जवान लंड और मेरी हवस-1

हेलो दोस्तो मेरा नाम पूनम है. मैं काफ़ी सालो से देसी कहानी पर चुदाई की कहानियाँ पढ़ती हूँ. मेरी ज़िंदगी मे भी एक मजेदारी चुदाई हुई थी जिसका किस्सा मैं आपके साथ शेर करने वाली हूँ.

ःओतBओय्णिल मेरा सबसे फॅवुरेट ऑतर है मैने इनकी लगभग सारी स्टोरीस पढ़ी है इसलिए मैं उन्हे थॅंक्स कहना चाहती हूँ जो इन्होने मेरी कहानी को अपने ईद से पब्लिश करवाया और इसमे इंप्रूव्मेंट्स भी की.

जैसे की मैने आपको मेरा नाम बताया. मैं एक 34 साल की वर्किंग विमन हूँ और एक मंक मे काम करती हूँ. मैं दिखने मे काफ़ी खूबसूरत हूँ. गोरा रंग, हाइट 5.6 फ्ट., घने बाल, स्लिम बदन की मालकिन हूँ.

मुझे काफ़ी स्टॅंडर्ड रहना पसंद है. ई’म आ मॅरीड विमन. मेरी फिगर काफ़ी आक्ची है और काफ़ी सारे मर्द मुझे घूरते रहते है. उनकी नज़रे देखकर मैं खुदको रोक नही पाती हूँ और रात को उन्हे याद करके अपने पति से खूब चुड़वति हूँ.

वो मुझे काफ़ी अकचे से छोड़ते है लेकिन औरत की प्यास जल्दी शांत नही होती. मुझे अक्सर एक वाइल्ड किस्म की चुदाई की चाहत थी जिसमे मैं किसी मर्द को अपना गुलाम बनाकर उससे चुडवाया करू. लेकिन मैं एक मॅरीड विमन हूँ इसकी वजह से मैं ज़्यादा कुछ कर नही सकती थी. फिगर: 34-28-36

एक दिन की बात है मैं अपने ऑफीस मे काम कर रही थी तभी मुझे एक डेलिवरी बॉय का कॉल आया जो मेरा पार्सल देने आया था. मैं वो लेने पार्किंग मे चली गयी.

पार्किंग मे काफ़ी अंधेरा था और वहाँ कोई नही था. उस डेलिवरी बॉय से मैने अपना पार्सल लिया और वहाँ से जाने लगी तभी मुझे किसी लड़की के चीखने की आवाज़ सुनाई दी. मुझे लगा कोई मुसीबत मे है इसलिए मैं उस आवाज़ को फॉलो करते हुए जाने लगी. वो आवाज़ एक कार मे से आ रही थी.

मैं दबे पैरो से उसके पास गयी और देखने लगी तो मैने जो देखा वो देखकर मेरे होश उडद गये. मेरे ऑफीस की एक एंप्लायी ह्र मॅनेजर के साथ उस कार मे थी. वो दोनो बॅक सीट पर थे. ह्र सीट पर बैठा हुआ था और वो लड़की ह्र के दोनो पैरो के बीच मे बैठी हुई थी.

लड़की: सिर प्लीज़ मुझे जाने दो… आप ने पिच्छली बार कहा था के अगर मैं आपको ब्लोवजोब दूँगी तो आप मेरा ट्रान्स्फर रुकवा दोगे

ह्र: हन मैने बोला था

लड़की: तो मैने पिच्छली बार आपको ब्लोवजोब देकर अपना काम कर दिया था. अब आपका काम है के मेरा ट्रान्स्फर रुकवा देना

ह्र (लड़की के बालो को सहलाते हुए): देख तूने ब्लोवजोब दिया था वो इतना अक्चा था के मेरा मॅन नही भरा इसलिए इस बार फिर से बुलवा लिया

लड़की: सिर ये तो ग़लत है… आप ऐसा नही कर सकते

ह्र: डिसिशन तुम्हारे हाथ मे है बताओ क्या करना है? ब्लोवजोब डोगी या फिर दूसरी ब्रांच मे जाओगी?

उस लड़की के पास कोई ऑप्षन नही था इसलिए वो ब्लोवजोब देने के लिए मान गयी. मॅनेजर बहुत खुश हुआ और वो उसे यहाँ वहाँ किस करने लगा. लड़की उसे माना नही कर रही थी और ना उसका साथ दे रही थी. मॅनेजर पूरी तरहा से भरा पड़ा था इसलिए वो लड़की के बूब्स को दबाते हुए उसके होंठों को चूसने लगा. वो बहुत ही बुरी तरहा से उसके होंठ चूसे जेया रहा था.

उसे देखकर लग रहा था के उसे काफ़ी वाइल्ड सेक्स करना पसंद था. लड़की के पास कोई ऑप्षन नही था इसलिए वो चुप बैठी थी. कुछ देर बाद वो लड़की उठी और ह्र को ब्लोवजोब देने के लिए उसके सामने बैठी. ह्र ने अपनी पंत और बॉक्सर उतार दी. ह्र काफ़ी जवान था तो उसका लंड भी अक्चा ख़ासा दमदार और लंबा था.

लंड देखकर मेरी कांवासना जागने लगी थी. पहले से ही मैं एक भूखी शेरनी थी जो हर वक़्त चुदाई के सपने देखा करती थी. और मेरे सामने एक जवान लंड हो तो मेरी हालत तो खराब होगी ही ना.

लड़की: सिर आपका लंड काफ़ी बड़ा है

ह्र: क्यू तेरे ब्फ का नही है क्या?

लड़की: नही… उसका तोड़ा छ्होटा है

ह्र: चल अब प्यार कर इसे

लड़की: सिर प्लीज़ ऐसा मत करो… मैं अपने ब्फ को धोका नही दे सकती

ह्र: ठीक है तो फिर जाओ दूसरी ब्रांच मे

लड़की: दूसरी ब्रांच काफ़ी दूर है सिर. वहाँ गयी तो मैं अपने ब्फ से दूर हो जौंगी

ह्र: तो फिर चुपचाप मेरा लंड चूस और मुझे शांत कर

लड़की ने लंड को पकड़ा और हिलने लगी. कुछ देर बाद उसने उसे मूह मे लिया और चूसने लगी. ह्र अपनी आँखें बंद करके सिसकारियाँ लेने लगा. वो स्वर्ग के मज़े ले रहा था. लड़की काफ़ी अक्चा ब्लोवजोब दे रही थी. कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी. उन दोनो की आवाज़े काफ़ी ज़ोर से आ रही थी.

ह्र उस लड़की के बूब्स दबा रहा था जिससे वो लड़की भी गरम हो चुकी थी. दोनो तरफ आग लगी हुई थी. कुछ देर बाद ह्र झड़ने वाला था तो उसने लड़की के सिर को पकड़ा और धक्के लगाने शुरू किए. उसका पूरा लंड लड़की के गले मे उतार रहा था. लड़की साँस नही ले पा रही थी और उसके मूह मे लंड पूरी तरहा से अंदर बाहर हो रहा था. कुछ देर बाद वो झाड़ गया.

लड़की: सिर अब मेरा काम हो गया. आप ट्रान्स्फर रुकवा देना प्लीज़

ह्र: हन मैं पक्का कर दूँगा

इतना बोल कर वो कार से उतार के खुद को ठीक करते हुए ऑफीस की तरफ भाग गयी. ह्र अंदर ही था. तभी मेरे दिमाग़ मे कुछ नटखट ख़याल आया और मैं झट से गाड़ी के अंदर चली गयी. मुझे देखकर वो दर गया और खुद को ढकने लगा.

ह्र: आप?? आप यहाँ क्या कर रही हो? आपका भी ट्रान्स्फर रुकवाना है क्या?

मे: नही… मुझे तुमसे बहुत कुछ चाहिए

ह्र: मतलब?

मे: देख मैं इस कंपनी मे काफ़ी टाइम से काम कर रही हूँ लेकिन सही तरहा से प्रमोशन मिलने मे मुझे कम से कम 3 साल और लग जाएँगे. तुम मुझे छोड़ लेना और प्रमोशन दिलवा देना

मेरी बात सुनकर ह्र गुस्सा हो गया और कहने लगा.

ह्र: आप उतरो मेरी गाड़ी से… और निकल जाओ यहाँ से. मैं ऐसा नही कर सकता

मे: अक्चा बाकचू… ठीक है चली जौंगी लेकिन याद रखना मेरे पास तुम दोनो का वीडियो है. अगर माना करोगे तो वो ऑफीस के ग्रूप मे डाल दूँगी. फिर देखती हूँ तुम्हारी जॉब कौन बचाता है

मेरी बात सुनकर उसके चेहरे के रंग उडद गये. वो बहुत दर गया.

ह्र: नही नही… ऐसा मत करो मेरी जॉब चली जाएगी

मे: तो फिर मेरा काम करोगे?

ह्र: हन… कल ही तुम्हारा प्रमोशन हो जाएगा और तुम्हे छुड़वाने की भी कोई ज़रूरत नही है

मे: चड़वौनगी तो मैं तुमसे ही

मेरी बात सुनकर उसके होश उडद गये

ह्र: क्या? ये क्या बात कर रही हो आप?

मे: हन. तुम्हे देखकर लगता है तुम्हे वाइल्ड तरहा की चुदाई पसंद है.

ह्र: हन… पसंद है

मे: मुझे तुम्हारे जैसे मर्द की तलाश थी

मेरी बात सुनकर उसके चेहरे पर नॉटी स्माइल आ गयी. उसने मेरी कमर मे हाथ डाल के अपनी तरफ खीचा और कहने लगा

ह्र: क्यू? घर पर पति नही छोड़ता क्या?

मे: छोड़ते है लेकिन मुझे वाइल्ड चुदाई पसंद है

ह्र: ठीक है. तुम्हारी सारी हवस मैं शांत करूँगा

मे: वो तो तुम्हे करनी ही पड़ेगी. और हन ज़्यादा नाटक नही करना मेरे सामने. उमर मे तुमसे बड़ी हूँ इसलिए चुदाई के मामले मे मेरी नीड भी तुमसे ज़्यादा है. मैं जब बोलू जैसे बोलू तुम्हे मुझे छोड़ना पड़ेगा

ये सुनकर उसे पता चल गया था के मैं कोई ऐसी वैसी औरत नही हूँ और उसका गुस्सा मुझपर नही चलने वाला. उसने तोड़ा सोचा और हन बोला

मे: मेरी सालो से इच्छा है के कोई मुझे गाड़ी मे छोड़े… और आज मुझे इस गाड़ी मे छुड़वाने का बहुत मॅन है

ह्र: आए हाईए तुम तो सच मे बहुत चालू हो. दिखने मे भोली हो लेकिन बहुत शातिर हो

मे: हाहाहा क्या करे ऐसा ही रहना पड़ता है

ह्र: ठीक है. तुम्हे अकचे से छोड़ूँगा. मुझे तुम जैसी डॉमिनेट करने वाली औरते पसंद है.

मे: अक्चा जी.

ह्र: हन. बहुत लोगो को छोड़ा है लेकिन तुम पहली हो जो सीधा दिल मे उतार गयी

मे: अपना दिल मत दे देना मुझे. मैं शादीशुदा हूँ.

ह्र: हन लेकिन आज के बाद तो मेरी रानी रहोगी ना

फिर हम दोनो हासणे लगे. कुछ देर बाद हम दोनो अचानक से चुप हो गये और एक दूसरे को देखने लगे. देखते ही देखते हम करीब आ गये और मैने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.

वो बिल्कुल शांत और आराम से मुझे किस कर रहा था लेकिन मैं काफ़ी वाइल्ड हूँ. मैं उसे ज़ोर ज़ोर से किस करने लगी थी. कुछ देर बाद वो साँझ गया मैं क्या चाहती हूँ और उसने भी वैसा ही किया.

मैं झट से उसकी गोद मे आकर उसकी तरफ फेस करके बैठ गयी. अपने दोनो हाथों को उसकी गर्दन मे डाला और और उसे च्छेदते हुए किस कर रही थी. मेरी इस अड़ाह से वो बिल्कुल घायल हो चुका था. वो सिर्फ़ मुझे देखने लगा.

मे: क्या हुआ? ऐसे क्या देख रहे हो?

ह्र: तुम्हे पता है तुम्हारी अड़ाह से कोई भी मर्द पागल हो सकता है

उसकी बात सुनकर मैं शरमाने लगी.

ह्र: उफ़फ्फ़ ऐसे शरमाओ मत वरना मैं तुम्हे दिल दे बैठूँगा

इतना कहते ही उसने मेरा टॉप और ब्रा उतार दी. मैं उसकी गोद मे टॉपलेस थी. नारियल जैसे मेरे बूब्स उसके सामने झूल रहे थे. उसने उन्हे हाथो मे पकड़ा और उन्हे दबाने लगा. मैं जोश मे आने लगी. निपल्स को भी हल्के से मसल रहा था. मुझे हल्का सा दर्द हो रहा था.

मे: आहह आअहह ऐसे ही कारू उउम्म्म्म यअहह बाबययी आहह दब्ाओ इन्ही आहह खूब चूसो अकचे से प्यार करो मुझे आहह बहुत प्यासी हूँ मैं

मेरी बातें सुनकर वो बहुत एग्ज़ाइटेड हो गया. मेरी नज़र उसके लंड पर पड़ी तो वो पूरी तरहा से खड़ा हो चुका था और मुझे सलाम दे रहा था. वो बहुत ही गोरा और हॅंडसम लड़का था. एकदम जवान था और उसने करीब 15 से 20 लड़कियों को अपने लंड की सवारी करवाई थी. उसका लंड काफ़ी लंबा और गोरा था.

उसके लंड की नर्व्स सॉफ दिखाई दे रही थी जिससे वो और भी अक्चा लग रहा था. उसे देखकर मेरे मूह मे पानी आ गया था. मैं ज़िंदगी मे पहली बार किसी गोरे लंड को देख रही थी इसलिए उसने और छुड़वाने के लिए काफ़ी ज़्यादा एग्ज़ाइट्मेंट मेरे अंदर आ गयी थी.

मे: तुम्हारा लंड मुझे बहुत पसंद आ गया है. अगर आज तुमने मुझे खुश कर दिया तो मैं तुम्हारी…

ह्र: रियली?

मे: हन… मैं बहुत चुड़क्कड़ हूँ. मुझे रोज छुड़वाना पसंद है. अपने पति से भी खूब चुड़वति हूँ लेकिन मैं शांत नही होती

ह्र: आज तुम्हारे बदन की आग को मैं शांत करूँगा

मे: अगर सच मे ऐसा हुआ ना तो मैं पूरी तरहा से तुम्हारी हो गयी. तुम जब चाहो जैसे चाहो मुझे छोड़ सकते हो

ह्र: ठीक है

तो बे कंटिन्यूड…

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