कोमल दीदी बनी 2 लड़को की रंडी कुत्तिया

हेलो दोस्तो जेसा आपको टा ह की मेने कोमल दीदी को रात मेी छोड़ा. और हम ऊड्ट कर ही रेडी हो गये पेपर देने के लिए. कोमल दीदी ने ब्लॅक रंग की पाजामी और एक ब्लॅक रंग लोंग कुरती डाली हुई थी. कोमल दीदी की पाजामी उसकी गांद से एक दम चिपकी हुई थी और थी भी बहोट मोटी मस्त लग रही थी. जिसे देख कर बहोट से लवदे खड़े हो गये थे.

हम सेंटर पहुच गये और मेी भहर ही कोमल दीदी का वेट करने लगा. 3 अवर्स बाद कोमल दीदी खिल खिलती हुई बाहर आई. और मुझे से बोली की भाई ये पेपर तो क्लियर हो गया. जो पेपर राकेश ने दिया था स्वॅब कुछ सेम व्ह मिला. चलो अब रूम पे चलते है. और ह्यूम भूख भी लग रही थी शाम के 6 बाज गये थे.

हम रूम मेी आ गये और तभी राकेश और सलीम भी आ गये. वो बोले की बताओ कोमल केसा रहा पेपर? तो कोमल दीदी बोली की सब कुछ वही मिला जो तुमने दिया था.

राकेश : तो फिर अब ह्यूम मिलेगा जो ह्यूम चाहिए?

कोमल : हा जी जो चाहिए मिलेगा.

सलीम : तो ठीक है हम मार्केट से कुछ खाने पीने का समान लाते है और आके मिलते है. इतने मे तुम नहा धो के फ्रेश हो जाओ. अब तुम बिना पनटी और ब्रा के ही जो तुम्हारे पास है वो पलज़ू और टॉप वो पहनना लिनिंग वाला पलज़ू. जिसकी लिनिंग तुम्हारी गांद से शुरू होती है.

कोमल दीदी : ओक जी मई पहन लूँगी उसे ही.

तभी फिर मई और सलीम और राकेश रूम से निकल गये और मार्केट आकर हुँने एक 1 बोतल दारू की ली. और सिगरतते भी ली और खाना भी पॅक करवा लिया और हम रूम पे आ गये.

जेसे ही कोमल दीदी ने गेट खोला तो हम उसे देखते ही रह गये. कोमल पलज़ू और टॉप मेी क्या लग रही थी. फिर हम अंदर आ गये और गाते बंद कर दिया, अब कोमल को राकेश ने बोला-

राकेश : चल साली तू हुमारे लिए पटियाला पेग बना कर पीला.

फिर कोमल ने हमारे लिए आंद्र से ग्लास लाई और स्वॅब के लिए पेग ब्ना कर दिए. हम पीने लगे, कोमल ने भी अपना पेग ख़तम किया. तो सलीम ने कोमल को बोला की आ साली मेी गॉधी मेी बेत कर पेग बना. सलीम ने कोमल दीदी का हाथ पकड़ा और उसे अपनी गॉधी मेी बेता लिया.

राकेश : सलीम साली के बूब्स बहोट मस्त है यार!

सलीम : यार बूब्स न्ही स्वॅब कुछ मस्त है भंकीलोड़ी का!

अब सलीम ने कोमल दीदी के बूब्स अपने हाथो मेी लेके दबाने लगा. कोमल दीदी आहहः ऑश सलीम आराम से अहहाः हाअ मुऊऊ अहः…
सलीम कोमल दीदी के टॉप से बूब्स को पूरा रग़ाद रहा था. कीयू की दीदी ने अंदर ना तो ब्रा पहना था और ना ही पनटी. अब हम स्वॅब नशे मेी हो गये थे.

राकेश – रजत तेरी बेहन बहोट मस्त माल है, साले क्या गांद और बूब्स है इसकी. इस पलज़ू मेी क्या मस्त लग रही है कुटिया साली!

अब दोनो ने कोमल दीदी को खड़ा कर दिया और दोनो आयेज पीछे से कोमल दीदी की गांद और बूब्स को मसलने ल्गे. दीदी बिना ब्रा और पनटी के पूरा पलज़ू मेी से गांद को मसलवा रही थी.

सलीम ने आयेज से कोमल दीदी की चूत पे हाथ र्ख दिया. तो जेसे ही सलीम ने अपना हाथ रखा तो देखा कोमल दीदी की छूट पहले से ही गीली हो रही थी.

फिर सलीम ने पलज़ू के उपर से ही छूट को मसलना चालू किया. तो कोमल दीदी की छूट के पानी से पलज़ू आयेज से पूरा गीला हो गया. अब आयेज से सलीम ने कोमल दीदी के राशीले गुलाभी लिप्स को चूसना चलो किया. दीदी भी सलीम का पूरा साथ दे रही थी. सलीम अपने मूह मेी थूक लेके कोमल दीदी के मूह मेी डाल रहा था और कोमल दीदी की ज़ीभ और लिप्स को चूस रहा था.

पीछे से राकेश भी कोमल दीदी की गांद को ज़ोर से दबा रहा था. मई उन दोनो को ये स्वॅब करते देख रहा था वो सब और कोमल मेरी तरफ देख कर थोड़ी स्माइल कर रही थी.

फिर राकेश ने कोमल को नीचे बेता दिया और दोनो ने अपना लवदा निकाला और कोमल दीदी के मूह के आयेज कर दिया. कोमल दीदी राकेश के 7 इंच लंबे और 2इंच मोटे लवदे को हाथ मेी लेकर चूसने लगी. उधर सलीम ने भी अपना कला 8इंच और 3इंच मोटा लवदा को कोमल के मूह मेी दे दिया. कोमल दोनो के लवदे लेकर चूसने लगी बारी बारी.

तभी राकेश ने कोमल दीदी के मूह मेी बहोट सारा ठुका और पूरा लवदा गले तक डाल कर मूह को छोड़ने लगा.

कोमल दीदी मुहह उूुउउ मुऊऊउ नुउऊउ उन्न्ञन् कर रही थी. दीदी के मूह से थूक लार बन कर कोमल दीदी के कपड़ो पर गिर रही थी. कोमल दीदी का पलज़ू भी पूरा थूक से गीला हो गया था और थूक मूह से होता हुआ गले तक बह रहा था.

अभी राकेश ने पूरा लवदा गले तक उतार दिया कोमल दीदी के बाल पकड़ कर और ज़ोर से छोड़ने लगा मूह को और फिर एक ही जटके मेी निकल दिया लवदा. कोमल दीदी हफ्ते होये ज़ोर ज़ोर से खसने ल्गी. और कहने ल्गी क्या बदतमीज़ी है ये.. ऐसे थोड़े ही कोई करता है.. मुझे साँस भी न्ही आ रहा था पूरा गले तक उतार दिया था तुमने अपना ये लवदा.. कोमल दीदी की ऐसी बात सुन के हम हासणे ल्गे.

तभी सलीम ने कोमल दीदी के बाल पकड़े और ज़ोर से कोमल दीदी की गाल पे एक थप्पड़ मारा और मूह पे ठुका. फिर अपना लवदा कोमल दीदी के मूह मेी दिया और मूह को छोड़ने लगा.

सलीम : श साली कोमल क्या गरम मूह है तेरा.. जी कर रहा है ऐसे ही छोड़ता र्हू तेरे इस मूह को..

और सलीम अपना लवदा गले तक उतार डेउटा कोमल के. कोमल दीदी के आयेज से सारे कपड़े थूक से गीले हो गये थे और उनकी आखो से आँसू निकल गये थे.

फिर सलीम ने कोमल को खड़ा किया और कोमल दीदी का टॉप उतार दिया और दोनो एक एक बूब्स चूसने लगे, काटने ल्गे. कोमल दीदी आहह श सलीम न्ही राकेश श मा न्ही आर्म से… श एस चूसो मेरे बूब्स को आहः…

ये स्वॅब देख के मेरा लवदा खड़ा हो गया था. मई भी अपना लवदा निकल कर मूठ मरने लगा.

फिर राकेश ने कोमल दीदी का पलज़ू निकल दिया. अब वे 3नो पुर नंगे हो गये थे. अब आयेज से राकेश ने कोमल दीदी की छूट मेी उंगली करनी चालू कर दी तेज तेज.

कोमल दीदी : आहः राकेश श एस आहहा ब्स निकल लो ऑश मा राकेश अहहाः उन्निी मा…

राकेश : श साली छीनाल क्या गरम छूट है तेरी भंकीलोड़ी ऑश ईए…

पीछे से सलीम भी कोमल दीदी की गांद को चाट रहा था नीचे बेत कर. स्वॅब देख कर मेरा बुरा हाल हो रहा था. कोमल दीदी ने जो पलज़ू पहना था उसपे उसकी छूट का पानी लगा हुआ था. जिसे मेी लेके छत रहा था और मूठ मार रहा था.

इसे देख कर सलीम कोमल को कहता है : देख साली रंडी तेरा भाई केसे तेरी छूट का पानी पी रहा है. साला कितना प्यासा है तेरी छूट के पानी का.

कोमल दीदी : हा ये साला कुयता बहोट प्यासा है मेरी छूट के पानी का. इसकी बेहन को आज इसके सामने ऐसे छोड़ना की ये आज डेक्ता ही रह जाए की आज इसकी बेहन केसे चुड रही है. भंकीलोदे के बहोट शोक है अपनी बेहन छुड़वाने का!

कोमल दीदी : रजत साले सुन..

मई : हा दीदी?

कोमल दीदी : तेरी मा की छूट भंकीलोदे देख आज तेरे 2 जीजा केसे छोड़ेगे तेरी बेहन को!

मई : श दीदी आज तो आपकी चूत को पूरा निच्चोड़ देगे ये.

कोमल दीदी : हा साले ये देख सलीम का लवदा कितना मोटा और लंबा है. आज पहली बार किसी मुस्लिम का लवदा जाएगा आज तेरी बेहन की छूट मेी! आ मेरे पास देख हाथ मेी लेके कितना गरम है ये लवदा!

मई गया दीदी के पास और सलीम का लवदा हाथ मेी लिया तो वो बहोट ग्राम हो रहा था. फिर कोमल दीदी को बेड पे लिटा दिया और सलीम ने कोमल दीदी के पेर अपने कंधो पे रख दिया.

कोमल दीदी : सलीम आराम से तुम्हारा बहोट बड़ा लवदा है आर्म से.

सलीम : हा मेरी कुटिया आर्म से ही करूँगा. यकीन न्ही है तो अपने भाई को बोल ये डलवाएगा मेरा लवदा पकड़ के तेरी छूट मेी.

कोमल दीदी : रजत पकड़ सलीएम का लवदा और डलवा अपनी बेहन की छूट मेी.

फिर मेने सलीम का लवदा पकड़ कर कोमल दीदी की छूट पे रखा और सलीम ने ज़ोर का शॉट मारा. कोमल दीदी के मूह से ज़ोर से च्चिक निकली आहः ऑश मा मॅर गयी अहाहहा… न्ही निकल ले अपना लवदा मेरी छूट से अहहाः…

तभी राकेश ने अपने लवदा कोमल दीदी के मूह मेी दे दिया और सलीम ने एक और ज़ोर का शॉट मारा कोमल की छूट मेी. और अपना पूरा 8इंच का लवदा छूट मेी डाल दिया. अब सलीम ज़ोर ज़ोर से शॉट्स मारने लगा और राकेश मूह मेी डाल कर छोड़ने लगा.

मई नीचे गया और कोमल दीदी की गांद चाटने लगा. अब कोमल दीदी को पूरा मज़ा आ रहा था और वो अपनी गांद उठा उठा कर छुड़वा रही थी. और मई नीचे से कोमल दीदी की गांद छत रहा था.

अब कोमल दीदी का पानी निकालने वाला था वो अब मूह से आहह चोदो ज़ोर से मई आने वाली हू.. श फक मे हार्ड साले छोड़..!!

तभी सलीम ने एक थप्पड़ मारा गाल पे और पूरी ज़ोर से छोड़ने लगा. फिर एक और थप्पड़ मारा और गला पकड़ कर छोड़े लगा.

कोमल दीदी : ही मार्जी आहह ऑश एस श मा न्ही आहह गयी मेी आहह…

तभी कोमल दीदी का पानी निकल गया जो उसकी छूट से निकल कर उसकी गांद पे भाह रहा था. जिसे मई चाटने लगा और तभी सलीम ने भी कोमल की चूत मेी अपना लवदे का पानी निकल दिया. अब दोनो का पानी मई छत रहा था.

अब मेी उपर गया तो देखा कोमल दीदी पूरी पागल सी हो रही थी और गाल पूरी लाल हो रही थी पूरे मूह पे थूक लगा था. तो मेी भी कोमल दीदी के लिप्स चूसने लगा और मेरे मूह मेी जो माल था वो कोमल दीदी के मूह मेी छ्चोड़ दिया.

अब राकेश ने कोमल दीदी को कुटिया बनाया और पीछे से छूट मेी लवदा डाल दिया एक ही शॉट मेी. और पीछे से बाल पकड़ कर छोड़ने लगा. साथ मे कोमल दीदी की मोटी गांद पे तापड़ मरने लगा जो बहोट मॉहक आवाज़ आ रही थी च्चप च्चप की. फिर राकेश नीचे लेट गया और कोमल उसके लवदे पे कूदने लगी.

सलीम पीछे ज कर कोमल दीदी की गांद मेी थूक लगा कर अपना लवदा डालने लगा. कोमल दीदी बहोट माना कर रही थी. लेकिन सलीम ने एक ना सुनी और अपना लवदा कोमल दीदी की गांद मेी डाल दिया. कोमल दीदी आहह मार गयी ऑश भाई आहह ऑश… भांचोड़ निकाल तेरी मा की छूट भंकीलोदे निकाल मेरी गांद से…

अब दोनो पूरी ताकत से कोमल दीदी को छ्चोड़ रहे थे. ले भंकीलोड़ी कुटिया आज तेरी छूट और गांद को फाड़ देंगे.. तेरी मा की छूट कोमल भंकीलोड़ी ले… अब दोनो का निकलने वाला था.

तभी दोनो ने कोमल को बेड से नीचे उतार कर बेत दिया और खड़े होकर मूठ मरने ल्गे. और अपना सारा माल कोमल दीदी के मूह मेी और फेस पे निकल दिया. बालो मेी गाल पे स्वॅब जाग सलीम और राकेश के लवदे का पानी लगा हुआ था.

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