कहानी जिसमे एक लड़के ने डॉक्टर की सील तोड़ी

ये बात 2 यियर्ज़ पहले की है. मेरे फ्रेंड का आक्सिडेंट हुआ था, तो उसको देखने मैं हॉस्पिटल गया था कट्राज साइड में. तब मुझे ये डॉक्टर गर्ल उस हॉस्पिटल में दिखी थी.

पहली नज़र में ही वो मुझे बहुत ज़्यादा पसंद आ गयी थी. उसका फिगर था 34-28-36. वो हयदेराबाद से थी, और वाहा इंटेर्नशिप कर रही थी उस हॉस्पिटल में. मुझे ये सब बाद में पता चला, जब मैं उसको मिला था 1स्ट्रीट टाइम.

वो बहुत ज़्यादा क्यूट थी, आंड उसका फिगर बहुत ही ज़्यादा आसम था. ई स्टार्टेड लाइकिंग तट गर्ल वेन ई सॉ हेर फॉर थे 1स्ट्रीट टाइम. वो चेकप करने आई थी मेरे फ्रेंड का. जब मैं उसको मिलने गया था, तो मैं उस डॉक्टर को देखते ही रह गया. फिर उसका नाम पढ़ लिया था उसकी चेस्ट पे जो बॅच लगा था वाहा से.

हेर नामे वाज़ स्नेहा. देन उसी नाइट को मैने फ्ब पे उसको सर्च किया, और रिक्वेस्ट भेजी. फिर 2-3 दीनो बाद उसने रिक्वेस्ट आक्सेप्ट कर ली थी. फिर मैने उससे बात की. उसने रिप्लाइ भी देना स्टार्ट कर दिया.

धीरे-धीरे हमारी बातें हुई, फिर नंबर एक्सचेंज हुए. बुत फिर मुझे किसी काम से नागपुर आना पड़ा, तो हमारा मिलना नही हो पाया. हमारी कॉल पे बात होती थी नॉर्मली. वो मुझे मिलने बुला रही थी, बुत मैं नागपुर में होने के कारण मिल नही पा रहा था. तो वो चिढ़ गयी, “एक दिन भी मिलने नही आते” ये बोल कर.

फिर मेरा नागपुर का काम ख़तम हो गया, तो ईव्निंग फ्लाइट से मैं पुणे आ गया. देन मैं फ्लॅट पे पहुँचा. तो उस दिन सॅटर्डे था, और कोई फ्लॅट पे था नही. फिर मैने उसको कॉल की. मैने सॉरी वग़ैरा बोला उसको. देन उसको बोला-

मैं: हम अभी मिलते है.

रात के 9 बाज रहे थे. वो कोठरूद में रहती थी, तो उसने वही मिलते करके बोला. वो रेडी भी हो गयी मिलने के लिए. फिर हम मक्ड में मिले, और तोड़ा कुछ खाया. हम 1स्ट्रीट टाइम मिल रहे थे.

खाक़्ने के बाद मैने उसको बोला: लोंग ड्राइव पे चलते है.

वो भी रेडी हो गयी. ड्राइव के लिए कोई नखरे नही कर रही थी स्नेहा. फिर उसकी टू वीलर उसके हॉस्टिल पे पार्क की, और मेरी 4 वीलर से हम निकल गये 10 बजे रात को लोनवला के लिए. मेरा फ्लॅट वाहा पास ही था हाइवे पे.

फिर मैने उसको बोला: फ्लॅट पे चलते है.

पहले वो ना बोली, देन लोनवला के हाफ रास्ते तक जाने तक मैं उसको बोलता रहा की फ्लॅट पे चलते है ना कार में. मैने उसका हाथ पकड़ लिया था, और मैं उसको तोड़ा गरम कर रहा था.

फिर हाफ रास्ते में वो रेडी हो गयी फ्लॅट पे आने के लिए. उसको मैने बोला-

मैं: फ्लॅट पे जाके मोविए देखेंगे, टाइम स्पेंड करेंगे, लोनवला जाके क्या होगा?

तो वो मान गयी उस बात के लिए. फिर मैने कार तुर्न की आंड हम फ्लॅट पे आ गये. मेरे फ्लॅट पे कोई नही था. वीकेंड था, तो सब बाहर गये हुए थे.

देन मैने उसको कंफर्टबल फील करवाया. मैने लॅपटॉप ओं किया, और हम मोविए देखने बैठ गये. वो मेरी साइड में ही बैठी थी बेड पे. हमारे बीच ना ही कोई ऐसी गंदी बात हुई, ना कुछ डिस्कशन हुई थी इतने दीनो से सेक्स की.

फिर ऐसे ही बातें हुई ये मोविए देखेंगे वो मोविए देखेंगे. मैने एक मोविए स्टार्ट कर दी, और अब हम दोनो उसको देख रहे थे. 15 मिनिट मोविए देखने के बाद मैने उसके शोल्डर पे हाथ रखा. उसने कुछ नही कहा.

फिर मैं उसकी नेक के साथ खेल रहा था, और उसको चीक्क पे किस करने गया. इससे वो शॉक हो गयी, और बोली-

स्नेहा: ये क्या कर रहे हो? नही, ये मत करो.

उसके ये बोलते-बोलते मैने किस किया उसको. देन उसके नेक को सहला रहा था. वो धीरे-धीरे गरम हो रही थी. उसने कुरती पहनी थी. फिर उसका फेस इधर करके उसके लिप्स पे लिप्स रख के किस कर रहा था मैं, आंड वो भी अब रेस्पॉंड कर रही थी.

धीरे-धीरे मेरा हाथ उसके बूब्स पे गया, और मैं उसकी कुरती के उपर से ही उसके बूब्स प्रेस कर रहा था. फिर कुरती के अंदर से हाथ डाला, तो वो नही-नही बोली. कन्विन्स करने के बाद उसने हाथ डालने दिया.

फिर थोड़े बूब्स दबाने के बाद उसकी कुरती को मैने निकाल दिया. उसके बूब्स बहुत ही मस्त थे यार, क्या बतौ मस्त टाइट थे. बहुत ही ज़्यादा मेंटेंड थे बूब्स उसके उसकी.

मैने उसकी ब्रा उतार दी, और धीरे-धीरे उसके लिप्स से नेक पे आया. फिर मैं उसके बूब्स सक करने लगा. उसके बाद उसकी लेगैंग्स के उपर से ही उसकी छूट पे हाथ फिराया. वो अब माना नही कर रही थी किसी भी चीज़ के लिए.

फिर मैने उसको न्यूड किया पूरा, और मैं भी न्यूड होके उसके पास गया. मैने उसकी गांद पे हाथ लगाया. मुझे बहुत पसंद है गांद और चूत लड़कियों की.

क्या बतौ उसकी गांद के बारे में. उसकी गांद भी एक-दूं कड़क, और बहुत मस्त थी. ऐसा फिगर था, की कभी फील नही किया था मैने इससे पहले. हालाकी पहले भी सेक्स किया था मैने, लेकिन स्नेहा के समान फिगर नही फील किया था. इतना मस्त फिगर था उसका.

फिर मैने उसके उपर आके उसकी छूट में फिंगरिंग की. पहले मैने उसके कानो में बोला-

मैं: छोदु तुम्हे?

तो वो शर्मा गयी, और मैने उसकी छूट पे लंड रख दिया अपना. फिर लंड डालने गया तो वो चिल्लाई. देन धीरे-धीरे अंदर गया लंड मेरा उसकी छूट में.

छूट बहुत टाइट थी उसकी. पूरा लंड अंदर गया तो वो बहुत चिल्ला रही थी. फिर धीरे-धीरे आयेज-पीछे धक्के लगाने के बाद वो तोड़ा शांत हुई. उसको 20 मिनिट छोड़ने के बाद जब लंड बाहर निकाला, तो पूरा ब्लड से भरा हुआ था.

मैं बोला: ये क्या है?

तो वो बोली: मैं वर्जिन थी.

ई वाज़ शॉक्ड, की इसलिए इतनी छूट टाइट थी उसकी. मैने उसको बहुत आचे से छोड़ा उसकी गांद दबा-दबा के. मैं उसके बूब्स सक करके उसको छोड़ रहा था. फिर सब क्लीन किया उसने, बेडशीट आंड ऑल. उसके बार मैने और एक बार छोड़ा रात को उसको.

फिर हम वैसे ही नंगे सो गये. मॉर्निंग में उठने के बाद उसने मेरे उपर आके एक बार और चुडवाई. उसके बाद मैं उसको ड्रॉप करके आ गया. मैं उसके फिगर का दीवाना हो गया था.

उसके बाद हम 4-5 बार और मिले. फिर मैं नागपुर आ गया. उधर उसका इंटरन ख़तम हुआ, तो वो भी पुणे से चली गयी. बात होती है उससे कभी-कभी. चान्स मिलेगा तो छोड़ने ज़रूर जौंगा उसको, बस फिगर की वजह से.

सो कैसी लगी स्टोरी प्लीज़ बताए मुझे, और किसी गर्ल को सॅटिस्फाइ होना हो, तो कॉंटॅक्ट कर सकती है

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