होटल की रिसेप्शनिस्ट जवान रंडी को चोदा

होटल की रिसेप्शनिस्ट की आंखे नीली थी. मैं चेक इन के लिए गया तभी मेरी नजर उसकी टाईट चुचियों के ऊपर जम सी गई थी. वो एक ब्लेजर में थी और ब्लेजर के ऊपर का आकार उसके बूब्स की अकड की दुहाई दे रही थी. हम दोनों की नजरें एक मिनिट के लिए ही मिली थी. लेकिन मेरी निगाहों में जैसे उसका चहरा जम गया था. ये होटल में मैं पहले भी काफी बार रुका था और पुराना सभी स्टाफ मुझे जानता था.

दूसरी रिसेप्शनिस्ट जो मुझे जानती थी उस से लाईट बातचीत हुई. उसे पता था की मैं सिल्वर की एक्सपोर्ट का काम करता था और अक्सर इसी होटल में ही रुकता था.

मैं ऊपर अपनी तीसरी मंजिल की पसंदीदा रूम में ही गया जहाँ से सिटी की होराइजन शाम को शराब के साथ और ही सुहानी लगती हैं.

कमरे में सामान तो ले के आना नहीं था. मैंने फ्रेश हो के रूम सर्विस वाले को कॉल कर के अपनी बोतल और चखना मंगवा लिया. भोला नाम का वेटर हो करीब 35 साल का था वो कमरे में आया ड्रिंक का सामान ले के. भोला भी मुझे भली भाँती जानता हैं और उसने पहले मेरे लिए काफी दफा चुदाई का प्रबंध किया था. वैसे ऐसी बड़ी होटल में सेक्स का इतना खुला धंधा नहीं होता हैं. लेकिन यहाँ जो हमारे जैसे नियमित ग्राहक हैं उन्हें पता हैं की इंतजाम कहा और कैसे होता हैं.

भोला ने कहा, साब पेग बनाऊ?

मैं: हां बना दो, और कुछ नया आया की नहीं?

भोला: साहब थोडा महंगा हैं चलेगा?

मैं: कितना महंगा?

भोला: आप जो देते हैं हर बात उस से डेढ़ गुना, पर माल काफी नया है और आप ने शायद निचे उसे देखा भी होगा.

मैं: नहीं निचे तो कोई नहीं हैं, सोफा भी खाली था.

भोला: जो लिखा पढ़ी कर रही थी वो लड़की हैं ना.

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मेरा दिमाग चकरा गया. मैंने कहा, क्या वो नयी लड़की हैं जो बड़ी आँखों वाली हैं!!!

भोला: हां साहब वो माल ही हैं, कुछ दिन पहले ही आई थी. धंधा करती थी लेकिन मेनेजर साहब ने उसे दिन में रिसेप्शन का काम भी दे दिया हैं क्यूंकि उसे पैसे की बहुत जरूरत हैं.

मैंने पांच सो का नोट निकाल के भोला के ऊपर के पॉकेट में रख दिया और कहा: भोला आज उसे ही ले आओ, अब शराब उसे चखने के बाद ही पिऊंगा!

भोला वहाँ से निकलते हुए बोला, वैसे तो एकाद घंटा बाकी हैं उसकी शिफ्ट खत्म होने में लेकिन मैं जल्दी बुलाने की ट्राय करता हूँ.

अब मैं बेताब था कुछ देर पहले जिसे देखा था अब वो कुछ ही मिनीटो में मेरी बाहों में होगी. और ये सोच सोच के ही मेरा लंड जैसे और कडक होने लगा था. भोला पंद्रह मिनिट के बाद वापस आया और वो बोला, साहब मेनेजर साहब नहीं मान रहे थे लेकिन मैं जब कहा की हमारी होटल के बड़े पुराने गेस्ट है तो वो मान गए हैं. कुछ देर में आप के दरवाजे के उपर नोक होगी बस.

और फिर वो चला गया. 10 मिनिट के बाद कमरे के डोर पर हलकी सी नोक हुई. मैंने दरवाजा खोला तो वही लड़की ब्लेजर में खड़ी थी. मैंने दरवाजा खोला और वो अन्दर आया गई. मेरे सामने वो सोफे के ऊपर बैठ गई. मैं अन्दर आया तो वो खड़ी हुई और बोली, साहब जल्दी कर लो जो करना है मुझे घर भी जाना हैं.

मैंने कहा पहले अपने बदन के ऊपर से ये कपड़ो की आफत को तो हटाओ.

वो कपडे निकाल रही थी तो मैंने पूछा, क्या नाम हैं आप का.

वो बोली, सुनीता.

मैंने कहा, बड़ा स्वीट नाम हैं.

वो एक मिनिट में एकदम से नंगी हो गई कुछ देर पहले ब्लेजर में मैं जिसके आकार की कल्पना कर रहा था वो बूब्स मेरे सामने एकदम न्यूड थे. सच में इस लड़की के बूब्स काफी सेक्सी थे. आकार में त्रिकोण और बहार की और फुले हुए. किसी को भी इन बूब्स को देख के लंड हिलाने का मन हो जाए वैसे थे वो!

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और वो लड़की भी किसी पक्की छिनाल के चूत के पानी को चाट के बड़ी हुई थी शायद. उसने मेरे लंड को अपने कब्जे में ले कर लिया मेरी पतलून को खोल के. लंड को देख के उसकी आँखों में भी चमक आ गई थी. रंडी भी तो एंड में एक औरत ही हैं और उसकी चूत के अन्दर भी चुदाई की चिंगारी सुलग उठती हैं. औरतो का तो फिगर सेक्सी होता हैं वैसे मर्दों में लंड का साइज़ हैं जो किसी औरत को आकर्षित करता हैं. मेरे तगड़े लंड ने इस रंडी लड़की के अन्दर की सेक्सुअलिटी को जैसे जगा दिया था. मानो उसकी अन्तर्वासना उसे कह रही थी, आज महीनो के बाद बड़ा लंड मिला हैं तो उसको ले ले मजे से.

इस जवान लड़की ने लंड के डंडे को पकड़ के सुपाडे के ऊपर बहुत ही प्यार भरी पप्पी दे दी. मेरे अन्दर के सेक्सी कीड़ा रेंगने सा लगा था. मैंने उसके बालों को पकड़ के सही जगह बनाई और लंड को उसके मुहं में डाला. उसने मुहं को खोल लिया और मजे से कोक सकिंग करने लगी. उसके लंड को चूसने से ग्गग्ग्ग ग्गग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग की आवाजें आ रही थी क्यूंकि उसके मुहं में थूंक था जो मेरे लंड के घिसने से गुब्बारे बना रहा था.

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