ऑफिस की जूनियर को होटल में चोदा

ये बात आज से कुछ 3-4 साल पहले की हे. तब मैं पुणे में एक कम्पनी में हेड ऑफ़ ओपरेशन की पोस्ट पर था. वो एक एमएनसी थी. वहां पर एक सीमा नाम की लडकी भी काम करती थी अनालिस्ट के तौर पर. और उसका रिपोर्टिंग डायरेक्ट मुझे होता था.

वो एक सेक्सी मराठी लड़की थी जिसे सब लोग आँखे सेकने तक देखते थे. वो कद में थोड़ी छोटी थी करीब 5 फिट 2 इंच के जितनी. लेकिन उसका ड्रेसिंग सेन्स बड़ा ही जबरदस्त था. उसके होंठ इंग्लिश मूवी की हिरोइन एंजेलिना जोली के जैसे थे, बड़े बड़े और रस से भरे हुए.

हमारी ऑफिस की अरेंजमेंट ऐसी थी की मैं अपनी जगह से सब लोगों को देख सकता था. मेरी केबिन के सामने एक बड़ा ग्लास वाल था. सीमा की टेबल मेरे एकदम सामने और सब से करीब थी. मैंने ही उसे वहां रखवाया था ताकि मैं इस सेक्सी गर्ल को आँख भर के देखता रहूँ. मैं उसे देखता था और वो स्माइल करती रहती थी. दिन बदिन उसकी और मेरी नजदीकी बढती गई. कभी कभी हम साथ में लंच करने के लिए भी बहार जाते थे. कभी कभी मैं पार्टी भी देता था सब स्टाफ को और सीमा के लिए कभी कभी लंच हौर्स में छोटी सी पिज्जा पार्टी भी!

एक दिन शाम को जब मैं अपनी कार ले के ऑफिस से निकला तो मैंने सीमा को पैदल बीएस स्टॉप की तरफ जाते हुए देखा. मैंने कार को उसके पास स्लो किया. उसने मुझे देखा. मैंने कहा आ जाओ मैं ड्राप कर दूंगा तुम्हे. वो मेरी कार में आ बैठी. बात बात में मुझे पता चला की उसका एक बॉयफ्रेंड था जिसके साथ वो कुछ समय में शादी करने को हे.

उसके बाद भी एकाद बार मैंने उसे पिक किया कार से और उसके घर की गली के सामने छोड़ के मैं निकल जाता था. उसने काफी बार कोफ़ी के लिए कहा लेकिन मैं नहीं गया घर पर. मुझे फेमली वालो से कुछ दुरी रखनी थी. मेरा टारगेट तो ये सेक्सी मराठी लड़की ही थी!

एक दिन मैंने उसे बताया की कम्पनी में एक अच्छे पोस्ट के लिए इंटरनल वेकेंसी निकली हे. वो कुछ कहती उसके पहले ही मैंने उसे कहा की मैंने तुम्हे रेकोमेंड कर दिया हे. वो बड़ी खुश हुई और उसने मुझे थेंक यु कहा. मैंने उसे कहा की मै तुम्हे पसंद करता हु इसलिए मैंने तुम्हारा नाम दिया हे. वो शर्मा के बलश करने लगी!

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अगले दिन शाम को मैंने उसे पिक किया और हम लोग कार में ऐसे ही बातें कर रहे थे. मैंने उसे कहा, सीमा क्या मैं तुम्हे हग कर सकता हूँ? वो कुछ नहीं बोली और एकदम चूप रही. मैंने उसकी ख़ामोशी को उसकी रजामंदी की तरह समझ के उसे जोर से हग दे दिया. और उसने भी मुझे अच्छा रिस्पोंस दिया. मैंने उसके गले के ऊपर हलके से एक चुम्मा कर लिया और उसने अपनी आँखे बंद कर दी. ट्राफिक बढ़ने लगा था साइड में. इसलिए फिर मैंने उसे छोड़ा और कार को चला दी. वो ऐसे एक्ट कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही नहीं था लेकीन उसकी आँखे कुछ और ही कह रही थी.

सिग्नल क्रोस होने के बाद फ्लाईओवर आया और ट्राफिक हल्का हुआ. मेरी और सीमा की निगाहें मिली. मैंने उसके होंठो को अपने होंठो में भर के फिर से उसे चूसा. उसके अंजेलिना जोली के जैसे होंठो को चूसने का अपना अलग ही मजा था. मैंने अपने हाथ से सीमा के बूब्स को भी दबा लिया.

उतने में उसकी उतरने की जगह भी आ गई. मैंने उसे ड्राप किया. आज का दिन तो बड़ा ही हसीन गुजरा था.

और फिर ये हम दोनों का रूटीन हो गया. मैंने डेली उसके बूब्स मसलता था और उसके होंठो को चुस्ता था. एक शनिवार को मैंने उसे ड्राप किया और उस से कहा की काल मिलते हे संडे हे तो. वो बोली मैं घर जा के आप को कल का शेड्यूल बताती हूँ. उसने घर जा के कुछ ही देर में मुझे मोबाइल पर मेसेज किया की हम लोग एम जी रोड पर मिल सकते हे मोर्निंग में. मैंने एम जी रोड के करीब ही एक लोज बुक कर लिया. मुझे पता था की वहां उस लोज में उसे चोदने में मुश्किल नहीं होगी कुछ भी.

अगले दिन मोर्निंग में 10 बजे उसके मेसेज आया की वो कहा मिलेगी एम जी रोड पर. मैं उसके पास गया उसने ब्लेक ट्राउजर और पिंक टॉप पहना हुआ था. उसके बूब्स छाती से बहार आने को बेताब से लग रहे थे. और उसने आज मेकप भी कुछ अलग ही किया था.

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हम लोग वहाँ से सीधे ही होटल पर चले गए. और मैंने हम दोनों के लिए कोल्ड ड्रिंक मंगवा ली. फिर मैंने उसे हग कर लिया और उसके बूब्स को दबाने लगा. वो हलके हलके आवाज में मोअन करने लगी थी. मैंने उसे बेड के ऊपर डाल के उसके टॉप को खोला और निकाल दिया. उसके बड़े दूध जैसे सफ़ेद बूब्स को देख के मजा ही आ गया मुझे तो. मैंने उसे अपने बदन से लगाया और उसके बदन की गर्मी का अहसास मुझे हुआ. मैंने उसे एक मस्त किस दे दिया और उसकी ब्रा को भी निकाल दिया. उसके सेक्सी बूब्स बहार आ गए जिन्हें मैं चूसने लगा. और वो मस्ती में मोअन करने लगी थी.

मैं उसके बूब्स को ऐसे जोर जोर से सक कर रहा था की वो कुछ ही पल में एकदम लाल हो चुके थे. मुझे डर सा लग रहा था की कही मैं उसको हर्ट तो नहीं कर रहा हूँ. लेकिन वो शांत थी और मेरे चूसने को एकदम मजे से एन्जॉय कर रही थी. मैंने अब सीमा का ट्रोउसेर भी निकाल दिया और उसकी रंगबिरंगी पेंटी के ऊपर हल्का सा गिला पेच बना हुआ था. मुझे पता चल गया की वो चुदवाने के लिए बेताब थी.

मैंने उसकी पेंटी को निकाला और उसकी लव होल के उपर हलके से किस दे दिया. उसके बदन में जैसे कम्पन सा हुआ और उसने अपनी उंगलियाँ मेरे बालों में घुमा के मुझे अपनी तरफ खिंच सा लिया. मैंने उसकी चूत के शहद को जोर जोर से चाटने लगा था. और अपनी जबान को मैंने उसकी होल में घुसा दिया. वो कराह रही थी और उसकी चूत और भी गीली होने लगी थी. मैंने अपने माथे को और अन्दर किया और वो हलकी हो गई. उसकी चूत से रंगहीन गाढ़ा प्रवाहि निकल पड़ा मेरे होंठो के और उसकी जांघो के ऊपर. वो शांत हो चुकी थी.

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