ऑफिस की सेक्सी महिला को घर लेजा कर चोदा

दोस्तों आज मैं जो ये कहानी बता रहा हूं, यह शत प्रतिशत असली है। आज से ठीक 7 महीने पहले कि बात है। मैंने ये सोचा भी नहीं था, कि मेरा सपना इतनी जल्दी पूरा होगा। चलो मैं पूरी कहानी बताता हूं। मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला आम आदमी हूं। मेरे ऑफिस में एक बहुत ही सुंदर शादी-शुदा महिला जॉब पर लगी। दिखने में बहुत ही सेक्सी और गोरी‌ थी। उसे देख कर कोई भी उससे सेक्स करने की लालसा कर सकता है।

मैं उसका नाम पब्लिश नहीं करूंगा। वो मुझसे बहुत इंप्रेस थी। मैं उससे थोड़ा फ्री में बात करने लगा था। उसे ये बुरा नहीं लगता था। वो भी वैसे ही मुझसे फ्री बात करती थी। उसे एक 4 साल की बेटी है। और मुझे 6 साल का लड़का है। मैं उसे काफी पसंद करने लगा था। एक बात बोलूं, मैं उसकी फोटो देख कर हस्तमैथुन भी किया करता था। मैं उसे चोदने के लिए बहुत बेसबर हो रहा था।

मेरी वासना उसके प्रति बहुत बढ़ गयी थी। पर मुझे उससे स्पर्श करने में डर लगता था। लेकिन किस्मत का खेल देखो, वो एक दिन आ गया था जो मुझे चाहिये था। तो बात ये है, कि हमारे ऑफिस में एक कर्मचारी की शादी थी। उस शादी में वो भी आयी थी। लेकिन शादी जिस जगह थी, वो काफी दूर थी। वहा ऑटो भी बहुत मुश्किल से मिलता था। वो शादी में ऑरेंज कलर की साड़ी पहन के आयी थी। वो बहुत ही सुंदर लग रही थी, कि मानो कोई अप्सरा आयी हो।

मैं उसे देख कर शायद बेहोश हो जाता, ऐसा लग रहा था। उसकी गांड की तरफ देख कर मेरा तो लंड खड़ा हो गया था। बहुत मुश्किल में था मैं उस वक्त। शादी हो गयी, और खाना खा कर हम निकलने लगे। सब चले गये, लेकिन उसे कोई ऑटो नहीं मिल रहा था उसे। बहुत इंतेजार करने पर मैं वहां स्टॉप पर उससे कहने लगा कि-

मैं: आप मेरे साथ मेरी गाड़ी में चलो। मैं आपको आप के घर के पास छोड़ देता हूं।

पहले वो नहीं बोली, लेकिन फिर वो मान गयी, और मेरी गाड़ी में बैठ गयी। मौसम बहुत ख़राब था। अचानक आंधी आयी और बारिश होने लगी । हम दोनों एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। थोड़ा बहुत भीग गए थे। भीगी हुई साड़ी में वो बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी। उसके उभरे हुवे बूब्स को देख कर मैं बहुत ज्यादा पागल हो रहा था।

ऐसा लग रहा था कि उसे उसी वक्त उसको किस्स करके उसके बूब्स दबा दूं। हम पेड़ के नीचे काफी भीग चुके थे। सो मैंने उसे कहा कि-

मैं: एक काम करते है, आप मेरे घर चलो। पास में हाईवे पर लग के मेरा घर है। आप काफी भीग गयी हो, तो घर चलके मेरी वाइफ के कपड़े पहन लो। फिर मैं तुम्हे घर पे छोड़ दूंगा।

वो थोड़ा सोच कर मान गयी। वो हम गाड़ी में बैठ कर बारिश में घर की तरफ निकले। मैंने उसे रास्ते में बताया कि-

मैं: मेरी पत्नी घर पर नहीं है, और वो गांव गयी है। तो आपको कोई समस्या तो नहीं है ना?

उसने नहीं बोला। फिर हम घर पहुंच गए। ताला खोल‌ कर के हम घर में गए, और वो बाथरूम गयी। मैंने उसे टॉवल दिया, और अपनी पत्नी की एक कुर्ती निकाल के बिस्तर पर रख दी। मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार के सूखने के लिए बाहर रख दिए।

मैं पूरा नंगा था सिर्फ टॉवल पहने था। फिर अचानक वो बाथरूम से टॉवल लपेटे बाहर आ गयी। मैं उसे टॉवल लपेटे देख कर शॉक हो गया, और अपनी नजरें नीचे झुका ना सका। फिर उसकी तरफ देख कर मैं बोला-

मैं: वाओ, आप बहुत ही सुंदर लग रही हो।

मैं उसकी तरफ देख रहा था। उसकी ज़ुल्फों से पानी को बूंदे उसके गोरे कंधो पर गिर रही थी, और मेरे मुंह से अचानक शब्द निकले-

मैं: क्या मैं आपको एक बार छू सकता हूं?

वो थोड़ी नर्वस हो गई। फिर ना जाने वो मेरी तरफ देख कर बोली-

वो: सिर्फ छूने तक ही रहोगे, या और भी कुछ करने का इरादा है?

मैंने कहा: मतलब?

फिर वो बोली: मैंने सुना है, घर में अकेली औरत का कोई भी फ़ायदा उठा सकता है। तो तुम्हें भी हो रहा होगा।

मैंने कहा: हां, लेकिन अगर सामने वाला इस बात को तैयार होगा तो?

वो हस कर बोली’ मैं कब से तैयार हूं। तुम सोचो।

फिर क्या था, मैं उसकी तरफ गया, उसे अपने गले लगा‌ के उसके कंधो पर पड़ी पानी की बूंदो को अपने मुंह में ले रहा था। फिर मैंने अपना तोलिया निकाल दिया, और उसका भी। अब हम दोनों पूरे नंगे हो गए। उसे नंगा देख कर मैं शायद बेहोश ना हो जाता, बहुत ही सुंदर लग रही थी। फिर क्या, मैंने उसके बूब्स चूसना चालू किया। उसके रसीले होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा।

बहुत ही नरम और लाल होठ थे उसके। वो जोर-जोर से सिसक रही थी, की मानों उसने बरसों से कोई सेक्स नहीं किया हो, और मैं उसके बूब्स दबा रहा था। फिर मैं उसकी चूत को चाट रहा था। वो और तड़प रही थी, और कह रही थी कि-

वो: मेरी प्यास बुझा दो। बहुत तरस रही हूं मैं एक अच्छे सेक्स के लिए।

फिर उसने मेरा लंड अपने मुंह में लिया और चूस रही थी। अब मैं कंडोम पहन कर उसे जोर-जोर से चोद रहा था। वो जोर-जोर से सिसक रही थी। वो पूरी पसीने-पसीने हो गयी, और मैं भी। फिर मैं उसे घोड़ी बना कर पीछे से उसकी दोनों हाथो से कमर पकड़ कर जोर-जोर से झटके दे-दे कर चोद रहा था।

वो बेकाबू हो गयी थी। उसे बहुत मजा आ रहा था। बाहर बारिश बरस रही थी, और मैं अंदर उसे पूरा चोदने का फायदा उठा रहा था। आधा घंटा होने के बाद फिर मेरा वीर्य निकल गया, और वो भी रिलैक्स हो गई। हम दोनों बिस्तर पर पूरे नंगे लिपटे हुए थे।

वो मुझसे कह रही थी: आज मैं बहुत खुश हूं। मैंने जिंदगी में पहली बार इतना अच्छा सेक्स किया है। मेरे पति मुझसे सेक्स नहीं करते। वो रात को बहुत दारू पी कर आते है, और सो जाते है। आज आपने मेरी प्यास बुझा दी है।

फिर मैं बोला: क्या हम फिर एक बार सेक्स कर सकते है, जब भी मन करे?

वो कुछ नहीं बोली। फिर वो उठी, और बाथरूम में जा कर उसने अपनी चूत को धोया। फिर बाथरूम से बाहर आ कर वो मेरे हेयर ड्रायर से अपने बाल सुखा रही थी। तब तक मैंने कॉफी बनाई और हम दोनों ने पी। फिर मेरी पत्नी के कपड़े पहन कर वो बोली-

वो: मैं कल ऑफिस में ये कपड़े ला दूंगी।

और फिर मैंने उसे उसके घर के पास तक छोड़ दिया। दूसरे दिन उसने मेरी पत्नी की ड्रेस ला कर दी। लेकिन वो मेरी तरफ थोड़ी शर्म की नजर से देख कर काम करने लगी। उस दिन उसने मेरे से बात भी नहीं की। फिर ना जाने क्या हुआ, एक हफ्ता वो ऑफिस में आयी नहीं। मैं बेचैन हो गया था कि ऐसा क्या हुआ,‌ और वो ऑफिस में क्यों नहीं आ रही थी। क्या उसके पति को हमारे सेक्स के बारे में पता तो नहीं चला? उस दिन मैं छुट्टी पर था, तो वो ऑफिस में आ गयी थी। वो रिजाइन दे के चली गयी।

बाद में पता चला कि उसका पति के साथ झगड़ा हो गया था, तो वो घर छोड़ के माइके चली गई। मैं आज भी उसका इंतजार कर रहा हूं। तो दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना। धन्यवाद।

यह कहानी भी पड़े  ऑफिस की सहकर्मी को गरम करने की सेक्सी कथा


error: Content is protected !!