुन ले. उसकी बाद मैं उसके लिप्स को खड़े-खड़े चूसने लगा, जिसका वो पूरा साथ दे रही थी.

वो भी मुझे किस कर रही थी, और मेरे लंड को ट्राउज़र की उपर से ही रग़ाद रही थी. जिस वजह से मैं उसको दीवार में सता कर और जोश में किस करने लगा, और उसके कपड़े खोलने लगा.

एक मिनिट भी नही हुआ था, की मैने तरन्नुम के सारे कपड़े खोल दिए, और उसने भी मेरी त-शर्ट खोल कर फेंक दी. वो मेरी पंत की ज़िप खोल कर लंड को बाहर निकाल कर हाथ से हिलने लगी.

मैं तो एक-दूं बेचैन हो गया, और उसके दूध में मूह लगा कर चूसने लगा. और फिर घुटने की बाल बैठ कर उसकी छूट चूसने लगा. वो मुझे अपनी छूट का रस्स पीला रही थी मेरे सर को पकड़ कर ही. और मैं उसकी छूट का रस्स मॅन भर कर पी रहा था،

कुछ देर की बाद मुझसे बर्दाश्त नही हुआ, और मैं खड़े-खड़े ही उसके पावं को फैला कर उसकी छूट में लंड डालने लगा. एक हाथ से उसके एक पावं को पकड़ लिया मैने, और लंड उसकी छूट के छेड़ पर फ़ससा दिया. फिर उसके लीप को अपने लीप पर सेट किया.

वो एक-दूं वाइल्ड हो चुकी थी, और मेरे लिप्स को चूस रही थी बुरी तरह से. तब मैने उसकी छूट में एक झटके में पूरा का पूरा लंड घुसा दिया. वो चीखना चाहती थी, पर मैने उसको ऐसा मौका ही नही दिया. और वो खुद भी समझदार थी.

फिर एक मिनिट की अंदर वो शांत हुई, और मैने अपने लंड का सही मज़ा उसको चखाया. मैं हर शॉर्ट में उसको ज़मीन च्चूदवा दे रहा था. और वो मेरे कंधे में अपना सर रख कर मुझे ज़ोर से पकड़े हुए थी.

20 मिनिट के बाद मैने उसके अंदर ही सारा माल गिरा दिया, और कुछ पल के बाद अपना लंड बाहर निकाला. जैसे ही मेरा लंड बाहर निकला, ज़मीन पर हम दोनो का कम उसकी छूट से गिरने लगा. पर अभी ना तो मेरा मॅन भरा था तरन्नुम से, और ना ही वो शांत हुई थी. क्यूंकी उस पर डॉवा का असर था.

उसके बाद मैने उसको पलंग पर लेटने को कहा, और और मैं ज़मीन पर ही खड़ा था. वो पलंग पर सीधे लेती थी, और सर को मेरे लंड की तरफ झुका लिया.

मैने उसको अपना लंड चूसने को कहा. और उसके फेस पर लगते हुए उसके मूह के अंदर डाल दिया. वो वैसे ही उसको चूसने लगी, और कुछ ही देर में लंड एक-दूं लोहे जैसा हो गया. और अब मैं उसके मूह को छोड़ने लगा. मेरा लंड उसकी हलाक तक चले जेया रहा था, और मुझे पूरी मस्ती मिल रही थी. मैं उसके दोनो दूध को दबा रहा था.

फिर मैने उसको घोड़ी बनने को कहा. वो इस बारे में नही जानती थी, इसलिए वो घोड़ी बन तो गयी. पर हैरानी से मुझे पलट-पलट कर देख रही थी. मैने उसके पीछे जेया कर अपने लंड को उसकी छूट के च्छेद में सेट किया, और उसके कंधो को दोनो हाथ से पकड़ कर उसको अपने तरफ खींचने लगा.

इससे मेरा लंड उसकी छूट के अंदर सतत से चला गया. वो बस आअहह ही कर पाई, और मैं दाना दान उसको शॉट मारने लगा. अब वो भी मज़ा ले रही थी मेरे शॉर्ट का, और मैं उसकी कमर को पकड़ कर सता-सात उसकी छूट को छोड़ रहा था. वो काई बार झाड़ चुकी थी, और रूम में ठप-ठप और छत-छत की आवाज़े हो रही थी.

मैने कुछ ही देर के अंदर तरन्नुम की छूट में सारा लावा गिरा दिया, और फिर अपना लंड बाहर निकाल कर उसकी बगल में लेट गया. तरन्नुम का भी हो चुका था. अब उसको चुदाई करवाने का मॅन नही था, क्यूंकी उसको मैने भूखे शेर की तरह छोड़ा था, जिससे उसको पाईं भी हुआ.

वो अब सोना चाहती थी, पर मेरे मॅन में उसको और छोड़ने की इक्चा थी. मैने उसको वैसे ही पलंग पर सोने दिया, और पंत पहन कर वॉशरूम गया. वाहा मैने लंड को सॉफ किया जो बुरी तरह से लसलासाया हुआ था.

और फिर मैं रूम में आ गया. वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी, पर इतना ज़्यादा सेक्स होने की बाद उसका बदन भारी हो गया था. तो मैने उसको सोने दिया.

रात के 3 बाज चुके थे, और मैं उसकी छूट को उसकी पनटी से सॉफ कर रहा था. कुछ देर में वो सॉफ हो गयी थी. तरन्नुम मेरे बिस्तर पर हाथ पावं फैलाए सोई हुई थी. उसके बाल भी खुले थे.

तरन्नुम को देख कर मेरा लंड फिरसे खड़ा हो गया. पता नही क्यूँ तरन्नुम के अंदर एक कशिश थी, जिसके कारण मुझे उसको छोड़ने के बावजूद भी मॅन नही भर रहा था. और मैं उसके उपर चढ़ कर उसके गले पर किस करने लगा.

इससे उसकी आँखें खुल गयी. वो अब मूड में थी. मैं अपनी पंत उतार कर ही बिस्तर पे चढ़ा था. मेरा लंड उसके जिस्म से सतत रहा था. मुझे अब उसका दूध को पीना था.

तो मैं उस पर चढ़ कर ही उसके दोनो दूध को पी रहा था, और वो मेरे सर को सहला रही थी.

तब तरन्नुम बोली: पता है विकी, जब भी तुम मेरे दूध को ऐसे प्यार करते हो, तो मुझे बहुत अछा लगता है.

तब मैने तरन्नुम को कहा: मेरा बस चले तो मैं तुम्हारे बूब्स को चूस-चूस कर उसमे से दूध निकाल कर पी जौ.

तो तरन्नुम ने कहा: निकाल लो ना पूरा दूध, और पी जाओ पुर दूध को. मैं भी यही चाहती हू.

ये सुन कर मेरा और जोश बढ़ गया, और मैं उसके दूध और उसके सीने को चूसने और काटने लगा. उसके सीने पर मेरे दांतो की निशान पद गये थे. फिर मैने अपना लंड उसकी छूट पर रख दिया.

तरन्नुम ने मेरे लंड को पकड़ कर पहले तो हिलाया. उसके बाद खुद से अपनी छूट के च्छेद पर रग़ाद-रग़ाद के हिलाते-हिलाते मेरे लंड की नोक अंदर सेट कर दी. फिर मेरी कमर को पकड़ कर नीचे से अपनी छूट को उपर की तरफ मेरे लंड पर प्रेशर देने लगी.

मुझे ये चीज़ पहली बार मिल रही थी. क्यूंकी अब तक किसी ने खुद से अपने अंदर मेरे लंड को नही लिया था. उसकी कोशिश से मेरा आधा लंड उसके अंदर जेया चुका था. तब मैने उसके होतो को किस करते-करते अपना लंड तरन्नुम की छूट के अंदर पूरा घुसा दिया.

वो आँखें बंद कर चुकी थी, और मैने उसके दोनो हाथो को अपने हाथ से जाकड़ लिया था. उसकी उंगली में उंगली फ़ससा कर, बिस्तर में सत्ता कर मैं उसकी छूट की अंदर लंड पेले जेया रहा था.

अब मैने उसको झटके देना शुरू किया. मैं अपने लंड को उसकी छूट के मूह तक लता, और झटके में पुर जड़ तक उतार देता. ऐसा मैं हर बार करता.

वो अपने सर को उपर की तरफ कर लेती, और मैं उसके गले पर की स्किन को दाँत से रगड़ता. कम से कम 35 मिनिट तक हम दोनो की ऐसी चुदाई के बाद एक साथ दोनो झाड़ गये.

हम दोनो बुरी तरह हाँफ रहे थे, और मैं वैसे ही तरन्नुम की छूट में अपना लंड डाल कर उस पर लेता रहा. काफ़ी देर की बाद उसने मुझे उठाया, और हम दोनो ने अलग हो कर कपड़े पहने.

वो बोली: दिन में तुम मुझे ई-पिल ला देना. वरना आज के सेक्स से मुझे ऐसा फील हो रहा है की मैं प्रेग्नेंट हो जौंगी.

मैने तरन्नुम को शाम तक लाने को बोल कर उसको हग और किस किया, और फिर वो 5 बजे सुबा अपने रूम में चली गयी. और मैं वही सो गया.

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