मा-बेटे की डुमदार चुदाई और चुसाई की स्टोरी

हेलो. तो आप लोगों ने पिछले पार्ट में पढ़ा की कैसे मैं सम को सिड्यूस की राइटर के मदद से, और उससे फ्रॅंक होके उसको देसी कहानी का लिंक सेंड किया. फिर किस तरह उसको अपने रूम में बुलाया. अब आयेज.

मैने सम को बेड पे लिटा दिया. मैं एक-दूं से अपना आपा खो चुकी थी. महीनो बाद तो चूड़ने का मौका मिला था. वो भी अपने ही नौजवान बेटे से. मैं उसको लिटा के उसके उपर सो गयी, और फिर हम दोनो एक-दूसरे के दोनो हाथ पकड़ के लीप तो लीप किस करने लगे.

मैं उसके लिप्स को अपने मूह में लेके चूस रही थी. कभी उसके उपर का लीप, तो कभी उसके नीचे का लीप. फिर मैं उसकी गर्दन को किस करने लगी. अब सम भी अपने एक हाथ से मुझे पीठ के बाल अपने पेट पे कस्स के दबा लिया और दूसरे हाथ से मेरे सिर को दबाने लगा अपनी गर्दन पे.

ऐसा करीब 10 मिनिट तक चलता रहा. फिर सम ने मुझे पलट के नीचे कर दिया, और मेरे उपर आ गया, और निघट्य के उपर से ही मेरी चूचियों से खेलने लगा, उन्हे मसालने लगा, दबाने लगा, और बोला-

सम: मों ये कितने नरम है. गोल-गोल एक-दूं, सॉफ्ट. आप इतनी सेक्सी हो. काश आप मुझे पहले ही ये मज़े दे देती.

मैने बोला: हा बेटा, काश हम पहले ही ये सब कर पाते.

मैने उसको बोला: बेटा त-शर्ट उतार.

और फिर उसका लोवर भी उतार दिया. अब वो सिर्फ़ अंडरवेर में था.

उसने भी बोला: मों अपनी निघट्य उतरो.

मैने भी अपनी निघट्य उतार दी, और सिर्फ़ ब्रा और पनटी में थी. फिर हम दोनो एक-दूसरे को हग करते हुए सो गये. कपड़ो के बिना हमारा गरम शरीर एक-दूसरे से छिपकने के बाद और भी जोश से भर गया था. तभी सम ने मुझे नीचे कर दिया, और मुझे किस करने लगा. मेरी जीभ को अपने होंठो से चूस रहा था. फिर अपनी जीभ को मेरे लीप पे रख कर उन्हे घुमा रहा था.

उसके बाद उसने मुझे उल्टा किया. उसने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया, और सीधा करके मेरी ब्रा को निकाल दिया. मेरी चूचियों को अपने दोनो हाथो से पकड़ के खेलने लगा, और बोला-

सम: आहह, वाउ. मों ये इतने बड़े है की मेरे हाथो में तो आ ही नही रहे है.

एक हाथ से मेरी चूची को दबाने लगा, और दूसरे हाथ से दूसरी चूची को पकड़ के चूसने लगा, बिल्कुल किसी मीठे आम की तरह. फिर वो बोला-

सम: मों आपकी चूची तो बिल्कुल गोरी और गुलाबी है, किसी बड़े रसगुल्ले की तरह. मॅन तो कर रहा है की पूरा का पूरा खा ही जौ.

मैने बोला: हा मेरी जान, मेरे बेटे. अब मेरा सब कुछ तेरा ही है, जो करना है कर.

वो इतने मज़े से चूस रहा था, की मेरी तो आवाज़ ही निकालने लगी थी जोश के मारे आ आहह उम्म की. फिर वो अपनी जीभ से चाट-ते हुए मेरी नाभि पर आया, और उसमे जीभ डाल कर घूमने लगा. उसके बाद उसने मेरी पनटी में हाथ डाल दिया, और मेरी बर को सहलाने लगा.

मैं गीली हो गयी थी सहलाने की वजह से, और मेरी आवाज़ निकल रही थी अया आ आहह की. उसने मेरी पनटी निकाल दी, और फिर मेरी टाँगो के बीच में आ गया. फिर दोनो हाथो से पकड़ के अपने मूह से मेरी बर को चाटने लगा. मैं पूरी तैयारी में थी. मेरे नीचे के बाल एक-दूं सॉफ थे. उसे चूसने और चाटने में आसानी हो रही थी, और मज़ा भी आ रहा था.

वो जीभ को मेरी बर में अंदर-बाहर करने लगा. उसने चटाई और चुसाई करके मेरा बुरा हाल कर दिया था. मेरी तो बस तेज़-तेज़ आवाज़ निकल रही थी आ उंह उम्म आहह की, और तेज़ी से साँसे चल रही थी. मेरे पानी से बर एक-दूं गीली हो चुकी थी.

फिर मैने सम को पकड़ के नीचे लिटा दिया, और उसका अंडरवेर निकाल दिया. उसका लॉडा एक-दूं लंबा चौड़ा खड़ा था, और गीला हो गया था. मैने उसको पहले हाथो से सहलाया. फिर उसको आइस्क्रीम की तरह छाता, और उसके पानी को अपनी जीभ से सॉफ कर दिया. तब उसके लंड के उपरी हिस्से को खूब चूसने लगी.

उसकी आवाज़ निकालने लगी थी आ आ मों आ की. मैने उसका पूरा लंड मूह में लेना शुरू कर दिया. पूरा गले तक आ रहा था. मैं उसे फुल मौत शॉट देने लगी. लगभग 5 मिनिट बाद उसका माल मेरे मूह में निकल गया, और मेरा मूह भर गया.

फिर उसने मुझे लिटाया और मुझे किस किया मेरे बालों को पकड़ कर 1 मिनिट तक. उसके बाद उसने मेरी बर को चाटना शुरू किया. करीब 3-4 मिनिट तक अब उसका भी लंड फिरसे एक-दूं टाइट खड़ा हो गया था.

मैने बोला: बस बेटा, अब मुझसे रहा नही जाता. अब डाल दे अपने रसीले लंड को मेरी प्यासी बर में.

तभी वो मेरे उपर आया, और अपने लंड को एक हाथ से मेरी बर में डाल के दोनो हाथ से चूचियों को दबाते हुए किस करने लगा, और शॉट देने लगा. धीरे-धीरे उसका आधा लंड मेरी बर में था, और मैं चिल्ला पड़ी आ उम्म्म. वो बिल्कुल अपने पापा की तरह मेरी कमर तोड़ने वाला था, एक-दूं वाइल्ड था.

उसने तेज़ी से शॉट मारना शुरू कर दिया, और उसका पूरा का पूरा लंड मेरी बर में सैर कर रहा था. मेरी तो दर्द के मारे आवाज़ ही निकले जेया रही थी उम्मह उम्मह आह आह की. लेकिन वो मीठा दर्द सुकून भरा था. महीनो बाद तो मैं चुड रही थी. वो भी इतना ज़बरदस्त. 5-6 मिनिट के बाद मैने पोज़िशन चेंज की.

मैं उसके उपर बैठ गयी, और उसका लंड अपने हाथो से पकड़ कर अपनी बर में डाल के, उपर-नीचे करने लगी. अपने हाथो को उसके सीने पे रखा हुआ था. वो भी मेरी गांद पकड़ कर साथ दे रहा था. फिर उसने मेरी उछालती चूचियों को पकड़ लिया, और उन्हे दबाने लगा. हम दोनो की आवाज़े निकालने लगी, और पुर रूम में गूज़्ने लगी.

मैं: बेटा फाड़ दे आज मेरी बर आअहह आह. छोड़ मुझे, और तेज़ छोड़ आहह आह.

सम: अहह मों ह. मैं झड़ने वाला हू आहह. मों और तेज़ आ हह. मों और तेज़.

मैने भी स्पीड बढ़ा दी अहह.

मैं: बेटा आह.

फिर करीब 15 मिनिट बाद हम दोनो झाड़ गये.

मैं: आ बेटा, मज़ा आ गया.

फिर मैं उसके सीने पे लेट गयी, और उसे लीप किस करके पूछा-

मैं: बेटा कैसा लगा तुझे मुझे छोड़ के?

सम: मों ये मेरी ज़िंदगी का सबसे अछा पल है. मैं बस इसे फील कर सकता हू, बता नही सकता, सच में.

फिर हम दोनो ने अपने आपको सॉफ किया, और कपड़े पहने. मैने उसको उसके रूम में जाने को बोला. वो चला गया सुजल के पास सोने.

बाकी आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. मी एमाइल: शीतलवेर्मा5220@गमाल.कॉम

जो कोई भी मुझसे बात करना चाहती है, वो मुझसे एमाइल के थ्रू बात कर सकती है.

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