मा ने जिस्म का जलवा दिखा कर बेटे को सिड्यूस किया

हेलो, मेरा नाम शीतल है. मेरी आगे 41 साल है. मेरी फॅमिली में मैं, मेरे पति, मेरा बड़ा बेटा सम, और छ्होटा बेटा सुजल है. सम 19 साल का है, और सुजल 12 का है. हम देल्ही में रहते है.

मेरे पति सीनियर आर्किटेक्ट इंजिनियर थे देल्ही में, और हमारी सेक्स लाइफ भी बहुत अची थी. वो बेड पे तो एक-दूं वाइल्ड थे. मेरी तो कमर तोड़ देते थे. क्या पल होते थे वो जब वो मुझे छोड़ते थे. क्या सुकून देते थे वो मुझे बेड पे.

बुत जब सम 16 साल का था तब उन्हे एक ऑफर आया मलेशिया में चीफ आर्किटेक्चर इंजिनियर का, क्यूंकी वो बेड के साथ-साथ अपने प्रोफेशनल काम में भी हार्ड वर्किंग थे. वो ये ऑफर ठुकरा नही पाए, और वो मलेशिया शिफ्ट हो गये.

अब वो 4-5 महीने में सिर्फ़ एक बार ही घर आते थे, और वो भी सिर्फ़ 1 हफ्ते के लिए बड़ी मुस्किल से. उनके आते ही मैं उनके साथ डेली सेक्स करती थी जाम के. ऐसा लगता था मानो जैसे उस दिन ज़िंदगी का सारा सुख मिल गया हो. वो बेड पे मेरा अंग-अंग तोड़ के रख देते थे. लेकिन उनके जाते ही मैं बिल्कुल अकेली पद जाती थी.

मैं महीनो तक चुदाई के लिए तड़प-तड़प कर रह जाती थी. सिर्फ़ छूट में उंगली करके अपना गुज़ारा करती थी. लेकिन उसमे भी कहा वो सुकून मिलता था. और मैं कर भी क्या सकती थी. मैं बाहर भी किसी के साथ ये सब नही कर सकती थी, क्यूंकी हम एक रिप्यूटेड फॅमिली से थे. ऐसा चलता रहा और मैं चुदाई के लिए तड़पति रही. फिर ऐसे ही 3 साल बीट गये.

फिर एक दिन मेरे सहेली नीता ने मुझे मेरे Wहत्साप्प पे एक लिंक भेजा देसी कहानी का, और बोली, “पढ़ ले, तुझे उंगली करने में बहुत मज़ा आएगा”. उसे मेरे बारे में सब कुछ पता था, की मेरा पति महीनो तक घर नही आता. क्यूंकी हम बहुत क्लोज़ थे एक-दूसरे से. तो मैने देसी कहानी पे स्टोरी पढ़ना शुरू किया और पढ़ते-पढ़ते एक दिन मैने मा बेटे वाली स्टोरी पढ़ी.

स्टोरी के नीचे राइटर की एमाइल ई’द थी. उसने लिखा था की कोई हेल्प चाहिए तो मुझे मैल कर सकते है आप लोग. तो मैने उसे मैल की, और पूछा-

मैं: क्या तुम्हारी कहानी सॅकी है?

तो उसने रिप्लाइ किया और बोला: मुझे पता है आप चूड़ने के लिए बेताब है. बताइए मैं कैसी मदद कर सकता हू आपकी?

तो मैने उसे अपने बारे में सब कुछ बताया.

उसने कहा: बेटे को सिड्यूस करो, और मज़े लो उसके साथ.

वो सम की बात कर रहा था. क्यूंकी अब सम भी 19 साल का एक सुंदर और नौजवान हो गया था.

फिर मैने उससे कहा: लेकिन मैं अपने ही बेटे के साथ कैसे कर सकती हू?

तो उसने कहा: क्यूँ नही? मैने भी तो अपनी मों के साथ मज़े किए है.

फिर मैं मान गयी और बोली: पर ये सब होगा कैसे?

उसने बोला: डॉन’त वरी, बस जैसा-जैसा कहता हू करो. सब कुछ होगा.

उसने कहा: पहले उसको सिड्यूस करो. उसके सामने जाओ, और उसे झुक कर अपने बूब्स का क्लीवेज दिखाओ. किसी ना किसी बहाने से बातरूम से निकलते वक़्त अजीब कपड़ो में उसके सामने आ जाओ. फिर उससे तोड़ा फ्रॅंक हो जाओ. उससे उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछो, की क्या उसने गर्लफ्रेंड बनाई हुई है.

मैने ये सब करना शुरू कर दिया. इससे फ्रॅंक भी होने लगी, और उससे पूछा भी हस्स के की क्या उसकी कोई गर्लफ्रेंड थी.

तो वो भी हस्स के बोला: नही मों (नॉर्मल रिक्ट करते हुए).

मैं राइटर को फिर मसाज किया: मैने सब कुछ किया, लेकिन कुछ भी नही हुआ.

तो उसने कहा: सब कुछ होगा धीरे-धीरे, चिंता मत करो. उसका फोन किसी भी बहाने से लो, और उसके फोन की हिस्टरी चेक करो, की क्या वो पॉर्न देखता है. और टाइमिंग भी देख लेना वो कब-कब देखता है. मेरा पर्सनल एक्सपीरियेन्स है. वो इतना नौजवान है, पक्का देखता होगा.

फिर मैने बहाने से उसी दिन सम का फोन माँगा. मैने बोला-

मैं: बेटा फोन दे, तेरे पापा से बात करनी है. मेरे फोन में पता नही क्यूँ सिग्नल इश्यू है.

और मैं उसका फोन लेके जल्दी-जल्दी चेक करने लगी. फिर जब देखा तो मुझे यकीन नही हो रहा था. वो सच में पॉर्न देखता था. उसने मों, दाद, भाभी के साथ और काई तरह के पॉर्न सर्च किए थे. वो हर 4-5 दिन के बाद करीब रात के 11 बजे के बाद देखता था. तो मैने सब कुछ राइटर को बताया.

उसने बोला: जब भी तुम्हे ऐसा लगे की वो पॉर्न देख के हिला रहा हो, तो तुम अचानक से उसके रूम में चली जाना. ताकि वो तुम्हे देख ले की तुमने उसे देख लिया ये सब करते हुए.

फिर 3 दिन बाद मैं उसके रूम में गयी रात को उसी टाइम. बुत जब देखा तो वो सो रहा था, और सुजल भी उसकी बगल में सो रहा था. तो मैं 2 दिन बाद दोबारा उसके रूम में गयी अचानक से.

मैने देखा वो एक हाथ से अपने लंड को चादर के अंदर से ही हिला रहा था, और दूसरे हाथ से मोबाइल में पॉर्न देख रहा था इयरफोन लगा के. क्यूंकी सुजल उसकी बगल सो रहा था. उसने मुझे वाहा पे देखते ही तुरंत फोन बंद कर दिया, और चादर से हाथ बाहर निकाला.

फिर वो डरते हुए बोला: क्या हुआ मों, आप इतनी रात को?

मैने नॉर्मल रिक्ट करते हुए बोला: मैं बस देखने आई थी. तुम अभी भी मोबाइल चला रहे हो. सो जाओ, मैं तुमसे सुबा बात करती हू.

वो शायद दर्रा हुआ था. इस बार अब मैने राइटर को मसाज नही किया. क्यूंकी मैने इतनी स्टोरीस पढ़ ली थी, की अब मुझे भी आइडिया था की अब क्या करना चाहिए. तब अगले दिन सुबा नाश्ते के टाइम मैने उसे बोला-

मैं: सम बैठो मेरे बगल में. मैं रात को सब कुछ देखी. बेटे कोई बात नही. ये होता है आगे के साथ. इसमे डरने की कोई बात नही है.

मैने उसको सिंपती दी, क्यूंकी मुझे उससे बिल्कुल फ्रॅंक होना था. फिर अगले 3-4 दिन के बाद जब मैं उसके कमरे में गयी, तो मैने दोबारा उसको ये सब करते देखा. मैं उसके सामने हेस्ट हुए खड़ी हो गयी. वो भी डरते हुए मुस्कुराया. फिर मैं वाहा से चली गये.

अगले दिन सुबा मैं फिरसे उसको देख के मुस्कुरा रही थी जान-बूझ कर. वो मुझसे फ्रॅंक होने लगा, और हम धीरे-धीरे खुल के बातें करने लगे. हम बात ही कर रहे थे, और करते-करते मैने उसको बोला-

मैं: तेरा ही सही है रात को तू तो.

कह के मैं चुप हो गयी.

फिर बोली: तेरे पापा तो महीनो तक घर ही नही आते.

वो भी कुछ नही बोला. फिर हम दोनो अचानक से हासणे लगे. हम दोनो बिल्कुल फ्रॅंक हो चुके थे. इतना की हम दोनो कुछ भी बातें कर सकते थे.

फिर एक दिन मैने मा बेटे वाली देसी कहानी का लिंक उसके Wहत्साप्प पे भेज ही दिया डरते-डरते. क्यूंकी मुझे पता था की हम इतने तो फ्रॅंक हो ही चुके थे, की कुछ भी बात कर सकते थे. फिर उसने मुझे दो दिन बाद बोला, मुझे हास के देखते हुए-

सम: मों कसम से स्टोरी बहुत तगड़ी थी.

अब वो भी समझ गया था की मैं भी चाहती थी की हम दोनो भी स्टोरी की तरह करे. फिर रात को डिन्नर के बाद मैने उसको बोल ही दिया डाइरेक्ट्ली-

मैं: सुजल के सोने के बाद जब तुम्हारे मोबाइल चलाने का टाइम हो, तो मेरे रूम में आ जाना (हेस्ट हुए).

तो वो भी तेज़ी से आवाज़ निकाल के हेस्ट हुए बोला: सच में? ठीक है मों.

और मैने उसे आँख मार के बोला: ह्म (सर हिलाते हुए).

फिर हम दोनो रूम में गये और रात होते ही जब सुजल सो गया, तो वो मेरे रूम में आया करीब 11:30 पे. मैने तुरंत गाते बंद कर दिया, और उसे तुरंत पकड़ लिया.

मैने उससे बोला: मुझे भी उस कहानी की तरह करना है.

फिर मैं उसे किस करने लगी उसके लिप्स पे.

तो फिर उसने कहा: मैं भी तो आप के साथ करना चाहता था ये सब, जब भी आपको देखता था, आपके बूब्स और आपके नहाने के बाद टवल में. मुझे भी बहुत करने का मॅन करता था आपके साथ.

इसका मतलब राइटर ने जैसा कहा था वो मुझे सच में नोटीस करता था, और सिड्यूस होता था.

फिर हम दोनो गले लग कर किस करने लगे. और मैने उसको बेड पे…

बाकी आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. मी एमाइल: शीतलवेर्मा5220@गमाल.कॉम

मुझे पता है मेरी ही तरह काई विमन है, जो ऐसे ही तड़पति रहती है. वो चाहे तो अपनी स्टोरी मुझसे शेर कर सकती है. थॅंकआइयू.

यह कहानी भी पड़े  केले का भोज Part - 1


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