लोकल बस मे मेरी चुदाई

ये एक असली न्यू हिन्दी सेक्स स्टोरी है जो मेरे साथ 3 दिन पहले हुई थी जब मैं आनंद विहार से मुज़्ज़फर्पुर जा रही थी.

मेरा नाम आदया है, मैं 5 सेप्टेंबर को ही 18 साल की हुई थी और 7 सेप्टेंबर को मुज़्ज़फर्पुर कुछ काम से जा रही थी, मैं अभी 12थ क्लास मे पढ़ती हू और मेरा साइज़ 34-26-34 है. बहोत लोग मुझे बताते है की मैं क्यूट हू और मेरा बिल्ड आवरेज है पर मैं बहोत गोरी हू.

तो जब मैं आनंद विहार पहुचि तो मैने टिकेट बुक नही की थी इसलिए मुझे एक बहोत क्राउडेड बस मे जाना पड़ा. जब मैं बस मे चढ़ि तो वाहा सारी सीट्स भरी थी, पर पीछे की तरफ खड़े होने की जगह थी तो मैं उस कोने मे चली गयी. कुछ 5 मिनिट बाद 10 गाओ के लोग और चढ़ गये बस मे और वो सब भी वही आके खड़े हो गये मेरे आस पास. |

अब मेरे पास हिलने की भी जगह नही थी और मैं उन 10 लोगों के एकदम बीच मे खड़ी थी, मुझे ये पता चल रहा था की वो सब मुझे घूर रहे है पर मैने कुछ नही कहा.

मैने एक टाइट वाइट टॉप और जीन्स पहने हुए थे और जीन्स मे बार बार मेरी टाइट पैंतीस फस जा रही थी तो मुझे तोड़ा हिलना पड़ रहा था.

अब बस चलने लगी, मैं जानती थी की बहोत टाइम लगेगा तो मैने डिसाइड किया की सीट फ्री होते ही मैं बैठ जाउंगी. कुछ 10 मिनिट बाद मैं अपनी पैंटी सही करने के लिए अपनी गांड हो पीछे की तरफ करके झटका सा देने लगी. पर वो जाके मेरे पीछे खड़े एक आदमी के लंड पे लग गयी. वो लंड पूरा खड़ा था! फिर भी मैने सॉरी बोला और उसे इग्नोर करने लगी.

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कुछ देर बाद मुझे मेरी गांड पे एक हाथ फील हुआ, मुझे लगा की ग़लती से टच हो गया होगा तो मैने कुछ नही किया, पर उस आदमी ने अपना हाथ वही रखा. फिर एकदम से उसने अपना हाथ मेरी थाइस के बीच मैं से मेरी चूत पे रख दिया! मैं उस पे चिल्लाने के लिए पीछे मूडी, तभी किसी ने मेरे पीछे से मेरे मूह पे एक हाथ रख दिया!

मैं वर्जिन थी इसलिए शायद इतनी जल्दी ही मेरी चूत गीली होने लगी. मैने सोचा थोड़ा और चलने देती हू, क्यूकी मैं कभी भी ये रुकवा सकती हू.

मैने उन्हे दूर हटाने की कोशिश भी नही की, यह देख के आस पास के सारे 10 लोग आके मुझे साथ मे टच करने लगे. मुझे बहोत हॉट फील हो रहा था की इतने लोग मुझे टच करना चाहते है!

अभी भी मैने उन्हे बिल्कुल नही रोका इसलिए 2 लोगों ने अपने हाथ मेरी पैंट मैं और दो ने मेरी टॉप मैं डाल दिए और मुझे अच्छे से मसलने लगे! एक आदमी ने कहा, “आज तो इस रंडी का सामूहिक कांड होगा!”|

ये सुन के मुझे थोड़ा होश आया तो मैने उन्हे धक्का देने की कोशिश की, पर इस से वो और ज़ोर से मुझे मसलने लगे और मैं और ज़्यादा हॉर्नी हो गयी.

अब एक आदमी ने पूरी 60 लोगों की बस मैं मेरा टॉप निकाल दिया, मैने ब्रा नही पहनी थी, सब फुल व्यू मे था पर वो लोग मुझे कवर कर रहे थे इसलिए मैं चिल्लाई नही. अभी भी उस आदमी का हाथ मेरे मूह पे था और वो सब मुझे गंदी गंदी गालियाँ दे रहे थे और मुझे कह रहे थे की अब मैं उनकी कुतिया हू! ये सुनके मैं और ज़्यादा हॉर्नी हो गयी!

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अब उन सबके लंड टन गये थे और कोई भी 7 इंच से छोटा नही था, 3-4 लोगों ने अपने लंड बाहर निकाले और मेरी गांड और थाइस पे रब करने लगे. ऐसे मे अगर मैं कुछ बोलती तो मेरी भी बदनामी होती और मैं एंजाय भी करने लगी थी तो मैने बिल्कुल रोकने की कोशिश नही की.

पर अब उन्होने मेरी जीन्स को नीचे खिच दिया और उसकी वजह से मेरे पैर भी बाँध से गये और अब मैं हिल भी नही सकती थी. फिर एक आदमी ने एकदम से मेरी पैंटी को खीच के फाड़ दिया! मैं चिल्लाई पर मेरे मूह पे अभी भी एक हाथ था!

अब मेरे सामने एक आदमी आया, उसका लंड 8 इंच का था! उसने एकदम से मेरा पैर उठाया और एक झटके मे आधा लंड मेरी चूत मे भर दिया! ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैने चिल्लाने की कोशिश की पर मेरे मूह पे अभी भी उस आदमी का हाथ था, और अब वो आदमी भी मेरे मूह पे हाथ रख के मेरे पीछे आया और मेरी गांड पे अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा!उसका लंड भी शायद 7 इंच का था! मैने उसे मना करने की कोशिश की पर मेरा मूह बंद था!

उसने पहले धीरे से अपना सुपरा अंदर डाला और मेरी आखे बड़ी हो गई!फिर उसने अपना पूरा लंड अंदर घुसाना शुरू कर दिया और करता ही गया!

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