लड़की को गरम करके चुदाई के लिए मनाया

आपने पिछली कहानी में पढ़ा होगा कि कैसे सोशल मीडिया पर मेरी बहन एक लड़के से मिली और फिर दोनों जब होटल में आए और एक रात बिताए, फिर उन दोनों ने किस किया। आगे की कहानी आप खुद पढ़िए।

किस करते-करते अजय काजल के ऊपर आ गया, और होंठ चूसते-चूसते अपने दोनों हाथों से काजल की दोनों चूचियों को मसलने लगा। चूचियां ज्यादा बड़ी होने के कारण चूचियां हाथ में पूरी पकड़ में नहीं आ रही थी, और एक-दम तन गई थी। तनी हुई चूचियां देख अजय दरिंदे की तरह काजल के टी-शर्ट के ऊपर से ही चूचियों को काटने लगा, और चूचों को दांतों से पकड़ कर खींचने लगा।

चूचियों को काटने की वजह से हुए दर्द की वजह से काजल छटपटा रही थी, और वो भागने का प्रयास कर रही थी। वो लगभग वो छूट ही चुकी थी, कि अजय ने इस उत्तेजना से भरे माहौल का भरपूर आनन्द लेने के लिए काजल को पकड़ कर अपनी गोद में बैठा कर जकड़ लिया।

फिर वो कभी काजल की गर्दन पर किस करता, तो कभी कंधे पर, तो कभी गांड पर चमाट लगाता, तो कभी कस कर पकड़ कर चूचियों को मसल देता और कभी दांत से काट लेता।

उस वक़्त उन दोनों में क्या केमिस्ट्री चल रही थी उन दोनों को ही नहीं समझ आ रहा था। काजल उठना चाह रही थी, पर अजय उसे पकड़ कर अपनी जांघ पर बैठा रहा था। काजल अपने जिस्म को छुपाना चाह रही थी, और अजय उसके जिस्म को नोचना चाह रहा था।

अजय काजल को पकड़ कर अपने ऊपर जांघ पर बैठा कर गोते खिला रहा था। फिर बिना देर किए अजय अपना हाथ नीचे करके काजल की जीन्स के बटन को खोल कर नीचे करने लगा। तो काजल ने अपना पैर फैला लिया, ताकि जीन्स ना निकले। पर अजय कहां मानने वाला था। जब काजल ने अपना पैर फैलाया तो अजय काजल के टांप को निकाल दिया, और फिर आंखें बन्द करके काजल के रसीले होंठों को पीने लगा।

इधर अब काजल रेड ब्रा और आधी खुली जीन्स में थी, जो अपने जवान जिस्म को छुपाने का प्रयास कर रही थी। पर अजय उसे ऐसा करने से रोक रहा था। काजल की मलाईदार चूचियां फटाक से बाहर आने के लिए तैयार थी। ऐसा देख तुरन्त अजय ने ब्रा का हुक खोल दिया। जैसे ही ब्रा ढीली पड़ी, 32″ साईज की पपीते जैसी चूची अजय के सामने आ गयी।

पर अभी भी ब्रा से चूचियां छिपी हुई थी, तो अजय ने ब्रा निकाल कर बगल में फेंक दी। तुरन्त चूचियां अजय के सीने से टकराने लगी, और ऐसा देख अजय ने काजल को झट से सीने से चिपका लिया, तांकि काजल की चूचियों के उभार का मजा ले सके और उन दोनों के दिल से दिल मिल सकें।

अजय अपने सीने से काजल के सीने को चिपका कर उसकी चूचियों को रगड़ रहा था। काजल भी गर्म होने लगी थी और ये अजय को अपनी जांघ पर पता चल रहा था। क्योंकि शायद थोड़ा बहुत काजल भी अपने शरीर को हिलाने लगी थी।

तो अजय ने काजल के कानों पर हाथ फेरते हुए किस किया और हल्की आवाज में बोला-

अजय: अब नखरे मत करो ना, प्लीज यार अब मान भी जाओ। आपको भी मजा आएगा।

तो काजल भी अजय की पीठ पर हाथ फेरते हुए अजय को बोली: इतनी भी जल्दी क्या है तुम्हें?

ऐसा कहते हुए काजल ने अजय का निक्कर नीचे सरका दिया, तो अजय का 7 इंच लम्बा 2.5 इंच मोटा तगड़ा लंड फनफनाते हुए बाहर आ गया। जिसे देख काजल की आंखे फैल गयी और वो बोली-

काजल: इतना मोटा लंड!

और अपनी टांगें को और चौड़ा कर लिया। अब काजल भी अजय का भरपूर साथ दे रही थी, और बस एक-दूसरे में समाने की जल्दी मची थी। काजल को टांगे फैलाते देख अजय समझ गया कि अब चिड़िया तैयार थी दाना खाने के लिए, और अजय बिना देर किए अपने खड़े लंड को काजल की पैन्टी के ऊपर से ही स्पर्श कराने लगा। जिसकी गुदगुदी काजल को मस्त कर रही थी।

अभी तक काजल ने अजय का लंड तो देखा था, पर उसके अन्दर के हैवान को नहीं देखी थी। और अजय ने तो अभी तक काजल की चूत नहीं देखी थी। तो अजय भी काजल की चूत देखने को उत्सुक था।

पर जैसे ही अजय काजल की जीन्स को सरकाने का प्रयास किया, तभी काजल बोली-

काजल: तुम मुझसे प्यार करते हो ना?

अजय: हां, अपनी जान से भी ज्यादा।

काजल: मुझे धोखा तो नहीं दोगे? मुझसे शादी करोगे ना?

अजय: क्या बात कर रही हो। इतनी खूबसूरत हसीना को कौन धोखा देगा?

काजल: मेरे प्रश्न का उत्तर दो, मुझसे शादी करोगे ना?

अजय: हां मेरी रानी, तुमसे ही शादी करूंगा।

काजल: प्रोमिस करो (और काजल ने हाथ आगे बढ़ाया)।

अजय ने हाथ पकड़ कर प्रोमिस किया।

फिर काजल बोली: किसी को बताओगे तो नहीं?

अजय: कभी नहीं बताएंगे, पर दीदी की शादी के बाद अपनी शादी की बात करेंगे।

काजल: ठीक है।

फिर तुरन्त अजय काजल की चूचियों को चूसने लगा और पूरे बदन को चाटने लगा। उसके चाटने की वजह से अजय की लार से काजल का पूरा बदन चिपचिपा सा हो गया था। कुछ देर चाटने के बाद अजय बोला-

अजय: मेरा सपना सच होने लगा है।

काजल: कैसा सपना?

अजय: मैं जब भी तुमसे बात करता था, तो मैं अपना लंड हिला-हिला कर तुम्हारे नाम की मुठ मारता था। पर उससे कहीं ज्यादा सीधे चूचियों की चुसाई में मजा आ रहा है अब।

काजल: मतलब मुझे पहले से ही चोदने का प्लान बनाए हो?

अजय: हां और क्या, जब तुम सब दीदी को देखने आए थे तभी मैंने तुम्हे देखा था। क्या माल लग रही थी तुम। तभी से मैं तुम्हारे नाम का मुट्ठ मारता था, और फिर दीदी से पता चला कि उनकी छोटी ननद का नाम काजल है। फिर मैंने तुम्हे ढूंढा तो पता चला कि तुम टिन्डर भी यूज करती हो। फिर मैंने तुम्हे अप्रोच किया और फिर हम दोस्त बने।

काजल: इसका मतलब तुम तो मेरे पीछे हाथ धोकर पहले से ही पड़े हो। मुझे तो पता ही नहीं था।

काजल: अच्छा बताओ इतनी कैसी अच्छी लग गई तुम्हे पहली ही बार में?

अजय: सच बोलूं गुस्सा तो नहीं होगी?

काजल: नहीं, बोलो?

अजय: मैं जब पहली दफा तुम्हें देखा था, तो सबसे पहले मैंने साड़ी में तुम्हारी बलखाती हुई गांड देखी थी। तभी मैंने सोच लिया था कि ये गांड का तो मैं बजा कर ही मानूंगा। पर जब तुम्हें सामने से देखा तो तुम्हारी सुन्दरता देख मैंने सोच लिया कि गांड ही नहीं, मैं तुम्हारे जवान गदराए बदन के साथ खेलूंगा, और तुम्हें अपना दीवाना बनाऊंगा और उम्र भर चोदूंगा।

इतना सुनते ही काजल बोली: तुम मेरे बारे में कितना गन्दा-गन्दा सोच रखे हो।

तो अजय बोला: क्या करूं तुम चीज ही वैसी हो, जिसे देख कर हर कोई मुठ मारने लगे। बच्चों से लेकर बूढों तक अगर तुम्हें पा जाए तो तुम्हारी जवानी का रस निकाल कर पी जाएं।

इतना कहते ही अजय ने काजल के होठों को चूमा और काजल के ऊपर चढ़ गया, और काजल के जीन्स को हल्का-हल्का सरकाने लगा। तभी काजल के फोन की रिंग और रूम की डोर बेल एक साथ बजी। इधर पापा ने काजल को फोन किया था, तो काजल फोन पर बात करने लगी, और शायद बाहर खाना आ चुका था।

फिर अजय ने रूम का डोर खोला तो होटल स्टाफ अन्दर आया और अजय को अंडरवियर में देख मुस्कुराने लगा, और सामने वाले रूम में काजल जो कि आधी नंगी थी, पापा से बात कर रही थी। वो थोड़ा नाखुश दिख रही थी, क्या उसे होटल स्टाफ ने देख लिया था?

क्या पापा फोन में काजल की आहें और सिसकारियां सुन पाए थे? जो आग दोनो में लगी थी, क्या वो अभी बुझेगी या नहीं? ये जानने के लिए आप थोड़ा सब्र रखें।

खुश रहिए, मस्त रहिए, हिलाते रहिए, और जो भी चूत/लंड मिले चोदते/चुदवाते रहिए। कहानी आगे जारी रहेगी, धन्यवाद!

यह कहानी भी पड़े  चूत का शौकिन बना दिया


error: Content is protected !!