बस मे मिली पूजा की चूत

मेरा नाम सुमित है और आज मैं आपको अपनी एक अच्छी और सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ. पर उससे पहले मैं आपको अपने बारे मे थोड़ा बताना चाहता हूँ जो की बेहोट ज़रूरी है.

मेरा नाम तो आप पहले ही जान चुके है. अब मैं आपको अपने बारे मे थोड़ा कुछ और बताता हूँ. मेरी उमर 26 साल है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ. मैं दिखने मे स्मार्ट हूँ और अभी तक कुवरा हूँ. मैं एक बिज़नेस मैन हूँ और बिज़नेस के चक्कर मे कभी इधर तो कभी उधर जाता रहता हूँ.

जैसा की मैने आपको बताया है की मैं कुवरा हूँ तो ये कामन सी बात है की मेरा लंड भी बहोत तड़प रहा होगा. पर मैने अपनी ज़िंदगी मे बहोत ही चूतो को मारा है और अपने लंड की प्यास भुज़ाई है.

वैसे मैं बहोत ही ज़्यादा चुदक्कड़ टाइप का इंसान हूँ और मुझे सेक्स करना भी बहोत पसंद है. सबसे ज़्यादा मुझे चूत को चाटने मे और चाट चाट कर उसका पानी निकालने मे मज़ा आता है. मैने कई बार लड़कियो के साथ सेक्स किया है और सबके साथ मैने ऐसे ही किया है.

सबसे ज़्यादा मैने कुवारि लड़कियो का पानी निकाल कर पिया है और फिर उनकी चूतो को अपने हथियार से ठंडा किया है.

ये सब तो मैने अपने बारे मे आपको बताया है पर असल मे जिस लंड का बार- बार जीकर हो रहा है उसके बारे मे तो कुछ बताया ही नही है. मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है जो की चूत की प्यास को आसानी से भुजा सकता है.

तो अब मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ क्योकि मैने अपने बारे मे आपको काफ़ी कुछ बता दिया है. इसलिए अब कहानी पर चलते है. ये कहानी आज से कुछ समये पहले की है जब मैं अपने बिज़नेस के चक्कर मे लखनऊ से आगरा जा रहा था.

मुझे ट्रेन मे ट्रेवल करना कम्फ़र्टेबल लगता है पर मेरा बिज़नेस का टूर अचानक ही बना था जिसकी वजह से मुझे ट्रेन मे सीट बुक नही हो पाई थी. इसलिए अब मैने बस मे जाने का सोचा और बसस्टैंड आ गया.

जब मैं बसस्टैंड पर पहुचा तो देखा की एक आगरा जाने वाली बस खड़ी थी. पर बस मे भीड़ थी और मेरा टाइम पर पहोचना भी ज़रूरी था इसलिए मैं उस बस मे चॅड गया. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

बस मे सीट सारी बुक थी इसलिए मैं खड़ा ही रहा. जहा पर मैं खड़ा था वाहा पर थ्री सीटर पर एक फैमिली बैठी हुई थी. जो की एक हस्बैंड वाइफ थे और उनकी मम्मी भी थी. जिस साइड पर मैं खड़ा था उस तरफ वो लड़का बैठा था और साथ मे उसकी मम्मी बैठी थी और विंडो वाली तरफ उसकी बीवी बैठी थी.

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मैने पहले तो इतना ध्यान नही दिया पर बाद मे ध्यान दिया तो पता चला की वो लड़की मुझे देखी ही जा रही थी और उसने बुरखा भी डाल रखा था जिसकी वजह से उसका फेस पूरी तरह से ढका हुआ था.

जब वो मुझे देख रही थी तो फिर मैं भी उसकी तरफ ध्यान देने लग गया था. वो मुझे बार बार ऐसे ही देख रही थी जिसकी वजह से मेरे ध्यान भी अब उसकी तरफ था.

मैं भी उसे अब देखने लग गया था और उसको इशारे से कहने लग गया की अपना फेस दिखा दो. तो वो भी पानी पीने के बहाने से अपना फेस अपने भूरके को उप्पर किया और पानी पिया. जब उसने ऐसा किया तो मैं उसका फेस देखता ही रह गया. क्या मस्त गोरा चिकना था उसका फेस और उप्पर से उसके पतले- पतले होंठ जिसको उसने मुझे देख कर दातो से काट दिया था.

ये देख कर मेरा लंड खुद ही खड़ा हो गया और उसको चोदने के लिए बेताब हो गया. वो भी बार बार मेरे लंड की तरफ देख रही थी तो मैने भी उसे अपना लंड हाथ से मसल कर दिखा दिया. जिससे उसे लंड के साइज़ का पता चल गया.

फिर मैं और वो तो बस मोके की तलाश कर रहे थे क्योकि मैं उसे अपना लंड चुसवाना चाहता था. मैं खड़े खड़े ही उसको फ्लाइयिंग किस दे रहा था जिसको पा कर वो बहोत खुश हो रही थी.

रात भी काफ़ी हो चुकी थी इसलिए हमे मोका मिल सकता था. फिर अचानक उस लड़की को वॉमिटिंग जैसा फील हुआ तो उसने उसे विंडो सीट से उठ कर उसकी सीट पर आने को कहा. ये सुन कर वो खुशी खुशी उठी और अपने पति की सीट पर आ कर बैठ गई. मैं भी उसके साथ वही पर खड़ा था इसलिए अब मैने लंड को उसके कंधे पर लगाना शुरू कर दिया.

हम दोनो बस एक ही चीज़ का ध्यान दे रहे थे की बस मे सब सो जाए और खास कर उसका पति और मम्मी. पहले तो मैं ऐसे ही उसके कंधे पर काफ़ी देर तक लंड को रगड़ता ही रह गया.

काफ़ी देर बाद जब उसका पति और मम्मी सोए तो फिर मैने अपना खेल खेलना शुरू कर दिया. अब मैने नीचे बैठ कर पहले तो बुरखे को उप्पर उठा कर उसके पतले पतले होंठो का रस पिया.

क्या स्वाद था उसके होंठो का और फिर मैं अपने लंड को मूह मे लेने को कहा तो उसने मुझे मना नही किया. तब मैं समझ गया की वो भी मेरे लंड को लेने के लिए बेताब है.

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अब मैने लंड को उसके बुरखे के नीचे किया और फिर जब उसने अपनी पतली सी जीब मेरे लंड पर लगाई तो मानो मैं तो जैसे पागल सा ही हो गया.. अब मैने लंड को उसके मूह मे डाला और खुद ही उप्पर नीचे करने लग गया. वो भी मस्त हो कर मेरे लंड को चूस रही थी और चूसी ही जा रही थी.

पूजा के ऐसे चूसने के बाद तो मैं पागल ही हो गया और ऐसे ही लंड को चुसवाता रहा. फिर मैने उसके ऐसे चूसने पर 20 मिनिट बाद अपना पानी निकाल दिया. जो की मैने उसके मूह मे ही निकाला था और उसने भी मज़े से सारा पानी पी लिया.

अब मैं उसकी चूत को चाटने के लिए बेताब हो रहा था और शायद वो भी मुझसे चुसवाने के लिए बेताब हो रही थी. इसलिए मैने अपने चारो तरफ देखा तो सब सो रहे थे. अब मैने भी खड़े खड़े रह कर थकने का बहाना करके नीचे बैठ गया.

मैने बिना कोई देर करते हुए उसकी चूत पर अपना मूह रख डाला. मेरे मूह को रखते ही उसके मूह से आहह आहह निकल गई और मैं बिना कुछ सोचे समझे उसकी चूत को ऐसे ही चट्टा रहा.

वो भी मज़े मे मेरा सिर अपने अंदर घुसा कर चूत को चुस्वाई जा रही थी. फिर मैने अपने इन्ही हाथो से उसके बूब्स को भी दबाया जो की बहोत ही मस्त थे.

फिर मैने अपनी जीब को चूत मे डाल कर उप्पर नीचे किया जिससे वो और ज़ोर ज़ोर से आह करने लग गई. अब मैने भी बजाए कोई देर किए उसकी चूत का सारा पानी निकाल दिया और फिर दुबारा से खड़ा हो गया.

कहानी पढ़ने के बाद कृपया अपना फीडबॅक नीचे कॉमेंट सेक्शन मे ज़रूर लिखिए, या फिर आप मुझे ईमेल भी कर सकते है और अब फॉलो कीजिए देसिकहानी फ़ेसबुक और गूगल+ पर.

मैने आगरा पहोचने से पहले उसको अपना नंबर दिया और हम फिर आगरा पहोच कर अलग अलग हो गये. फिर जब मैं लखनऊ आ गया तो उसके एक हफ्ते बाद उसकी कॉल आई और फिर मैने उसको और उसकी ननंद को भी छोड़ डाला.

ये सब कैसे हुआ और कहा हुआ वो मैं अपनी अगली कहानी मे आपको बताऊंगा. तब तक के लिए बाइ.

और दोस्तो, आप सब को मेरी ये कहानी कैसी लगी प्लीज़ नीचे दिए हुए कॉमेंट्स बॉक्स मे लिख कर ज़रूर बताना. मुझे आप के कॉमेंट्स और ईमेल्स का बेसबरी से इंतज़ार रहेगा

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