लड़के से लड़की बन के लोगो की रंडी बनी

हे गाइस, अभी तक आपने पढ़ा के कैसे मैने गर्वित भयया से चूड़ने के लिए उतावली होकर उनसे हॉस्टिल मे ही चूड़ने का फ़ैसला किया जिसकी वजह से विशाल ने मुझे हॉस्टिल की रंडी बना दिया था.

अब आयेज..

अब तो मई लड़को की पार्टीस मे जाने लगी थी पूरी तरह से रंडी बनकर. वो मुझे नंगी नाचवाते थे और फिर सभी मुझे छोड़ते भी थे. हॉस्टिल मे तो मेरा नाम ही रंडी पद गया था.

और अब कोई भी मुझे अविनाश के नाम से नही जानता था. अलीशा ही अब मेरा अफीशियल नामे हो गया था. फर्स्ट एअर पास हो गया. मई घर गयी लड़का बनकर लेकिन मेरा मॅन बिल्कुल भी नही लगा वाहा तो मई च्छुतियो मे ही भाग आई बहाना लगाकर.

लेकिन कॉलेज मे भी कोई फन नही था करने के लिए और अब मुझे आदत हो गयी थी लंड लेने की और लगभग 1 महीना हो चुका था और मैने लंड नही लिया था. मैने 2-3 लड़को को कॉंटॅक्ट किया जो की वही के थे.

वो सब भी घूमने नहिकल गये थे. तो मैने फिर ऑनलाइन अप्स उसे किए और उसपेर अपनाही गांद की खुजली मिटाने का इंतेज़ां देखने लगी. मैने अपनाही पिक्चर्स ली हुई लड़कियो वेल कपड़ो मे उपलोआड करदी.

मेरे पास ंषगस के अंबार लग गये. लड़के मुझसे पूछने लगे कितने लॉगी और बोहोट सारी चीज़े देने की बात करने लगे. मई सबको रिप्लाइ भी नही दे पा रही थी. फिर मेरे पास एक ऑफर आया शुगर डॅडी का..

शुगर डॅडी :- हे बेब वाना बे मी शुगर बेबी. योउ जस्ट हॅव तो प्लेषर मे आंड ऑल युवर एक्सपेन्सस विल बे मिने.

मुझे पहले तो ये फेक लगा लेकिन फिर मैने सोचा क्यू ना ट्राइ ही मार लिया जाए. तो वो बंदा मुंबई का था लेकिन उसने अपना फार्म हाउस कम अययाशी का अड्डा पुणे मे बना रखा था. मेरा कॉलेज भी पुणे के पास ही था.

लेकिन मुझे ये समझ नही आ रहा था के ये बंदा एक ट्रांसगिरल के पीछे क्यू पड़ा है जबकि इसको हॉट पूरे लड़किया भी मिल सकती थी. लेकिन फिर भी मैने हिम्मत की और मिलने पोुंच गयी.

उसने जैसे ही मुझे देखा तो काफ़ी देर तक तो वो देखता ही रहा. मैने भी देखा तो वो बंदा लगभग 40 साल का होगा, तोड़ा पेट नहिकला हुआ, वेल मेंटेंड वो कार मे आया था मुझे लेने.

वो सच मे बोहोट बड़ा आदमी था और मई सही से साझ दाझ के भी नही आई थी. फिर उसने मुझे पीछे कार मे बिताया और खुद ड्राइवर की बराबर वाली सीट पर बैठ गया. मुझे अभी भी समझ नही आया था.

खैर मई चुप छाप बैठी रही. फिर उसने कार रुकवा दी और मुझे बाहर बुलाया. और बोला…

“माँ आपका सालों का अपायंटमेंट बुक्ड है आप जएए”

मुझे तब समझ मे आया के ये भी वो आदमी नही है ये भी उसका नौकर है. अब मेरे अंदर ही अंदर बोहोट कुछ चल रहा था. मई पार्लर मे आ गयी और मॅनेजर ने वाहा की मॅनेजर को सब कुछ बता दिया.

पार्लर की मॅनेजर ने पहले तो मेरा हर जगह से माप लिया और फिर मुझे अंदर लेकर आ गयी. फिर मेरे अगाल बगल दो और लड़किया आ गयी. मई जैसे कोई महारनाही हू. फिर वो मेरे कपड़े उतारने लगी. और एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए.

फिर उन्होने मुझे नहलाया, मेरे बाल इतने बड़े नही थे तो वो भी गीले कर दिए. मेरे चुचे आज कुछ ज़्यादा बाहर दिख रहे थे. खैर उन्होने मुझे अकचे से सॉफ किया और पानही एकद्ूम सोक दिया.

फिर उन्होने लेज़र से मेरे छोटे छोटे बाल भी सॉफ करने स्टार्ट कर दिए. यहा तक की मेरी लुल्ली पर से भी और बॉल-सॅक पर से भी. फिर गांद पर से भी बाल सॉफ किए और कमर पर से भी.

फिर अकचे से मेरी पूरी बॉडी पर 2-3 तरह की क्रीम्स लगाई, आयिल्स लगाए. मेरी बॉडी किसी हॉलीवुड आक्ट्रेस की तरह चमकने लगी. फिर उन्होने मेरा मेक उप करना स्टार्ट कार्डिया. फेस पर भी उन्होने ना जाने क्या क्या लगाया.

फिर उन्होने मेरे जीतने भी बाल थे उनको पीछे करके बाँध दिया और मुझे एक विग पहनाई जो की आक्ची तरह मेरे सर पर चिपक गयी. फिर उस विग से उन्होने थोड़े बाल काटे और

मई एक बार सौम्या के साथ पार्लर गयी थी लेकिन वाहा पर उन्होने मेरा नॉर्मल मेक उप किया था. यहा तो ऐसा लग रहा था के लड़कियो को अप्सरा बनाया जाता है. उन्होने लगभग 5 घंटो तक ये पूरा प्रोसेस किया और तब तक मेरी ड्रेस भी आ गयी.

उसमे पुश-उप ब्रा थी और सॅटिन की पनटी थी ब्लॅक दोनो. पुश उप ब्रा मे मेरे चुचे बड़े बड़े दिख रहे थे और पनटी मे मेरी लुल्ली चुप गयी थी. फिर उपर से उन्होने ड्रेस पहना दी.

वो एक वन पीस ड्रेस थी और नह्िछे स्कर्ट टाइप मे थी जिससे अगर मई झुक जाो तो मेरी पूरी गांद दिख जाए. एक तो मेरी टांगे लंबी थी उपर से ड्रेस भी काफ़ी छ्होटी थी. तो उसमे मेरे पूरे लेग्स फ्लॉंट कर रहे थे.

फिर आख़िर मे उन्होने मुझे हील्स पहना दी जिसकी वजह से मेरी गांद और ज़्यादा बाहर की तरफ हो गयी. मई बॉम्ब लग रही थी उसमे. मैने तो सबसे पहले वही फुल मिरर मे एक पिक ली और तभी के तभी सौम्या को सेंड करदी.

मैने अलग अलग पोज़ मे अपनाही पिक्स नहिकाली और उन लड़कियो से भी क्लिक करवाई. मुझे टा था बाद मे मुझे मौका नही मिलेगा पिक्स लेने का. फिर मई बाहर आई और फिर मॅनेजर मुझे कार मे बैठकर ले आया मेरे डेस्टिनेशन पर.

वाहा पर मेरी मिस्टर. हॅंडसम मेरे शुगर डॅडी पर नज़र पड़ी. वो लगभग 6 फीट 4 इंच हाइट के हटते काटते 40 साल के मर्द थे. मई अभी तक अचंभे मे थी के इसको तो बोल्लयऊूद की आक्ट्रेसस भी अपनाही छूट देदे ये मुझपेर क्यू मॅर रहा है.

तो मई फिर अंदर आई उसके साथ. उसने मुझको डिन्नहिंग टेबल पर बैठा दिया सीधा और खुद ही खाना सर्व करने लगा. मैने ज़्यादा कुछ खाया नही क्यूकी मुझे टा था के लंड गांद मे ही लेना है.

पर्फेक्ट डटे जिसको बोलते है वो थी ये मेरे लिए. फिर हुँने काफ़ी सारी बाते शेर की. उन्होने ब्टाया के उनका घर मुंबई मे है वही उनकी बीवी बाकछे रहते है. और मैने भी अपना ब्टाया.

फिर मैने आख़िर कार पूछ ही लिया. “आपको ट्रांसगिरल्स मे ज़्यादा इंटेरेस्ट है सी-गर्ल्स मे”.

तो वो बोले “मेरे लिए दोनो ही सेम है लेकिन मई एक टाइम पहले थाइलॅंड गया था और वाहा पर मैने एक ट्रांसगिरल से मसाज लिया था. फिर हुँने सेक्स किया तो मुझे उसमे बोहोट ज़्यादा ही मज़ा आया था किसी भी नॉर्मल लड़की से भी ज़्यादा”.

मई :- लेकिन मुझे तो मसाज देना नही आता.

शुगर डॅडी :- वो भी आज़ाएगा लेकिन यहा इंडिया मे तुम जैसी मिलनही मुश्किल थी इसलिए तुम्हे अप्रोच किया. मई तुम्हारे हॉर्मोन्स का भी खर्चा देने के लिए तय्यार हू.

मई :- आप सच बोल रहे है?

शुगर डॅडी :- तुम्हे झूट लग रहा है ये?

मई :- नही आप चाहे तो क्या कुछ नही करवा सकते लेकिन मेरी सेक्षुवालिटी का मेरे मा बाप को नही टा है.

शुगर डॅडी :- कोई बात नही उनको भी बता देना और फिर अपना ह्र्ट प्रोसेस स्टार्ट कर देना. मुझे तुम्हारे उपर मोटे चुचे चाहिए.

मई :- आप ही हो अब इस बॉडी के मालिक. आप जो भी कुछ करना चाहते हो करो.

शुगर डॅडी :- ये हुई ना बात.

फिर उन्होने मुझे किस करना स्टार्ट कर दिया. मुझे जीतने भी लड़के छोड़ते थे हॉस्टिल मे मज़े के लिए या पैसे देकर वो कोई भी मुझे किस नही करता था. वो बस मेरी गांद मारते थे या मेरा मूह छोड़ते थे.

डॅडी इटनही पॅशनेट्ली मुझे किस कर रहे थे के मई सब कुछ भूल गयी और उनकी बाहो मे आकेर मई भी उनकी ज़ुबान से अपनाही ज़ुबान के पेंच लड़ने लगी. उनका एक हाथ पीछे मेरी गांद मसल रहा था.

फिर उन्होने किस करते करते ही मेरी ड्रेस उतारकर फेक दी और खुद भी उपर से नंगे हो गये. उनकी कसी हुई बॉडी देखकर मेरी लुल्ली लीक करने लगी थी. फिर उन्होने अपनाही पंत भी उतार दी और पूरे नंगे हो गये.

उनका 8 इंच का लंबा मोटा लंड मेरे सामने था. मैने देरी ना करते हुए सीधा उसको अपने मूह मे भर लिया. मई अपने घुटनो पर बैठी हुई थी. और वो मेरे मूह को छोड़ रहे थे.

फिर उन्होने मुझे उठाया और बेड पर लिटा दिया और फिर मेरी पनटी नहिकालकर मेरी छोटी सी लुल्ली को अपनाही दो उंगलियो से मसालने लगे और फिर उसको चूसने लगे. आअहह मेरा तो ये पहला ही एनकाउंटर था ऐसा.

किसी ने भी आज तक मेरी लुल्ली को अपने मूह मे नही लिया था. ये मोमेंट सही मे बोहोट पॅशनेट बन गया था मेरे लिए. फिर वो मेरे गोते भी मूह मे लेने लगे तभी मई झाड़ गयी.

उन्होने पेट पर पड़ा हुआ मेरा पानही अपनाही एक उंगली पर लिया और उसको मुझे चाताया. फिर मुझे दोबारा किस करने लगे अपनाही ज़ुबान मेरे मूह मे डालकर. मई बोहोट ज़्यादा गरम हो चुकी थी.

मई चाह रही थी के बस अब मेरी गांद का भरता बना दें डॅडी. और फिर वो पल भी आ गया और उन्होने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांद मे अपना लंड डालने लगा दिया. और फिर तेल डालकर उसको अंदर पुश कार्डिया.

मेरी गांद ने पहले ही इतने लंड ले लिए थे. उनका लंड आसानाही से पूरा अंदर चला गया. और फिर मुझे अकचे से छोड़ने लगे. मई फिरसे कंट्रोल नही कर पाई और उनके तेज़ तेज़ झत्तक्ो ने मुझे फिरसे झड़ने पर मजबूर कार्डिया.

फिर वो नह्िछे लेट गये और उन्होने मुझे अपने उपर बैठा लिया और मैने भी उनका लंड अपनाही गांद के अंदर डाल लिया और उनके लंड पर कूदने लगी. मेरी लुल्ली मेरे साथ साथ उपर नह्िछे कूद रही थी.

मई तो उनके स्टॅमिना से शॉक हो गयी थी क्यूकी काफ़ी देर हो चुकी थी हमे चुदाई करते हुए. लेकिन वो अभी तक झाडे नही थे. अब मई भी थकने लगी थी तो उन्होने लंड अंदर डाले हुए ही मुझे नह्िछे लिटा दिया.

फिर उन्होने मुझे मिशनरी पोज़िशन मे छोड़ना स्टार्ट कर दिया और फिर थोड़ी देर बाद उन्होने अपने झततक्े तेज़ कर दिए और फिर एकद्ूम से मेरी गांद से अपना लंड नहिकाला और मेरी च्चती पर आकेर बैठ गये और अपना लंड मेरे मूह मे डाल दिया.

उन्होने मेरे मूह मे अपना सारा माल नहिकाल दिया. मई भी उसको गतक गयी और फिर वो बराबर मे ही लेट गये. अब मई बोहोट तक गयी थी तो मई सो गयी. मई उनके पास 3-4 दिन रही और उन्होने मेरी दमदार चुदाई की.

उन्होने मुझे वाहा के पार्लर की फ्री सर्विस दे दी थी और मई वाहा पर कुछ भी करवा सकती थी. उन्होने मेरे हॉर्मोन्स का भी खर्चा उठा लिया था. डॉक्टर्स से भी मई मिल ली थी और सब कुछ डिसाइड भी करलिया था.

फिर मेरे कॉलेज खुल गये तो मई वाहा पर आ गयी. अब मई कॉलेज भी गर्ल क्लोद्स मे ही जाने लगी. अब ये बात भी मेरे घर तक तो पोुंचनाःी थी. तो मेरी घर पर भी लड़ाई हो गयी और उन्होने मुझे घर से भी नहिकाल दिया.

सौम्या से भी मेरी ठीक तक ही बात होती थी. लेकिन अब सौम्या कॉलेज मे कम ही आती थी ज़्यादातर बाहर ही रहती थी. उसने मुझे ब्टाया के उसका कोई ब्फ है लेकिन कॉलेज के बाहर है.

लेकिन उसने ना तो मुझे उसकी पिक दिखाई थी. ना ही कभी मिलवाया और ना ही कोई सोशियल मीडीया पर कोई पोस्ट देखी तो मुझे कुछ ना कुछ गड़बड़ लग रही थी लेकिन मैने कभी जाननने की कोशिश भी नही की.

तो आयेज क्या हुआ पढ़िए अगले पार्ट मे तब तक के लिए.

धन्यवाद.

यह कहानी भी पड़े  सविता भाभी : जुड़वां चक्कर- दोहरी मस्ती दोहरा मजा

error: Content is protected !!