एक रात की कहानी पार्ट – 2

गतान्क से आगे……………….एक रात की कहानी पार्ट – 1
कामरान अंकल ज़ोर ज़ोर से झटके मारते हुए बोले, तुम्हे तो दर्द देने वाली चुदाई पसंद हैं तो क्यूँ रो रही हो? किरण बाजी रोते हो बोली, उफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ आप का लंड बोहत बड़ा और मोटा है इतने बड़े और मोटे लंड से मैं ने आज तक नही चुदवाया इस लिए बोहत दर्द हो रहा है. कामरान अंकल हँसे और बोले, बर्दाश्त करो मेरी जान बर्दाश्त करो, ये कह कर वो और ज़ोरदार झटके मारने लगे जब के किरण बाजी तड़पति और चीखती रही, ये मेरी ज़िंदगी की पहली लाइव चुदाई थी इस लिए मुझे देखते हुए बोहत माज़ा आरहा था, जोश मे आकर मैं भी नंगा हो चुक्का था और अपने लंड को बुरी तरहा से मसल रहा था और अपनी बेहन की चुदाई को पूरी तरहा से एंजाय कर रहा था, जितना किरण बाजी चीख रही थी उतना ही मेरा दिल कर रहा था के कामरान अंकल और ज़ोर से मेरी बेहन को चोदो.

कामरान अंकल को मुसलसल झटके मारते हो 25 मिनिट्स हो चुक्के थे जब के इस दोरान किरण बाजी 2 बार फारिग हो चुक्की थी, फिर कामरान अंकल ने अपना लंड किरण बाजी की चूत से निकाला तो किरण बाजी निढाल हो कर गिर पड़ी और लंबे लंबे सांस लेने लगी, कामरान अंकल का लंड उसी तरहा तन कर खड़ा हुआ था और उस पर कुछ खून भी लगा होवा था, कामरान अंकल किरण बाजी को अपना लंड दिखाते हुए बोले, देखो जानेमन मैं ने तुम्हारी चूत को फाड़ दिया है और खून निकाल दिया है, किरण बाजी ने कामरान अंकल को देखा और बोली, आप ने तो अभी से मेरा ये हाल किया है रात भर मे तो आप मेरा पता नही किया हाल करेंगे. कामरान अंकल मुस्कराए और बोले, हा तुम्हारी हालत अभी से खराब हो गई है पर मेरा तो पूरी रात तुम्हे चोदने का प्रोग्राम है और ये प्रोग्राम तुम ने ही बनाया था के पूरी रात मेरी होगी और मैं जिस तरहा चाहूँगा तुम्हे चोदुन्गा, किरण बाजी इस बार मुस्कराई और बोली, हा इस बात से मैं कब इनकार कर रही हूँ, चाहे मेरी हालत केसी भी हो मैं आप को चोदने के लिए मना नही करूँगी, आप ने जिस तरहा मुझे चोदना है चोदिये. कामरान अंकल मुस्करा कर बोले, ह्म्म तो फिर उल्टी हो जाओ अब मैं तुम्हारी गंद मारना चाहता हूँ, किरण बाजी उल्टी होती हुई बोली, 25 मिनिट्स की चुदाई मे मेरी चूत का हशर नशर हो गया है अब देखो मेरी गंद का क्या हाल होता है.

कामरान अंकल ने किरण बाजी के चूतर को थोड़ा उठा कर अपना लंड उनकी गंद मे घुसाया और झटका मारा, पहले झटके मे उनका 3 इंच तक लंड अंदर गया पर किरण बाजी बोहत ज़ोर से चीखी, कामरान अंकल फिर झटका मारा और उनका आधा लंड गंद मे चला गया, किरण बाजी फिर चीखी, कामरान अंकल ने फिर झटका मारा और चोथे झटके मे अपना पूरा लंड किरण बाजी की गंद मे घुस्सा दिया. अब कामरान अंकल खूब कस कस कर झटके मार रहे थे, जब के किरण बाजी ज़ोरदार तरीके से आआहह अहह उहह उऊहह ओह ऊओफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ फ आआआआआआहह कर रही थी.

कामरान अंकल ने 30 मिनिट्स तक किरण बाजी की गंद मारी फिर अपना लंड उनकी गंद से निकाल लिया जो अभी तक उसी तरहा तना हुआ था, किरण बाजी कामरान अंकल का लंड देख कर बोली, आख़िर फारिग हो गया आप का लंड? कामरान अंकल मुस्करा कर बोले, अभी कहाँ मेरी जान पहली बार मे मेरा लंड 2 घंटे से पहले कभी फारिग नही होता. किरण बाजी बोली, उफफफफफफफ्फ़ इतनी लंबी टिम्मिंग. कामरान अंकल बोले, हा मैं ने नोजवानी से कुछ ऐसी मेडिसिन का इस्तेमाल किया है के मेरी टिम्मिंग क़ुदरती तोर पर इतनी होगई है. अब कामरान अंकल लेट गये और उन्हो ने किरण बाजी को अपने उपर बिठा लिया और नीचे से झटके मारने लगे. कामरान अंकल के झटके बोहत ज़ोरदार थे और किरण बाजी उनके झटकों से काफ़ी ऊँचा उछल रही थी, इस पोज़ीशन मे शायद उनको मॅज़ा आरहा था क्यूँ के इस बार उनकी चीखे कम और सिसकारियाँ ज़ियादा तेज़ थी, उछलने से किरण बाजी के फुटबॉल जेसे बड़े बड़े मम्मे बुरी तरहा से हिल रहे थे जो दिखने मे बोहत अच्छे लग रहे थे.

इस पोज़ीशन मे कामरान अंकल ने मेरी बेहन को 45 मिनिट्स तक चोदा, फिर उन्हो ने किरण बाजी को लेटा कर उनकी टाँगे उठा ली और अपना लंड उनकी गंद मे डाल कर ढापा धप झटके मारने लगे. कामरान अंकल को चोदते हुए 2 घंटे हो चुक्के थे इस लिए वो और तेज़ी से झटके मारने लगे फिर उन्हो ने अपना लंड तेज़ी से किरण बाजी की गंद से निकाला और अपने लंड की मनी की धार किरण बाजी के मुँह पर मार दी, काफ़ी सारी मनी किरण बाजी के मुँह मे गई और काफ़ी सारी मनी उनके चेहरे को खराब कर गई. सारी मनी निकल जाने के बाद कामरान अंकल ने अपना लंड किरण बाजी के मुँह मे दे दिया जिस को किरण बाजी चूसने लगी.

यह कहानी भी पड़े  आंटी की मक्खन लगाकर चुदाई दिवाली में

जब किरण बाजी ने उनकी सारी मनी चाट ली तो कामरान अंकल ने किरण बाजी को अपनी गौद मे उठाया और बाथरूम मे ले गये. थोड़ी देर बाद वो उसी तरहा किरण बाजी को उठा कर लाए और बेड पर लिटा दिया, बाजी भीगी हुई थी यानी उन्हो ने अछी तारह से बाजी को नहला दिया था, कामरान अंकल फिर उनको चूमने लगे और बोले, कॉन था तो खुश नसीब जिस ने पहली बार तुम्हे चोदा था और कॉन कॉन खुश नसीब तुम्हे चोद चुके हैं, किरण बाजी कहने लगी, जब मैं पहली बार चुदी उस वक़्त मेरी उमर 9 साल थी उस वक़्त हमारे घर मे ऐक नोकर था जिस का नाम शरीफ दीन था उमर उस वक़्त उनकी कोई 55 या 60 साल होगी और मैं उनको शार्फ़ो बाबा बोलती थी, शार्फ़ो बाबा हमारे बोहत पुराने नोकर थे, जब से मैं ने होश संभाला था वो उस वक़्त से हमारे घर मे मुलाज़िम थे, शार्फ़ो बाबा मुझ से बोहत प्यार करते थे और मैं भी, जब मैं छोटी थी तो वो हमेशा मुझे अपनी गौद मे बिठा कर खिलाते थे पर जब जब मैं उनकी गौद मे बैठती थी मैं ने हमेशा ऐक सख़्त सी चीज़ अपने चूतर मे चुभति हुई महसूस की थी, वक़्त के साथ साथ उनका प्यार मेरे लिए चेंज होता गया और वो मेरे बदन को भी सहलाने लगे थे, मुझे उनका ये अंदाज़ बुरा नही लगता था इस लिए मैं ने कभी उनको मना नही किया, फिर जब मैं 9 साल की हुई तो ऐक दिन जब घर मे मम्मी पापा नही थे उन्हो ने मुझे चोद दिया. शुरू के दिनो मे तो उनके डर की वजा से किसी से कुछ ना कह सकी फिर मुझे भी चुदाई मे मज़ा आने लगा और मैं रोज़ ही शार्फ़ो बाबा से चुदवाति रही फिर जब मैं 14 साल हुई तो उनका इंतेक़ाल होगया, इन 5 सालों के दोरान शार्फ़ो बाबा ने मुझे हर रोज़ चोदा था, रोज़ रोज़ की चुदाई से मुझे भी चुदवाने की आदत होगई थी इस लिए जब शार्फ़ो बाबा नही रहे तो मुझे कोई और ढूढ़ना पड़ा अपनी चुदाई करवाने के लिए, उस वक़्त मैं 7थ क्लास मे पढ़ती थी, फिर मैं जिस टीचर के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी मैं ने उनको खुद मोका दिया और फिर मेरे ट्यूशन टीचर मुझे रोज़ चोदने लगे, 8थ क्लास तक पहुचि तो मेरा फिगर और लड़कियों से बोहत अछा होगया था और मुझे कई लड़के लाइन मारने लगे थे जो मुझे अछा लगता था, उसी दोरान ऐक दिन स्टॅफरुम मे मुझे मेरे क्लास टीचर ने बुलाया और मुझे चोद दिया, मैं आदि तो थी इस लिए मैं ने खुशी खुशी चुदवाया, अब मेरी ट्यूशन के साथ साथ स्कूल मे भी छुदाई होने लगी, क्लास टीचर के हाथों स्कूल मे मेरी चुदाई और टीचर्स से ना छुपी रह सकी और मैं ऐक के बाद ऐक कर के स्कूल के सभी टीचर्स से चुद गई. जब मैं 9थ तक पहुचि तो मुझे सारे टीचर्स, प्रिन्सिपल वैसे प्रिन्सिपल के अलावा स्टाफ के सभी मेंबर्ज़ जो के 7 अफ़राड थे सब मुझे कई बार चोद चुक्के थे, अक्सर मेरी चुदाइ स्कूल टाइम ख़तम होने के बाद होती थी जिस की वजा स्कूल के वॉचमन भी मेरी चुदाई के बारे मे जानते थे और मुझे कई बार चोद भी चुके थे, उस के अलावा अक्सर फ्री पीरियड मे कभी मैं टीचर्स से स्टॅफरुम मे चुदवा रही होती थी कभी वॉशरूम मे तो कभी प्रिन्सिपल साहिब के रूम मे मेरी चुदाइ का प्रोग्राम रखा जाता था. फिर चुदाई के बारे मे बाय्स स्टूडेंट्स को भी पता चल गया और्र फिर मुझे चोदने वालों मे कई बाय्स स्टूडेंट्स भी शामिल होगये, मेरी क्लास मे 22 बाय्स स्टूडेंट्स थे और वो सब ही कई कई बार मुझे चोद चुके थे उसके अलावा भी मुझे दोसरि क्लास के कई स्टूडेंट्स ने बोहत बार चोदा. जब मैं मेट्रिक कर के स्कूल से निकली तो पूरी तरहा से रंडी बन चुक्की थी, फिर मैं कॉलेज पहुचि तो वाहा भी मेरी खूब चुदाई हुई, हमारे मुहल्ले मे कई बदमाश लड़के हैं जो आते जाते मुझ पर आवाज़े कसते थे, ऐक दिन मुहल्ले के कुछ लड़के मुझे पकड़ कर ऐक घर मे ले गये और उस दिन मुझे मुहल्ले के हर बदमाश लड़के ने चोदा, उस के बाद उन्हो ने मेरी चुदाई की बाते और लोगों को भी बताई जिस से मुहल्ले मे ही मुझे चोदने वालों मे इज़ाफ़ा होता रहा, अब ये हाल है के मुहल्ले का तकरीबन हर लड़का और आस पास के मुहल्ले के कई लड़के मुझे चोद चुक्के हैं, इस के अलावा जहा मैं जॉब करती हूँ वाहा भी मेरे बॉस के अलावा मॅनेजर और दोसरे 5 लोग और मेरी चुदाई करते हैं. और अब ऑफीस मे तो ये हाल है के मैं ऑफीस मे काम कम करती हूँ और चुदाई मेरी ज़ियादा होती है. मुहल्ले के लड़को और आदमियों को भी मैं खुश इस लिए रखती हूँ के उन्हो ने आज तक ये बात किसी औरत और मेरे घर वालों को पता नही चलने दी है इस लिए मैं पूरी आज़ादी और उनकी मर्ज़ी के मुताबिक उन लोगों से चुदवाति हूँ.

यह कहानी भी पड़े  वो एक परी जैसी लग रही थी

किरण बाजी अपनी चुदाई की बाते बता कर खामोश हुई तो कामरान अंकल बोले, वाह तुम ने अच्छी अच्छी रंडियों को भी पीछे छोड़ दिया है चुदवाने के मामले मे, बड़ी हिम्मत है तुम्हारे अंदर जो इतना चुदवा लेती हो. किरण बाजी मुस्कराई और बोली, मैं तो आज भी शार्फ़ो बाबा के लिए दुवा करती हूँ के ना वो मुझे रोज़ चोद चोद कर मुझे चुदाई का आदि बनाते ना मुझ मे चुदाई की इतनी भूक पैदा होती और ना मैं इतना चुदवा पाती. कामरान अंकल का लंड फिर से तय्यार हो चुक्का था तो वो कहने लगे, तेरी बातों से मेरा लंड फिर से तय्यार होगया है तो होजाय छुदाई का ऐक और राउंड. किरण बाजी हँसी और बोली, हा क्यूँ नही मेरा तो काम ही यही है. फिर कामरान अंकल ने उनको दोबारा से डोगी स्टाइल मे खड़ा होने को बोला, किरण बाजी ने फॉरन हुकुम की तामील करी और कामरान अंकल फिर से मेरी बेहन को चोदने लगे.

किरण बाजी की दास्तान सुनकर मैं हेरान तो बोहत हुआ था साथ साथ मेरे दिल मे अपनी बेहन को चोदने की ख्वाइश भी ज़ोर पकड़ गई थी, और मैं ने सोचा था के मैं भी बोहत जल्द ही अपनी बेहन को चोद लूँगा. फिर मैं ने कुछ 2 घंटे और अपनी बेहन की चुदाई देखी फिर मैं ने टाइम देखा तो 4:30 हो चुक्के थे, कामरान अंकल का अभी और चोदने का मूड था पर मुझे नींद आरहि थी इस लिए मैं आकर अपने बिस्तर पर लेट गया और जल्द ही सोगया. शायद ये मेरी थरक ही थी जो मैं ज़ियादा नही सो पाया और मैं उठ गया. टाइम देखा तो सुबह के 6 बज रहे थे, मैं ने आकर फिर झाँका तो कामरान अंकल अभी तक लगे हुए थे यानी उन्हो ने अपनी बात को सच साबित किया के वो पूरी रात मेरी बेहन को चोदेन्गे . 6:30 तक कामरान अंकल ने किरण बाजी को चोदा फिर वो उन्हे लेकर बाथरूम मे घुस्स गये. फिर उनकी वापिसी 7 बजे हुई, वो दोनो नहा कर निकले थे. वो दोनो आधे घंटे तक नहाए थे यानी नहाने के दोरान भी उन दोनो ने सेक्स किया होगा. फिर कामरान अंकल ने अपने कपड़े पहने और किरण बाजी को किस कर के उनके कमरे से चले गये जब के किरण बाजी भी कपड़े पहन कर लेट गई.

फिर मैं ने भी बाथरूम जाकर किरण बाजी के नाम की मूठ मारी और नाहया. मैं 8 बजे नीचे उतरा तो कामरान अंकल अम्मी अब्बू के साथ डिन्निंग टेबल पर बैठे थे, अब्बू और कामरान अंकल तय्यार थे शायद उनको नाश्ते के फॉरन बाद ही निकलना था, थोड़ी देर बाद ही किरण बाजी भी वाहा आगई. कामरान अंकल ने मुस्करा कर फिर सब की नज़र बचा कर किरण बाजी को आँख मारी तो किरण बाजी मुस्करा दी, फिर इत्तेफ़ाक़ से किरण बाजी को जगा भी कामरन अंकल के बराबर ही मिली. नाश्ते के दोरान मैं ने नोट किया के बार बार किरण बाजी के चेहरे पर मुस्कराहट आराही है, मैं ने गोर किया तो कामरान अंकल का ऐक हाथ डिन्निंग टेबल के नीचे था शायद वो नाश्ते के दोरान ही किरण बाजी की चूत से छेड़ छाड़ कर रहे थे. नाश्ता ख़तम होने के बाद अम्मी नाश्ते के बर्तन लेकर किचन मे चली गई जब के अब्बू भी पॅकिंग को देखने के लिए अपने बेडरूम मे चले गये. मैं ने बहाने से उठ कर बाहर आगया, फिर थोड़ी देर बाद मैं ने अंदर झाँका तो कामरान अंकल ने किरण बाजी को लिपटा लिया था. किरण बाजी मुस्करा कर कह रही थी, नाश्ते के दोरान भी आप को मस्तियाँ सूझ रही थी और आप बार बार मेरी चूत पर चुटकियाँ ले रहे थे. कामरान अंकल ने किरण बाजी को किस किया और बोले, जानेमन ऐक रात तुम्हे चोद कर मॅज़ा तो बोहत आया पर दिल नही भरा अभी भी दिल कर रहा है के तुम्हे यही चोदना शुरू कर दूं. किरण बाजी मुस्कराई और बोली, दिल तो मेरा भी नही भरा आप से चुदवा कर पर किया करें अब मोका नही है वरना मैं खुद नंगी हो चुक्की होती. कामरान अंकल बोले, अभी तो मैं जा रहा हूँ पर कोई मोका बनाउन्गा तुम्हे चोदने के लिए. फिर कामरान अंकल किरण बाजी के मम्मों को दबा दबा कर उन्हे किस करते रहे फिर उन्हो ने छोड़ दिया कही अम्मी या अब्बू ना आ जाए. फिर कुछ देर बाद कामरान अंकल अब्बू के साथ चले गये जब के किरण बाजी तबीयत खराबी का बहाना बना कर सोने चली गई, जब के मैं अपनी बेहन की चुदाई के बारे मे सोचता हुआ कॉलेज आगया और सोचने लगा के ऐसा क्या करूँ के किरण बाजी मुझ से भी चुदवा लें. अब देखिए आगे क्या होता है कॉन कॉन किरण बाजी को चोद्ता है और मेरा नंबर कब तक आता है.
दोस्तो आप को ये कहानी कैसी लगी ज़रूर बताना आपका दोस्त राज शर्मा
समाप्त

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!