हवस के रात पर सॉवॅर चाची भतीजा

जैसा की आपने पिछली स्टोरी में पढ़ा की सचिन बोल के गया मैं पक्का खिलाड़ी हू बस उसे मौका चाहिए. अब आयेज-

ये बात सुन कर मैने स्माइल कर दी, और वो वाहा से चला गया. शाम को पति आ गये. फिर जब खाना खा रहे थे, तब सचिन मुझे देख रहा था. पति का दूसरी तरफ मूह था. मैने उसको इशारों से खाना खाने के लिए बोला.

जब मैं किचन में काम कर रही थी, तब सचिन मेरी गांद को देख रहा था, और मेरे पास आके धीरे से दूध माँगने लगा. मैने उसको स्माइल देके दूध दे दिया. इस्पे वो बोला-

सचिन: दूध पीने से ताक़त आती है, और जोश बना रहता है.

मैने स्माइल करी, और वो चला गया. रात जब मैं उपर ये देखने गयी, की मेरा लड़का सो गया के नही, तब सचिन मूठ मार रहा था. उस टाइम उसका लंड अपने असली रूप में था, जिसे देख के मेरी साँसे तेज़ हो गयी, और एक अलग खुशी मुझे मिली.

मैं उसे देखती रही. वो अपने लॅपटॉप में मेरी फोटो को देख के मूठ मार रहा था. मुझे अछा लगा, क्यूंकी ये बात तो पक्की हो गयी की सचिन भी मुझे छोड़ना चाहता था. फिर उसका माल निकला. माल इतना ज़्यादा था, की एक आधा ग्लास भर जाए.

फिर मैं नीचे सोने चली गयी. जाते ही मैने अपनी सलवार निकली, और अपनी छूट में उंगली करने लगी, और कुछ देर बाद मैं झाड़ गयी. फिर मैं सो गयी. मॉर्निंग में पति को नाश्ता करवाया, और फिर वो ऑफीस चले गये.

फिर सचिन को उठाया, और उसके लंड को सहलाया. नाश्ता करने के बाद उसको नहाने को बोला, क्यूंकी मुझे मार्केट जाना था. फिर हम 11 बजे एक माल में गये. वाहा पहले सचिन के लिए कुछ पंत लिए. फिर वो उनको ट्राइ करने गया, और मैं भी साथ में गयी.

उस टाइम ज़्यादा भीड़ नही थी माल में. जैसे ही उसने पहली पेंट पहनी, और मुझे दिखाई, तो मैने उसको माना कर दिया, की अछा नही लग रहा. फिर वो गाते बंद करने लगा. मैने उसको माना कर दिया. वो मेरे सामने ही चेंज करने लगा.

उसका लंड तब भी काफ़ी बड़ा, और मोटा लग रहा था. फिर मुझे देख के वो खड़ा होने लगा. वो उससे च्छुपाने लगा. मैने उसे देख के एक स्माइल कर दी, और उसको बोला-

मैं: ये क्यूँ खड़ा हो रहा है. उसको बोल चाची है.

इस बात पर वो बोला: उसको क्या पता कों सा रिश्ता क्या होता है? वो कुछ नही समझता.

मैने स्माइल करी, और उसको बोला: बहुत शरारती हो गया है कुछ दिन से.

फिर हम लॅडीस के कपड़ो की साइड गये. वाहा से मैने अपने लिए ब्रा और पनटी ली. मैने उसको पूछा-

मैं: कॉन्सा लू पहले?

वो शर्मा गया. फिर उसने बताया. फिर हम एक होटेल में गये. वाहा एक लड़की हमे देख के बोली-

लड़की: आप दोनो की जोड़ी बहुत अची लग रही है.

इससे पहले वो कुछ बोलता मैने सचिन को चुप करा दिया, और हम खाना खा के घर आ गये. घर जाके सचिन ने मुझे पूछा-

सचिन: आपने वाहा मुझे कुछ क्यूँ नही बोलने दिया?

तो मैने उसको बोला: क्यूँ, हमारी जोड़ी खराब लगती है? इस्पे वो कुछ नही बोला. फिर मैं अपने रूम में गयी, और ब्रा-पनटी ट्राइ करने लगी, और सचिन को रूम में बुला लिया. जब उसने मुझे ब्रा पनटी में देखा, तो उसका लंड खड़ा हो गया. वो मुझे मूह खोल के देखने लगा.

मैने उसको होश में लाया, फिर वो बोला: ये क्या है?

मैं उसको बोली: मैने तुमको माल में चड्डी में देखा था. अब तुम मुझे देख लो, हिसाब बराबर.

सचिन मेरे बूब्स को देखे जेया रहा था. मेरे बूब्स एक-दूं वाइट थे, और ब्रा से आधे बाहर आ रहे थे, जिसे देख के सचिन के लंड का बुरा हाल था. फिर मैं शीशे के सामने खड़ी होके अपनी ब्रा उतारने लगी. पर वो उतार नही रही थी.

तो मैने सचिन की हेल्प माँगी. वो हेल्प करने आया, और उसका खड़ा लंड मेरी गांद में चुभने लगा. उसने मेरी ब्रा के हुक खोल दिए, और मैने जान-बूझ कर ब्रा नीचे गिरा दी. मेरे 34″ के बूब्स सचिन के सामने एक-दूं नंगे थे, जिसे देख कर सचिन ने अपना लंड मेरी गांद में ज़ोर से दबा दिया, और वाहा से भाग गया.

फिर शाम को सचिन मुझसे बोला: चाची जी, आप ही मेरी गफ़ बन जाओ. मुझसे कोई सेट नही होती.

उसकी ये बात सुन कर मैं उसे देखने लगी.

मैने उसको बोला: मुझमे क्या रखा है? कोई जवान लड़की देख.

वो बोला: आप में क्या कमी है? अची दिखती हो. कोई आपको देख के कह नही सकता आपकी आगे 40 है, और आपने बोला था की हमारी जोड़ी अची लगती है.

मेरे मॅन की बात बोल दी सचिन ने. पर मैने उसको बोला-

मैं: मैं सोच के बताती हू.

फिर रात को खाना खाया, और सो गये. अगले दिन सॅटर्डे था. सॅटर्डे और सनडे को मेरे पति ऑफीस नही जाते, वो घर पर रहते है. मुझे ये पता था की आज कुछ नही हो सकता था. मैने सचिन को नाश्ता करने के बाद बोला-

मैं: मुझे कार सीखा दे.

मेरे पति बे भी कह दिए की सीखा दे. फिर वो मुझे कार में बिता के एक खाली मैदान में ले गया, और मुझे गाड़ी दे दी चलाने के लिए. पर मैं हर बार ग़लती से ज़ोर से ब्रेक लगा रही थी.

वो बोला: ऐसे तो आप कभी नही ड्राइविंग सीख सकती.

मैने उसको बोला: तुम मुझे अपनी गोदी में बिता लो, और सीखा दो.

इस्पे वो बोला: अगर आपको कोई दिक्कत नही है तो ओक.

फिर मैं उतार गयी, और वो ड्राइविंग सीट पर बैठ गया. मैं उसके उपर बैठ गयी. मेरे बैठने के कुछ देर बाद उसका लंड खड़ा हो गया. मैने उसको देखा तो उसने मुझे के स्माइल कर दी, और बोला-

सचिन: मैं क्या करू, हो गया.

फिर मैं भी झटके से ब्रेक लगती, जिससे उसके लंड को रग़ाद साकु. उसके बाद उसने ज़ोर से ब्रेक लगा दी, और मेरे बूब्स पकड़ लिए. नही तो मैं कार के शीशे में पड़ती, और कुछ देर पकड़े रखा.

फिर मैने उसको देखा तो उसने छ्चोढ़ दिए. उसके बाद हम घर आ गये. जब आफ्टरनून में पति सो रहे थे, तब सचिन ने मुझे मेरे पीछे से आके हग किया, और अपना लंड मेरी गांद में दबा दिया. इससे मेरे मूह से आ आ की आवाज़ निकल गयी.

फिर शाम को गाड़ी चलाने गयी. इस टाइम मैने अपनी सलवार की जगह लोवर त-शर्ट पहनी थी. जिसमे मैं बॉम्ब लग रही थी. सचिन उसी मैदान में ले गया, और मैं उसके उपर बैठ के उसके लंड को महसूस करने लगी.

एक टाइम ऐसा आया की दोनो के अंदर आग ज़्यादा लग गयी, और सचिन ने गाड़ी रोकी, और मुझे किस करने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी. सचिन किस के साथ ही मेरे बूब्स को दबा रहा था, जिससे मुझे बहुत अछा महसूस हो रहा था.

आज के लिए इतना ही. अगर आपको मेरी स्टोरी अची लगी, तो आपका थॅंक योउ. स्टोरी को लीके करे मुझे अपना फीडबॅक भेजे.

किसी औरत को किसी तरह की भी हेल्प चाहिए, तो मेरी ई’द पर मेसेज करे. मैं आपकी हेल्प करूँगी.

थॅंक योउ

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