जवान लड़की के साथ सेक्स

दोस्तो आपके लिए फिर एक मस्त कहानी आरएसएस पर लाया हूँ आपको पसंद आए तो कमेंट ज़रूर देना,,,
“पद्मा जल्दी करो, स्कूल के लिए देर हो रही है !” कहते हुये पवन अपने किरायेदार सुरेंद्र सिंह की बहन के कमरे में दाखिल हुआ, पद्मा उस समय स्कूल ड्रेस पहन कर झुकी अपने जूते पहन रही थी।
झुकी हुई पद्मा के स्कूल शर्ट से बाहर आने को बेताब उसकी मुसम्मियों के उभार और झुके होने से घुटने के ऊपर तक के स्कर्ट से झांकती उसकी गोरी सुडोल नंगी टाँगों को देख पवन के अंदर एक अजीब सी कसमसाहट हुई। पवन बहुत दिनों से पद्मा को भोगने की ताक में था।

27 साल का पवन एक जवान युवक था और सुरेंद्र की बीवी डॉली और सुरेंद्र की छोटी बहन पद्मा को अपने मकान में किरायेदार के रूप में रखे हुये था। पवन के परिवार में सिर्फ उसकी माँ ही रहती थी और पवन एक सरकारी नौकरी करता था। घर में खाना की दिक्कत थी तो उसने सुरेंद्र को इसी शर्त पर अपने घर में रखा हुआ था कि उसकी बीबी डॉली ही उसके और उसकी माँ के लिये खाना बनाएगी और बदले में वो उनसे किराया नहीं लेगा।
सुरेंद्र की नौकरी पक्की नहीं थी और वो एक प्राइवेट कम्पनी में काम करता था और उसको कम्पनी के काम से कई कई दिन बाहर टूर पर रहना पड़ता था, तो उसको यह शर्त सहर्ष मंजूर भी हो गई थी और सुरेंद्र को दारु पीने की लत भी थी, पवन अपने पैसे से उसको दारु पिला कर उसकी इस तलब को पूरी करता था।

पद्मा पढ़ाई के लिए शहर आई हुई थी और अपने भैया और भाभी के साथ ही रहती थी, वो एक कमसिन और खूबसूरत 18 साल की किशोरी थी जो गाँव में रहने के कारण अभी बारहवीं में पढ़ रही थी। जवानी में कदम रखती वो लड़की दिखने में ग़ज़ब की सुंदर तो थी ही, उस पर उसके अल्लहड़पन, शोखी और चंचलता ने उसको और भी खूबसूरत बना दिया था।
स्कूल की ड्रेस में उसकी चूचियों के बड़े उभार साफ दिखाई देते थे और उसके ड्रेस की स्कर्ट के नीचे दिखती गोरी-गोरी चिकनी टाँगें पवन को पागल बना देती थी।
पवन जानता था कि डॉली भाभी की ननद को भोगने की इच्छा करना ठीक नहीं है पर वो वासना के अधीन हो चुका था और उसकी जवानी का रस लेने के लिए बेताब था पर कोई सही मौका हाथ नहीं लग रहा था। एक बात और थी कि वो अपनी डॉली भाभी से छुपा कर यह काम करना चाहता था क्योंकि उसको डर था कि कहीं उसकी भाभी डॉली गुस्सा न हो जाए।

यह कहानी भी पड़े  मैं एक रंडी बन गयी

डॉली जैसी हरामी और चुड़क्कड़ औरत उसने कभी नहीं देखी थी। बेडरूम में अपने रंडियों जैसे अंदाज़ से शादी के 3 माह के अंदर ही उसने अपने मकान मालिक पवन को अपना चोदू बना लिया था और उसका पति भी बेबस होकर कुछ नहीं बोलता था क्योंकि साला नपुंसक था, डॉली की गांड और चूत की खुजली मिटाने में असफल रहता था।
चूंकि पवन दौलतमंद भी था सो डॉली के पति को दारु भी मिल जाती थी और वो भी कुछ नहीं बोलता था और इस तरह पवन को डॉली ने अपना दीवाना बना लिया था। पवन को डर था कि डॉली को यह बात पता चल गई कि उसकी निगाह पद्मा की कमसिन जवानी पर है तो ना जाने वो गुस्से में क्या कर बैठे।

जबकि वास्तव में उसका यह डर सिर्फ़ एक डर ही था क्योंकि डॉली पवन की इच्छा को बहुत अच्छे से पहचान गई थी। पद्मा को घूरते हुये पवन के चेहरे पर झलकती वासना उसने तो कब की पहचान ली थी, सच तो यह था कि वो खुद इतनी कामुक थी कि पवन से हर रात चुद कर भी उसकी कामुकता को तृप्ति नहीं मिलती थी और ऊपर से वो अपने पति की बहन को भी बिगाड़ कर उसे अपने वश में करना चाहती थी क्योंकि शादी से पहले डॉली एक लेस्बियन लड़की थी और उसने अपने स्कूल के दिनों में अपनी कुछ टीचर्स और ख़ास सहेलियों के साथ संबंध बना रखे थे। उसको लेस्बियन सेक्स में काफ़ी आनन्द आता था।
रात की चुदाई के बाद दोपहर तक उसकी चूत में फिर से खुजली होने लगती थी, वासना से उद्दीप्त योनि की अग्नि पर किसी कमसिन कन्या या खाई खेली औरत की जीभ की ठण्डक पाने के लिए उसकी निगाह भी पद्मा पर थी लेकिन फिलहाल उसे हस्तमैथुन से अपनी आग शांत करनी पड़ती थी।

यह कहानी भी पड़े  दो सेक्सी डॉक्टर्स की चूत चुदाई

शादी के बाद वो किसी और मर्द से संबंध नहीं रखना चाहती थी लेकिन क्योंकि सुरेंद्र जैसे नपुंसक से उसकी शादी और घर में ही मजबूत काठी का पवन और उसकी मस्त जवानी और मज़बूत लंड उसके पुरुष सुख के लिए पर्याप्त था। वो भूखी तो थी ही पर उसकी पहली पसंद तो लेस्बियन सेक्स ही थी। अब उसकी इच्छा यही थी कि कोई उसके जैसी चुदक्कड़ लड़की या औरत मिल जाए तो मज़ा आ जाए।
पिछले दो माह में वो भी पद्मा की उभरती जवानी की ओर बहुत आकर्षित होने लगी थी। अब डॉली मौका ढूँढ रही थी कि पद्मा को कैसे अपनी चंगुल में फंसाया जाए। पवन के दिल का हाल पहचानने पर उसका यह काम थोड़ा आसान हो गया।
एक दिन उसने जब पवन को स्कूल के ड्रेस ठीक करती पद्मा को वासना भरी नज़रों से घूरते देखा तो पद्मा के स्कूल जाने के बाद पवन को ताना मारते हुये बोली- क्यों लाला, मुझसे मन भर गया क्या? जो अब इस कच्ची कली को घूरते रहते हो, और वो भी अपने दोस्त की सग़ी छोटी बहन को?

Pages: 1 2 3 4 5

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!