होटल में गर्लफ्रेंड की की बुर की चुदाई

होटल में गर्लफ्रेंड की की बुर की चुदाई

(Hotel Me Girl Friend Ki Bur Ki Chudai)

Hotel Me Girl Friend Ki Bur Ki Chudai

हाय, मेरा नाम संजय है, हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं वायु सेना में जॉब करता हूँ।

बात आज से 2 साल पहले की है.. जब मैं चेन्नई में था तो मेरे एक दोस्त ने मुझे एक लड़की से फ़ोन पर बात करवाई। इसके बाद मैं और वो लड़की.. हम अक्सर एक-दूसरे से बात करने लगे। जल्द ही हम अच्छे फ्रेंड बन गए.. पर मैं उसको अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता था।

इसलिए एक दिन मैंने उसको प्रपोज कर दिया, पर उसने मना कर दिया। फिर रात को मैंने दारू पी कर उसको फिर फ़ोन किया। उसने मेरी आवाज से समझ लिया कि मैंने दारू पी हुई है।

जब उसने ये बात मुझसे कही तो मैंने उससे बोला- जब तक तुम ‘हाँ’ नहीं करोगी.. मैं पीता ही रहूँगा।
उसने कहा- मैं सोच कर बताऊँगी।
मैंने कहा- ठीक है।

परंतु अगले दिन वो फिर नाटक करने लगी।
तो रात को मैंने फिर दारू पीने की एक्टिंग करते हुए कहा- अगर तुमने आज जवाब नहीं दिया तो मैं मर जाऊंगा।
तो उसने झट से मेरी बात मान ली और मुझे ‘लव यू टू’ कहा।

फिर हम अक्सर फ़ोन पर किस करने लगे, फिर धीरे-धीरे हम फ़ोन सेक्स, सेक्स चैट करने लगे।

अब मैं आपको उस लड़की के बारे में बताता हूँ। उसका नाम पलक (बदला हुआ) था। उसका फिगर 32-26-34 का था। वो दिल्ली की रहने वाली थी.. दिखने में भी गजब की सुन्दर थी।

फिर जब मैं घर जाने वाला था तो मैंने उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिलने को कहा.. वो मान गई।
मुझे 9 बजे तक दिल्ली पहुँच जाना था पर मेरी ट्रेन 3 घंटे लेट हो गई।

उसके बार-बार फ़ोन आ रहे थे कि कब आओगे। जब मैं दिल्ली पहुँचा तो हम दोनों टेक्सी करके एक होटल में आ गए।

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होटल के रूम में जाते ही हमने एक-दूसरे को बांहों में भर लिया, मैं उसकी गर्म सांसें महसूस कर रहा था। मैंने अपने होंठ उसके होंठों से लगा दिए और थोड़ी देर में वो भी मेरा साथ देने लगी।
हमने 5 मिनट तक किस किया।

फिर मैंने चाय आर्डर की.. तो उसने मेरी गोदी में बैठकर चाय पी और थोड़ी बात की।

अब मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया, उसे किस करते हुए उसके चूचे दबाने लगा। वो भी गर्म होने लगी और उसने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी।

उसके हाथों का स्पर्श पाकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने उसका सूट उतार दिया और ब्रा के ऊपर से मम्मों को दबाने लगा, उसने सिसकारियां लेनी शुरू कर दीं।

मैं किस करते-करते उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही काटने लगा। कुछ ही पलों में मैंने उसकी सलवार उतार दी, उसने सफ़ेद ब्रा और लाल पेंटी पहनी हुई थी।

उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया।
पहले तो वो मेरा लंड देख कर डर गई.. पर मैंने उसको बांहों में लेकर किस करना शुरू कर दिया और उसकी ब्रा के हुक खोल दिए।

अब उसके जिस्म पर सिर्फ पेंटी बची थी। वो शरमा रही थी.. पर मैंने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया और उसके मम्मों को चूसने लगा।
कुछ ही देर में उसकी शर्म खत्म हो गई और वो मेरे लंड से खेलने लगी।

मैंने उसकी पेंटी उतार दी और किस करते-करते उसकी बुर पर पहुँच गया। जैसे ही मैंने उसकी बुर पर जीभ लगाई.. तो उसने अपनी आंखें बंद कर लीं और अपनी बुर चटवाने लगी।

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मैंने कुछ मिनट तक उसकी बुर चाटी.. तो वो झड़ गई। मैंने उसका सारा बुर रस पी लिया।

अब हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए गए। कुछ ही मिनट में मैंने मेरा लावा भी उगल दिया और वो फ़ौरन उठकर बाथरूम में भागी और मुँह साफ़ करके आई।

हम फिर से एक-दूसरे की बांहों में आ गए। मैंने उसके मम्मों से खेलना शुरू कर दिया। थोड़ी देर में वो फिर से गर्म हो गई और उसने सिसकारियां लेना शुरू कर दीं। कुछ देर तक यही चलता रहा।

फिर उसने कहा- और मत तड़फाओ जान.. प्लीज़!

मैंने भी ज्यादा देर करना ठीक नहीं समझा.. क्योंकि मुझे घर भी जाना था। मेरा घर गाँव में है और रात को मेरे गांव के लिए कोई साधन नहीं मिलता है।

अब मैंने उसकी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी बुर के छेद पर रखकर धक्का मारा तो मेरा तो मेरा लंड फिसल गया।

मैंने अपने बैग से तेल की शीशी निकाली और उसकी बुर और अपने लंड पर तेल लगा लिया, फिर उसी पोजीशन में आकर मैंने धक्का मारा.. तो इस बार गोल हो गया।
वो जोर से चिल्लाई.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… क्योंकि मेरा सुपारा उसकी बुर में घुस चुका था।

फिर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में दबाया और एक और जोरदार झटका मारा। मेरा आधा लंड उसकी बुर में घुस गया। अब वो बुरी तरह छटपटाने लगी.. लेकिन उसकी चीख मेरे मुँह में ही रह गईं।

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