झूठ बोल कर बेटे के मा को चोदने की कहानी

मेरा बेटा रोहित मुझे खूब मस्ती से छोड़ने लगा था. दिन में भी वो किचन में काम करते हुए गांद दबा देता था. बूब दबाना और पीछे से गांद पर लंड रगड़ना आम बात हो गयी थी.

जब उसको नहाने के लिए पानी देने जाती तो मुझे पकड़ कर वही छोड़ने लग जाता था. मुझे दिन में 2-3 बार छोड़ लेता था. मुझे दर्र भी लगता था की कही कोई देख ना ले.

वो दिन में भी कभी स्टोर रूम में, कभी अपने रूम में आवाज़ दे कर बुला लेता, और पास जाती तो पकड़ कर छोड़ने लगता. मैं माना करती पर वो एक ना सुनता. खत से लंड निकालता और शुरू हो जाता.

मुझे भी सर्प्राइज़ सेक्स अछा लगने लगा. शुरू-शुरू में तो एक दिन में 5-6 बार छोड़ लेता था. फिर रात को तक जाता तो मैं उसके हाथ पैर दबाती.

कुछ भी कहो बेटे ने थोड़े ही दीनो में मुझे बहुत खुश कर दिया था. बेटा खूब मस्ती से छोड़ता तो मुझे भी बहुत मज़ा आता. वो कभी मुझे मों बोलता तो कभी वाइफ और कभी दीदी बोल कर छोड़ता था.

इतनी कम आगे में उसकी लॅडीस के साथ ट्यूनिंग बहुत अची थी. वो बार-बार स्टेप बदल-,बदल कर छोड़ता था. मुझे मज़ा आने लगता तो खूब ज़ोर से छोड़ना शुरू कर देता.

दिन में जब उसके रूम मैं उपर जाती तो पक्का चुड कर ही आती थी अपने रूम में. ऐसा कोई दिन नही बीता जब बिना चुड़े वापस आई थी.

घर के हर रूम में उसने मुझे छोड़ लिया थी. रात को तो वो मुझे बाहर खड़ी करके ही छोड़ता था. च्चत पर भी काई बार चूड़ी थी. डाइनिंग टेबल पर भी छोड़ता है. उसको किचन में स्लॅब पर झुका कर छोड़ना बहुत पसंद था.

लगातार छुड़वाने से मेरा मूड भी बहुत अछा हो गया. मेरी सहेलियाँ भी ये बोलने लगी थी. मैने उसको समझाया, बुत बेटा रोहित बोला की अभी कुछ दिन तो उसको मों को छोड़ने का नशा छाया हुआ था. फिर कुछ दिन बाद रात के टाइम ही किया करेगा.

रोहित कलाज से आ कर अपने उपर वाले रूम में चला जाता. उसने अपना उपर वाला रूम चेंज कर लिया, ताकि दिन में कोई हम दोनो को ना देख सके. नये वाला रूम बिल्कुल सेफ था. उसमे बाहर से अंदर की तरफ कोई नही देख सकता था.

रोहित कलाज से आ गया था. मैं किचन में खड़ी थी. बेटा चुप-छाप किचन में मेरे पीछे आके खड़ा हो गया, और मेरे दोनो बूब्स दबाते हुए बोला-

रोहित: क्या कर रही हो?

मिताली: अर्रे यार सीधे ही बिना देखे ही शुरू हो जाते हो. किसी दिन तुम मरवाओगे. तुमको कुछ करना हो तो अपने रूम में कर लिया करो.

लगातार छुड़वाने से मेरा मूड भी बहुत अछा हो गया. मेरी सहेलियाँ भी ये बोलने लगी थी. मैने उसको समझाया, बुत बेटा रोहित बोला की अभी कुछ दिन तो उसको मों को छोड़ने का नशा छाया हुआ था. फिर कुछ दिन बाद रात के टाइम ही किया करेगा.

रोहित कलाज से आ कर अपने उपर वाले रूम में चला जाता. उसने अपना उपर वाला रूम चेंज कर लिया, ताकि दिन में कोई हम दोनो को ना देख सके. नये वाला रूम बिल्कुल सेफ था. उसमे बाहर से अंदर की तरफ कोई नही देख सकता था.

रोहित कलाज से आ गया था. मैं किचन में खड़ी थी. बेटा चुप-छाप किचन में मेरे पीछे आके खड़ा हो गया, और मेरे दोनो बूब्स दबाते हुए बोला-

रोहित: क्या कर रही हो?

मिताली: अर्रे यार सीधे ही बिना देखे ही शुरू हो जाते हो. किसी दिन तुम मरवाओगे. तुमको कुछ करना हो तो अपने रूम में कर लिया करो.रोहित: अर्रे यार, काम करती हुई मों के बूब दबाने का अलग ही मज़ा है. तू दर्र मत. मैं सब कुछ देख कर ही ये सब करता हू.

मिताली: यार मैं भी चाहती हू की तुम मेरे साथ मस्ती करो. बुत अपनी एक ग़लती से सब काम बिगड़ जाए, ऐसा कभी नही चाहती. तुम तो मुझे लाइफ्टाइम छोड़ो.

रोहित ने मेरे बूब्स ज़ोर से दबा दिए, और किचन से बाहर निकलते हुए बोला की उसको नाश्ता नही चाहिए. 10 मिनिट बाद छाई चाहिए बस.

मैं अपने काम में बिज़ी हो गयी. रोहित ने थोड़ी देर बाद अपने रूम से कॉल किया, की मैं उसके लिए छाई ले जौ.

दोपहर के 2 बजने वाले थे. रोहित के रूम में छाई लेकर गयी, तो रोहित छाई पीने लगा. उसने अपने कपड़े बेड पर ही खोल दिए थे. उनको उठा कर ठीक करने लगी. रोहित खड़ा हुआ और त-शर्ट पहनने लगा.

मैं रूम से बाहर जाने लगी तो रोहित ने मुझे पीछे से पकड़ लिया. उसने एक साथ से गाते बंद कर लॉक लगा दिया.

मिताली: अर्रे मैं तो छाई देने आई थी. ये क्या काम शुरू कर दिया?

रोहित: यार छाई तो बहाना था. अब तो तेरा दूध पीना है. आज मस्त मूड बना हुआ है.

मिताली: अपनी मों को धोखे से बुला कर छोड़ना कहा से सीखा है तू? तोड़ा बहुत तो सबर कर लिया कर.

रोहित: डियर मिताली तेरी जैसी मों घर में अकेली मिल जाए, और जिसके इतने मस्त बूब हो, तो हर कोई दूध पीना चाहेगा.

मिताली: अर्रे छ्चोढ़ यार किचन खुली ही छ्चोढ़ आई मैं. पहले बोल देता की मेरी मारने के लिए बुला रहा था, तो सब काम निपटा कर आती.

रोहित: यार फिर तो मों बहुत वेट करना पड़ता.

मिताली: कोई आ गया तो?

रोहित: कोई नही आएगा अब. मैं छोड़ूँगा तो तुझे भी मज़ा आएगा. मज़े के लिए ही तू मेरे आयेज अब घोड़ी बनेगी. एक बार मज़ा आ जाए तो फिर छ्चोढ़ कर छोड़ दूँगा.

मिताली: बहुत नॉटी हो गया है तू. ऑश आराम से कर ना. रूको बाबा, दे रही हू ना छूट. छूट छुड़वा कर ही जौंगी अब. तू मुझे नीचे गिराएगा.

रोहित: ऑश मम्मी, आज तो मस्त लग रही हो. लगता है खूब मज़ा डोगी.

रोहित ने मुझे पकड़ लिया, और बेड की तरफ ले गया. मैं कुछ बोलती उससे पहले मेरी सलवार नीचे कर दी, और एक ही झटके में अपना लंड अंदर घुसेध दिया. मेरी चीख निकल गयी.

मिताली: ऑश यार आहह, आराम से कर ले. अब तुझसे बच कर कहा जौंगी?

बेटे ने मेरा कुर्ता उपर कर दिया और पीछे से ब्रा का हुक भी खोल दिया. ब्रा ढीली होते ही बूब आज़ाद हो गये. अगले ही पल दोनो बूब्स बेटे के हाथ में थे.

रोहित: अब ठीक है मेरी जान? बस ऐसे ही मज़ा आएगा. कॉलेज से आते टाइम एक मस्त सी लेडी को देख कर मेरा लोड्‍ा खड़ा हो गया. तभी मैने प्लान बना लिया था की घर जाते ही मों तेरी छूट छोड़नी है.

रोहित ने मुझे तोड़ा सीधा किया और कुर्ता खोल दिया. सलवार भी पैरों से निकाल दी. हम दोनो अब पुर नंगे थे. मैं बेड पर घोड़ी बनी हुई थी, और बेटा पीछे से मुझे पेल रहा था. बेटे ने मारी गांद पर थपकी मार कर बोला-

रोहित: ऑश मों, एक बात तो है की मस्त तो बहुत है. मस्त लेडी को छोड़ने में मज़ा भी ज़्यादा आता है.

मिताली: ये तो तेरे पापा की चाय्स है. उनको थॅंक्स बोल.

रोहित: यार बोल दिया ना थॅंक्स. अपने बेटे की लिए इतनी सारी प्रॉपर्टी और छ्चोढने के लिए तुझे छ्चोढ़ कर गये है.

मिताली: तू ज़िद्दी बहुत है. अपनी मों को रूम में बहाने से बुला कर छोड़ रहा है.

रोहित: मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा है. आज तो पकड़ कर छोड़ी तो और भी ज़्यादा मज़ा आ रहा है.

मिताली: हा यार, कोई ऐसे पकड़ कर छोड़े तो लेडी को मज़ा भी ज़्यादा आता है. लेडी माना करती रहे, और पीछे से छूट में लोड्‍ा घुसेड देते है तो बेचारी कुछ नही कर पति. ऑश आआहह ऑश मज़ा आने लगा है.

रोहित: ऑश मों लोवे योउ बेबी. क्या माल है तू. तेरी गोरी छूट बेटे को बहुत मज़े दे रही है.

मिताली: ये तो तेरे लंड की दीवानी है. मुझे नही पता था की तू ऐसे मेरी छूट की रेल बनाएगा.

रोहित: ऑश याअर ऑश मों आअहह मज़ा आ रहा है मेरी जान. अपनी मों की छूट छोड़ने में बहुत मज़ा आता है. तेरी गांद के साथ लगने से मज़ा डबल होने लगता है.

रोहित मेरे उपर झुक गया और पीठ पर किस करने लगा. मुझे मज़ा आ रहा था. तभी रोहित मेरे उपेर गिर गया. मैं उसके नीचे थी और वो मेरे उपर.

मिताली: ऑश क्या हुआ?

रोहित ने मुझे सीधा कर लिया, और दोनो टाँग उपर करके मुझ पर झुक गया. मेरी फिरसे चुदाई शुरू हो गयी.

मिताली: ऑश बेटा ऑश आअनन्ंह आओउउच ऊऊहह छोड़ो अपनी मों को.

रोहित: मों तुझे तो टाँग उठा कर छोड़ना होगा. आहह मज़ा आ रहा है. क्या बात है, तेरे बूब बहुत हिल रहे है. ऊहह साली, बेटे से छुड़वा कर कितनी मस्त हो गयी है.

मिताली: ओह मज़ा आ रहा है यार. ऑश छूट मज़े से भर दे. काफ़ी मस्त छोड़ता है तू. ऑश मेरी छूट ऑश बेटा छूट चुड रही है.

रोहित: आअहह मों तुझे छोड़ने के लिए ही तो रखा है. तेरा आज से बस एक ही काम है बेटे को छूट देनी और बूब चुसवाने. बस किसी को पता ना चले की बेटा मों को छोड़ता है.

मिताली: ऑश तू जवान हो गया है.

रोहित: बस तू चुड़वति रहो. तुझे छोड़-छोड़ कर खुश रखना है. कोई भी शक नही करेगा की तू मेरे से चुड़वति है.

मिताली: ऑश आअहह आआहह तूने तो मेरे बूब बहुत चूज़ है. ऑश थोड़े बड़े हो जाएँगे.

रोहित: ह्म बूब मस्त है तेरे. ऑश मज़ा आ रहा है मों. बहुत मज़ा है तेरी छूट में.

मिताली: ऊहह तेरे लंड की वजह से मज़ा आता है. तू इतनी छोड़ेगा मुझे कभी सोचा नही था.

रोहित: ह्म्‍म्म्म मुझे भी नही पता था की तू नंगी हो कर इतनी मस्त दिखेगी. ऑश तेरी गोरी गांद और गोरे बूब देख कर तो मेरा खड़ा हो जाता है.

मिताली: ऑश ये खड़ा लंड ही तेरी मों को पसंद है बेटा.

रोहित: ह्म्‍म्म्म और मुझे तू आ आ करती है तब बहुत अची लगती है.

मिताली: मज़ा आता है तो मूड बन जाता है. और फिर छोड़ने वाला तेरे जैसा जवान बेटा हो तो मज़ा डबल हो जाता है.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. बेटे ने करीब 20 मिनिट तक छोड़ने के बाद मेरी छूट मज़े से भर दी.

रोहित ने मुझे खड़ा किया, और मेरे होंठ चूसने लगा. उसका एक हाथ मेरे बूब पर था. रोहित जब मेरे बूब दबाता है तो मुझे बहुत अछा फील होता है.

रोहित कभी गाल चूस्टा तो कभी लिप्स चूस्टा, और फिर बूब चूस्टा. अपना हाथ मेरी पीठ पर फेरने लगता, और गांद को दबाने लगता. मुझे हर तरफ मज़ा ही मज़ा दे रहा था.

रोहित: ऑश मम्मी तूने बहुत मज़ा दिया है अपने इस बेटे को. ऑश मज़ा आ रहा है. तेरे बूब कितने मस्त है. तेरे बूब्स देख कर तो लंड खड़ा हो जाता है.

मिताली: ऑश रियली तूने भी अपनी मों को खूब रग़ाद कर छोड़ा है. चलो अब नहाना पड़ेगा.

रोहित और मैं दोनो साथ ही नहाए. रोहित मेरे बूब दबा रहा था. वो नहा कर पहले ही बाहर निकल गया. फिर हम दोनो आराम करने लगे.

मुझ जैसी बहुत सी मों है जो चूड़ना चाहती है, पर दर्र की वजह से बोल नही पति है. मैने ये स्टोरी उनके लिए लिखी है, ताकि वो भी ज़िंदगी के मज़े ले सके.

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