हेलो दोस्तों, आज मैं आपको एक रियल इन्सिडेंट बताने जेया रहा हू, जिसकी शुरुआत 23 नवेंबर 2025 को हुई. इस इन्सिडेंट में मैं और मम्मी शामिल है.
मेरा नाम परडीप है और मेरी उमर 29 साल है. 5’2″ हाइट है और रंग सावला. दूसरी तरफ मेरी मम्मी है, उनका नाम अंजू है. वो दिखने में काफ़ी सुंदर है. उमर उनकी 55 है, हाइट 5 फीट, सावला रंग, बाल लंबे, और फिगर 36-34-36.
बात 23 नवेंबर रात की है. रात को डिन्नर करके हम दोनो में नॉर्मल बात शुरू हुई.
मम्मी: अब हमारी फाइनान्षियल कंडीशन ठीक हो गयी है. तेरे पापा का बिज़्नेस भी चल पड़ा है. तू भी अची जॉब में सेट्ल है.
मैं: ह्म, वो तो है.
मम्मी: अब तू अपने सारे शौंक पुर कर सकता है. पहले तो तू घर की ज़िम्मेवारी में पिसता रहा. अब हम फाइनॅन्षियली स्टेबल है.
मैं: वो तो है पर सारे शौंक पुर नही हो सकते.
मम्मी: मतलब?
मैं: कुछ शौंक उमर के हिसाब से होते.
मम्मी: जैसे?
मैं: मेरा शौंक था मेरी कोई गफ़ हो, और मैं उसे डटे पर ले कर जौ. पर वो शौंक तो पूरा नही हो सकता. जब गफ़ की उमर थी तब पैसे नही थे, अब कहाँ गफ़ और कहाँ डेटिंग.
मम्मी: तू तो ऐसे कह रहा जैसे बुद्धा हो गया.
मैं: बुड्ढे की बात नही है. गफ़ की उमर, डेटिंग की उमर 25-26 साल होती है. ज़्यादा से ज़्यादा 27, पर मैं 29 हो गया हू.
मम्मी: कोई नही, अपनी वाइफ को डटे पर ले जाना.
मैं: वो तो सब लेकर जाते है. पर गफ़ को डटे पर ले जाने का शौंक ही अलग होता है.
मम्मी: रहने दे, तेरे पापा जैसे काई कंजूस होते जो डटे पर नही लेकर जाते.
मैं: वो तो एक्सेप्षनल केस है. पर लड़की को डटे पर ले जाने का शौंक शौंक ही रहेगा.
मम्मी: उसमे क्या है, तू मुझे डटे पर ले चल.
मैं: है!
मम्मी: क्यूँ, मुझे डटे पर नही ले जेया सकता.
मैं: ले जेया सकता हू, पर मैं गफ़ को डटे पर ले जाना चाहता था.
मम्मी: चल 1 दिन के लिए मैं तेरी गफ़ बन जाती हू.
मैं: मज़ाक कर रहे हो!
मम्मी: क्यूँ?
मैं: गफ़ को कोई मम्मी कहता है?
मम्मी: उसमे क्या है. तू मेरा नाम ले लेना, या गफ़ को बेबी बाबू कहते है, वो कह देना.
मैं: मज़ाक कर रहे.
मम्मी: नही, चल कल सुबह से मैं शाम घर आने तक तेरी गफ़. अब तू देख ले.
मैं: ठीक है कल डटे पर चलते है.
रात को ही मैने हम दोनो की पवर् में टिकेट बुक करवाई और हम अपने-अपने रूम में सोने चले गये. सुबह मम्मी ने मुझे उठाया.
मम्मी: परडीप उठो.
मैं: सोने दो मम्मी.
मम्मी: गफ़ को मम्मी को कहता?
(मुझे रात की बात याद आ गयी)
मैं: तू तैयार नही हुई?
मम्मी: बस कपड़े बदलती हू, आप नहा लो.
मैं नहा के तैयार हो गया. मम्मी भी तैयार हो गयी. मैने जीन्स, शर्ट और स्वेटर पहना और मम्मी ने ग्रीन सलवार-सूट.
मम्मी: कैसी लग रही हू मैं?
मैं: बेबी तुम बहुत सुंदर लग रही हो.
मैने फिर मम्मी को बिके पर बिताया, और मैं और मम्मी डटे के लिए निकल पड़े. सबसे पहले हमने पवर् में मोविए देखी. फिर मैं मम्मी को शॉपिंग करवाने माल के शोरुम ले गया. वहाँ मैने मम्मी के लिए ब्लू सूट पसंद किया.
मम्मी: ये सूट तो लड़कियों वाला है.
मैं: तू भी तो स्वीट 18 है. ट्राइ तो करो.
मम्मी सूट ट्राइ करने ट्राइयल रूम चली गयी. जब मम्मी सूट पहन कर बाहर आई, पहली बार मेरे मॅन में मम्मी के लिए गंदी फीलिंग आई.
मम्मी: कैसी लग रही हू?
मैं: सेक्सी. (फिर मैने एक-दूं कहा) सॉरी, बहुत अची लग रही हो सूट में
मम्मी सूट में बहुत सेक्सी लग रही थी. मुझसे रहा नही गया. मैने वॉशरूम में जेया कर पहली बार मम्मी को इमॅजिन करके मूठ मारी. शॉपिंग के बाद हमने पिक्चर क्लिक की. उसके बाद हमने फुड कोर्ट में पिज़्ज़ा खाया. फिर करीब 8 बजे हम वापस घर पहुँचे.
मैं: मम्मी आज तो मज़ा आ गया.
मम्मी: हा बहुत.
मैं: मम्मी जब तक पापा नही आते, क्यूँ ना हम हर रोज़ डटे पर चले? हर दिन, आस आ ब्फ-गफ़ बिहेव करे? ब्फ-गफ़ का रोल करे?
मम्मी: गफ़ का रोल सिर्फ़ दिन को, या रात को भी?
मैं: मतलब?
मम्मी ने मुझे टाइट हग किया. उसके बाद मम्मी तोड़ा अलग हुई. मम्मी की आँखें बंद थी. वो अपने होंठ मेरे होंठो की तरफ करने लगी. मैं भी आयेज बढ़ा और अपने होंठ मम्मी के होंठो पर लगा दिए. अब हम दोनो स्मूच करने लगे, डीप स्मूच. हमने लगभग 10 मिनिट सिर्फ़ स्मूच किया.
उसके बाद मम्मी ने मेरा स्वेटर उतरा. फिर शर्ट और बनियान उतरी और मेरी चेस्ट चूमने लगी. चेस्ट चूमते-चूमते वो नीचे घुटनो के बाल बैठी. फिर मेरी जीन्स और अंडरवेर उतरी और मेरा लंड अपने मूह में लेकर चूसने लगी, मूह से हिलने लगी.
मैने मम्मी के बाल खोल कर टाइट पकड़े और उसने मेरा पूरा लंड अपने मूह में लिया. वो मूह से लंड हिलने लगी और लंड का उसने सारा माल पी लिया. उसके बाद मैने मम्मी को अपनी गोदी में उठाया और बेडरूम ले आया. फिर उसे बेड पर बिताया.
मैने मम्मी का सूट और ब्रा उतरी और मम्मी को बेड पर पटक कर स्मूच करने लगा. मैं उसके बूब्स मसालने लगा. मम्मी के काले निपल मूह से चूसने लगा. मम्मी अफ आ की आवाज़ करते हुए सिसकियाँ लेने लगी.
उनका बदन चूमते-चूमते मैने मम्मी की सलवार और पनटी खोली, और मम्मी की छूट जीभ से चाटने लगा.
मम्मी: अफ आ श परडीप.
मैं मम्मी की छूट चाट रहा था.
मैं: मम्मी छोड़ू तुम्हे?
मम्मी: हा.
मैं: बेबी प्रिकॉशन?
मम्मी: मैं पिल्स ले लूँगी.
मैने मम्मी की दोनो टाँगें अपने शोल्डर पर रखी और अपना लंड मम्मी की छूट में लगाया. फिर धीरे-धीरे लंड अंदर करने लगा.
मम्मी: एयेए एयेए.
फिर मैने एक-दूं झटका दिया.
मम्मी: आआआअ (ज़ोर से चीखी).
मम्मी की छूट टाइट थी. मैं रुक-रुक कर मम्मी की धीरे-धीरे चुदाई करने लगा.
मम्मी: अया ऑश उफ़फ्फ़, हे भगवान (ऐसे कहने लगी).
फिर मैने चुदाई की रफ़्तार तेज़ की. मम्मी तेज़ी से चीखने लगी और कहने लगी बेटा धीरे. पर मैं तेज़ी से करने लगा. मैने सारा माल अंदर निकाल दिया.
जब ये एपिसोड पोस्ट हो जाएगा तब, इसी का 2न्ड पार्ट पोस्ट करूँगा. दोस्तों आप मुझसे मेरी मैल ईद में कॉंटॅक्ट कर सकते है