मा के बेटे के पास आके चूड़ने की सेक्सी कहानी

जैसा की अपने पिछले पार्ट में पढ़ा मैं और मा किचन में मज़े कर रहे थे. मैने उनकी छूट छाती, और बोला-

मैं: आप और पापा जब चुदाई करेंगे तो खिड़की खुली छ्चोढ़ देना हल्की सी, और मुझे इनफॉर्म कर देना की आज मूड है पापा का. अब आयेज-

हमने दोपहर का खाना खाया, और अपने-अपने रूम में सोने चले गये. फिर शाम को उठा तो देखा पापा आज जल्दी घर आ चुके थे. तो मैं छाई पी कर निकल गया सिगरेट पीने बाहर. उधर से घूमते-फिरते मैं रात के 8 बजे तक घर आया.

मैं पहले किचन में गया, और मा की गांद पर हाथ सहलाया, और बोला-

मैं: क्या मा, आज रात का क्या प्लान है आपका?

वो बोली: देखते है, क्या प्लान होता है.

मैं उनके होंठ को चूम के अपने रूम में गया, और फोन में पॉर्न देखने लगा. फिर नीचे से 9:30 पीयेम आवाज़ आई मा की-

मा: बेटा नीचे आजा, खाना लगा रही हू.

मैं बोला: आता हू.

फिर मैं तुरंत नीचे गया. पहले मैं किचन में गया, और मा से पूछा-

मैं: मा, पापा कहा है?

तो मा बोली: वो भी आ गये है. बातरूम में है. पी कर आए है. और सुन, मैने खिड़की को हल्की खुली छ्चोढ़ दी है. मेरे रूम में जाते ही वो शुरू हो जाएँगे. तो तू देख लेना मेरे राजा. फिर उनके सोने के बाद मैं तेरे पास आ जौंगी.

मैने उनको हग किया और किस किया. तब तक पापा की आवाज़ आई-

पापा: खाना ले आओ जल्दी.

फिर हमने खाना खाया. मैं अपने रूम में गया, और इंतेज़ार करने लगा. फिर मा काम ख़तम करके रूम में गयी अपने, गाते लॉक किया, और एक बार खिड़की की तरफ देखा, और स्माइल दे कर आयेज बढ़ी. फिर वो बेड पर जेया कर लेट गयी.

रूम में नाइट बल्ब जल रहा था उनके बेड के उपर. फिर पापा पलते, और मा को पकड़ लिया, और गाल पर किस किया. पापा उनकी चूचियों को मसालने लगे, और कुछ-कुछ बातें कर रहे थे.

मा बस हा-हा में सर हिला रही थी. फिर पापा उठे, और मम्मी की निघट्य को उपर किया और अपने लंड को अंदर डाला, और धक्के लगाने लगे.

करीब 2 से 3 मिनिट के बाद वो झाड़ गये, और मा पर ही सो गये. पर इस बार मा ने किसी तरह का गुस्सा नही दिखाया, और उनको अपने उपर से हटा के मेरी साइड मूह करके सोने का नाटक करने लगी. करीब आधे घंटे बाद मा मेरे रूम में आई, रूम लॉक किया, और सीधा मेरे पर चढ़ गयी.

वो भूखी शेरनी की तरह मेरे होंठो पर टूट पड़ी, और ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगी. मैं भी किस करने लगा. वो किस करते हुए अपनी छूट को मेरे लंड पर रगड़ने लगी. मैने मा को रोका और बोला-

मैं: मा आपने कितने पोज़िशन में चुदाई करवाई है?

मा: तेरे पापा ने कभी दूसरी पोज़िशन में नही छोड़ा. वो कभी मुझे अपने उपर तक नही चढ़ने देते. वो बोलते है औरत हो नीचे रहो.

मैं: ये क्या बात हुई? ये सब आज के टाइम में नही होता है. इतना भी पुराने सोच का नही होना छैइया किसी इंसान को. टाइम के साथ बदलना चाहिए.

मा: तू छ्चोढ़ ना उनकी बात. तू मुझे बता कितनी टाइप की पोज़िशन्स होती है इसमे? और कैसे-कैसे करते है लोग? मज़ा तो खूब आता होगा ना?

मैं बोला: मा कामसुत्रा एक बुक है. उसमे बहुत सारी पोज़िशन्स है. हम सब करेंगे. बहुत मज़ा करेंगे, पर आज हम कुछ बेसिक पोज़िशन्स उसे करेंगे, जो बहुत कामन है.

मा खुश होते हुए किस करने लगी और बोली: ठीक है चल तो अब शुरू हो जा.

मैं: हा.

फिर मैने उनकी निघट्य को उतार दिया, और उनकी चूचियों को पकड़ के अपनी तरफ खीचा. मैं उनके होंठो पर किस करने लगा. मा पूरी नंगी हो गयी थी, क्यूंकी उन्होने अंडरगार्मेंट्स नही पहना था. फिर मा ने मेरी पॅंट्स को हटाया, और आँख मारी, और 69 पोज़िशन में आ गयी.

वो खूब लंड चूसने लगी, और मैं छूट चाटने लगा. काफ़ी देर चूसने-चूसने के बाद मैं उन्हे बोला-

मैं: मा उपर आ जाओ मेरे.

और मेरे लंड को अपनी छूट में फ़ससा कर धीरे-धीरे अंदर लेलो. मा ने वैसा ही किया, और आहें भरते हुए उन्होने पूरा लंड छूट में समा लिया. वो मेरी चेस्ट पर हाथ रख कर बैठ गयी, तो मैं उनके पैर को पीछे साइड करने को बोला.

उन्होने वैसे ही किया, और मेरी आँखों में देख रही थी. उनके बाल खुले हुए थी, और वो काफ़ी सुंदर लग रही थी. मैं मा को देखते हुए बोला-

मैं: मा ई लोवे योउ.

मा ब्लश करने लगी और बोली: लोवे योउ टू.

मैं बोला: चलो अब आप धीरे-धीरे आयेज-पीछे करो, और उपर-नीचे भी अपने अंदाज़े से, ताकि बाहर ना निकल जाए.

मा: ठीक है. तू बहुत बोलता है. अब चुप होज़ा, और अपने होंठ इधर दे. बहुत मस्त है ये तेरे होंठ.

और वो मुझे किस करने लगी. अब मा धीरे-धीरे आयेज-पीछे उपर-नीचे करते हुए चुड रही थी, और मीठी-मीठी आहें ले रही थी.

वो बोली: बेटा इस पोज़िशन में तो मज़ा आ रहा है. इसका नाम क्या है?

तो मैं बोला: मा इसका नाम कोबाय/कॉवगिरल पोज़िशन है.

वो बोली: अछा, सही है.

फिर हम दोनो करते हुए मज़ा ले रहे थे, और बातें कर रहे थे. मा की चूचियों को मैं दबा-दबा के पी रहा था, और फिर मा ने बोला-

मा: मैं तक गयी. 25 मिनिट से उछाल रही हू. अब मैं नीचे अवँगी.

मैं बोला: ठीक है मा. जैसा आप बोलो.

फिर वो नीचे आई और बोली: कोई और पोज़िशन ट्राइ करे क्या?

तो मैं बोला: डॉगी स्टाइल करते है.

मा बोली: ठीक है.

फिर वो डॉगी बनी, और मैं उनके पीछे गया. पहले मैने उनकी छूट को छाता. फिर लगा छोड़ने ज़ोर से. मा की सिसक़ियों की आवाज़ तेज़ हो गयी. वो ज़ोर-ज़ोर से आवाज़े निकालने लगी. मैने उनके मूह पर हाथ रखा, और बोला कान में-

मैं: मा हम लोग होटेल में नही है, घर पर है. अगर पापा उठ गये ना तो बेघर हो जाएँगे हम लोग.

तो मैं और मा हासणे लगे. करीब 10 मिनिट चुदाई के बाद हम दोनो झाड़ गये. 1 ही रौंद चुदाई में इतना तक गये हम लोग, की उठने का मॅन नही हो रहा था. फिर मा जैसे-तैसे उठ के अपने रूम में गयी, और हम सो गये धमाकेदार चुदाई के बाद.

अगली सुबा मा उठी 6 बजे, और झाड़ू देने मेरे रूम में आई. मुझे नंगा सोया देख उनकी नीयत फिसल गयी, तो उन्होने रूम लॉक किया, और मेरे पास आई. फिर वो मुझे जगाने लगी. मैं नही जागा तो वो मेरे लंड से खेलने लगी, और चूसने लगी.

लंड चुसाई के गरम एहसास से मेरी नींद खुली. मैने देखा मा चूस रही थी मेरा लंड. तभी मा की नज़र मेरे पर पड़ी. वो स्माइल देते हुए बोली-

मा: गुड मॉर्निंग बेटा.

मैं बोला: गुड मॉर्निंग. इतनी सुबा-सुबा गरम हो गयी आप?

तो मा बोली: छूट की आग है. कभी भी लग सकती है.

और फिर वो मेरे उपर चढ़ के बैठ गयी, और निघट्य कमर तक करके छूट में लंड लेकर कूदने लगी. करीब 10 मिनिट की चुदाई के बाद हम दोनो झाड़ गये, और शांत हो कर लेट गये. फिर हम कड्ड्ल करने लगे.

हम किस करते, कभी मैं दूध पीटा, तो कभी दाँत गाड़ देता. फिर बाहर से आवाज़ आई पापा के उठने की. हमे टाइम का पता नही चला की कब 7:30 हो गये. फिर जल्दी से मा उठी, और रूम के बाहर गयी, और हम अपने-अपने काम में लग गये.

मैं तो दोबारा सो गया. जब मैं उठा तो देखा की पापा ड्यूटी चले गये थे. मा किचन में थी, और बाहर का गाते बंद था. मैं नंगे ही किचन में गया, और मा को पीछे से हग किया. मेरा लंड उस टाइम खड़ा था, जिसकी वजह से लंड सीधा मा की गांद को टच हुआ.

मा पलटी, और लंड को पकड़ लिया हाथ में, और बोली: तेरा ये छ्होतू कभी शांत नही होता ना? और तू नंगा घूम रहा है घर में. मौके का फ़ायदा उठा रहा है?

मैं बोला: क्या करू. अगर इतनी सेक्सी गरम मा हो घर में तो लड़का नंगा ही घूमेगा ना.

मा शर्मा गयी, और बोली: भकक बदमाश!

मैं बोला: मा आपने आज लेगैंग्स और सूट क्यूँ पहना है? निघट्य ही पहनते ना, बहुत आराम रहता है उसमे.

तो मा बोली: मुझे सब पता है क्या में आराम रहता है क्या में नही. तू अब जा नहा ले, और रेडी हो जेया. साथ में नाश्ता करेंगे. मैने भी नही करा अभी, सोचा की मेरे एक पति देव सोए है, उठेंगे तो अब उन्ही के साथ नाश्ता करूँगी.

मैं चौंक गया और कहा: मैं आपका पति देव हू?

तो वो बोली: हा, तू अब से मेरा पति है, और बेटा भी.

मैं बोला: ठीक है.

और किस करने लगा होंठो पर. मा साथ दे रही थी. तभी मा के फोन पर कॉल आई पापा की.

मा हटती और बोली: देखो पुराने पति की कॉल आई है.

और हासणे लगे हम दोनो. फिर मा फोन उठती है.

इसके आयेज की कहानी के लिए अगले पार्ट की वेट करे.

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