मा को बेटे की गंदी नीयत का पता चला

बाद में फिरसे मैं ट्राइ करने लगा. इस बार मैने हिम्मत करके अपना हाथ उनकी जाँघ पर रख दिया. उससे आयेज:-

हुआ ये की मैने दोबारा से हाथ उसकी जाँघ पर रख दिया, और सारी के उपर से सहलाने लगा. मैने अपना लंड भी बाहर निकाल लिया, और दूसरे हाथ से मसालने लगा.

फिर मैं लंड तेज़-तेज़ मसालने लगा. तभी मेरे लंड से पिचकारी निकली, और सीधे मों के पेटिकोट पर पड़ी, तो वो गंदा हो गया. फिर मैने जाँघ से हाथ हटा लिया, और दर्र गया की क्या होगा जब मों देखेंगी तो.

ये सब पहली बार हो रहा था लाइफ में, तो दर्र लगा. उसके बाद मैं सो गया. फिर सुबा हुई और मैं उठ गया था, और मों भी उठ गयी थी. मों उठ कर फ्रेश होने चली गयी, और मैं ब्रश करने लगा.

उसके बाद मों भी आई और ब्रश कर लिया, और नहाने बरामदे में चली गयी. वो अपने कपड़े खोलने लगी, और मैं दर्र रहा था की कही वो मेरे पानी का दाग ना देख ले पेटिकोट पर.

उसने सारी धो ली. तभी अचानक वही हुआ जिसका दर्र था मुझे. उसने वो दाग देख लिया. देखो दोस्तों शादी-शुदा औरत देख कर ही समझ जाती है की ये कैसा और किसका निशान है.

उसके बाद उन्होने ध्यान से देखा, और फिर उसने उस पर पानी डाल दिया. फिर वो नहा ली, और पूजा की. उसके बाद वो खाना बनाने लगी, और मैं उनसे आँख नही मिला पा रहा था.

जब मैं किचन गया, तो क्यूंकी सुबा वो मेरे लिए खाना बनती थी कॉलेज के लिए, तो मैं गया और खाना लिया और कॉलेज चला गया. पर मेरा मॅन नही लग रहा था. मैं सोच रहा था, की अब क्या होगा.

उसके बाद मैं कॉलेज से घर आ गया, और कपड़े चेंज करने लगा. मैं रूम मैं टीवी देखने लगा. मों भी आ गयी, और मुझे घूर रही थी. मैं तो समझ गया की क्यूँ घूर रही थी मुझे वो.

उसके बाद वो नाइट का खाना बनाई, और सोने का टाइम आया तो सब सोने लगे. बारिश वाला टाइम चल रहा था. आज भी बारिश हुई, तो सब नीचे आ गये, और मैं मों वाले रूम में चला गया, और उनके पास लेट गया. आज मों सिर्फ़ पेटिकोट ब्लाउस में थी, और पेटिकोट जाँघ के उपर था.

मेरा लंड उसकी टाँग देख कर खड़ा हो गया. मुझसे रहा नही गया, और लंड बाहर निकाल लिया मैने और मसालने लगा. मैने फिरसे डरते हुए हाथ जाँघ पे रख दिया, तो मों हिली और पलट गयी, और उसकी गांद मेरी तरफ हो गयी, और पेटिकोट भी नीचे कर दिया.

उसके बाद तो मेरा और बुरा हाल हो गया. वो पनटी तो पहनती नही, तो उसकी गांद का शेप अलग ही दिख रहा था. मैं पागल हुआ जेया रहा था. वो देख कर अचानक मुझे पता नही क्या हुआ, मैने अपना हाथ जान-बूझ कर उसकी गांद पर रख दिया आँख बंद करके. और धीरे से उससे छिपकने लगा, और लंड उसकी गांद पर रख दिया, और लेता रहा.

मुझे पता चला वो जागी थी. पर वो कुछ नही बोली. अब वो क्यू नही बोली, ये नही पता. उस टाइम पर उसके बाद मैं लंड पंत से ही उसकी गांद की दरार पे टच करने लगा बार-बार, जिससे मेरा पानी पंत में ही निकल गया.

फिर उसके बाद मों हिली, और मेरे से डोर हो गयी. और मैं भी दर्र के मारे सो गया एक साइड होके. उसके बाद मैने कुछ नही किया.

सुबा हुई तो मैं दर्र रहा था. मों बैठी सब्ज़ी सॉफ कर रही थी, और मुझे घूर रही थी. मैं दर्र रहा था की कल रात मैने ये क्या कर दिया. मैं सोच रहा था, की अगर पापा से बोल दिया उन्होने, तो वो मुझे मार डालेंगे मार-मार कर.

फिर मैं वाहा से खुद उठ कर टेरेस पर चला गया. उसके बाद नीचे फिर नहा कर आया, और किचन में गया. मों कुछ बोल नही रही थी, तो मैने हिम्मत करके जान कर बोला-

मैं: मम्मी आज मैं खाना नही ले जेया रहा. यही खा कर जौंगा.

तो वो बोली: प्लेट लेले, और खाना लेके खा ले.

शायद गुस्से में बोली थी वो. मैने खाना लगा लिया, और बाहर खाने लगा. मैं एक रोटी और लेने गया तो देखा मों का ब्लाउस गीला हो रहा था, और उसके बूब्स देखने लगा.

तो मों बोली: क्या चाहिए?

मैं उसके बूब्स घूरे जेया रहा था, और मैं बोला: रोटी छाईए और.

वो हस्सी और रोटी डेडी मुझे. मैं भी हस्स गया, और तोड़ा रिलॅक्स हुआ की चलो मों हस्सी. उसके बाद मुझे लगा अब तो मैं मों को पक्का छोड़ पौँगा, और मैं एक्शिटेड होने लगा था बहुत.

खाना ख़तम करके मैं कॉलेज के लिए निकल पड़ा, और दिन भर मैं खुश था बहुत, की चलो अब मैं उसको छोड़ूँगा मस्त. उसकी बड़ी गांद में लंड डालूँगा अपना और मज़ा दूँगा, जो पापा नही दे पाते है मों को. उसकी गांद और छूट में अपना पानी निकालूँगा उसके पेटिकोट की जगह.

ये सब मैं पूरा दिन सोच-सोच कर एक्शिटेड था. फिर मैं घर आ गया, और कपड़े चेंज करने लगा. पर मों घर में दिख नही रही थी मुझे. घर में तो चाची थी, तो मैं बोला-

मैं: मम्मी कहा है?

वो बोली: पापा के साथ मार्केट गयी है सब्ज़ी वग़ैरा लेने.

मैं निराश हो गया क्यूंकी पापा आ गये थे, और अब वो उनके साथ सोएंगे. फिर मों-दाद आ गये मार्केट से, और फिर उन दोनो न्स सब्ज़ी के थैले रख दिए. पापा रूम में चले गये, और मों किचन में.

उसके बाद मैं जान-बूझ के किचन में गया और मों से बोला-

मैं: क्या लेकर आए हो मार्केट से?

तो वो बोली: पनीर और बाकी की हरी सब्ज़िया.

फिर मैने पानी पिया किचन में ही, और मों को घूर्ने लगा. मों ने मुझे देख लिया घूरते हुए. पता नही उसको क्या हुआ, की वो बोली-

मों: क्या हुआ? क्यू खड़ा है यहा? जेया कर कॉलेज का पढ़ ले. बहुत पैसे जेया रहे है पदाई में. उसमे मॅन लगा ले तोड़ा.

और मैं समझ गया वो गुस्से में बोली थी. उसके बाद मैं रूम में चला गया, और दर्र रहा था पापा से की कही कुछ बोल तो नही दी मा पापा से.

फिर अचानक पापा बोले: राहुल.

मेरी गांद फटत गयी.

वो बोले: पढ़ाई कैसी चल रही है तेरी?

मम्मी बोली: पढ़ाई नही कर रहा तू.

मैं बोला: ऐसा कुछ नही है. पड़ता हू मैं.

दर्र के मारे मेरे मूह से आवाज़ नही निकल रही थी. मैं सोच में था की मम्मी पापा को बोल तो नही दी. पर उसके बाद पापा कुछ नही बोले. मुझे पता चल गया की मों पापा को कुछ नही बोली थी अभी.

उसके बाद जो हुआ, वो मैं बतौँगा आपको नेक्स्ट पार्ट में, की आयेज क्या हुआ.

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