किसी की चुदाई अपने नाम करवाई

रात के डिन्नर के समय मैने देखा की राजू पियू को इशारे कर रहा था, और पियू भी उसे इशारों-इशारों में रिप्लाइ दे रही थी. ये सब देख कर मुझे इतना तो मालूम हो गया था, की इन दोनो के बीच में कुछ तो था.

राजू: मों आज का खाना बहुत मस्त है. अर्रे पिंकी, तुम्हारा ध्यान कहा है? तुम खाना क्यूँ नही खा रही, क्या हुआ है?

पिंकी: कुछ नही बस ऐसे ही. तोड़ा काम ज़्यादा है शॉप पर, इसलिए तोड़ा ध्यान उधर था (दिल में:- अब मैं ऐसे तो नही बोल सकती ना की तुम और पियू कैसे इशारे कर रहे हो).

राजू: वो तो सब का होता रहता है. चलो पहले खाना खा लो, फिर काम पर ध्यान देना.

तभी मैने देखा क्या राजू एक हाथ से खाना खा रहा था, और दूसरा हाथ नीचे किए हुए था. जब मैने नीचे देखा तो उसका हाथ पियू की जाँघ (थाइ)पर था. वो उसकी जाँघ पर हाथ फेर रहा था. देखते-देखते राजू ने पियू की लेगैंग्स में हाथ डाल दिया (पियू ने लेगैंग्स पहनी थी).

और पियू भी अपना हाथ टेबल के नीचे से राजू की पंत के उपर लंड को मसालने लगी. लगता है उन दोनो को बहुत मज़ा आ रहा था ऐसा करने में. फिर जब मामा जी आए, तो दोनो झटके से हॅट गये. वो दोनों जल्दी से खाना पूरा करके सोने के लिए चले गये. लेकिन मैं अभी वही थी मामा जी और मामी से बातें कर रही थी. (अंदर रूम में पियू और राजू)

पियू: राजू तुम टेबल पर क्या कर रहे थे? अगर हमे कोई इस तरह देख लेता तो?

राजू: पियू अब नाटक छ्चोढो, और तुमको भी तो मज़ा आ रहा था. तब तो तुम मेरी पंत के उपर से मेरे लंड को मसल रही थी.

पियू: राजू क्या करू, मुझे तेरा लंड बहुत पसंद है. चलो अब जल्दी से ज़िप खोलो, और मुझे तेरा लंड चूसना है.

राजू: मैं भी कब से इंतेज़ार कर रहा हू, की तुम मेरा लंड कब चूसोगी.

पियू: वाउ राजू, तुम्हारा लंड खड़ा हो गया है?

राजू: मेरा लंड तुम्हारे होंठो को छ्छूते ही टाइट और गरम हो जाता है. जब तूने पहली बार मेरा लंड चूसा था, तब से मेरा लंड जल्दी ही टाइट हो जाता है तुम्हारे होंठो को छ्छूते ही. ह आह ह ह उफफफफफ्फ़ बहुत मज़ा आ रहा है. तू बहुत मस्त लंड चूस्टी है.

पियू: चल राजू, अब मेरी छूट में अपना लंड डाल.

रूम के दरवाज़े पर नॉक-नॉक.

राजू: अब कों होगा?

पियू: पिंकी होगी, और कों होगा. जल्दी से कपड़े पहनो, और सोने का नाटक करो.

जैसे ही दरवाज़ा खुला तो मैने देखा की पियू सोई पड़ी थी, और राजू ने दरवाज़ा खोला था. मुझे इतना तो मालूम हो गया था, की ये दोनो कुछ कर रहे थे. लेकिन मेरे आने से चुप-छाप अपने-अपने बेड पर सो गये थे

पिंकी: राजू आँखें मसल रहे हो, क्या सो गये थे क्या?

राजू: हा दीदी, मैं सो गया था.

पिंकी: ओह अछा, पियू भी सो गाय है क्या?

राजू: हा दीदी, पियू तो आते ही सो गयी थी.

पिंकी: चलो ठीक है.

और फिर वो अपने बेड पर सो गया, और मैं पियू के साथ सो गयी. रात को करीब 1:00 बजे के आस-पास मुझे ऐसा लगा की कोई मेरे जिस्म को टच कर रहा था. इत्तेफ़ाक़ से आज पियू की जगह पर मैं सोई थी, और पियू मेरी जगह पर. और वो कोई और नही राजू था, जो मेरा टॉप उपर करके मेरे बूब्स को दबा रहा था अपने दोनो हाथो से.

उसको शायद मालूम नही था की मैं पिंकी थी पियू नही. क्यूंकी लाइट ऑफ थी. और दूसरा, जगह भी आज चेंज थी. फिर वो मेरे बूब्स निपल अपने मूह में लेकर चूसने लगा. वो मेरे निपल्स इतने आचे तरीके से चूस रहा था, की मैं उसे रोक ही नही पाई, और उसका साथ देने लगी. तो वो समझ गया की पियू थी.

मगर उसे क्या पता था, की पियू नही पिंकी थी. फिर उसने मेरी लेगैंग्स नीचे की, और अपनी पंत की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाला, और सीधा मेरी छूट के होंठो पर रगड़ने लगा. उसके लंड का टोपा तोड़ा ज़्यादा ही मोटा था, जो मुझे मेरी छूट के होंठो पर बहुत मज़ा दे रहा था.

मेरी छूट बहुत गरम हो कर गीली हो गयी थी, तो उसने बिना वक़्त ज़ाया किए अपना लंड सीधा मेरी छूट के अंदर घुसा दिया. फिर वो घपा-घाप मुझे छोड़ने लगा. इधर मेरे मूह से हल्की-हल्की ओह उफफफफफ्फ़ अहह ह की सिसकियाँ निकालने लगी.

राजू: पियू मुझे पता है तुझे बहुत मज़ा आता है मेरा लंड अपनी छूट में लेकर. जब भी मैं तेरी छूट में अपना लंड डालता हू, तो तू बोलती है ‘और अंदर डाल, और अंदर डाल’. और तेरे ऐसे बोलने से मुझे और जोश आ जाता है.

लेकिन आज तुम ऐसा क्यूँ नही बोल रही की ‘और अंदर डाल, और अंदर डाल’? मुझे कुछ समझ नही आया.

पिंकी: अर्रे बुद्धू, वो इसलिए नही बोली की मेरे बाजू में पिंकी सोई हुई है, और मैं ऐसे बोलूँगी तो वो जाग जाएगी. और हमारी चुदाई खराब हो जाएगी. फिर जब हम अकेले में चुदाई करते है, तब मज़ा कुछ ज़्यादा ही आता है. इसलिए मूह से निकल जाता है. अब हम फालतू बातों में टाइम वेस्ट क्यूँ करे? फिर पता नही मौका मिले या नही. तू बस मेरी छूट का मज़ा ले.

और फिर उसने मुझे 5 से 7 मिनिट तक ऐसे ही छोड़ा. फिर मेरी छूट के अंदर ही अपने लंड का पानी छ्चोढ़ दिया. उसके बाद उसने मुझे ज़ोर से हग किया, और एक किस की, और फिर वो अपने बेड पर चला गया.

जाते-जाते वो बोला: कल हम खुल कर चुदाई कर सकेंगे. क्यूंकी मामा और मामी जल्दी से चले जाएँगे, और पिंकी भी चली जाएगी. फिर सिर्फ़ हम दोनो रहेंगे घर में. तो फुल एंजाय करेंगे. वैसे मुझे नही पता की मामी और मामा जी कहा जाएँगे. बस इतना बोल कर गये की जाएँगे.

फिर मैने अपने कपड़े सही किए, और कंबल ओढ़ कर सो गयी.

नेक्स्ट सुबा मॉर्निंग के समय:-

हम सब डाइनिंग टेबल पर आ गये, जहा मामी ने सब को नाश्ता दिया. फिर मामा जी ने राजू को कही काम से भेज दिया, और मामा और मामी किसी के घर पर जेया रहे थे. तो साथ में पियू को भी ले गये.

अब बस मैं घर में अकेली थी. करीब 1 घंटे के बाद राजू आया.

वो बहुत खुश था, क्यूंकी उसे तो पता था ना की मामा-मामी और पिंकी बाहर चले गये होंगे. और घर पर सिर्फ़ पियू होगी, और वो वापस आ कर उसके साथ मज़े करेगा. लेकिन उसे क्या पता था घर पर पियू नही पिंकी होगी.

उसने दरवाज़े पर नॉक किया. मुझे तो मालूम था की राजू था. फिर मैने जैसे ही दरवाज़ा खोला, वो मुझे देख कर हैरान रह गया. क्यूंकी उसके सारे अरमान चकना-चूर हो गये थे, जो उसने पियू के साथ सोच रखे थे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. उसकी शकल पर 12:00 बजे हुए थे.

राजू: अर्रे दीदी आप? आज काम पर नही गयी क्या?

पिंकी: नही वो आज मुझे थोड़ी थकावट थी, इसलिए मैं काम पर नही गयी.

राजू: ओह अछा, मों दाद कहा गये?

पिंकी: मामा-मामी बाहर गये है.

राजू: चलो अछा है. और पियू कहा गयी, वो दिख नही रही है? अछा बातरूम गयी होगी फ्रेश होने के लिए. मुझे पता है वो सुबा उठ कर नाश्ते के बाद फ़ौरन ही फ्रेश होने चली जाती है.

पिंकी: नही भाई, वो मामा-मामी के साथ बाहर गयी है.

मेरा ये बोलने से उसका मूह उतार गया, और वो चुप-छाप सोफे पर बैठ गया.

पिंकी: अर्रे राजू, क्या हुआ तेरा मूह क्यूँ उतार गया ये सुन कर, की पियू साथ में गयी है?

राजू: नही तो दीदी, ऐसी कोई बात नही है. बस ऐसे ही.

पिंकी: राजू तू मुझे सच-सच बता, तेरे और पियू के बीच में कुछ है क्या?

राजू: नही दीदी, हमारे बीच कुछ नही है. हम सिर्फ़ आचे फ्रेंड्स है.

पिंकी: हा तू सही बोल रहा है. उससे तो मैं बहुत सुंदर हू. और मेरा फिगर भी उससे बड़ा है ( मैने फिगर की बात की तो राजू मेरी छ्चाटी की तरफ देखने लगा और बोला).

राजू: हा दीदी, आप उससे बहुत सुंदर हो. और आपका फिगर भी उससे बहुत हॉट और सेक्सी है.

पिंकी: अछा तो एक बात सच-सच बताओ. क्या मेरा फिगर देख कर तेरा लंड खड़ा होता है?

राजू: दीदी जिस दिन मैने आपको पहली बार देखा था, उसी दिन मेरा लंड खड़ा हो गया था.

पिंकी: ओह अछा? तुझे शरम नही आती अपनी दीदी से इस तरह की बातें कर रहा है?

राजू: दीदी आज कल ये सब चलता है. और आप मेरी सग़ी बेहन थोड़ी है. आप तो मेरी बुआ की लड़की है. और वैसे भी आप ही मुझे इस तरह से बातें कर रही हो. मैं तो आपसे इस तरह बात नही कर रहा था,

पिंकी: ओह बाप रे, तो चल तेरे लिए एक ऑफर है. अगर तूने मेरा ब्रा साइज़ सही बताया, तो आज के लिए मैं तेरी गर्लफ्रेंड.

राजू: तो दीदी आपका फिगर है 36-28-36.

पिंकी: वाउ, क्या बात है! एक-दूं रिघ्त आन्सर.

तो फ्रेंड्स इससे आयेज क्या हुआ, वो मैं इस कहानी के नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी. मैने राजू के साथ दोबारा सेक्स किया या नही? और किया, तो कैसे? और कब किया? वो सब बतौँगी नेक्स्ट पार्ट में. तब तक के लिए इतना ही.

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