मा चुदी बेटे से बाप के सामने

हेलो दोस्तों, पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कैसे मुझे मेरी ही मों को छोड़ना पड़ा क्लाइंट के रूप में एस्कॉर्ट स्ट्रीप पार्टी में. और वाहा सेक्स के दौरान मैने मों से उनका नंबर ले लिया था. मगर मुझे कुछ समझ नही आ रहा था, की कैसे बात आयेज बढ़ौ.

आप लोग जानते है एस्कॉर्ट पार्टी में हम दोनो मा-बेटा मास्क पहने हुए थे, जिसमे एक-दूसरे को पहचानना नामुमकिन था. मैने एक प्लान बनाया और न्यू सिम लेके मों को मेसेज किया.

मैं: हेलो माँ.

मों: जी कों?

मैं: वही जिसने आपका नंबर लिया था.

मों: अछा थॅंक्स. मुझे लगा था आप कॉंटॅक्ट नही करेंगे.

मैं: ऐसे-कैसे कॉंटॅक्ट नही करता. मैने अपनी लाइफ में आपके जैसी गोरी पिंक छूट नही देखी थी.

मों: थॅंक्स जी.

मैं: माँ एक बात पूछो?

मों: हा पूछिए.

मैं: आपका कितना पैसा लगा था वाहा पे?

मों: मेरा 10क, और मेरी फ्रेंड का 10क.

मैं: माँ आपका बहुत पैसा लगा. आपके पति बहुत पैसा कमाते होंगे ना?

मों: नही-नही. वो मेरा बेटा अची जॉब करता है. वही दिया. वैसे भी मैं पहली बार गयी थी.

मैं: माँ आप फिर कभी वाहा मत जाना. आपका बहुत पैसा सवे होगा.

मों: ओक जी. आप तो मिलोगे ना मुझसे?

मैं: जी माँ. वही बात करने जेया रहा था. देखिए स्ट्रीप पार्टी में हम दोनो ने मास्क पहना हुआ था, जिससे हमारी प्राइवसी बरकरार है. मैं चाहता हू हम जब भी मिले, कोई ना कोई मास्क ज़रूर पहन के मिले, ताकि हम दोनो की प्राइवसी बरकरार रहे.

मों: ओक जी. वैसे अब कब दोगे वैसी खुशी?

मैं: जल्द दूँगा.

मों: वैसे और अपने बारे में बताइए. क्या करते हो एस्कॉर्ट के अलावा?

मे: जी मैं जॉब भी करता हू पार्ट टाइम प्राइवेट कंपनी में. बाकी नॉर्मल फॅमिली से हू. वैसे आपके घर में कों-कों रहता है?

मों: बस मेरा बेटा आंड हज़्बेंड. दोनो ही सारा दिन काम में रहते है.

मैं: तब तो बढ़िया है. फिर घर में ही काम हो जाएगा.

मों: अभी ही तुमने कहा ना प्राइवसी मेनटेन रखेंगे. घर जान के प्राइवसी रहेगी क्या?

मैं: वो तो है, बुत मैं तो अलग शहर का हू. मुझे क्या मालूम इस शहर का. सेल्समन की तरह अवँगा आंड काम करके चला जौंगा.

मों: ठीक है बाबा.

मैं: तो कल का प्लान बनाते है. कब का टाइम फिक्स रखू?

मों: सुबा 10 बजे तक मेरा घर खाली हो जाता है. आप 12 बजे तक आना.

मैं: ओक कल मिलते है.

फिर मैं प्लान बनाने लगा की किस ड्रेस में घर से निकलूंगा, कहा पे ड्रेस चेंज करके. फिर घर अवँगा तब कों सा मास्क पहन के अवँगा. अगले दिन 12 बजे-

मों: आ गये. आपका ही इंतेज़ार था.

मैं मों को देखता ही रह गया. सिंगल पीस में बोल्लयऊूद हेरोयिन लग रही थी. जैसे-तैसे संभाल के मैने बोला-

मैं: जी थॅंक्स.

मों: क्या खाएँगे आप?

मैं: आपकी छूट ख़ौगा आंड दूध पियुंगा.

मों: इतनी भी क्या जल्दी है?

फिर हमने नाश्ता किया आंड बेड पे चले गये.

मों: कैसी लग रही हू इस पनटी में.

मैं: एक-दूं माल.

फिर मों लेट गयी, और मैं मों की बर चाटने लगा. अचानक मों पूछती है-

मों: अछा एक बात बताओ. मेरा बेटा भी बड़ा हो गया है. क्या मुझे उससे चूड़ना चाहिए?

मैं (थोड़ी देर थम के): देखिए अगर वो राज़ी हो तो क्यूँ नही कर सकते है.

मों: अगर मैं तुम्हारी मों होती तो तुम मुझे छोड़ते?

मैं: जी बिल्कुल छोड़ता.

मों: तो बेटा अब ये मास्क उतरो और वही सुख दो मुझे दो उस दिन दिया था.

मैं: मों आपको मालूम चल गया?

मों: मा हू तेरी, इसी छूट से निकला है तू. मैं तुझसे बात करने के वक़्त ही समझ गयी थी मेरा बेटा अंकित है.

मैं: तो फिर ठीक है, आज से हम पति-पत्नी की तरह तबाद-तोड़ चुदाई करेंगे, जब भी पापा घर पे नही होंगे.

मों: उसका कोई दर्र नही. हम तेरे पापा के सामने सेक्स करेंगे. वैसे भी उनसे कुछ होता नही. कम से कम देख के आँखों को ठंडक देंगे.

मैं: मैं कुछ समझा नही ये कैसे?

मों: ये ऐसे, अजी सुनते हो. आ जाओ लिव टेलएकास्ट देखने.

आंड देन पापा रूम में आ गये.

पापा: हा बेटा, आज से ये तेरी बीवी. अब तुम लोग घर लॉक करके नंगे ही घूमा करो. वैसे भी हमारे घर किसी का आना-जाना नही रहता.

मैं: मों आए फिर. लंड चूस के लंबा कीजिए.

मों: ओह कम ओं बेटा.

फिर मों लंड चूसने लगी. 10 मिनिट चूसने के बाद मों को मैं गोद में उठा के छोड़ने लगा. फिर मैने मों को हॉर्स राइडिंग करवाई. मों भी फुल जोश में आ एयेए ओउूउ की आवाज़ करने लगी. मेरी भी स्पीड डबल हो गयी.

मैं हर पोज़िशन में मों को छोड़ने लगा. मेरे पापा बस देखते-देखते चले गये. हम दोनो चुदाई करते रहे. मैने मों के मूह में अपना लॉडा दे दिया. वो चूस-चूस के टाइट करती रही और चुदाई करवाती ज़रूरी.

मों बीच-बीच में बोलती रही: बेटा तेरी शादी के बाद भी तू मुझे ऐसे ही छोड़ना.

मैने भी कह दिया: मों जब तक आपकी ये गोरी छूट में रस्स रहेगा, तब तक आपको कही जाने की ज़रूरत नही पड़ेगी.

फिर मैने लगभग हर पोज़िशन में मों को छोड़ने लगा. मों को उस दिन सबसे खुशी इस बात की थी की पापा को दिखा पाई असली चुदाई किसे कहते है. 1 घंटा छोड़ने के बाद मों झाड़ गयी. मैं भी झाड़ गया. हम दोनो हग करके सो गये. अगले दिन इसी तरह हम लोग न्यूड ही रहने लगे घर में.

इसी तरह हम रोज़ चुदाई करते रहते है. अब मेरी जब जहा मर्ज़ी होती, मों को छोड़ता रहता हू. कभी किचन, कभी बातरूम, कभी हॉल. मों अब नंगी ही घूमा करती है मेरे सामने.

दोस्तों आप लोगों को ये बस एक कहानी लगेगी. मगर जिस दिन आपका सेक्स आपकी मों के साथ स्टार्ट हो जाएगा. उस दिन आपको यकीन आएगा. ये पुर वर्ल्ड में बहुत कामन है. मगर सब सीक्रेट रखते है. एक मों से ज़्यादा सेक्स में एंजाय्मेंट कोई लड़की नही दे सकती आपको. मों अपने बेटे से जिस कदर चुदाई कराएगी, कोई लड़की नही करा सकती.

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