कमला की जवानी

तो मई हू विशाल और ये कहानी मेरे पर्सनल लाइफ से जुड़ी हुई है इसलिए मेरे दिल के बड़े क़रीब है.

मई चाहता हू की अगर आप प्यारे रीडर्स को मेरी कहानी अच्छी लगे तो प्लीज़ मुझे ए-मैल करें. ताकि मुझे समझ आए की आपको मेरे कहानी अच्छे लगे या नही. साथ ही मई आयेज और भी लाइफ एक्सपीरियेन्सस शेर कर पौ.

तो शुरू करते है. ये उन्न दीनो की बात है जब मई अपनी जॉब छ्चोड़ कर मेडिकल की तय्यरी करने मे लग गया था. दिन भर मेरा घर पे ही रहना होता था पर मई इतना बिज़ी होता था की किसी से बात नई होती थी.

कभी कभी तो बहुत अकेलापन भी महसूस होता पर खुद को संभालना पड़ा सिर्फ़ अपनी लक्ष्या की तरफ बढ़ने को.

पर शायद मेरी किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था. मेरी काम वाली बाई कमला को मुझसे बात करने की बहुत उत्सुकता होती थी हमेशा ही मेरा हाल चाल पूछा क्रती थी चाहे मई बिज़ी ही क्यू नई रहूं.

अक्चा हन.. कमला के बारे तो बताया ही नही अब तक. रंग उसका सावला सा है और उसके दो बचे भी है. बीच बीच मे उसके घर भी जाना आना लगा रहता है जब भी वो बुलाती है तब.

तो बात तब की है जब गर्मियों का समय था और हमारी बॉनडिंग अच्छी होने लगी थी. तभी अचानक से वो रोते हुए एक दिन आई और बताने लगी की उसका पति किसी और लड़की को ले कर भाग गया. काफ़ी दुखी भी रहने लगी थी और तभी मई यूयेसेस ग़रीब के सबसे क़रीब था.

सिर्फ़ कुछ दो दिन ही हुए थे की वो मेरे पास आई. और बोलने लगी बाबू मुझे बड़ा अकेलापन महसूस होता है जबसे मेरा पति मुझे धोखा दे कर गया है.

उसने यूयेसेस दिन काफ़ी डीप ब्लाउस पहना था. जिसकी वजह से मेरा ध्यान उसके बोबे की तरफ जाने लगा जिसके वजह से मई तोड़ा घबरत मे आ गया. फिर वो मेरे ही कंधे पर सिर रख के रोने लगी.

ये सब मुझसे देखा नही गया और उसको दूर करने जा ही रहा था की उसके कंधे के जगह उसका बोबा मेरे हाथ मे आने लगा और मई धीरे धीरे उसके बूब्स को सहलाने लगा पर उसको ज़्यादा कुछ समझ नही आ पाया लेकिन जैसे ही कुछ देर उसके निपल मदहोशी मे खड़े हुए उसे बहुत कुछ महसूस हुआ. लेकिन अब शयड उसको भी मज़ा आने लगा था इसलिए वो ध्यान नही दे रही थी.

मैं ब्लाउस की उपर से ही उसके निपल्स मसालते जा रहा था पर वो थी की रोकने की कोशिश भी नही कर रही थी. पर जैसे ही मैने ब्लाउस के अंदर हल्के से उंगली डालने की कोशिश की वो टेन्षन मे आ गयी तो मैने झत्ट से हाथ हटा लिया. तो उसने कहा कोई बात नही ग़लती से हो गया होगा!

पर मुझे तो उनको पकड़ के ज़ोरो से मसालने का मॅन था फिर भी अपने जज़्बातों मे काबू मे किया ओर बस हास दिया. उसके बाद मैने अपने बाजू मे उसे बिताया और उसके कंधे हाथ फेरते हुए कहा देखो रोने से कोई फयडा नही.

तुम परसो घर आना सब बाहर जा र्हे भगवान के दर्शन के लिए तब आराम से मुझे बताना की ये सब कैसे हुआ, उसने स्माइल किया फिर वो अपने काम मे लग गई.

अब मुझे इंतेज़ार था यूयेसेस दिन का जब घर अकेला हो जिसकी लिए मैने बड़ी अच्छी प्लॅनिंग की थी. और जैसे तैसे वो दिन आ ही गया.

मैने प्लैइन ब्लॅक कलर की शर्ट पहनी ओर जीन्स उसके इंतेज़ार मे काफ़ी टाइम लग गया. पर जब वो आई तब समझ आया की उसको वक़्त क्यू लगा, बड़ी प्यारी सी नयी सारी पहनी थी उसने ब्लू कलर की. बिल्कुल जैसे इतनी खुश कभी नही थी. मुझे देख कर उसने स्माइल किया ओर अंदर चले गयी काम करने.

मई उसके पीछे पीछे जाने लगा, और बोला आज बड़ी प्यारी लग रही हो कमला वो मुस्कुराने लगी ओर फिर कम मे लग गयी. मई समझ गया उसके मॅन मे क्या चल रहा है ओर जब वो झाड़ू करने लगी. तो झुक कर झड़ने की कोशिश कर रही थी. तभी मैने उसकी रसीली गांद को सूंघना शुरू कर दिया, उफ़फ्फ़ इतना गहरा सुगंध मानो पर्फ्यूम से नहा कर कर आई हो.

उसको पता लग गया की मई सूंघने मे मदहोश हू इसी वजह से वो ज़बरदस्ती अपनी गांद मेरी तरफ ही झुका कर सफाई करने लगी बार बार.

तभी मेरी नाक और उसकी गांद एक हो गये. उसने फिरसे बोला सॉरी बाबू, मैने कहा कोई बात नही. पर मई ये समझ चुका था ये आज मस्ती के मूड मे है इसलिए अब मई भी निकल पड़ा अपने रास्ते.

अब जब उसने पोंचा लगाना शुरू किया तो उसका क्लीवेज अलग से ही दिख रहा था. जिसे मई लगातार देखे जा रहा था मानो नज़रे हटाए ना हटे.

उसी दिन मुझे पता लगा की ये तो ब्रा ही नही पहनती. उसके बोबे इतने बड़े बड़े की नज़रे हटाने पर भी दिख ही जाते जो उसके काम करने पे डाए से बारे झूले जा रहे थे. पर वो मेरे तरफ नई देख रही थी फिर मैने पूछा:-

कमला वो तुम्हारी न्यू चैन अच्छी लग रही है.

तो फिर कमला:-

हहे मेरे भैया ने गिफ्ट की है अभी उनके घर गई थी तब.

मैने कहा:-

मुझे भी तो दिखाओ ज़रा.

और तभी मई उसके होठों के बड़े क़रीब चला गया.

तो वो हास के पूछने लगी:-

बाबू आपको चैन देखना है या लिप्स?

मई:-

ये होत ज़्यादा अच्छे लग रहे है.

बोलते ही साथ मे यूयेसेस पर टूट पड़ा.

लिप्स से लिप्स जुड़ने लगे और हम एक दूसरे मे मगन होने लगे. उसकी एनर्जी तो तबाही मचाए जा रही थी जब उसने मेरा शर्ट खोलना शुरू कर दिया, बटन पे बटन. इतनी उत्तेजना तो कभी मैने खुद मे नही देखी थी.

तभी मैने अपना रिघ्त वाला हाथ ब्लाउस के ही उपर से उसके दूध पे फेरना शुरू कर दिया. और जब उसे भी मज़े आने लगे तो बोबे हाथ मे ले कर मैने मसलना ही चालू कर डाला.

तो ये थी पार्ट-1 दोस्तों. अगर आपको मेरी स्टोरी अच्छी और इंट्रेस्टेड लगी तो मुझे ए-मैल करे इश्स मैल अड्रेस पर :- डरकनिघट्ट[email protected]गमाल.कॉम

ताकि आयेज की कहानी मई फिर उपलोआड करू वरना ये मेरी आखरी स्टोरी होगी. सो, आप सब खुश रहें और मेरी कहानियाँ यूँ ही पढ़ते रहे. अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद.

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