मा बेटे की चुदाई और शादी की तैयारी की कहानी

ही दोस्तों कैसे हो आप सब. मैं एक बार फिर हाज़िर हू अपनी आयेज की स्टोरी सुनने के लिए. तो पिछले पार्ट्स में आपने रेड किया होगा, की कैसे मैं अपने बेटे से रात भर चूड़ी, और फिर मॉर्निंग सेक्स भी किया वो भी किचन में. जिसने मेरी इस स्टोरी के पिछले पार्ट्स नही रेड किए, तो प्लीज़ पहले उन पार्ट्स को ज़रूर रेड कर लेना. बहुत मज़ा आएगा उनमे आप सब को. अब आयेज-

तो जब मैने उसे नहाने के लिए और अपने पार्लर जाने की बात की, तो वो उदास हो गया, और उदास हो कर जाने लगा. मुझे अछा नही लगा रहा था, क्यूंकी उसने मेरी बरसो की प्यास बुझाई थी, और मुझे कितना खुश रखता था, और मैं उसे उदास कर रही थी.

फिर मैने उसे पीछे से जेया कर पकड़ लिया, और बोली: क्या हुआ मेरी जान, उदास हो गये तुम?

वो बोला: क्यूँ होऊँगा नही क्या? आप पार्लर जाने की बात कर रही हो. मैं यहा अकेला क्या करूँगा? अभी तो मेरा कोई दोस्त भी नही है. प्लीज़ मों, मत जाओ ना पार्लर. कल चले जाना पक्का. आज और मज़ा करते है. प्लीज़ मेरी जान, प्लीज़ तुम्हे बहुत मज़ा दूँगा पक्का.

तो मैने भी उसे बोला: अछा ठीक है. मैं आज भी छुट्टी कर लेती हू. लेकिन सिर्फ़ आज, और वो भी सिर्फ़ तेरे लिए. बिकॉज़ मैं तुझे उदास नही देख सकती, और तू मुझसे इतना प्यार जो करता है.

इतना सुनते ही उसने मुझे उठाया, और मुझे बातरूम में ले जाने लगा, ये बोल के की चलो आज एक साथ नहाते है मेरी जान.

मैने उसे बोला: रूको किचन में गॅस तो बंद करके आने दो. तो वो मुझे गोद में ही उठा के ले गया किचन में, और वाहा मैने गॅस ऑफ की, और फिर हम बातरूम में चले गये. वाहा उसने मुझे उतरा, और पहले तो एक ज़ोरदार जोशीला लीप किस किया.

क्या किस किया उसने ज़ोरदार. लीप किस में मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी. क्यूंकी ये सब में भी पहली बार ही कर रही थी. मेरा पति तो कुछ करता ही नही था. इसलिए मैं भी पूरा एंजाय कर रही थी. पुर बातरूम में मेरी और मेरे बेटे के लीप किस की आवाज़ गूँज रही थी. और घर में भी कोई नही था, तो मैं भी टेन्षन फ्री थी.

लीप किस करते-करते उसने शवर ओं कर दिया, और हम दोनो भीग गये पुर. उसने मेरा गाउन उतार दिया, और खुद तो नंगा था ही. और फिर मेरी ब्रा और पनटी भी उतार दी. फिर सीधा मेरी छूट में उंगली डाल दी. हमारी लीप किस चलती जेया रही थी, और धीरे से एक हाथ उसका मेरी छूट में था, और एक हाथ से वो मेरे बूब्स दबा रहा था.

मैं भी गरम हो रही थी. और फिर मैने भी उसका लंड जो पूरा तन्ना हुआ था, उसे पकड़ लिया और आयेज-पीछे करने लगी. यार क्या बतौन क्या लंड है मेरे बेटे का. जितनी बार भी पाक्ड़ू, उतनी बार पिछले वाले से ज़्यादा मज़ा आता है. एक-दूं लोहे की तरह सख़्त और गरम.

फिर वो लीप किस के बाद नीचे बैठ गया, और मुझे दीवार से सता दिया, और मेरी टांगे ओपन की, और फिर दोनो हाथो से छूट ओपन की. उसके बाद उसने अपनी जीभ अंदर डाल दी, और आचे से चाटने लगा. मैं तो पूरी काँप गयी थी. मैने उसका सिर पकड़ लिया, और दबाने लगी अपनी छूट में. साथ ही साथ मेरे मूह से आवाज़े निकल रही थी.

कामुक आवाज़े करते-करते मैं उसके मूह में झाड़ गयी और मुझे तो बहुत मज़ा आया था. फिर मैं तेज़-तेज़ हाँफने लगी.
वो मेरा सारा रस्स पी गया, और बोला: यार मों, आपकी छूट का टेस्ट कितना अछा है. मैं तो पागल हो जौंगा इसे छत-ते हुए. और आपका काम रस्स, वाह क्या ग़ज़ब का टेस्ट है उसका. मुझे अब वो रोज़ चाहिए. उसके बिना मैं नही रह पौँगा.

फिर मैं बोली: तुझे रोका किसने है मेरी जान? मुझे भी तो तू जन्नत दिखा देता है.

फिर वो उठा, और उसने मुझे नीचे बिता दिया, और फिर अपना मोटा, लंबा और गरम लंड मेरे मूह में दे दिया, जिसे मैं पूरा लॉलिपोप लो तरह चूस रही थी. मैं लंड पूरा अंदर ले रही थी, और उसके टटटे भी चूस रही थी. यार लेकिन सच में उसका लंड मुझे बहुत अछा लगा है. मुझे भी उसके लंड की आदत हो गयी है.

मैने उसे बहुत देर तक चूसा, और फिर उसने मुझे रोका, और उपर उठाया, और लीप किस करते हुए उसने मेरी एक टाँग उठाई, और अपना लंड मेरी छूट में डाल दिया. पहले लंड आधा ही गया था, तो मैं चिल्ला पड़ी आहह. फिर उसने मुझे कमर से टाइट पकड़ा, और ज़ोरदार धक्का मारा, और पूरा लंड अंदर डाल दिया. इससे मैं और तेज़ चीख पड़ी.

लेकिन वो कहा सुनने वाला था. वो तेज़-तेज़ झटके मारता गया, और लगातार चुदाई करता रहा. फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया, और अपना लंड पीछे से मेरी छूट में डाल दिया. वाह, क्या मज़ा आ रहा था यार शवर सेक्स में. वो भी घोड़ी बन कर चूड़ने में. फॅक फॅक की आवाज़े आने लगी थी, और फिर वो नीचे बातरूम के फर्श पर लेट गया और उसने मुझे अपने लंड पर बैठने की बोला.

मैं बैठी, और मुझे लगा जैसे उसके लंड ने मेरे पेट को टच किया. इतना लंबा था यार उसका. फिर मैं वही उपर-नीचे, उपर-नीचे करके चूड़ने लगी. करीब 1घंटे की ज़बरदस्त चुदाई के बाद वो झड़ने लगा, और बोला-

बेटा: मैं झड़ने वाला हू मा, अंदर ही झाड़ जाता हू.

फिर मैं बोली: अभी नही बेटा, बाद में जब मैं बोलूँगी तब. मैं भी चाहती हू तू अपना सारा रस्स मेरी छूट में छ्चोढे. और शी बतौ तो मैं तुझसे शादी करना चाहती हू, और तुझे अपना पति बनाना चाहती हू, और फिर तेरे बच्चे की मा बनना चाहती हू.

ये सुन के वो खुश भी हुआ, और तोड़ा चौंका भी.

वो बोला: ये क्या बोल रही हो मों, शादी! लेकिन पापा और रूपाली का क्या?

मैं बोली: अर्रे इन दोनो को कुछ पता नही चलेगा. पहले तू चुदाई ख़तम कर, फिर बताती हू. फिर वो और तेज़ मुझे छोड़ने लगा.

आहह आह करते-करते वो उठा, और उसने अपना सारा माल मेरे मूह में छ्चोढ़ दिया. माल उसका मैं सारा पी गयी. क्या माल था दोस्तों उसका, गरम-गरम. वाहा मैं तो उसकी दीवानी बनती जेया रही थी. और अब तो उसकी होना चाहती थी हमेशा के लिए.

फिर हम दोनो नहाए, और फिर मैं बातरूम से जाने लगी, और वो भी बाहर आ गया. हम दोनो अपने-अपने रूम में गये, कपड़े पहने, और फिर वो आया मेरे कमरे में नंगा ही.

वो बोला: क्या मों, क्यूँ कपड़े पहन रही हो? कों है मेरे अलावा यहा, रहने दो ना.

तो मैं बोली: अर्रे मेरे स्वीटहार्ट. मेरी जान, मैं तेरे लिए नंगी ही रहती. लेकिन रूपाली भी तो आ जाएगी ना कॉलेज से. तो फिर हमे दिक्कत हो जाएगी ना. और हमे तो संभाल के चलना है.

तो वो बोला: क्या मों यार, कुछ करो इस रूपाली का. पापा तो रहते नही है, और अगर एक बार रूपाली को भी सब पता चल जाए, और वो हमारे साथ मिल जाए, तो फिर तो खुल्लम खुल्ला चुदाई होगी, और हमे कपड़े पहनने की भी ज़रूरत नही. हम दोनो नंगे ही रहेंगे घर में, और जुब मॅन चाहे तब ही चुदाई करेंगे.

तो फिर मैं बोली: करती हू कुछ. वैसे मुझे उसपे कुछ शक हो रहा है.

वो बोला: क्या शक?

तो मैं बोली: कुछ नही, बाद में बताती हू. पहले मैं शुवर हो जौ. जाओ तुम भी कुछ पहन लो.

फिर वो गया अपने रूम में, और फिर मैने एक ट्रॅन्स्परेंट ब्रा आंड पनटी पहन ली, और उसके उपर एक टाइट कुर्ता बहुत हल्के कपड़े का जिसमे मेरे बूब्स और निपल्स टाइट और हल्के-हल्के नज़र आ रहे थे, और एक टाइट सलवार, जिसमे मेरी थाइस बहुत सेक्सी नज़र आ रही थी.

फिर मैं नीचे आई, और टेबल पर नाश्ता लगा दिया, और बेटे को आवाज़ लगाई. वो भी एक शॉर्ट्स और उपर त-शर्ट डाल के आ गया. और फिर वो बैठा, और मैं उसका नाश्ता लगा रही थी. तभी उसने मेरा हाथ खींचा, और मुझे अपनी गोद में बिता लिया.

वो बोला: मेरी जान, मैं तुम्हारे हाथ से ख़ौँगा, और मैं तुम्हे खिलौँगा.

मैं शर्मा गयी और बोली: क्या बेटा, तू भी ना ऐसे प्यार करता रहेगा तो मैं तेरे बिना एक पल भी नही रह पौँगी. और मुझे पार्लर भी जाना होगा तो वाहा भी तेरा ख़याल आएगा ना.

फिर वो बोला: यही तो चाहता हू मैं मों, की तुम मेरे ख़यालों में खोई रहो.

और उसने मुझे लीप किस किया. मेरी नज़र मेरे दिए हुए लोवे बीते पर पड़ी और मैं बोली-

मैं: इसे च्छूपा ले बेटा. रूपाली देख लेगी तो क्या सोचेगी?

तो फिर वो बोला: मों आप भी च्छूपा लो, क्यूंकी आपके भी नज़र आ रही है मेरे प्यार की निशानी.

मैं बोली: कोई नही, कुछ दिन और. हमे फिर किसी से च्छुपाने की ज़रूरत नही.

फिर मैने उसे और उसने मुझे ब्रेकफास्ट खिलाया, और बीच-बीच में वो मुझे लीप किस करता रहता जो मुझे बहुत अछा लगा रहा था. फिर हमने नाश्ता ख़तम किया, और मैं उठी वाहा से और किचन में बर्तन रखने गयी और उसको साथ ही धो भी दिया. मैं जब बाहर आई तो वो त.व. देख रहा था हॉल में बैठ के. मैं भी उसके साथ हाथ में हाथ डाल के बैठ गयी.

फिर उसने मुझसे पूछा: मों आप शादी कैसे करेंगी. उसका कुछ बता रही थी.

मैं बोली: हा हा बताती हू.

तो हम शादी 3 दिन बाद करेंगे, और जिस दिन करेंगे, उन दीनो से पहले मैं कोशिश करूँगी की रूपाली को पहले मैं हम दोनो के सेक्स के बीच में शामिल कर लू. शादी का उसको बाद में बतौँगी.

वो बोला: लेकिन वो सेक्स के लिए मान जाएगी?

तो मैं बोली: वो तू मुझ पर छ्चोढ़ दे. बाकी जिस दिन शादी होगी. उस दिन पहले तू घर से निकल जाना कुछ बहाना बना के, लीके इंटरव्यू है बोल के. और फिर मैं शॉपिंग का बहाना मार के निकल जौंगी. फिर हम बाहर शादी का समान ख़रीदेंगे, और डोर मंदिर में जाके शादी कर लेंगे.

मैं: तुम बाहर ही एक होटेल में हनिमून सूयीट बुक करवा देना. फिर तुम पहले फोन करके रूपाली को कुछ बहाना मार देना की आज नही आ पौँगा. उसके हाफ अवर के बाद मैं फोन करके बहाना मार दूँगी. ऐसे करके हम अपनी सुहग्रात भी माना लेंगे, और हा, तेरे पास बस आज का दिन है. फिर कल के बाद से तुम मुझे सीधा सुहग्रात वाले दिन ही छोड़ पाओगे.

तो वो बोला: वो क्यूँ मों? हम तो इतनी बार चुदाई कर चुके है.

तो मैं बोली: बेटा वैसे तो तू मुझे बहुत बार छोड़ चुका है, और वो भी बहुत आचे से. और मैं भी तुझसे एक दिन भी चुड़े बिना नही रह सकती. लेकिन मैं ये चाहती हू की मैं अपनी सुहग्रात वाले दिन जीवन की सबसे अची चुदाई कार्ओौन. और उस दिन तुम्हे स्पेशल गिफ्ट भी डू. वो सर्प्राइज़ रहेगा.

मैं: 3 दिन बिना चुदाई के तुम भी इधर पागल हो रहे होगे, और तुम्हारा माल इकट्ठा हो जाएगा बहुत सारा. और इधर मैं भी ताड़पुँगी तुम्हारे लिए और तुम्हारे लंड के लिए. तो बहुत मज़ा आएगा उस दिन.

फिर वो बहुत कुश हुआ और सीधा मुझे किस करने लगा, और मैं भी उसका साथ देने लगी. उसने मेरे कपड़े उतार दिए और मैने उसके. हम दोनो नंगे पुर हॉल में सोफे पर थे, और एक-दूसरे में खोए हुए थे. वो मुझे किस कर रहा था, और मैं उसे.

वो मेरी छूट में उंगली कर रहा था, और मैं उसका लंड उपर-नीचे कर रही थी. फिर बीच में मुझे एक-दूं से याद आया की रूपाली भी आ जाएगी 1 अवर में, क्यूंकी आफ्टरनून तो ऑलरेडी हो चुका था. तो मैने उसे बोला-

मैं: बेटा अभी रहने दे. रूपाली कभी भी आ जाएगी.

लेकिन वो नही सुन रहा था. वो लगातार मुझे किस करे जेया रहा था, और मेरी छूट में उंगली कर रहा था. कभी मेरी गर्दन पर किस करता, कभी मेरी चूची पे. मैं भी धीरे-धीरे सब भूल गयी, और होश खो बैठी.

फिर मैने उसको झट से धक्का दिया, और सोफे पर लिटा दिया. मुझसे नही रहा जेया रहा था. उसे धक्का दिया, तो वो सीधा हो गया सोफे पर, और उसका लंड एक तो लगता ही बहुत बढ़िया है, और सीधा मैने पहले उसके लंड की अपने मूह में ले लिया, और आचे से चूसने लगी. वो भी मेरा सिर पकड़ के अपना लंड और अंदर दबा रहा था, जिससे मुझे खाँसी आ रही थी.

लेकिन यार सच में बहुत अछा लग रहा था. और साथ ही साथ मैने उसके टटटे भी चूज़. 15-20 मिनिट के बाद मैं उठी, और सीधा उसके लंड पर बैठ गयी. मेरा फेस उसकी तरफ था. मेरे हाथ उसकी चेस्ट पर थे. फिर मैने अपनी छूट पर मैने थूक लगाया, और फिर उसके लंड पर बैठ गयी. बैठते ही मेरी तो आअहह निकल गयी. गरम, मोटा और लंबा लंड जो था उसका.

अब हम चुदाई कर रहे थे तेज़ तेज़. फिर 10 मिनिट के बाद हमने पोज़िशन चेंज करी. मैं नीचे आ गयी और उसने मेरी एक टाँग अपने शोल्डर पर रख ली, और फिर लंड एक ही झटके में अंदर डाल दिया. ज़ोर-ज़ोर से मुझे छोड़ता रहा वो. और फिर थोड़ी देर बाद वो नीचे बैठा और मेरी छूट को चाटने लगा.

मैने भी उसका सिर अपनी छूट में दबा रखा था. मैं तो सब कुछ भूल गयी थी, की मैं कहा थी, और दिन हो रहा था या रात. बस बेटे की चुदाई में होश खो बैठी थी. करीब 15 मिनिट और छूट-लंड चूसने के बाद मैने उसे सोफे पर बिताया, और फिर मैं उसके उपर बैठी.

मैने अपने हाथ उसके गले में डाले, और बूब्स उसके मूह में, और उपर-नीचे होने लगी. उधर वो भी मेरा पूरा साथ दे रहा था. हम दोनो ने एक-दूसरे को बहुत टाइट से पकड़ा हुआ था, और बहुत तेज़ चुदाई कर रहे थे. तभी डोरबेल बाजी.

पहले तो हम दोनो में से किसी को कुछ सुनाई नही दिया, क्यूकी हम दोनो ही एक-दूसरे में खोए हुए थे. फिर डोरबेल 4-5 बार बाजी तो हम होश में आए.

मैने बोला: देखा मैने बोला था ना रूपाली आ जाएगी. छ्चोढ़ मुझे.

लेकिन वो नही छ्चोढ़ रहा था. वो मुझे और टाइट पकड़ लिया, और बोला: बस मों होने वाला है. मैं भी इधर चरम पर थी, तो उसे ज़्यादा कुछ नही बोल पाई, और तेज़ धक्के लगने लगे हम दोनो के.

कुछ देर में वो बोला: मैं झड़ने वाला हू.

तो मैं बोली: बेटा अंदर नही.

वो जल्दी से उठा और हम 69 की पोज़िशन में आ गये, और मैने उसका लंड मूह में लिया, और उसने मेरी छूट मूह में ले ली. इधर रूपाली डोरबेल बजा रही थी, और चिल्ला भी रही थी ज़ोर-ज़ोर से. लेकिन हम दोनो तो अपने चरम पर थे, तो कहा रुकने वाले थे.

फिर 5 मिनिट में वो मेरे मूह में झाड़ गया, और मैं उसके मूह में झाड़ गयी आअहह आहह करते-करते. फिर थोड़ी देर तो ऐसे ही हम पड़े रहे. उसके बाद अचानक से मैं उठी, और उसे बोला-

मैं: तू भाग अपने रूम में, और कपड़े लेता जेया वही पहन लेना.

और मैने जल्दी से अपने कपड़े पहने, और जल्दी से डोर ओपन किया.

इस कहानी में इतना ही. इसके बाद क्या हुआ? रूपाली ने मुझसे क्या कहा? क्या उसे शक हुआ? क्या मैने उसके मॅन की बात जानी, की वो मुझे ताड़ती थी घर में? और क्या-क्या हुआ आयेज? ये सब नेक्स्ट पार्ट में पता चलेगा आप सब को.

बने रहिए और अपना फीडबॅक नीचे दी गयी मैल ईद पर दीजिए. और कोई औरत या गर्ल बात करना चाहती है, या कुछ शेर करना चाहती है, या किसी चीज़ की हेल्प चाहिए, तो मुझे मैल ईद पर मेसेज करिए.

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