पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कैसे मैं ड्राइवर के साथ कामुकता भारी बातें करने लगी. अब आयेज-
मैने उसके आँखों में देखते हुए बोली: श्याम क्या तुम मुझे आज रात अपनी बीवी स्वीकार करोगे?
श्याम के ये सुनते ही उसकी आँखों में एक अलग ही चमक आ गयी. उसने मुझे कार में सीट के सहारे दबोच लिया, और मेरे होंठो पर होंठ रख कर बड़े ही प्यार से चूसने लगा.
मैं उसके बालों को सहला रही थी, और वो मेरे होंठो को चूस रहा था. साथ ही वो मेरे कोमल बदन को अपनी कठोर हथेलियों से मसल रहा था. उूुउउफफफफ्फ़ आआअहह श्याम आअहह.
श्याम ने सीट को खोल कर फैला दी, जिसकी वजह से कार में सोने लायक जगह बन गयी. मैं सीट पर लेट गयी, और वो मेरे उपर आ गया, और मेरे होंठ के साथ साथ गाल और गर्दन को भी चूमने लगा. मैं उसकी पीठ को सहला रही थी, और वो मेरे गाल को चूम रहा था.
आधी रात हो चुकी थी, और हमारी कार बीच सड़क पर किनारे लगी हुई थी. चाँद के उजाले में कार में हम लोग दिखाई नही दे रहे थे. रात में केवल इक्का-दुक्का गाड़ियाँ पार हो रही थी.
आज कांवासना में मैं इतनी जल रही थी, की ड्राइवर के साथ मैं आज सब कुछ भुला कर उसकी वासना में डूबी हुई थी. वो धीरे-धीरे मेरी सारी को खोल दिया, और मैं अब पेटिकोट ब्लाउस में उसके सामने लेती हुई थी. वो मेरे उपर चढ़ के मेरी गर्दन और होंठ को चूमते हुए मेरी चुचियों को ब्लाउस के उपर से ही काट रहा था, और फिर मेरी नाभि को जीभ से चूस रहा था.
मैं काफ़ी मादक और कामुक आवाज़ निकाल रही थी, और वो लगातार मेरे गोरे-गोरे पेट को अपनी जीभ से चूम रहा था, और मेरे पेटिकोट के नाडे को खोल कर अलग कर दिया. अब मैं पनटी और ब्रा में उसके सामने लेती हुई थी. मेरा गोरा बदन अब उसके सामने था.
वो मेरी गोरी-गोरी जांघों को चूमना शुरू कर दिया. मेरे गोरी-गोरी जांघों को चूमते हुए मेरे पैर के अंगूठे को अपने मूह में लेकर चूसने लगा. मैं बहुत ही ज़्यादा गरम हो गयी और खुद से ही अपनी चुचियों को मसालने लगी.
फिर वो मेरे अंगूठे को चूसने के बाद उपर आया, और पनटी के उपर से ही मेरी छूट को चूम लिया. उसके बाद मेरी ब्रा को निकाल दिया. अब मेरी कोरी-कोरी चुचिया उसके सामने थी. वो दोनो हाथो से मेरी चुचियों को पकड़ लिया, और अपनी जीभ से बारी-बारी से मेरे निपल्स को काटना शुरू कर दिया. मेरे मूह से काफ़ी मादक आवाज़े निकालने लगी.
श्याम लगातार मेरी चुचियों को चूसने के बाद नीचे की तरफ बढ़ा, और मेरी पनटी को निकाल दिया. अब मेरी गोरी छूट उसके सामने थी. उसने मेरी जांघों को फैलाया और उंगली से मेरी छूट को फैला कर देखने लगा.
मेरी छूट अंदर से बिल्कुल लाल थी, और बाहर से गुलाबी. उससे रुका ना गया, और मेरी छूट में अपना जीभ डाल दिया और चूसने लगा. मेरी छूट का रस्स उसे बहुत ही अछा लगा. वो बड़े प्यार से जीभ को अंदर डाल कर चूस रहा था.
श्याम ने अपने कपड़े निकाले, और अपने मोटे से लंड को हाथ में हिलाते हुए मेरी चुचियों के पास आया. फिर रग़ाद कर, मेरे सर को पकड़ के, उठा कर मेरे मूह में लंड घुसेध दिया. उसका लंड बिल्कुल नमकीन था, और इतना मोटा और बड़ा की मेरे मूह में ठीक से नही आ पा रहा था.
मैं किसी तरह उसके लंड को चूस कर अपनी थूक से उसे गीला कर दी. उसके बाद श्याम ने लंड को मेरी छूट पर रगड़ना शुरू कर दिया. मैं अपनी आँखें बंद करके कामुक आवाज़े निकालने लगी.
मैं: हाए श्याम उफफफफफफ्फ़…
श्याम अब धीरे-धीरे अपने लंड को मेरी छूट में डालना शुरू कर दिया. वो आधा डालता और फिर निकालता. फिर से वो आधे से अधिक डालता और फिर निकाल लेता. उसने एक बार मेरी कमर को पकड़ के ज़ोर का धक्का मारा, और अपना पूरा लंड मेरी छूट में घुसा दिया.
मुझे दर्द हुई और मैं चिल्ला पड़ी. उसने मेरे उपर लेट कर मेरे मूह को अपने मूह से बंद कर दिया. फिर मुझे बाहों में जाकड़ कर धीरे-धीरे छोड़ना शुरू कर दिया.
वो मुझे छोड़ रहा था, और मेरी पायल की हल्की-हल्की आवाज़ के साथ मेरी दबी हुई कामुक आवाज़ भी गूँज रही थी कार के भीतर. काफ़ी देर तक वो मुझ पर लेट कर मुझे छोड़ता रहा. उसके बाद वो जब तक गया तब वो मुझे अपने उपर बिताया और खुद लेट गया.
मैं उसके उपर बैठ कर उसके लंड को अपने अंदर ले ली, और उपर-नीचे हो कर चुदाई करना शुरू कर दी. मेरी दोनो चुचिया हिल रही थी. वो अपने हाथो से मेरी कमर को पकड़ कर मुझे चुदाई कर रहा था, और मेरी चुचियों को हवा में लहराते हुए देख रहा था.
आज सुनसान रात में अकेली कार में ड्राइवर के साथ चुदाई में बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था की आज मैं स्वर्ग में थी. ड्राइवर के लंड से मेरे तंन-बदन में एक अजब सी गुदगुदी हो रही थी. मैं बहुत ही प्यार से उसके लंड पर उछाल-उछाल कर छुड़वा रही थी.
फिर श्याम ने मुझे नीचे लिटाया और मेरे दोनो पैरों को अपने कंधे पर लेकर मेरी छूट में लंड डालना शुरू कर दिया, और मेरी दोनो चुचियों को पकड़ कर मसालते हुए मुझे छोड़ने लगा.
मैं उसकी चुदाई से काई बार झाड़ चुकी थी, और वो अभी भी लगातार मेरी चूत को चोद रहा था. वो गाओं का देसी जवान इतना आसानी से नही छ्चोढने वाला था.
मैं उसके लंड को अपनी छूट में दबा कर छुड़वा रही थी, की तभी उसने अपनी रफ़्तार बधाई. वो मेरे पैरों को नीचे उतार कर मेरे उपर लेट गया, और मेरे होंठो को चूस्टे हुए, आअहह भरते हुए मेरी छूट में गरम-गरम लावा छ्चोढने लगा.
काफ़ी देर तक उसके लंड ने मेरी छूट में पिचकारी मारी, और वो अभी भी मेरी छूट में धक्के मार रहा था. वो ज़ोर-ज़ोर से हानफते हुए मुझे इधर-उधर चूम रहा था.
मैं उसके बालों को सहला रही थी, और उसके गरम-गरम पानी को अपनी छूट में महसूस कर रही थी. वो थोड़ी देर बाद पूरी तरीके से झाड़ गया, और मेरे उपर लेट गया. हम दोनो काफ़ी देर ऐसे ही लेते रहे. फिर वो मेरे उपर से उठा, और मुझे चूमते हुए अपने कपड़े पहनने लगा.
मैने भी अपने कपड़े पहने, और उसके बाद कार से बाहर निकल कर खुद को ठीक की. रात काफ़ी हो चुकी थी, और हम दोनो को अब घर भी चलना था. ठंडी-ठंडी हवा में मैं मस्त हो रही थी, और ड्राइवर की चुदाई से तो मुझे आनंद ही आ गया था.
हम दोनो घर पहुँचे तो देखा की मेरा बच्चा जगा हुआ था. उसने मुझसे पूछा की मम्मी इतनी देर तक कहाँ रह गयी थी? तब मैं थोड़ी सी झेप गयी. मुझे ड्राइवर के साथ चुदाई याद आ गयी. मैं मुस्कुराने लगी.
फिर अपने बच्चे से बोली: तुम जेया कर सो जाओ. वो रास्ते में गाड़ी खराब हो गयी थी तो लाते हो गयी.
अब मैं उसे भला कैसे कहती की उसकी मम्मी आज ड्राइवर के साथ सड़क पर छुड़वा कर आ रही थी. मैं ये सोचते हुए मुस्कुरा कर अपने रूम में जेया कर सो गयी.