गर्लफ्रेंड को मसालने और चूसने की सेक्सी कहानी

हेलो एवेरिवन, ई आम ऋषि फ्रॉम वडिषा. ई आम 22 यियर्ज़ ओल्ड नाउ आंड ये स्टोरी मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में है, जिसका नाम है अर्पिता. एक-दूं दूध जैसी गोरी, बड़े-बड़े दूध से भरे हुए बूब्स, मोटी गांद, और चब्बी कमर है उसकी. साइज़ करीब 36-30-36. एक-दूं मस्त माल है वो.

तो ये कहानी शुरू होती है 12त के बाद. पहले बचपन से हम दोनो आचे दोस्त थे. मेरी उसके लिए फीलिंग्स थी, लेकिन उसको ये बात पता नही थी. हमारे बीच में हस्सी मज़ाक में एक-दूसरे को मारना कामन था.

लेकिन 11त के बाद टुटीओन अलग होने की वजह से हम दोनो का एक साल तक कोई कॉंटॅक्ट नही रहा. बुत 12त एग्ज़ॅम ख़तम होने के बाद मोबाइल खरीदने से हम दोनो फिरसे फ़ेसबुक पे मिले, और बातें शुरू हुई. लेकिन तब तक उसका एक ब्फ बन चुका था.

पर वो तोड़ा टॉक्सिक था. मुझे ये बात पता चली, और मैने मौके का फ़ायदा उठा के उसे प्रपोज़ कर दिया. उसने हा भी बोल दिया अपने ब्फ से ब्रेकप करके. लेकिन ब्फ होने का फ़ायदा ये हुआ की किस्सिंग वग़ैरा के बारे में उसको पता था, जब वो मेरी गर्लफ्रेंड बनी.

फिर उसने मेरी टुटीओन और कॉलेज दोनो जाय्न कर लिए. अब ये हमारे लिए बहुत अची बात थी. रोज़ एक-दूसरे से मिलना, हस्सी मज़ाक, प्यार वाली बातें, और एक साथ खाना खा लेना, ये सब कामन हो चुका था.

अर्पिता में बस एक कमी थी, की वो थोड़ी शाइ थी, और ई लोवे योउ बोलने में शरमाती थी. जब भी मैं बोलता था की से मे योउ लोवे मे. वो शरमाती थी, और कुछ नही बोलती थी. ऐसे ही 1 महीना निकल गया. हम एक दिन प्लान बना के कॉलेज बंक करके घूमने गये एक पार्क में.

काफ़ी जंगल एरिया था, और वाहा कपल्स काफ़ी आते थे. हम दोनो वाहा पे एक बेंच पे बैठे थे. आस-पास काफ़ी पेड़ थे, तो आइसोलेटेड प्लेस था. मैने उसे ई लोवे योउ बोलने के लिए बोला, और उसने नही बोला और शरमाने लगी.

फिर मैं उसे खड़ा करके एक पेड़ के पास ले गया, और उसके दोनो हाथ उपर कर लिए, और अपना फेस उसके फेस के पास ले गया, और बोला-

ऋषि: से मे ई लोवे योउ.

अर्पिता: नो, प्लीज़ रूको.

फिर मैने एक हाथ से उसके दोनो हाथ उपर की तरफ पेड़ के सहारे पकड़े, और दूसरे हाथ से उसकी कमर पकड़ी. फिर मैने उसकी कमर मसल दी.

ऋषि: बोलो ना.

अर्पिता: नही प्लीज़, मेरी कमर आ.

उसकी मूह से सिसकियाँ निकल गयी. एक-दूं सॉफ्ट-सॉफ्ट थी वो. मेरे लिए भी ये पहला एहसास था तो मैं गरम हो गया, और उसकी कमर थोड़ी और मसल दी.

अर्पिता: आह आउच, मत करो बाबा ह.

उसने एक-दूं सूबमीस्सीवे होके अपना फेस उपर कर लिया, और आ आ करने लगी. मुझे उस वक़्त से पता चल गया की ये थोड़ी सूबमीस्सीवे थी और इसे डॉमिनेंट आंड रोमॅंटिक लड़के पसंद थे. मैने अब उसकी लिमिट ट्राइ करने की सोची.

फिर मैने जिस हाथ से उपर उसके दोनो हाथ पकड़े थे, उसको छ्चोढा, और उसके दोनो हाथ लाके उसके पीछे कर दिए. फिर एक हाथ से उसके गले को पकड़ा. अब सिचुयेशन ये थी की मेरा एक हाथ उसके कमर पे और दूसरा हाथ उसके गले पे था. और वो अपने दोनो हाथ अपने पीछे करके पेड़ के सहारे खड़ी थी. मैं उसके गले को हल्के-हल्के दबा रहा था, और वो अपने गले को सूबमीस्सिवेली चोक होने भी दे रही थी.

मैने उसके कमर को अपनी तरफ खींचा, और अब मेरा लंच और उसकी छूट एक-दूं सतत चुके थे एक-दूसरे से, लेकिन कपड़ो के अंदर.

ऋषि (उसकी आँखों में देखते हुए): नही बोलॉगी?

और ज़ोर से कमर मसलता हू.

अर्पिता: ह, ऐसे कों करता है? धीरे मस्लो आह, दर्द हो रहा है.

अब मैं उसके गले को ज़ोर से पकड़ के अपनी और खींचता हू, और उसके होंठो को अपने होंठो से लगा लेता हू.

अर्पिता: आह उम्म्म.

मेरे को ये उमीद नही थी की इतनी सूबमीस्सीवे थी वो. उसने अभी तक अपने हाथ पीछे कर रखे थे, और बस मुझे किस करने दे रही थी. मैं तोड़ा रफ्ली किस करने लगा, और उसके लिप्स को बीते करने लगा.

अब मैने एक हाथ से उसकी कमर पकड़ी थी. उसकी गांद पे स्लॅप करने लगता हू मैं. करीब 15 मिनिट उसको किस करने और मसालने के बाद मैने छ्चोढा, और वो हाँफने लगी.

अर्पिता: मारने का प्लान है क्या? ऐसे कों करता है? जानवर हो पुर तुम.

ये बोल के हल्का सा प्यार से मेरे फेस पे स्लॅप करती है.

ऋषि: तेरे लिप्स तो एक-दूं शहद के जैसे है, और कमर इतनी नरम है. और गांद तो वाउ, ई लोवे इट.

अर्पिता (शरमाती हुई): तुम भी ना कुछ भी बोलते हो.

और शर्मा के बेंच पे आके बैठ जाती है.

मैं फिर आता हू, और बोलता हू-

ऋषि: यार मज़ा आ गया तुम्हे ऐसे नोचने में.

ये सब सुन के वो तोड़ा और शर्मा जाती है, और बोलती है-

अर्पिता: अछा जी, ऐसा क्या अछा लगा मुझमे?

फिर मैं उसे वही खड़ा करता हू उसके हाथ को पकड़ के, और मैं बैठ के उसे अपने उपर खींच लेता हू. उसकी गांद मेरे उपर थी, और पीठ मेरी तरफ

ऋषि: सब कुछ अछा लगा. एक-दूं माल है माल, और सिर्फ़ मेरी माल है. जब मॅन करेगा तुझे ऐसे ही चूसूंगा, और मसलूंगा, समझी तू?

ये बोल के उसके थाइस को मसल देता हू.

अर्पिता: आ, ठीक है बाबा चूस लेना. और मसल भी लेना. तुम्हारी गफ़ ही हू.

इतना सुनने के बाद मैने कहा: चलो फिरसे करते है.

अर्पिता: नही बाबा, अभी तो किया ह, तोड़ा धीरे करना.

ऋषि: हा मेरी जान.

मैं फिरसे उसके गले को दबोच के, और कमर को मसल के किस करने लगता हू.

अर्पिता: उम्म्मह आह.

हमारी टंग फाइट चल रही थी. मैने उसके मूह में अपनी जीभ घुसा दी, और किस करने लगा. उसके लिप्स को बीते करने लगा, और कॉलेज यूनिफॉर्म के अंदर हाथ घुसा के उसके नरम पेट को मसालने लगा.

अर्पिता: रूको आह, मैं कही भाग नही रही हू. धीरे उम्म्म्ममम.

लेकिन मैं कहा सुनने वाला था. मेरे पे तो हवस चढ़ि थी, मैं करता गया.

ऋषि: क्या कमर है तेरी, मॅन तो कर रहा है खा जौ इसे.

अर्पिता: अहह, नही.

फिर मैं उसकी ड्रेस थोड़ी उपर करके उसकी नाभि में मूह घुसा देता हू.

अर्पिता: उम्म्मह, प्लीज़ रूको ह. मार डालोगे क्या?

करीब 20 मिनिट तक ये चला. उसकी कमर लाल हो चुकी थी, और वो हाँफ रही थी.

अर्पिता: बाप रे, बचपन से जानती थी तुमको, लेकिन तुम मुझे लेकर इतने हवसी थे, पता नही था. देखो क्या किया तुमने, मेरा पेट लाल हो चुका है, और लिपस्टिक खराब कर दी तुमने.

ऋषि: माल है तू, ऐसी है की रहा नही जाता. अगर पहले मिली होती तो अब तक तो छोड़ चुका होता तुझे. लेकिन कोई नही, अभी मिली है. अब जाने नही दूँगा तुझे. रोज़ ढंग से चूसूंगा और तका दूँगा तुझे.

अर्पिता: कर लेना जो करना है. हे भगवान, क्या ब्फ दिया. पहले ही किस में ये हाल कर दिया, और अब आयेज क्या करेगा?

ऋषि: तेरा पहले ब्फ ने ऐसे किस नही किया क्या तुझे?

अर्पिता: किया है, लेकिन ऐसे नही. तूने मेरी जान निकाल दी. वो साला तो सिर्फ़ हल्के-हल्के किस करता था.

ऋषि: कोई नही, अब तू देख क्या-क्या करता हू तेरे इस जिस्म के साथ.

और साथ में ही एक छाँटा मारा उसकी गांद पे.

अर्पिता: ह, कुत्ते मार क्यूँ रहा है?

ऋषि: मेरी गफ़ मेरी मर्ज़ी.

और फिरसे किस करने लगा. मैं इस बार उसे नीचे लिटा के, उसकी ड्रेस उपर करके पेट को काटने लगा और चबाने लगा.

अर्पिता: आहह आ मम्मी मॅर गयी. रुक जेया कुत्ते मारेगा क्या? कोई बचा लो इस जानवर से. मार डाला रे.

वो झटपटती रही. उस दिन हमने 10 बजे कॉलेज बंक किया था, तो हमारे पास 4 बजे तक का वक़्त था. उसको ढंग से चूसा उस दिन मैने. उस दिन से कमर मसलना, और किस करना नॉर्मल हो गया हमारे बीच. मैने उसकी सूबमीस्सीवे नेचर ड्यूरिंग फिज़िकल रीलेशन के बारे में जाना. और उसने मेरी हवनियत के बारे में

अब आयेज मैं उसके जिस्म पे और डॉमिनेंट होता चला गया, और वो भी सूबमीस्सीवे बन के मज़ा लेने लगी जानिए कैसे, नेक्स्ट पार्ट में.

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