एक मा को कर्ज़दार ने रंडी बनाया

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा, की जावेद जी ने पापा के सामने ये साबित किया, की मा अब उनकी रंडी बन चुकी थी. अब आयेज…

मा जावेद जी का लंड खूब प्यार से सहला रही थी. जावेद जी के बड़े काले लंड को लॉलिपोप की तरह चूस रही थी.

जावेद: इतनी प्यारी औरत हो तुम, पहले क्यू नही मिली मुझे?

मा ने आँखों से पालक झपकाई और चूस्टी रही. फिर 5 मिनिट और चूसने के बाद मा ने किस किया लंड को, और खड़ी हुई सिडक्टिव्ली. फिर मा ने अपनी ब्रा खोल के जावेद जी पर डाल दी. उन्होने थोड़ी देर उनके लिए डॅन्स किया, और जावेद जी बस अपना लंड पकड़ के देखते रहे मा को.

मा के बड़े-बड़े बूब्स और लाइट ब्राउन निपल्स ग़ज़ब लग रहे थे. जावेद ने फिर हाथ आयेज करके मा के बूब्स दबाए, और मा उनकी गोद में बैठ गयी. मा ने जावेद का चेहरा लेके अपने बूब्स में दबा दिया. जावेद जी पागलों की तरह मा के बूब्स चूसने लगे, और चाटने लगे.

उनको मा की वेटनेस अपनी जांघों पर भी फील हुई. जावेद जी एक-एक करके मा के पुर बूब्स चूस रहे थे, चाट रहे थे, दबा रहे थे, और मा को बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर 10 मिनिट बूब्स चुसवाने के बाद मा खड़ी हुई गोदी से और उल्टा होके अपने हाथ टेबल पर रख दिए. फिर वो झुक कर गांद हिलने लगी. जावेद जी मा की गांद को हिलते हुए देखते पागल हो गये. उन्होने सबसे पहले मा की गांद दबाई, और प्यार से मस्त 2-3 थप्पड़ मारे गांद पर.

मा को बहुत अछा लग रहा था. फिर मा ने अपनी सारी उपर की, और जावेद जी को अपनी गांद दिखाई जिसके लिए वो तरस रहे थे. जावेद जी ने मा की गांद पर अपना मूह डाल दिया, और किस करने लगे, प्यार करने लगे. अब उन्होने अपने दांतो से मा की गीली पनटी नीचे करके खींच दी.

अब जावेद जी मा की नंगी गांद को बहुत प्यार से देख रहे थे. मा की गांद और छूट बिल्कुल सॉफ थी. बाल बिल्कुल नही थे, और बहुत गोरी थी. ये देख के जावेद जी पागल हो गये. इतने में मा ने धीरे-धीरे गांद हिलना शुरू किया, और जावेद जी को टीज़ करने लगी.

जावेद जी से रहा नही गया. उन्होने दोनो हाथो से मा के चूतड़ फैलाए, और मा की गीली फूली हुई छूट और गांद का च्छेद देखा. उनके होश उडद गये. फिर वो छूट पीछे से चाटने लगे. मा को बहुत मज़ा आ रहा था. वो आवाज़े निकालने लगी आ आ आ की.

जावेद जी मा की छूट को सूंघते-सूंघते चाटने लगे, और अंदर जीभ डाल दी. इससे मा की आवाज़ तेज़ हो गयी. फिर उन्होने गांद का च्छेद भी छाता, तो मा चौंक गयी. लेकिन जावेद जी मा की गांद चाट-ते ही गये.

अब मा की छूट बहुत गीली हो रही थी. उनसे रहा नही जेया रहा था, तो उन्होने कहा-

मा: अब बस करो, और मुझे छोड़ दो अपने बड़े मोटे काले लंड से. प्लीज़ अब और मत तड़पाव.

जावेद जी उठे, और उन्होने मा की गांद पर थप्पड़ मारते हुए कहा-

जावेद: ठीक है, आज तुझे छोड़ के अपना बना लेता हू. लेकिन पहले मेरा लंड चूस रंडी.

मा को पहली बार जावेद जी ने ऐसा बोला. ये सुन के वो तुरंत घुटनो के बाल आई, और जावेद जी का लंड चूसने लगी. इससे जावेद जी को समझ आ गया की मेरी मा को ज़लील होना पसंद आया, और रंडियो वाले सारे गुण थे मा में. फिर उन्होने कहा-

जावेद: चल रंडी, अब टेबल पर आके अपनी गांद बाहर कर. आज तुझे जन्नत दिखता हू मैं.

मा ने बात मान ली, और टेबल पर झुक कर बड़ी गांद बाहर की. अब जावेद जी मा के पीछे खड़े हुए, आंड लंड अड्जस्ट करके बिना कॉंडम के लंड एक ही झटके में डाल दिया.

मेरी मा की चीख निकल गयी, और जावेद जी ने छोड़ना शुरू कर दिया. वो बहुत बेरेहमी से मम्मी की छूट मार रहे थे, और अब मा भी सातवे आसमान में थी.

जावेद: कैसा लग रहा है मेरी प्यारी रांड़?

मा: बहुत अछा जी, आप आज बस छोड़ते रहो मुझे, और अपना बना लो

जावेद: मैं बिना कॉंडम के छोड़ रहा हू. लेकिन कोई क्लाइंट को अलो नही होगा विदाउट कॉंडम.

मा: हा जी, मैं किसी और को नही छोड़ने दूँगी विदाउट कॉंडम. मैं बस आपकी हू.

जावेद: चल अब उल्टा घूम.

फिर मा उल्टी घूमी आंड टेबल पर लेट गयी. अब जावेद जी इस पोज़ में मा को छोड़ रहे थे. इतने में मेरी बेहन और मैने फोन किया मा को, क्यूंकी बहुत टाइम हो गया था, और पापा रोते-रोते घर आए थे, और कुछ नही बोल रहे थे.

मा ने कॉल नही उठाई. फिर जावेद जी कुर्सी पर बैठ गये, और मा को उल्टा लंड पर बिता दिया. फिर मा जावेद जी के लंड पर कूद रही थी, और फिर फोन बजा.

जावेद: किसका फोन आ रहा है? अगर पति का आए तो मत उठना

मा: मेरी बेटी की कॉल आ रही है.

जावेद: ठीक है उठा ले, और फोन स्पीकर पर डाल और चुड्ती रह.

बेहन: हेलो मा, आप ठीक हो?

मा हानफते हानफते: हा बेटा, मैं बहुत अची हू.

मा को नही पता था की मैं कॉल सुन रहा था.

बेहन: आपको काम मिल गया?

मा: हा बेटा, काम भी मिल गया, शुरू भी कर दिया, और पेमेंट में अपना सारा गोल्ड भी.

बेहन: क्या काम है?

मा: बस कुछ नही बेटा, ऐसे ही.

बेहन: अर्रे बताओ ना. इतने पैसे मिल रहे है तो मैं भी करूँगी.

मा: नही बेटा, ये काम तुम्हारे लिए नही है. ये बडो के लिए है, तुम पढ़ाई करो.

अब जावेद जी ने मा घोड़ी बना दिया पास में रखे सोफे पर, और पीछे से मा की छूट मारते-मारते बोल पड़े, और मा रेस्पेक्ट के खातिर चुप रही.

जावेद: बेटी तुम कितने साल की हो?

बेहन: मैं 20 साल की हू जावेद सिर.

जावेद: ठीक है फिर मैं दे सकता हू आपको काम. कल आओ, संजता हू.

बेहन: लेकिन सिर प्लीज़ बोलो ना क्या काम है?

जावेद: मम्मी से पूच लेना जब घर आए, ओके?

बेहन: ठीक है जावेद सिर. फिर मैं कल आती हू मा के साथ, ओक बाइ.

जावेद: बाइ बेटी.

फोन कट हो गया, और चुदाई चलती रही. मा को इतना मज़ा आ रहा था. उन्होने आँखें बंद कर रखी थी, और अब आवाज़े निकालने लगी.

मा: जावेद जी आ आ अब मेरी बेटी आ को भी रंडी बना लोगे क्या?

जावेद: तेरी तो सौतेली बेटी है ना. फिर क्या फराक पड़ता है? वो उमर में छ्होटी है, इसलिए बुड्ढे अरबी उसके पीछे पागल हो जाएँगे. और वो भी माल है तेरी तरह. लेकिन तेरी ये बड़ी गांद क़यामत है.

अब 2 घंटे छोड़ने के बाद मा काई बार झाड़ गयी थी. फिर जावेद जी ने मा को घुटनो के बाल आने के लिए कहा. फिर मा ने जावेद जी का लंड मूह में लिया. जावेद जी ने सारा माल मम्मी के मूह डाल दिया और उनसे कहा-

जावेद: आअहह, निकल गया. चल मूह खोल के दिखा मेरा पानी.

मा ने मूह खोला, और जावेद जी को दिखाया उनका गरम-गरम माल और पी गयी. जावेद जी सोफे पर लेट गये, और मा उनके उपर लिटा लिया. दोनो ऐसे ही 15 मिनिट लेते रहे.

मा: आज मुझे वो सुख मिला जो काई साल से नही मिला था. थॅंक योउ जावेद जी.

जावेद: मुझे काफ़ी साल के बाद एक मस्त औरत मिली, जिसको पा कर मैं बहुत खुश हू. अब से तू मेरी हुई, और मैं जो बोलूँगा तुझे सब करना होगा. अब तू घर जेया, मेरे को भी अपनी बेगम के पास जाना है, और कल तैयार होके आना. तुम्हे कल सौदी अरब के मॅनेजर के पास जाना है, सलीम के पास.

जावेद जी: तुम मंगलसूत्रा और माँग में सिंदूर और चूड़ियाँ ज़रूर पहनना. उसको हाउसवाइव्स बहुत पसंद है. कल अपनी बेटी को मेरे पास भेज देना.

मा: ओके जावेद जी, ई लोवे योउ.

फिर मा उठी, और जैसे ही मा उठी, जावेद जी ने गांद पर थप्पड़ मारा. मा हासणे लगी, जैसे उनको बहुत अछा लग रहा हो. मा ने ब्लाउस पहना, और पनटी पहन ही रही थी, की जावेद जी ने माना कर दिया और पनटी मा से ले ली.

फिर मा ने सारी पहनी, बाल ठीक किए, मूह धो के लिपस्टिक फिर लगाई, और जाने के लिए रेडी हुई. जावेद जी ने जल्दी से कपड़े पहने, और गफ़ूर को बुलाया.

गफ़ूर दरवाज़े के बाहर ही था. शायद सारी रासलीला सुन रहा हो. वो तुरंत आ गया अंदर.

गफ़ूर: जी साहेब, बुलाया आपने?

जावेद: इनको घर छ्चोढ़ दो, और कल इनको सलीम के पास लेके जाना. और आफ़ज़ल को बोलना की दूसरी गाड़ी से इनकी बेटी को यहा लाना है.

गफ़ूर: जी साहेब, हो जाएगा.

जावेद ने फिर वो किया जिससे मा चौक गयी. उन्होने मा की गीली पनटी गफ़ूर को दी. गफ़ूर ने मा की गीली पनटी ली, और जावेद ने उसको कहा-

जावेद: ये तेरी वफ़ादारी का इनाम है. ये सूंग आंड भूलना मत, की अब से तू इनका बॉडीगार्ड है.

गफ़ूर: जी मालिक.

फिर गफ़ूर मा को घर छ्चोढने आया, और पुर रास्ते मा की गीली पनटी सूंघ रहा था, और मा को देख रहा था. मा ने कुछ नही बोला, और वो कार में सो गयी. फिर मा घर पहुँच गयी, और हुमको हेलो बोली और कहा-

मा: हेलो बेटा, हेलो बेटी.

मैं: और काम कैसा था मा?

बेहन: हा मा.

मा: बस पूछो मत, मुझे बहुत-बहुत मज़ा आया.

बेहन: क्या काम था मा?

मा: बेटा मैं बहुत तक गयी हू. तुम कल खुद देख लेना ओके. और हा, एक-दूं साज के जाना. तुम कल अपना ब्लॅक वन्स-पीस पहनना, या स्कर्ट ठीक है.

बेहन: ओके मा, गुड नाइट.

मा: गुड नाइट बेटा.

मा फिर अपने बेडरूम में जाके सो गयी, और पापा और मा के बीच कुछ बात नही हुई. हम भी सो गये.

कैसी लगी स्टोरी दोस्तों? मुझे ज़रूर बताना और कॉमेंट और लीके भी करना. मुझे आप डाइरेक्ट्ली मैल कर सकते है ओं

अब नेक्स्ट पार्ट में देखना कैसे मा सलीम मॅनेजर को कुश करती है, और मेरी बेहन कैसे जावेद जी की दीवानी हो जाती है, और जावेद जी को जन्नत दिखती है.

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