रतिका की वर्जिन गांद की चुदाई

रतिका: नील मेरी एक फॅंटेसी है और वो मुझे पूरी करनी है.

नील: हन बताओ ना?

रतिका: मैने बहुत सारी पोर्नस देखी है जिसमे लड़के उनकी पार्ट्नर की गांद मरते है. मुझे वो फील करना है.

नील: आक्च्युयली मैं अभी तुम्हे वही करने को बोलने वाला था. मोस्ट्ली लड़कियाँ माना करती है इसलिए मैं हन ना कर रहा था तुमसे पूछने के लिए.

रतिका: रियली? बुत ई रियली वाना ट्राइ तीस.

अब आयेज की कहानी…

फिर रतिका जल्दी से डॉगी स्टाइल मे आ गयी. अनल सेक्स के लिए वो काफ़ी एग्ज़ाइटेड लग रही थी. मुझे भी उसकी टाइट गांद मे अपना लंड उतरना था.

एक बार मैं किसी फन से छत कर रहा था वो एक जवान लड़की थी. उसने मुझसे सवाल किया था के लड़को को लड़कियों की गांद मारना इतना क्यू पसंद आता है. आज मैं उसका जवाब दे देता हूँ.

सच काहु तो वो हम लड़को को भी नही पता. लड़कियों की गांद की तरफ हम लड़के बहुत जल्दी अट्रॅक्ट हो जाते है और ह्यूम उसे छोड़ने के लिए काफ़ी पागल रहते है. कोई लड़का एक बार छूट छोड़ने के लिए माना कर सकता है लेकिन गांद मरने के लिए वो हर पल तैयार रहता है. गांद मरते वक़्त लड़को को काफ़ी सुकून मिलता है.

रतिका डॉगी स्टाइल मे आने के बाद मैं उसके पिच्चे आ गया. उसके चुतताड बहुत मस्त लग रहे थे. मैने उन्हे अपने हाथों मे पकड़ा और सहलाने लगा. वो काफ़ी मुलायम थे. रतिका आँखें बंद करके सिसकारियाँ लेने लगी.

रतिका: आहह बाबयययी मुझे बहुत मज़ा आ रहा है उउम्म्म्म ऐसे ही करते रहो आहह मैं ये सुख पहली बार जी रही हूँ

थोड़ी देर बाद मैने साइड से तेल की बोतटेल ली और तोड़ा तेल उसकी गांद मे डाला और तोड़ा सा मेरे लंड पर भी लगाया. मेरा लंड पूरी तरहा से तैयार था रतिका की गांद को ड्रिल करने के लिए. मैने लंड को गांद के च्छेद पर रखा और रब करने लगा. उसकी गांद काफ़ी टाइट लग रही थी.

वो देख कर मुझे एहसास हुआ के आज हम दोनो की चीखे निकालने वाली है. लेकिन अगर ऐसी गांद मरने को मिल जाए तो उस मज़े के सामने वो दर्द कुछ भी नही था.

मैने उसकी कमर को कस के पकड़ा और मैने रतिका से कहा-

नील: तोड़ा दर्द होगा तुम्हे बर्दाश कर लेना.

रतिका: हन लेकिन तुम धीरे धीरे करना ओक?

नील: हन..

फिर मैने ज़ोर से धक्का लगाया तो मेरे लंड का टोपा अंदर चला गया. रतिका एकदम ज़ोर से दर्द से चिल्लाई. वो च्चटपटाने लगी लेकिन मैने उसे हिलने नही दिया. मैं उसे शांत करने के लिए सहलाने लगा.

कुछ देर बाद वो शांत हुई तब तब मैने दूसरा धक्का मारा और इस बार मेरा आधा लंड अंदर चला गया. हम दोनो ज़ोर से चिल्लाए और रतिका रोने लग गयी. मेरे लंड की स्किन निकल गयी थी तो मुझे भी दर्द होने लगा.

मैने जितना सोचा था उससे काई ज़्यादा रतिका की गांद टाइट थी. वो रो रही थी लेकिन मुझे लंड बाहर निकालने के लिए उसने नही कहा. कुछ देर तक हम दोनो वैसे ही थे फिर मैने उसे कहा-

नील: रतिका सिर्फ़ एक धक्का और इस बार पूरा लंड तुम्हारी गांद मे उतार जाएगा… तुम ठीक हो ना?

रतिका: हन मैं ठीक हूँ.

मैने उसकी कमर को ज़ोर से पकड़ा और पूरी ताक़त के साथ धक्का लगाया और मेरा पूरा लंड उसकी गांद मे चला गया. पूरा लंड अंदर जाते ही रतिका ज़ोर ज़ोर से रोने लगी. हम दोनो पसीने से लटपथ भीग चुके थे. उसकी गांद ने मेरे लंड को बहुत ज़ोर से जाकड़ लिया था मैं हिल भी नही पा रहा था. मैने उसके बालो को सहलाते हुए उसे शांत किया.

कुछ देर बाद वो शांत होने लगी तब मैं उसे यहाँ वहाँ किस करने लगा. रतिका फिर एक बार मूड मे आ गयी और उसे पता चल गया अब दर्द नही होगा.

फिर मैने लंड को अंदर बाहर करने लगा. थोड़ी देर बाद हुमारा दर्द काफ़ी कम हुआ और तेल की वजह से गांद मरने मे काफ़ी हेल्प होने लगी. मेरा लंड पूरी तरहा से उसकी गांद मे जाता और बाहर आता.

कुछ देर बाद हम दोनो की सिसकारियाँ निकालने लगी. मैने तोड़ा सा तेल और डाल दिया उसकी गांद मे और इस बार हुमारा जोश भी बढ़ गया. रतिका मेरे लंड को आक्ची तरहा से फील कर रही थी. मैने धक्के लगाने शुरू किए और उसकी गांद मरने लगा. बहुत मज़ा आने लगा था. कमरे मे हम दोनो के सिसकारियों की आवाज़े आने लगी.

रतिका: आहह श यअहह बाबययी यअहह बाबययी आहह छोड़ो मुझे आहह मेरी गांद मारो नील आहह क्या मज़ा आ रहा है आहह मुंम्माआ यअहह फुक्कककक फुक्कक फुक्कककक फुक्ककक मे हर्दरर्र बाबययी और ज़ोर से छोड़ो

मैने उसके बालो को पकड़ा और उसे ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा. मैने उसके बूब्स को पकड़ लिया और धक्के मरने लगा. वो मज़े लेते हुए ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी जिससे मुझे जोश आ रहा था. उसे इस तरहा अपनी गांद मरवाते हुए देख कर मुझे सुकून मिल रहा था. मैने रतिका के तीनो च्छेदो छोड़ा था. मैं बहुत ज़्यादा खुश था. लगातार हम चुदाई करने लगे.

करीब आधे घंटे तक मैने उसकी गांद मारी और रतिका भी संतुष्ट होकर झाड़ गयी. मैने अपना गरम कमरस उसकी गांद मे ही भर दिया. ये सब करने मे मुझे बहुत मज़ा आया.

चुदाई के बाद हम दोनो लेट गये और एक दूसरे को देखकर हासणे लगे. मुझे बहुत अक्चा लगा के रतिका भी मेरी तरहा वाइल्ड किस्म की लड़की थी. उसे ऐसी फॅंटसीस पसंद थी. फिर हुँने साथ मे शवर लिया जहाँ मैने उसे फिर से छोड़ा. उस हुँने 4 बार चुदाई की जहाँ मैने उसे काफ़ी ब्रूटली छोड़ा. उसकी इतने सालो की हवस को मैने 3 दीनो मे शांत कर दिया था.

अगले दिन मैं खुद उसे होटेल ले गया वहाँ से उसने अपना लगेज लिया और चेक आउट कर लिया. फिर मैने उसे एरपोर्ट ड्रॉप किया.

रतिका: नील सच मे ये 3 दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे बेहतरीन दिन थे. मैं बता नही सकती मुझे कितना मज़ा आया.

नील: ई नो और मेरी भी फॅंटेसी पूरी हो गयी. मुझे तुम्हारा ये बॉडी ट्रॅन्स्फर्मेशन बहुत पसंद आया.

रतिका: थॅंक्स… अब मैं फिटनेस पर और ध्यान दूँगी. अब सीधा मेरी एंगेज्मेंट पर मिलते है.

नील: यॅ..

15 दिन बाद मैं उसकी एंगेज्मेंट मे गया. वहाँ सब लोग बहुत खुश थे. मैं अंकल आंटी से मिला वो बहुत खुश थे मुझे वहाँ देखकर. रतिका से मिलने मैं उसके कमरे मे गया जहाँ उसके साथ कुछ लड़कियाँ भी थी. रतिका ने उन्हे बाहर भेज दिया. मैने उसे हग किया और हम दोनो एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे.

नील: क्या बात है जो अपने फिन्सी के साथ करना चाहिए वो मेरे साथ?

रतिका: हन जो ज़्यादा काबिल है उसके साथ ही करूँगी ना.

उसकी बात पर हम दोनो हासणे लगे. वो बहुत हॉट लग रही थी ट्रडीशनल आउटफिट मे. हुँने हग किया तब उसके बूब्स मेरी चेस्ट मे डब गये. और मैने अपने दोनो हाथों को उसकी गांद पर रख के उसके चुतताड़ो को सहलाने लगा. मेरी हरकत की वजह से रतिका शरमाने लगी.

रतिका (शरमाते हुए): लगता है तुम्हारा बहुत मूड है.

नील: हन तुम्हे देखते ही मेरा मूड बन जाता है.

ये कहते हुए मैने उसे फिर से किस करना शुरू किया.

रतिका: डॉन’त वरी अब मुंबई आती जाती रहूंगी तब तुमसे छुड़वा लूँगी.

नील: ये हुई ना बात.

रतिका: तुम्हे बताना ही भूल गयी… लास्ट टाइम तुमने मेरी गांद मारी थी वो मैने बहुत एंजाय किया.

नील: मुझे भी बहुत मज़ा आया.

रतिका: नेक्स्ट टाइम मिलूंगी तब पक्का करेंगे.

फिर हम दोनो हेस्ट हुए वहाँ से बाहर चले गये. रतिका ने मुझे उसके फिन्सी से मिलवाया. राहुल (उसका फिन्सी) मुझे देखकर शॉक मे था. जब उसे पता चला के मैं रतिका का बेस्टीए हूँ तब वो काफ़ी खुश हो गया और उसे देखकर हम दोनो एक दूसरे को देखते हुए हासणे लगे. क्यू के असली बात ह्यूम पता थी के क्या होने वाला था शादी के बाद.

रतिका की एंगेज्मेंट बहुत अकचे से हो गयी जहाँ हुँने बहुत एंजाय किया. एंगेज्मेंट के बाद मैं कुछ दिन देल्ही मे था जहाँ मैने ऑफीस के कुछ काम किए और रतिका के साथ देल्ही घूमी. बीच मे हुमारा रोमॅन्स बहुत ज़ोर शोर से हो रहा था. फिर मैं वापिस मुंबई आ गया.

दोस्तो आपको रतिका की कहानी कैसी लगी मुझे ज़रूर बताना. आप सब के लिए मैने फिर से कहानियाँ लिखना शुरू किया है इसलिए मुझे आप से फीडबॅक चाहिए. प्लीज़ मुझे मैल करके ज़रूर बताना. आपकी कोई स्ट्रॉंग फॅंटेसी हो जिसपर मैं स्टोरी लिखू ऐसा लगे तो मुझे आप मैल करके बता देना. ई’ल्ल ट्राइ मी बेस्ट.

थे एंड

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