लड़का चुदा अपने बाप के दोस्त से

मेरा नाम मयंक है. मैं लुक्कणोव से हू. 19 साल का एक-दूं गोरा, 5.7 फीट हाइट, तोड़ा बहुत मोटा हू, इसलिए डेली घर पर ही योगा और एक्सर्साइज़ करता हू, जिससे मेरी थाइस, चेस्ट, और गांद अब उबर कर आने लगी है. बिल्कुल स्मूद बॉडी है मेरी, एक भी बाल नही है पूरी बॉडी पर. बचपन से ही मुझे लड़के बहुत आचे लगते है.

मेरे पापा फाइनान्स डिपार्टमेंट में है. मम्मी हाउसवाइफ है, एक बेहन है जो अभी स्कूल में है, और एक बड़ा भाई है जो प्राइवेट जॉब करता है. एक दिन पापा के फोन पर कॉल आया. उनके दोस्त के पैर में चोट लग गयी थी. तब मैं पापा को बिके पर उनके दोस्त के घर लेकर गया.

वाहा पापा के 2 दोस्त और भी आए हुए थे. पापा के दोस्त (अजय), 45 एअर, 6 फीट हाइट, हेरी जिम टाइप मस्क्युलर बॉडी बहुत स्मार्ट थे. एरफोर्स से रिटाइयर्मेंट ले रखी थी. अब किसी स्कूल मैं काम करते थे. उनकी वाइफ से डाइवोर्स के बाद उनके बच्चे भी वाइफ के साथ ही रहते थे. लुक्कणोव में अजय अंकल का कोई नही था उनके दोस्तों के अलावा.

पापा: यार मेरे घर चल, वाहा तेरा द्‍यान हम रख लेंगे.

सभी अंकल को साथ ले जाने के लिए ज़िद कर रहे थे. लेकिन अंकल बार-बार माना ही कर रहे थे.

पापा: यार मैं रुक जाता हू यही.

अजय: यार क्यूँ टेन्षन ले रहा है? तुझे देल्ही भी तो जाना है मीटिंग के लिए. मेरे लिए क्यूँ परेशन हो रहे हो?

पापा को देल्ही किसी काम से जाना था. इसलिए उन्होने थोड़ी देर सोचा और फिर बोले.

पापा: हा यार जाना तो है. मयंक रुक जाएगा तेरे पास तेरा द्‍यान रख लेगा.

सभी दोस्त इस बात पर “हा ठीक है ठीक है बोलने लगे”.

अंकल पहले तो माना ही कर रहे थे. बुत सब ज़िद कर रहे थे, इसलिए वो मान गये.

अजय: यार बच्चा है, परेशन हो जाएगा.

पापा: तू कुछ मत सोच. मैने सूरज (पापा के एक दोस्त) को कॉल कर दिया है, वो भी 2-3 दिन में आ जाएगा. तब तक मयंक है तेरे साथ.

ये बोल कर पापा चले गये, और पापा कुछ देर बाद हमारा खाना और मेरा बाग लेकर आ गये. हम सब ने खाना खाया, और सब अपने-अपने घर चले गये. अजय अंकल और मैं रात में जल्दी सो गये. नेक्स्ट मॉर्निंग मेरी आँख नही खुली. तभी अचानक बॉटल गिरने का साउंड आया.

मैं: अंकल मुझे बोल देते क्या लेना है. आप क्यूँ परेशन हो रहे हो?

अजय: मुझे वॉशरूम जाना है.

मैं अंकल को वॉशरूम तक ले गया. उसके बाद मैने घर का सारा काम करके ब्रेकफास्ट रेडी किया.

मैं: आप खा लो, तब तक मैं नहा कर आता हू.

अजय: मेरी वजह से तुम कितना परेशन हो रहे हो.

मैं: नही अंकल, आप मेरे पापा के जैसे ही तो हो, ऐसे मत सोचो आप.

नहा कर टोलिए में ही मैं रूम में आ गया.

अजय अंकल मुझे देख कर बोले: वाह बेटा, क्या बदन है तुम्हारा.

मैं: कहा अंकल, बॉडी पर तो काम करना है अभी.

अजय अंकल बिस्तेर पर लेते हुए थे.

तभी वो बोले: लेकिन चड्डी बड़ी मस्त है तेरी.

इस पर हम दोनो ही हासणे लगे. मैने अंकल को मेडिसिन दी, उसके बाद अंकल सो गये. तब तक मैने सारा काम फिनिश कर दिया. बहुत बिखरा हुआ था पूरा घर. 2 बजे मैने अंकल को उठाया. अब हम दोनो खाना खा कर बिल्कुल फ्री हो कर बात करने लगे. तभी अंकल अपनी कमर और चेस्ट पर खुजली करने लगे.

मैं: क्या हुआ अंकल? सब ठीक है ना?

अंकल: मयंक बेटा, वो जब से पैर में लगी है, मैं नहा नही पा रहा इसलिए.

मैं: कोई नही मैं हू ना, आप रूको तोड़ी देर.

मैं बेडरूम में ही पानी की बाल्टी ले आया.

अजय अंकल: यहा कैसे, और मेरे पैर में पट्टी भी लगी हुई है, वो गीली हो जाएगी.

मैं: अंकल आप चेर पर बैठ जाओ, और अपने पैर सामने वाली चेर पर रख लो. फिर कपड़े निकाल कर यहा बेड पर रख दो.

अंकल ने शर्ट और बनियान निकाल दी. उनकी चेस्ट बालों से भारी हुई थी. लेकिन उनसे पाजामा नही निकल रहा था.

मैं: रूको मैं खोल देता हू पाजामा.

मैने बेड पर बहुत प्यार से अंकल का पाजामा खोल दिया. अब वो ब्लॅक अंडरवेर में थे. मैं उनको चेर पर बिता कर बहुत प्यार से धीरे-धीरे उनके बदन को सॉफ करने लगा. अंकल के इतने करीब आ कर मेरे अंदर हवस जाग रही थी. मैं बहुत प्यार-प्यार से उनकी जांघों को सॉफ करने लगा.

धीरे-धीरे अंडरवेर के पास सॉफ करते-करते वो तोड़ा घबराने लगे. मैं बहुत प्यार से उनके अंडरवेर के पास ही करता रहा. अब उनके लोड ने थोड़ी हरकत करनी स्टार्ट कर दी थी, लेकिन उनको ये नॉर्मल नही लग रहा था.

अजय: बेटा बस हो गया. बाकी जब पट्टी उतार जाएगी, तब नहा लूँगा.

शायद वो अपना खड़ा लोड्‍ा मुझसे च्चिपाना चाहते थे. अंकल को ऐसे देख कर मेरा मूड भी बनने लगा था. ऐसे ही 2 दिन तक मैं अब जान-बूझ कर अंकल के सामने शॉर्ट्स में ही रहने लगा. अंकल के रूम का गाते खोल कर ही घर के मैं हॉल में एक्सर्साइज़ करता. वो हर बार मुझे देखते ही रहते थे.

2 दिन बाद अंकल को डॉक्टर के पास लेकर गये. वाहा उनकी पट्टी अब हटा दी थी. घर आते-आते हमे 2 बाज गये.

मैं: आप आराम कर लो, मैं खाना बना देता हू.

मैं खाना बना कर आया. तभी अंकल बहुत प्यार से बोले-

अजय: आज नहाने का मूड हो रहा है. लेकिन वॉशरूम में अगर मैं फिसल गया तो?

मैं समझ गया था वो क्या बोलना चाहते थे.

मैं: कोई नही अंकल, मैं हू ना. घर के आँगन में ही नहा लो. मैं चेर लगा देता हू. घर का गाते हमेशा ही लॉक होता है.

अजय: मयंक मेरे कपड़े तो उतार दे.

आज सब मेरे हिसाब से ही हो रहा था. मैने भी पुर जोश से उनको अंडरवेर में कर दिया. फिर चेर पर बिता कर मैं बहुत प्यार से उन पर पानी डाल रहा था.

अजय: तू गीला हो जाएगा, तू भी उतार ले अपने कपड़े.

बस फिर क्या था. मैं भी सब उतार कर अंकल के सामने अंडरवेर में ही आ गया. अजय अंकल मेरी चुचो को पकड़ कर बोले-

अजय: मयंक तेरा बदन कितना स्मूद है.

मैं: आप भी बाल कम रखा करो. आपका भी स्मूद हो जाएगा.

अजय: तू हटा दे फिर, तुझे किसने रोका है?

मैने मेरे बाग से हेर रिमूवल क्रीम अंकल की चेस्ट और अंडरआर्म पर लगा कर उनके सारे बाल रिमूव कर दिए. क्रीम लगते हुए वो बार-बार मेरी कमर को पकड़ लेते. ये सब करते-करते अंकल का लोड्‍ा हरकत करने लगा. अंडरवेर में भी अंकल का लोड्‍ा बहुत फूला हुआ लग रहा था. मैं मज़े लेते हुए.

मैं: बस हो गये या अभी और है?

अजय: अंडरवेर के साथ ही नहलाएगा क्या? तो फिर नीचे के भी कर दे.

ये बोलते-बोलते अंकल ने अंडरवेर निकाल दी. उनका लोड्‍ा अभी पूरा खड़ा भी नही था, फिर भी 4.5 इंच लंबा और मोटा था. मेरा तो लोड पर से ध्यान भी नही हट रहा था. अजय अंकल ने मेरे हाथ पकड़ कर कहा-

अजय: हटा बाल, अब क्या देख रहा है? तेरे पास नही है क्या?

मैं तो बिल्कुल चुप हो गया था इतना मोटा लोड्‍ा देख कर. मैने जैसे ही क्रीम लगाई, उनका लोड्‍ा हरकत करने लगा. थोड़ी देर में सारे बाल रिमूव हो गये. मेरा ध्यान अभी भी लोड पर था. मैने अंकल पर पानी डाल कर जैसे ही साबुन लगाया, मेरा ध्यान अभी भी लोड पर ही था.

फिर लोड के पास बैठ कर मैं बड़े प्यार से साबुन लगा कर उसे सॉफ करने लगा. तभी अंकल मेरे हाथ से अपने लोड को हिलने लगे, और मेरे उपर पानी डालने लगे. मैं अभी भी लोड्‍ा हिला रहा था. अब लोड्‍ा पूरा कड़ा हो कर 8 इंच लंबा हो गया था.

अजय: सिर्फ़ हाथ से ही हिलता रहेगा. अब मूह में लेले मेरी जान.

मैं: कितना मस्त लोड्‍ा है आपका अंकल.

मैं पुर जोश से एक साथ पूरा लोड्‍ा मूह में लेकर चूसने लगा. पता नही मुझे क्या नशा हो गया था. ये पहली बार था, जब मैं किसी का लंड मूह में लेके चूस रहा था. अंकल भी मेरा सर पकड़ कर बहुत तेज़-तेज़ मेरा मूह छोड़ रहे थे.

अजय: मयंक क्या मस्त चूस रहा है. मूड ही बना दिया यार.

अंकल मेरी अंडरवेर में हाथ डाल कर मेरे च्छेद को दबाने लगे. फिर मुझे पूरा नंगा कर दिया. 5 मिनिट तक चूसने के बाद.

अजय: मयंक रूम में चल, आज पुर मज़े करेंगे. बहुत दिन हो गये.

मैं: जो हुकुम मेरे मालिक.

हम दोनो ही हासणे लगे. अंकल फिर बेड पर लेट गये, और फिरसे मैने उनका लोड्‍ा चूस-चूस कर गीला कर दिया.

अजय: तुम आयिल लेकर आओ.

मैं आयिल लेकर आया. अंकल मेरी गांद में आयिल लगते लगते मेरी गांद में उंगलियों को अंदर-बाहर करने लगे.

अजय: बीसी क्या मस्त चिकनी गोल-गोल गांद फूला रखी है. पहले भी मरवाई है क्या?

मैं: नही अंकल आपका लोड्‍ा पहला होगा जो इसे खोलेगा.

अंकल ने मेरी गांद के अंदर तक बहुत सारा आयिल लगा कर अपने लंड पर भी आयिल लगा दिया. अब मैं अंकल के उपर धीरे-धीरे लोड को अपने अंदर लेने लगा. बहुत दर्द हो रहा था. मैने लोड्‍ा बाहर निकल दिया.

फिर अंकल मिशनरी पोज़िशन में मेरी गांद में आयिल लगा कर फिरसे लोड्‍ा घुसने लगे. एक ज़ोर का झटका मारा, और उनका टोपा मेरी गांद में घुस गया.

मैं: बाहर निकालो, बहुत दर्द हो रहा है. ह.

तभी उन्होने एक और झटके के साथ आधा लोड्‍ा मेरे अंदर कर दिया. मैं बहुत तेज़ चीखने लगा. उन्होने मेरे मूह पर हाथ रख दिया, और धीरे-धीरे आयेज-पीछे करके मेरी गांद मारने लगे. 5 मिनिट वो ऐसे ही मुझे छोड़ते रहे. अब मेरा रोना भी बंद हो गया था. उन्होने तभी एक और झटके के साथ पूरा लोड्‍ा मेरे अंदर कर दिया.

मैं अंकल को डोर करने की कोशिश करने लगा. लेकिन वो पुर जोश में थे. धीरे-धीरे झटकों के साथ वो मेरी गांद मारने लगे. अब अंकल एक साइड मुझे लिटा कर खुद मेरे पीछे लेट गये, और मेरी गांद में लोड्‍ा डाल कर मुझे छोंदे लगे.

फिर मेरे एक पैर को उपर करके अब ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लगे. पूरा पलंग अंकल के झटकों से हिलने लगा. मेरी गांद में अभी भी दर्द हो रहा था. अंकल का 8 इंच लंबा लोड्‍ा मुझे मेरे पेट तक फील हो रहा था. मैने अपना हाथ गांद के च्छेद पर लगा कर देखा, तो वाहा से खून निकल रहा था.

इसी पोज़िशन में 20 मिनिट छोड़ते-छोड़ते अंकल ने लोड्‍ा बाहर निकाल कर मेरी कमर पर सारा माल निकाल दिया. मुझे पीछे से पकड़ कर मेरी गांद दबाते हुए बोले-

अजय: क्या मस्त गांद है मयंक तेरी. आज तूने दिल खुश कर दिया.

फिर अंकल मुझे किस करने लगे. मुझे दर्द हो रहा था, लेकिन आज मैं बहुत खुश था.

मैं: क्या हम रोज़ प्यार कर सकते है?

अजय: ये भी कोई पूछने की बात है. लोवे योउ बेटा.

फिर हम दोनो सो गये.

स्टोरी का नेक्स्ट पार्ट बहुत जल्द आएगा.

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