लड़की 2 लड़कों से रंडी की तरह कार में चुदी

ही, मेरा नाम नेहा है, और मेरी आगे 22 है. ये मेरी पहली स्टोरी है मेरे पेज से. मैं मुंबई की रहने वाली हू, और कॉलेज टाइम से ही सेक्स अडिक्ट बन गयी थी. मैने आज तक बहुत टाइप का सेक्स किया है, बुत यहा मैं अपने कुछ ख़ास एक्सपीरियेन्स शेर करने आई हू.

मेरा फिगर 34सी-28-34 है, और मैं बहुत फिट हू. मेरे लंबे बाल है और मैं फेर हू. मैं अपनी पुसी शेव्ड रखती हू, और मोस्ट्ली वेस्टर्न कपड़े ही पहनती हू. मैने काफ़ी लोगों के साथ सेक्स किया है, और इश्स पे स्टोरीस पढ़ के फाइनली मैं अपने एक्सपीरियेन्स शेर करने आई हू.

ये स्टोरी है मेरे पहले थ्रीसम की. मैं तभी 18 साल की हुई थी, और मुझे कुछ नया एक्सपीरियेन्स करना था. फाइनली मुझे अब क्लब्बिंग करने का मौका मिल चुका था, और एक सनडे मैने डिसाइड किया की मैं अपने दोस्तों के साथ क्लब्बिंग जौंगी.

मेरा रीसेंट्ली ब्रेकप हुआ था, क्यूंकी मेरा ब्फ मुझे सॅटिस्फाइ नही कर पा रहा था, और मैने सेक्स स्टोरीस पढ़ने के बाद डिसाइड किया की मैं भी अब ओपन्ली सेक्स ट्राइ करूँगी. मैने डिसाइड किया की मैं एक ब्लॅक आंड वाइट स्ट्रिपेस का वन पीस पहनुँगी, जो बॉडी हगिंग था और काफ़ी शॉर्ट था.

मैने ब्रा नही पहनी थी. बुत एक वाइट पनटी पहनी थी. मैं मेरे दोस्तों के साथ क्लब्बिंग गयी, और हम लोगों ने अब ड्रिंक्स करना चालू किया. करीब 1 घंटे बाद मेरी सहेलिया और मैं ड्रंक थी, और वो डॅन्स करने गयी.

मैं हमारे टेबल पे बैठी थी और ड्रिंक कर रही थी. की तभी एक लड़का ब्लॅक जीन्स और शर्ट पहना और दाढ़ी बदाया हुआ मेरे पास आया और ही बोला. उसका नाम विशाल था. वो बहुत ही फिट और लंबा था, और उमर से भी बड़ा था.

मुझे नशे में वैसे ही कुछ अजीब नही लगा. बातों-बातों में उसने मेरे लिए और ड्रिंक्स मंगाए, और कॉंप्लिमेंट्स के साथ डर्टी जोक्स करने लगा. वो क्लब के अंधेरे में मौका देख के मेरे कंधे, कमर और थाइस पे हाथ फेर रहा था.

मुझे भी वो अछा लग रहा था. उसने मुझे अचानक डॅन्स फ्लोर पे खीचा और चिपक के डॅन्स करने लगा. मैं नशे में बराबर कढ़ी नही हो पा रही थी, और ये आदमी अब मेरी कमर और आस को दबा रहा था.

उसने हर मौके पे मेरी आस दबाई, और मुझे भी वो अब तोड़ा अछा लग रहा था, और मज़ा आ रहा था. मैं यहा वाहा देखी तो मेरी सहेलिया गायब थी. क्लब इतना बड़ा था, और अंधेरा था की अब मैने सोचा आई हू तो थोड़े मज़े कर ही लेती हू.

तभी विशाल ने मुझे पीछे से पकड़ के अपनी तरफ खीचा, और उसका कॉक मेरी आस पर घिसने लगा. मुझे महसूस हुआ की वो हॉर्नी था, और उसका कॉक भी बड़ा लग रहा है. तभी वाहा एक और लड़का ड्रिंक्स लेके आया. उसका नाम अंकित था और वो विशाल का दोस्त था.

उसने अपना इंट्रो करवाया, और मुझे हवस से देखने लगा. मैने भी नशे में उसको एक स्लुटती लुक दिया और हमने जो शॉट्स थे वो पी लिए.

अंकित बोला: यहा रश है. चलो एक कॉर्नर में जाके डॅन्स करते है.

हम तीनो एक कॉर्नर में चले गये. वाहा भी रश था. बुत इतना नही था, और अंधेरा भी था. कुछ 12 बजे होंगे, और कपल्स माकेऔट कर रहे थे. मुझे अब खुद पे कोई कंट्रोल नही था, और ये 2 लड़के मुझे चान्स बाइ चान्स घुमा के अपने कॉक मेरी गांद पे घिस रहे थे.

अंकित विशाल से भी बोल्ड था, और उसने मौका देख के मेरे बूब्स पे हाथ रख दिया, और उसको रीयलाइज़ हुआ की मैने ब्रा नही पहनी थी. फिर उसने मुझे कमर से पकड़ के किस किया.

मैं भी अब गरम हो गयी थी, और उसके किस को रेस्पॉंड किया. अब वो समझ चुके थे की मैं भी चूड़ना चाहती थी. विशाल ने उसका हाथ पीछ से से ड्रेस के अंदर डाला, और पनटी पे घिसने लगा. मैने अंकित के लंड को पंत से सहलाया, और दबाया.

फिर अंकित ने पूछा: अछा लगा?

मैने कहा: हा.

तो वो बोला: और देखना है?

तो मैने हा कहा और एक क्यूट सी स्माइल दी. उसने विशाल को कहा-

अंकित: चल भाई, गाड़ी ले आ.

और फिर हम 3 लोग बाहर निकल गये क्लब से. निकलते वक़्त वाहा दोनो मेरी आस दबा रहे थे. मैं भी नशे में मज़े ले रही थी. बाहर निकले तो वाहा कोई नही था. रोड सुनसान था.

विशाल गाड़ी लेके आया, और हम गाड़ी में बैठ गये. विशाल गाड़ी चला रहा था, और मैं और अंकित पीछे बैठ गये. अंकित ने बैठते ही किस करना चालू किया, और मेरे ड्रेस को नीचे करके बूब्स को देखने लगा और बोला-

अंकित: वाउ, आज तो तुम्हारे बूब्स को लाल करके छोड़ूँगा.

और वो मेरे बूब्स को दबाने और लीक करने लगा. वो बीच में ही किस कर रहा था, और बूब्स को सक कर रहा था. मैं भी अब हॉर्नी होके आ ह्म एस कर रही थी. मैने देखा की हम बॅक रोड जो की एक सुनसान एरिया है, वाहा आ गये थे, और विशाल ने एक सुनसान गली में गाड़ी मोड़ ली.

तभी अंकित ने मेरी पनटी उतारनी चालू की. मैने भी उठ के उसकी हेल्प की, और उसने पनटी गाड़ी के बाहर फेंक दी. उसने मेरे छूट को सहलाना चालू, किया एक उंगली से, और फिर मेरे बूब्स को चूसने लगा. मैं बस “आहह ह्म फक मे” कह रही थी.

वो रुका और उसने अपनी पंत खोली, और झट से अपना लंड निकाला. मैने उसका लंड देखा और मुझे अलग ही एग्ज़ाइट्मेंट हुई. उसका लंड मेरे ब्फ से बड़ा था, और उसका टॉप मशरूम जैसा बड़ा था, और फिर बाकी का लंड बनाना जैसे बेंट था और लंबा था.

मेबी 6.5 इंच तक होगा. मैं सीट पे बैठी थी, और मैने उसको पकड़ा और हिलने लगी.

फिर अंकित बोला: तुम्हारे लिप्स के बीच में ज़्यादा अछा दिखेगा मेरा लंड.

और मेरा सर पकड़ के अपने लंड के पास लेके आया. मैं सीट पे एक साइड झुक कर लंड के पास गयी. उसके लंड से गंदा स्मेल आ रहा था. बुत मैं बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड थी, और मैने उसके लंड के टिप को लीक किया.

उसका लंड सिरकुंसीज़ेड था, तो स्किन पीछे थी. मैने उसके लंड को देख के एक नॉटी स्माइल की, और उसके लंड का टॉप उसकी आँखों में देखते हुए मूह में लिया और चूसने लगी. उसने आँखें बंद की और “आ फक! एस बेबी!” कह के मेरे सर पे हाथ रखा.

उसका गंदा स्मेली लंड चूसने में मुझे अलग ही मज़ा आने लगा. उसने लंड के बाल तोसे से ट्रिम किए हुए थे. मैने उसका लंड अब आधे से ज़्यादा अंदर लेके चूसना चालू किया. वो भी “आह फक मोरे सस्स फक एस” कह के मेरा सर अपने लंड पे दबा रहा था. कार रुक गयी और विशाल ने मेरी साइड से पीछे वाला डोर पे आके डोर खोला.

उसने मेरी ड्रेस को उपर किया, और मेरी आस के दबाने लगा. उसने मुझे घोड़ी बनाया, और मैं अंकित का लंड चूस ही रही थी. तभी विशाल ने मेरी आस के बीच अपना सर डाल के मेरी पुसी को चाटने लगा.

मैं सर्प्राइज़ हुई और अंकित के लंड से मूह हटा के “अहह ससस्स एस” करके मोन निकल गयी. अंकित ने मेरा सर फिर उसके लंड पे दबाया और मैं उसका लंड चूसने लगी.

यहा विशाल मेरी पुसी के वॉल्स कभी लीक और सक कर रहा था, तो कभी टंग से अंदर फक कर रहा था. मेरी पुसी गीली हो रही थी, और मैं एक हाथ से अपने बूब्स को दबा रही थी, और अपने मूह में अंकित का लंड लेके मज़े से चूस रही थी. अंकित ने लंड मेरे मूह से निकाल के अपनी पंत और त-शीत उतरी, और कहा-

अंकित: आओ नेहा, लेट’स फक. ई कॅन’त वेट. डॉगी बनो बेबी. मैं तुम्हारी छूट में पीछे से डाल के छोड़ूँगा. कम ओं!मैने अपनी हील्स उतार ली, और विशाल ने पीछे से मेरा ड्रेस उतारने में मदद की. अब मैं इस तरह डॉगी बनी की मैं विशाल की तरफ फेस कर रही थी और अंकित की तरफ पुसी. विशाल ने अपनी पंत उतरी और उसका लंड मेरे मूह के सामने लाके मेरे लिप्स पे मारने लगा.

उसका लंड भी स्मेली था, और बालों वाला था. उसके लंड की शेप आयेज से पायंटी थी, और बीच में से बहुत मोटा था.

मैने उसको लीक करना चालू किया, और तब अंकित ने उसका लंड मेरी पुसी पे घिसना चालू किया. मैं रुक गयी और कहा-

मैं: प्लीज़ कॉंडम लगा लो.

तो अंकित मेरी छूट पे घिसते हुए बोला: कॉंडम ख़तम हुए है बेबी. दररो मत, टाइम पे बाहर निकाल लूँगा.

मैने कहा: नही यार, रिस्क नही लेना.

तो विशाल मेरे सर को सहलाते हुए किस करने लगा और बोला: बेबी दररो मत. हम बड़े है, तुमसे ज़्यादा रेस्पॉन्सिबल है. बाद में पिल दिला देंगे. देखो अब हम सब कितने मूड में है. लेट’स एंजाय. पुसी में कम नही करेंगे.

मैने सोचा वैसे भी मेरा सेफ दे था, और मैं भी इतना गरम हो चुकी थी, और शराब के नशे में तो मैने कहा-

मैं: ओक डाल दो अंदर. बुत टाइम पे निकाल लेना.

उसने अपना लंड मेरी पुसी लिप्स के अंदर धकेला, और ज़ोर लगाया, और उसका आधा लंड अंदर गया. मेरे मूह से “आअहह स एस एम्म्म फक” निकल गया. उसका लंड गरम था, और तभी उसने और एक ज़ोर का झटका दिया, और उसका पूरा लंड अंदर गया.

मेरे मूह से “आह फक“ निकल गया, और विशाल ने भी अब मेरा मूह पकड़ के लंड मेरे मूह में दे दिया. विशाल के लंड से बहुत स्मेल आ रही थी. बुत मैने चूसना चालू किया. अंकित मेरे छूट में ज़ोर-ज़ोर से फक करने लगा और कहने लगा-

अंकित: फक! क्या टाइट है यार बहनचोड़ एस. ले बेबी, आज तो तेरी छूट फाड़ुँगा.

विशाल बोला: क्या चूस्टी है यार. नेहा, हमारी स्लट बन जाओ, तुझे रोज़ छोड़ेंगे.

ये सब सुन के मुझे और मज़ा आने लगा, और मैने मेरी आस को उठा के पीठ को बेंड किया, और छूट को और ज़ोर से छोड़ने के लिए उसको इन्वाइट किया. अंकित भी अब ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा कमर पकड़ के, और विशाल मेरे गले तक लंड डाल रहा था, और बूब्स दबा रहा था.

मैं सोचने लगी की कहा मैने अपने ब्फ को अब तक रॉ नही छोड़ने दिया था, और अब इन 2 अंजान आदमियों के साथ कार में थ्रीसम, वो भी विदाउट कॉंडम चुड रही थी.

अब तो यहा से निकालने का ऑप्षन भी नही था, तो सोचा मज़े कर लू. मैने पुसी को स्क्वीज़ करना चालू किया अंकित के लंड पे. मैं “आ एस छोड़ो मुझे फक मे” कर रही थी.

वाहा अंकित “ले साली रंडी फक, ले. आ, क्या टाइट माल है” कह रहा था, और मज़े ले रहा था और विशाल मेरे मूह को छोड़ना एंजाय कर रहा था. कुछ 10 मिनिट बाद अंकित झड़ने आया तो उसने कहा-

अंकित: बेबी ई आम कमिंग.

मैने उसका लंड निकालने को कहा और उसने निकाल लिया. मैं झट से मूड के उसका लंड मूह में लेके चूसने लगी, तो वो मूह में ही झाड़ गया. मैने उसका कम पी लिया, और उसका लंड सॉफ किया.

वो वाहा से उठ के विशाल को बोला: भाई छोड़ लो अब इस रॅंड को तुम. मैं एक फूक लेता हू.

और वो बाहर जाके सिगरेट फूकने लगा. मैने देखा अब विशाल पूरा नंगा हो चुका था, और वो मेरे उपर आ गया. उसने मुझे मिशनरी में लिटाया, और किस करते हुए मेरे पैर फैलाए, और अपना मोटा सा लंड अंदर घुसने लगा.

पहले टोपा अंदर गया, बुत उसका बीच का लंड अंदर जाते हुए तोड़ा दर्द हुआ. क्यूंकी आज तक इतना मोटा लंड मैने नही लिया था. वो इतना हेवी था, की मैं हिल भी नही पा रही थी. उसने ज़ोर का झटका मारा और मेरी चीख निकल गयी “आआ फक! शीत!धीरे, फक!”.

बुत वो नही रुका और छोड़ने लगा ज़ोर-ज़ोर से किस करते हुए. मेरे बूब्स दबा के उसने करीब 10 मिनिट मुझे छोड़ा और मैं पागल हो गयी. उसका लंड मेरे ग-स्पॉट पे घिस के मेरी छूट से पानी निकाल रहा था, और मेरा ऑर्गॅज़म निकल गया.

फिर मैने उसको पकड़ के और छोड़ने को कहा. अब दारू और सेक्स का नशा मेरे सिर चढ़ गया था, और मैं आँखें बंद करके चुड रही थी, और मेरा और एक ऑर्गॅज़म निकल गया. तभी विशाल की स्पीड तेज़ और डीप हुई. आज तक ऐसी चुदाई और इतनी डीप नही ली थी मैने. उस मीठे दर्द के नशे में मेरी गीली छूट में वो लोहे जैसा लंड एंजाय कर रही थी. विशाल कम करने आया.

पता नही यूयेसेस वक़्त मैने क्या सोच के रिस्क लिया और कहा: कम इनसाइड मे बेबी. छूट में झाड़ जाओ.

और विशाल ये सुन के पागल हो गया. फिर कुछ ही झटको में मुझे उसका लंड अंदर तक हिट हुआ, और मेरी आँखें खुल गयी यूयेसेस दर्द से. वो “ले फक! मदारचोड़ ले, ह” करके मेरे पे गिर गया. मुझे उसका सारा कम अंदर फील हुआ.

आह, क्या फीलिंग थी. वो गरम-गरम कम, सस्स ह. वाउ! हम 2 मिनिट लेते रहे, और उसने फिर लंड निकाला छूट से. उसने मुझे डीप किस किया. मैने देखा मेरी छूट से कम तपाक रहा था.

फिर मैं बाहर गयी, और मैने अपनी पुसी पे पानी मारा, और अंदर उंगली डाल के कम निकाला, और पुसी धो ली. विशाल और अंकित तब तक रेडी हो गये थे निकालने को. मैने अपनी हील्स पहनी और ड्रेस भी पहन ली.

अंकित अब गाड़ी चला रहा था, और विशाल पीछे मेरे साथ बैठ के किस कर रहा था, और बूब्स से खेल रहा था. फिर वो एक मेडिकल पे रुके, और मुझे पिल दी ताकि मैं प्रेग्नेंट ना हो जौ.

मुझे उन्होने घर ड्रॉप किया, और दोनो ने नंबर शेर किया. मैं तक चुकी थी, और घर जाके शवर करके सो गयी.

ये था मेरा फर्स्ट थ्रीसम एक्सपीरियेन्स. ई होप आपको ये स्टोरी अची लगी हो. प्लीज़ अपनी फीडबॅक शेर करे ए-मैल या हणगौट पे ओं

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