Ek Chhoti Si Love Story

प्रिय दोस्तो,
अजय का प्यार भरा नमस्कार ।
मेरी पिछली कहानी
बंगालन भाभी की यौन संतुष्टि की चाहत पूरी हुई
को इतना पसंद करने के लिए धन्यवाद।

इस बार मैं आपको एक बेचैन प्यासी भाभी की प्यास की एक छोटी सी कहानी बताऊँगा जिनके लिए मैंने अपने बनाये खुद के नियम को तोड़ा।
मेरा नियम है कि जिसको भी मेरा सर्विस चाहिए, मुझे इमेल करे, साथ में अपना मोबाइल नम्बर और फ़ोटो भेजे, बाद में मैं पैसे के बारे में बात करता हूँ।
लेकिन मैंने उससे पैसे नहीं लिए।

अभी बात दो दिन पहले की है, मेरे पास एक मेल आया, देखा कि एक फ़ोटो है।
और उसने मेरे फ़ोटो की रिक्वेस्ट की थी।
तो मैंने अपने फ़ोटो के साथ अपना नम्बर भी मेल कर दिया।

थोड़ी ही देर में उसका कॉल आ गया, उसने अपना नाम रीता शरण (बदला हुआ नाम) बताया। साथ में यह भी कि वो रांची के अशोक नगर में रहती है।
थोड़ी देर बात हुई उसने बताया कि उसने मेरी कहानी पढ़ी है, बहुत पसंद आई और वो मेरे से चुदवाना चाहती है।

मैंने कहा कि आपको तो कोई और भी मिल सकता है।
तो रीता बोली- मिल तो सकता है पर आप बहुत अच्छा फॉरप्ले करते हो। कहानी पढ़ के ऐसा लगा तो आप रियल में तो जान ही ले लोगे।

मैंने उससे उसकी उम्र पूछा तो उसने बताया कि वो 42 साल की है, यह भी बताया कि उसकी एक बेटी है जो हाई स्कूल में बाहर पढ़ाई करती है।
मैंने कहा कि फ़ोटो में तो आप कम लग रही तो रीता बोली कि वो 4 साल पहले की फ़ोटो है पर अभी भी वैसे ही हूँ मैं!
मैंने कहा- अच्छी बात है।

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फिर रात में मैंने रीता के साथ IMO पर वीडियो चैट भी की।
रीता कोई बहुत सुंदर परी नहीं थी पर हाँ उसका बदन अभी भी बहुत सुडौल था, अभी भी बहुत आकर्षण था उसमें… चूची 36, कमर 32, चूतड़ तो बहुत मस्त 38 से कम नहीं।
रंग उसका सांवला था पर कुल मिला के माल अच्छी थी।

हम दोनों ने वीडियो चैट पर एक दूसरे से नंगे होकर बात की, वो अपनी चूत में ऊँगली कर के दिखा रही थी, मैं अपना लंड हिला कर दिखा रहा था।

फिर हम लोग फ़ोन कॉल पे आ गए और चुदाई की बातें करने लगे।
वो बताने लगी- तुम्हारा लंड बहुत पसंद आया मुझे!
अगले दिन मिलने की बात तय हो गई।

मैंने पूछा- क्या दोगी मुझे?
तो बोली- प्लीज, मैं पैसा नहीं दे पाऊँगी। और प्लीज तुम ना मत कहना। क्यूंकि मुझे चुदवाना है तुमसे। मैं बहुत दिन से प्यासी हूँ।
उसने ऐसा रिक्वेस्ट किया तो मैं भी मना नहीं कर पाया।
मैंने कहा- ठीक है, मैं आपकी प्यास बुझा दूंगा।

उसने अपने घर का एड्रेस दिया और मैं अगले दिन 3 बजे पहुँच गया।
रास्ते भर यह सोचते गया कि इसकी प्यास किस तरीके से बुझाई जाये।

फिर सोचा कि जैसा मैं हॉट फॉरप्ले करता हूँ, वैसा ही फोरप्ले करना है और जब लंड डाल के पेलना होगा तो इतना पेल दो कि उसकी साँसें चढ़ जायें।

पहुँचा तो उसने दरवाज़ा खोला, मैं अंदर जाकर बैठ गया।
वो थोड़ा शर्मा रही थी, बोली- अजय, देखो मुझे गलत मत समझना… पर मन बहुत करता है।

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मैंने कहा- हाँ वो मैं समझ सकता हूँ।
फिर मैंने कहा- कोई आ तो नहीं जायेगा न?
तो वो बोली- नहीं आयेगा।

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