मालकिन चुदी ड्राइवर से बीच रास्ते में

ही फ्रेंड्स, मैं कल्पना केपर अपनी कहानी का अगला पार्ट लेके आप सब के सामने वापस आ गयी हू. मेरी पिछली कहानी को अपना प्यार देने के लिए आप सब का धन्यवाद. उमीद है की आप इस पार्ट को भी उतना ही प्यार देंगे.

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की मैं अपने ड्राइवर पंकज से चुड चुकी थी, और मुझे उसके लंड का चस्का लग चुका था. मेरा खुद पर से कंट्रोल जेया चुका था. फिर गाड़ी में बैठे हुए मैने उसका लंड बाहर निकाला, और उसको चूसने लग गयी. जब उसको भी मज़ा आने लगा तो उसने गाड़ी रोक दी. अब आयेज बढ़ते है.

पंकज ने गाड़ी एक सुनसान रोड की साइड में रोक दी. मैं ज़ोर-ज़ोर से उसका लंड चूस रही थी. उसने फिर अपना हाथ मेरे सर पर रखा, और मेरे सर को सहलाने लग गया. फिर उसने मेरे सर को अपने लंड पर ज़ोर से दबाया, और अपना लंड मेरे गले तक घुसा दिया. मैं चोक होने लगी, और उसकी जांघों पर मुझे छ्चोढने के लिए हाथ मारने लगी.

फिर उसने अपना हाथ मेरे सर से हटाया, और मैं उसका लंड बाहर निकाल कर खाँसने लगी. मैने खाँसते हुए उसकी तरफ देखा, तो वो मेरी तरफ ही देख रहा था. फिर उसने मेरे बाल पकड़े, और मुझे अपनी तरफ खींच कर अपने होंठ मेरे होंठो के साथ चिपका दिए.

अब वो मुझे वाइल्ड किस करने लगा. वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे होंठो को चूसने लग गया. ऐसा लग रहा था, जैसे वो भी मेरी तरफ सेक्स करने के लिए तड़प रहा था. शायद उसको भी मेरे साथ उतना ही मज़ा आया था जितना मुझे उसके साथ आया था. लेकिन जो भी था, मज़ा पूरा आ रहा था.

किस करते हुए उसने एक हाथ से मेरे बूब्स दबाने शुरू किए. फिर वो मेरी शर्ट के बटन खोलने लगा, और सारे बटन खोल कर मेरी शर्ट को मेरे जिस्म से अलग कर दिया. फिर उसने मेरे होंठ छ्चोढे, और मेरी गर्दन चूमने लगा. कोई मर्द जब आपकी गर्दन चूमता है, तो एक अलग ही सुकून मिलता है आपको.

फिर वो मेरी क्लीवेज चाटने लगा, और हाथ पीछे डाल कर उसने मेरी ब्रा खोल दी. ब्रा खुलते ही मेरे बूब्स उछाल कर बाहर आ गये. उसने मेरे दोनो बूब्स को अपने हाथो में लिया, और ज़ोर से दबाया. उसके ज़ोर से दबाने से मेरी आ निकल गयी. फिर उसने मेरे एक बूब को मूह लगाया, और उसको चूसने लग गया. दूसरे बूब को वो साथ-साथ दबाता रहा.

मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था, और मैं पूरी तरह से कामुकता में मदहोश हो रही थी. वो मेरे बूब्स एक-एक करके चूस्टा जेया रहा था, और मैं उसके सर के पीछे हाथ रख कर उसके सर को सहला रही थी. वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे बूब्स पर दाँत काट रहा था, जैसे खा जाना चाहता हो. मुझे भी इस दर्द का मज़ा आ रहा था.

फिर उसने मुझे घूमने का इशारा किया, तो मैने विंडो की तरफ मूह कर लिया. मैने विंडो का मिरर खोला, और थोड़ी बाहर होके अपनी गांद उसकी तरफ उठा दी. फिर उसने मेरी पंत खोली, और उसको पीछे खींच करके निकाल दिया. अब मैं सिर्फ़ पनटी में उसके सामने थी.

फिर वो आयेज बढ़ा, और पनटी के उपर से मेरी गांद में मूह मारने लगा. मैं अपनी गांद हिलने लगी. उसने मेरी पनटी नीचे की, और मेरी गांद में अपनी जीभ चलाने लगा. वो नीचे मेरी छूट के मूह से शुरू होके उपर गांद के च्छेद तक अपनी जीभ चला रहा था.

मुझे बड़ी मस्ती चढ़ रही थी. फिर वो मूह तोड़ा नीचे लेके गया, और मेरी छूट की फांको को अपने मूह में लेके चूसने लगा. वो तो मुझे पागल कर रहा था. मेरा मूह विंडो से बाहर था, और मैं आहह आ करके मज़े ले रही थी. मेरे बूब्स गाड़ी की विंडो में प्रेस हो रहे थे.

कुछ देर ऐसे ही करने के बाद वो पीछे हुआ, और उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए. फिर उसने मुझे खींच कर अपनी गोद में बिता लिया, और हम फिरसे लीप किस करने लगे. नंगे बदन जब आपस में मिलते है, तो बहुत मज़ा आता है. किस करते हुए उसने नीचे से मुझे उठाया, और मेरी छूट पर अपना लंड सेट किया.

फिर उसने एक ही बार में मुझे छ्चोढ़ दिया, जिससे उसका लंड एक ही बार में पूरा मेरी छूट में घुस गया. मेरी ज़ोर की आ निकली, और उसका लंड सीधा जाके मेरी बच्चे-दानी पर लगा. फिर मैं उसके लंड पर उपर-नीचे होने लगी, और चूड़ने लगी. वो अब मेरे बूब्स चूस रहा था, और मैं गांद आयेज-पीछे करके उसके लंड को अंदर ले रही थी.

उसने अपने हाथ मेरी गांद पर रखे, और मुझे तेज़ी से उछालने लगा. मेरी छूट पानी-पानी हो गयी थी, और लंड तेज़ी से अंदर जाने की वजह से छाप-छाप की आवाज़े आ रही थी. बहुत मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग की गाड़ी में बैठी थी.

कुछ देर ऐसे ही छोड़ने के बाद उसने गाड़ी का दरवाज़ा खोला, और मुझे सीट पर बिता कर खुद बाहर निकल कर खड़ा हो गया. फिर उसने मुझे बाहर निकालने को कहा. लेकिन मुझे दर्र था की कोई देख ना ले. इसके लिए उसने पीछे का दरवाज़ा भी खोल दिया, ताकि मैं किसी को ना दिखू, अगर कोई आए भी तो.

फिर मैं बाहर निकली, तो उसने मुझे घुमा दिया, और मेरे हाथ मुझे झुका कर ड्राइवर सीट पर रखवा दिए. फिर उसने पीछे से अपना लंड मेरी छूट पर सेट किया, और एक ही झटके में पूरा अंदर डाल दिया. इस बार मुझे बहुत मज़ा आया. फिर वो मेरी गांद पकड़ कर मुझे ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा.

बहुत मज़ा आ रहा था. ठंडी हवा चल रही थी, और ऐसे खुले में चुदाई करवाने का तो मैने कभी सोचा भी नही था.

वो ऐसे ही धक्के मारता गया, और मेरी चूत का पानी निकल कर मेरी जांघों पर बहने लगा. तकरीबन 20 मिनिट उसके मुझे उसी पोज़िशन में छोड़ा. फिर जब उसका पानी निकालने वाला हुआ, तो उसने मुझे खड़ी करके घुटनो के बाल बिता दिया.

मैने अपना मूह खोला, और उसने अपना लंड मेरे मूह में डाल दिया. फिर उसने धक्के देते हुए अपना सारा पानी मुझे पीला दिया. मैं उसका सारा पानी निगल गयी, और फिर खड़ी होके जल्दी से गाड़ी के अंदर बैठ गयी.

इसके आयेज क्या हुआ, ये आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. अगर आपको कहानी पढ़ कर मज़ा आया हो, तो इसको अपने फ्रेंड्स के साथ भी शेर करे.

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