बस मे अजनबी से लंड लेके गांद चुदाई

मैं एक बाइसेक्षुयल ओन्ली बॉटम हूँ. मैं फेर कलर वित चब्बी पर्सनॅलिटी हूँ. यह उन दीनो की बात है जब मैं जॉब करता था. स्कूटर सर्विसिंग के लिए दिया हुआ था इसलिए बस से ऑफीस जा रहा था.

ड्यूटी से रिटर्न टाइम पेर ऑफीस अवर्स के कारण सारे बसस में पॅसेंजर्स ज़्यादा ही थे. मैने एक बस पकड़ी जो मेरे घर के नियर डेस्टिनेशन की थी.

बस में भीड़ ज़्यादा होने के कारण लोग एक दूसरे से प्रेस्ड खड़े थे. जिसके कारण मेरे हिप्स पर पेच्चे के पॅसेंजर का लंड डब रहा था. मैं स्टार्टिंग में ध्यान नहीं दिया और गाड़ी चलती रही.

क्यूकी मैं बाइसेक्षुयल हूँ तो उसका टच होता हुआ लंड मुझे सेक्स अपील देने लगा. मुझे दर्र था की वो भी अगर बाइसेक्षुयल ना हुआ तो बे-इज़्ज़ती हो सकती है. इसलिए मैने अपने हिप्स को ऐसे उसके लंड से रब किया जैसे बस के मूव्मेंट के कारण हो रहा है.

उसका कोई रेस्पॉन्स नहीं आया तो मैं अपने हिप्स को तोड़ा ज़्यादा ही उसके लंड से टच करते हुए अपने दोनो हिप्स के बीच भी उसके लंड को ऐसे प्रेस करने लगा जैसे बस के मूव्मेंट के कारण मैं हिल रहा हूँ.

लकिली थोड़ी देर में उसके लंड में मूव्मेंट आने लगा और वो भी रेस्पॉन्स देते हुए अपने लंड को मेरे हिप्स पेर घूमने लगा.

जब मुझे समझ आ गया के वो भी इन्वॉल्व है. तो मैं उसके खड़े लंड को अपने हिप्स के बीच में लेकर धक्का देने लगा. उसका लंड मेरे हिप्स के बीच में आ गया.

मैं जब से मज़ा ले रहा था इसलिए मैं भी हॉट हो गया था. वो मेरी कंमेर (वेस्ट) को पकड़ कर मेरे सामने हाथ डाल कर मेरे पंत में टाइट लंड को पकड़ कर पीच्चे से मेरी नेक को चूमने लगा.

मैने पीच्चे हाथ डाल कर उसका लंड पेर हाथ डाला तो पंत में टाइट था. वो ज़िप खोल कर अंडरवेर में से बहेर निकल कर पीच्चे से मेरे कन (एअर) में बोला, “अब हाथ डालो”. मैने हाथ डाला तो पंत के अंडर 6 इंच से कुछ ज़्यादा और अच्छा मोटा था. मैं मुट्ठी में पकड़ा तो पूचछा, “कैसे है, पसंद आया?” मैं बोला, “मस्त है”.

इतने मैं उसका डेस्टिनेशन आ गया तो वो मुझे उतेरने का इशारा किया. हम दोनो उतार गये और पास आके होटेल में छाई पीट हुए बात हुई.

उसने अपना नाम आसिफ़ बताया, वो अबौट 35 साल का मीडियम पर्सनॅलिटी का व्हेआतिश कलर का लगता था. जब के मैं 42 के करीब फेर कलर्ड तोड़ा चब्बी था.

वो बोला के वो मॅरीड है, फुल नाइट स्टे करना तो मुश्किल है मिडनाइट तक लॉड्ज में रुक सकता है. हम दूसरे दिन लॉड्ज बुक करके शाम 8.00 पीयेम को रूम आ गये.

हम दोनो फुल नेकेड हो कर एक दूसरे को स्मूच करते हुए. वो पूच्छने लगा के वो ओन्ली टॉप है वर्सटाइल नहीं. मैं बोला, “घबराव नहीं मैं वर्सटाइल नहीं, मैं ओन्ली बॉटम हूँ, हम दोनो पैर हैं”.

वो बोला, “तुम्हारे लंड में मेरे लंड के बरबेर फुल एरेक्षन है. तो फिर भी तुम ओन्ली बॉटम कैसे हो सकते हो? जब तुम्हारा लंड भी फुल खड़ा होगा तो तुमको भी छोड़ने के मॅन करेगा ना?”

मैं बोला, “यह एक लोंग स्टोरी है. मैं स्टार्टिंग में आपके जैसा ही ओन्ली टॉप था. मुझे एक लओंद बाज़ (सडमाइट) मिल गया उसने मुझे बॉटम बनाया.

जब मैं बॉटम में फुल एंजाय करने लगा तो वो मुझे पर्मनेंट पार्ट्नर बनाने के लिए एक कंडीशन रखा”. वो बोला,”मैं तुम्हारा गुरु हूँ”, तुमको मेरी हर एक बात माननी पड़ेगी. तुम आज से टॉप या बॉटम कोई एक सेलेक्ट करके मेरे हाथ पर वचन कार्लो की आप आज से टॉप हो या बॉटम? स्ट्रेट सेक्स में औरत के साथ सेक्स एक अलग इश्यू है वो इश्स में नहीं है. मगर तुम वर्सटाइल नहीं बनना”. मैं बोला, “मुझे वन वीक का टाइम तो डिसाइड करने के लिए”. वो मान गया.

वन वीक के बाद उसके रूम में जाने के बाद वो पूचछा. तो मैं बॉटम की शपथ लेने को रेडी हो गया. तो मुझे पेत के बाल उल्टा लिटके मेरी गांद उपेर रख कर दोनो लेग्स खोले दिया. और मेरे उपर आके बैठ कर अपना लंड मेरी गांद में डाल कर मेरे उपेर लाते कर मेरे हाथ को पकड़ कर बोला.. “अब शपथ लो”.

मैं उसी पोज़ में अपना हाथ उसके हाथ में देते हुए बोला.. “मेरे गुरु, मैं शपथ लेता हूँ के आज के बाद होमोसेक्ष्युयल मैं ऑल्वेज़ ओन्ली बॉटम रोल ही करूँगा, वर्सटाइल और टॉप कभी नहीं”.

इश्स तरहा मैं हमेशा के लिए बॉटम बन गया. अब तो बॉटम में इतना मज़ा आता है के गांद मरते हुए मेरा लंड भी झाड़ जाता है. लोंग टाइम से चूटाड़े ही रहने के कारण अब छोड़ने की इतच्छा ही नहीं होती.

वो बोला, “आप की अमेज़िंग स्टोरी है, मगर बहोट अच्छी है. क्या आपको ऐसी शपथ लेने या बॉटम बनने का कुछ दुख होता है?”

मैं बोला, “नहीं मैं बहोट खुश हूँ के वो मुझे मिला और मुझे बॉटम में कॉनवर्ट किया. मई बॉटम में इतना सॅटिस्फाइ हूँ के टॉप का ध्यान ही नहीं जाता”.

फिर हम दोनो 69 पोज़ में आए.

मैं उसके लंड को चूस्टे हुए उसके टटटे भी चाट रहा था. वो मेरा लंड चूस्टे हुए मेरी गांद में फिंगर्स डाल रहा था. हम दोनो फुल मज़ा ले रहे थे.

थोड़ी देर बाद हम उठे और वो मुझे डॉगी में लेक अपने लंड पे कॉंडम चढ़ाया. तो मैं उसके लंड पेर लूब लगा कर अपनी गांद पेर भी अचे से लूबे से फिंगरिंग भी कर ली.

मैने अपने लंड पेर भी कॉन्डोमे चढ़ाया तो पूच्छने लगा, “तुम गांद मारा रहे हो, तुमको क्यू कॉंडम चाहिए?”

मैं बोला, “गांद मरते समय इतना मज़ा आता है के मेरा लंड भी झाड़ जाता है. तब कॉंडम ना होतो बेड खराब होगा”.

वो लंड को होल सेट करके मेरे शोल्डर पकड़ के झटका मारा. तो मैं अपने बदन को ढीला छ्चोड़े दिए. जिसके कारण उसका आधा लंड मेरी गांद में चला गया.

मैं दर्द के कारण आँख बंद कर ली. वो बोला, “खिलाड़ी लगते हो”.

मैं बोला, “यार जब तो तुम टॉप के खिलाड़ी हो तो मैं बॉटम में तुमसे सीनियर हूँ”.

वो झुक कर मेरे नेक को चूमते हुए अपना लंड मेरी गांद दबाने लगा तो लूबे के कारण स्लोली लंड अंदर जाने लगा.

फिर वो सेकेंड झटका मार कर पूरा लंड गांद में डाल दिया.

वो मेरे उपेर लेट कर दोनो हाथों से मेरे बूब्स दबाते हुए मेरे निपल्स को हल्के हल्के पिनचिंग करने लगा. जिसके कारण मैं प्लेषर से सिसकियाँ भेरने लगा. उसकी यह स्टिम्युलेशन से मैं पीक प्लेषर में आ गया और उसको अब छोड़ने के कहा.

फिर वो सीधे होकर मेरी केमर (वेस्ट) पकड़ के धक्के मारने लगा. हर धक्के का मज़ा आने लगा. मैं मस्ती से उसको बोलने लगा, “छोड़े यार अब मुझे से रहा नहीं जाता”.

वो भी फुल प्लेषर में था, उससने फुल स्पीड में घपा घाप छोड़ने लगा. जिसके कारण मेरा लंड नीचे से झड़ने लगा. उधर वो भी थोड़ी देर में झाड़ गया और मेरी गांद मेी ही सारा माल गिरा कर मेरे उपर लेते गया.

डियर, मेरी स्टोरी अगर पसंद आए तो मेरा एमाइल ईद: अफरोज़े[email protected]गमाल.कॉम आपके मेल्स से मुझे और स्टोरी भेजने की प्रेरणा मिलेगी.

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