एक रात की कहानी पार्ट – 1

हाई मेरा नाम रहील है और आज मैं आप लोगों को अपनी बेहन किरण की स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ. सब से पहले मैं अपना और अपनी फॅमिली का इंट्रोडक्षन दे दूं. मेरी फॅमिली मे 4 मेंबर्ज़ हैं, पापा, मम्मी, मेरी बड़ी बेहन किरण और मैं, मेरी एज 18 है और मैं इंटर पार्ट 2 का स्टूडेंट हूँ, मेरी बेहन की एज 23 साल है और उसने बी.कॉम किया है और वो आज कल ऐक प्राइवेट कंपनी मे पर्सनल सेक्रेटरी की जॉब करती है, पापा ऐक बॅंक मे जॉब करते हैं जब के मम्मी पूरी हाउस वाइफ हैं.

मेरी बेहन अपनी जॉब की वजा से काफ़ी बोल्ड ड्रेसिंग करती है यानी वो ट्राउज़र्स टी-शर्ट्स और जीन्स पहनती है और कमीज़ शलवार सूट अगर पहनती है तो वो टाइट फिटिंग का होता है और बड़े गले का. मम्मी पापा को किरण बाजी की ड्रेसिंग पर कोई अतराज़ नही था. मेरी बेहन परदा भी नही करती है इस लिए आते जाते मोहल्ले के बदमाश लड़के किरण बाजी को छेड़ते थे जिस की किरण बाजी को कोई परवाह नही थी बालके वो अक्सर लड़कों के छेड़ने पर मुस्करा देती थी, वैसे किरण बाजी का फिगर भी कमाल का है और वो खूबसूरत भी बोहत है, उनका रंग गोरा था बॉल काले और लंबे थे, कमर पतली और भरे भरे गोल गोल चूतर उस पर कयामत उनके बूब्स जो के ऐक दम तने हुए और उठे हुए थे जो दिखने मे बोहत सेक्सी लगते थे यू समझे के किरण बाजी दिखने मे बोहत सेक्सी लगती है और जो कोई भी ऐक नज़र उनको देखता तो देखता ही रह जाता है.

मेरी मोहल्ले के लड़कों से दोस्ती थी और जब वो लोग किरण बाजी के बारे मे गंदी गंदी बाते करते तो मैं उनसे लड़ पड़ता था तो वो लोग मुझे बोलते थे के जब तेरी बेहन को कोई अतराज़ नही है तो तू कॉन होता है अतराज़ करने वाला, मैं फिर भी उनसे लड़ता था के तुम लोग मेरी बेहन को बदनाम कर रहे हो तो वो लोग हंसते थे और बोलते थे के तेरी बेहन ऐक रंडी है और हम सब तेरी बेहन को चोद चुक्के हैं इस लिए तो तेरी बेहन हमारी बातों पर मुस्करती है. मैं उन लोगों की बात पर कभी यकीन नही करता था और समझता था के वो लोग सिर्फ़ मुझे गुस्सा दिलाने के लिए और अपनी थरक पूरी करने के लिए ऐसा बोलते हैं.

अब मैं आता हूँ स्टोरी की तरफ, ऐक बार पापा को अपने बॅंक की तरफ से चंद दिनो के लिए शहर से बाहर जाना था, फिर जब शाम मे पापा घर आए तो उनके साथ ऐक 75 या 80 साल का ऐक बुड्ढ़ा आदमी भी था पर वो अपनी ड्रेसिंग से कोई अमीर आदमी लगता था और उस आदमी की सेहत भी बोहत अछी थी, पापा ने उस आदमी का इंट्रोडक्षन करवाया के ये मेरे बॅंक मॅनेजर हैं कामरान साहिब और मैं इनके साथ कल सुबह की फ्लाइट से जाउ गा, इनका घर दूर है इस लिए आज रात ये हमारे घर ही रहेंगे . हमारा घर डबल स्टोरी है, निचले वाले फ्लोर पर ड्रॉयिंग रूम, टीवी लॉंच, डिन्निंग रूम और मम्मी पापा का बेडरूम है जब के उपर के फ्लोर पर मेरे और किरण बाजी के बेडरूम के अलावा 2 रूम्स और भी हैं जो सिर्फ़ गेस्ट्स के लिए हैं के कोई आए तो उनको इन रूम्स मे ठहराया जाय, तो मम्मी ने पापा के बॅंक मॅनेजर कामरान साहिब (कामरान साहिब की उमर बोहत ज़ियादा है इस लिए मैं उनको कामरान अंकल के नाम से लिखूंगा) के लिए उपर के फ्लोर पर ऐक कमरा सेट कर्दिआ. पापा फ्रेश होने चले गये जब के मम्मी खाना बनाने के लिए किचन मे, मैं भी उनको हेलो कर के अपने बेडरूम मे आ गया पढ़ाई के लिए क्यूँ के मेरे एग्ज़ॅम करीब थे और कामरान अंकल के साथ ड्रॉयिंग रूम मे सिर्फ़ किरण बाजी बैठी थी.

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तकरीबन घंटा भर तक मैं ने पढ़ाई करी फिर मैं नीचे आने लगा, अभी मैं सीढ़ियों पर ही था के मुझे किरण बाजी चाइ की ट्रॉल्ली लेकर ड्रॉयिंग रूम मे जाती हुई नज़र आई, मैं अभी उपर ही था इस लिए किरण बाजी मुझे ना देख सकी और फिर मैं जब तक नीचे उतरा किरण बाजी ड्रॉयिंग रूम मे जा चुक्की थी, मैं ने भी सोचा था के मैं भी जाकर उनके साथ बैठ जाउ ये तो अछा नही होगा के मेहमान घर मे आया है और मैं अपने कमरे मे घुसा हुआ हूँ.

अभी मैं ड्रॉयिंग रूम के गेट पर ही था के मुझे किरण बाजी कामरान अंकल के आगे झुकी हुई नज़र आई, जो पोज़िशन इस वक़्त किरण बाजी की थी वो देख कर मैं बाहर ही रुक गया और साइड मे छुप कर अंदर देखने लगा, किरण बाजी चाई का कप हाथ मे पकड़े हुए कामरान अंकल के सामने झुकी हुई थी, किरण बाजी ने हमेशा की तरहा खुले गले का शलवार सूट पहना हुआ था, झुकने की वजा से उनका दुपट्टा फिसल कर उनके पैरों मे गिर पड़ा था और बड़े गले से झुकने की वजा से किरण बाजी के बड़े बड़े बूब्स आधे से ज़ियादा कमीज़ से नज़र आ रहे थे और कामरान अंकल की नज़रे मुसलसल किरण बाजी के बूब्स पर ही थी जब के किरण बाजी को पता था के कामरान अंकल कहा देख रहे हैं इस लिए वो मुस्करा रही थी और अपने बूब्स के जलवे कामरान अंकल को दिखा रही थी, फिर जब किरण बाजी बोली तो मैं हेरात से पागल होगया, किरण बाजी मुस्कराती होई बोली, अगर आप ने दिल भर कर मेरे बूब्स को देख लिया हो तो चाई पकड़ लो मैं कब तक इसी तरहा खड़ी रहूंगी जी. कामरन अंकल किरण बाजी की बात सुनकर मुस्कराए और बोले, अभी ऐसे ही खड़ी रहो जान-ए-मन जब तक मेरा सही से खड़ा नही हो जाता. कामरान अंकल की बात सुनकर मैं और हेरान हुआ के अभी उन्हे हमारे घर मे आए हुए 1 घंटा ही हुआ था और वो किरण बाजी को जान-ए-मन कह कर मुखातिब कर रहे थे. बाजी मुस्कराई और बोली, पहले चाई ले लो फिर दिल भर कर देखते रहिए गा मेरे बूब्स को. कामरान अंकल बोले, मेरा तो दूध पीने को दिल चाह रहा है और तुम चाई पीला रही हो, ये ग़लत बात नही है क्या? बाजी मुस्करा कर बोली, दूध भी पिला दूँगी पहले आप ये चाई पी लो. कामरान अंकल ने बाजी के हाथ से चाई का कप लेकर टेबल पर रख दिया, बाजी सीधी होने लगी तो कामरान अंकल ने खींच कर बाजी को अपनी गौद मे बिठा लिया और उनके बूब्स को दबाने लगे, और बोले, मेरी जान अभी पिला नही रही तो दिखा दो, बाजी ने मुस्करा कर खुद से अपने होन्ट कामरान अंकल के होंटो से मिला दिए और उनका ऐक भरपूर किस लेकर बोली, अभी मैं दिखा भी नही सकती क्यूँ के कोई आ सकता है, पूरी रात आप की होगी रात मे आप चाहे मेरा दूध पिए या जो दिल आप का चाहे मेरे साथ करो पर रात तक इंतिज़ार करो. कामरान अंकल ने कस कर बाजी के बूब्स को दबाया तो बाजी की सिसकारी निकल गई, कामरान अंकल ने बाजी को किस किया और बोले, ठीक है जानेमन तुम कहती हो तो ठीक है पर रात का मुझे बेसब्री से इंतिज़ार रहे गा. कामरान अंकल ने बाजी को फिर से किस किया और बाजी उनकी गौद से उठ गई. मैं ने अब अंदर जाना मुनासिब नही समझा और वापिस अपने कमरे मे आगया.

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