दोस्त की तड़पति मा पर हाथ डाला

हेलो दोस्तों, मैं कारण आज एक न्यू स्टोरी के साथ आप सभी के सामने आया हू. उमीद है आप सभी को मेरी स्टोरीस अची लग रही होंगी.

मैं कारण हू, मेरी उमर 20 साल है, और मैं जमशेदपुर का रहने वाला था, और पुणे में कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था. मेरे साथ मेरे फ्लॅट में 3 रूम पार्ट्नर्स थे रोहित, रेहान, अशरफ. वाहा जाने से पहले मैं बहुत इनोसेंट था. लेकिन वाहा मैं उनके साथ रहते-रहते ड्रिंक और स्मोक भी करने लगा था.

हम डेली पॉर्न देखते, और गंदी बातें करते. तभी रेहान ने हमे सेक्स स्टोरीस पढ़ने को बताया. रेहान एक बहुत हवसी लड़का था. उसकी हाइट 5.6 फीट थी. वो ब्राउनिश गोरा था, और काफ़ी शरीफ और स्मार्ट था. वो बड़े प्यार से बात करता, जिससे उसने बहुत सी औरतों और लड़कियों की छूट ली थी.

आए दिन वो किसी ना किसी को हमारे फ्लॅट पर छोड़ने के लिए लाता रहता था. उसमे कितनी तो हमारे कॉलेज की प्रोफेस्सर्स थी, और कितनी सोसाइटी की आंटीस. ये सब देख मेरे अंदर भी हवस बढ़ने लगी थी. मैं डेली स्टोरीस पढ़ता, और पॉर्न देख कर मूठ मारता. अशरफ के घर में काम था, तो वो छुट्टी लेकर चला गया था. अब हम रूम पर टीन लोग थे, और रेहान सिर्फ़ अशरफ से डरता था.

क्यूंकी उसकी उमर हम सब से ज़्यादा थी, और दिखने में वो एक-दूं बॉडी बिल्डर सा था. उसके जाते ही रेहान अब डेली पड़ोस की आंटीस के साथ फ्लॅट में नंगी चुदाई करने लगा.

ये देख मेरे और रोहित का लंड पानी दे देता था. रोहित पतला-दुबला 6 फीट लंबा लड़का था. वो दिखने में उतना ख़ास नही था, जिसकी वजह से उसकी कोई सेट्टिंग नही थी. वो ढीला-ढाला सा रहता था. रेहान ने हमे बहुत सी लड़कियों की न्यूड्स भी दिखाई थी. तभी एक दिन रेहान को कॉल आया.

रेहान: हा अम्मी बोलो (नरगिस).

नरगिस: बेटा मैं पुणे आने वाली हू, तुम्हारे पास रुकूंगी 3 दिन के लिए.

रेहान: ज़रूर अम्मिं

रेहान बहुत खुश था. हमने उससे पूछा-

रोहित: क्या हुआ?

रेहान: अम्मी आ रही है कल सुबह. यहा 3 दिन रहेंगी.

रोहित: अब तो चुदाई नही होगी.

रेहान: हाहहः.

मे: अशरफ के जाने के बाद तूने तो रेकॉर्ड बना दिया.

रेहान: वो रहता तो ये सब कहा होता. उल्टा वो मेरी अम्मी को छोड़ देता.

हम शॉक थे. वो अपनी मा के बारे में इतनी गंदी बात खुद बोल कर हस्स रहा था. अगले दिन सुबह नरगिस आ गयी. नरगिस एक बुरखे में थी. वो थोड़ी सी चर्बी वॉल,ई गोरे बदन की, 5 फीट की बड़े चूचों वाली, और बड़ी गोल गांद वाली औरत थी, जिसे देख कर लगता था, की इसे इसके पति ने खूब छोड़ कर मज़ा लिया होगा.

नरगिस के चूचे 36द के होंगे, और उसकी कमर 34″. थोड़ी सी चर्बी उसकी गांद पर थी, जिससे उसकी गांद उपर-नीचे कर बुरखे से ही हमारे लंड की सलामी ले रही थी. नरगिस के आते ही रेहान उससे लिपट गया, और उसके हाथ उसकी मा के छूतदों पर चल रहे थे. नरगिस भी अपने बेटे को कस्स कर पकड़ के फील ले रही थी, और ये सब हमारे सामने चल रहा था. तभी दोनो मा बेटे अलग हुए.

रेहान: मा ये रोहित है, और ये कारण, ये दोनो यही रहते है.

मे: नमस्ते आंटी.

नरगिस: नमस्ते बेटा.

उसके मूह से नमस्ते एक दूं रंडी सी आवाज़ लगी, जिसके बाद मेरा लंड अब मेरे काबू में नही था.

नरगिस: बेटा यहा वॉशरूम कहा है? मुझे चेंज करना है.

नरगिस थोड़ी देर में बुरखे में ही सामने आ गयी. मुझे लगा ये तो चेंज करने गयी थी, फिर क्यूँ नही किया. तभी वो बोली-

नरगिस: बुरखे के अंदर सलवार-कमीज़ बहुत गर्मी कर रहा था, इसलिए उतार दिया.

रेहान: मा हमेशा हल्के कपड़े ही पहनती है.

ये सुन मैं और रोहित एक-दूसरे को देखने लगे की ये उसका बेटा था, और वो उसके सामने इतनी खुली हुई थी. फिर मेरी नज़र नरगिस पर गयी. अब उसके चूचे बुरखे में पूरी शेप दे रहे थे. लग रहा था कोई अरेबीयन रांड़ हो. फिर वो किचन में आई.

नरगिस: बेटा मैं तुम सब के लिए खाने को लाई हू.

नरगिस जब चल रही थी, तो बुरखे में उसकी गांद उपर-नीचे करके पूरी शेप दे रही थी. मैने नीचे देखा, तो मेरी पंत गीली पड़ी थी. फिर मैने रोहित को देखा. उसकी भी पंत गीली पड़ी त.

ये देख हम एक-दूसरे को स्माइल दिए, और नरगिस को घूर्ने लगे. हमने खाना खाया, और सोने को चल दिए. हमारा फ्लॅट 1 भक था. हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठे थे, और मेरी नज़र अभी भी नरगिस के उन मोटे चूचों पर थी.

रेहान: अम्मी तुम रूम में सो जाओ. हम बाहर हॉल में सो जाएँगे.

नरगिस: नही बेटा, तुम लोग सो जाओ. बेड भी लगा है, मैं बाहर सो जौंगी.

मे: नही आंटी, आप रूम में सो जाओ.

ये कह कर मैं जैसे ही खड़ा हुआ, मेरा लंड जो मैने चड्डी में नरगिस की गांद और चूचों पर फेरने के लिए हाफ पंत में छ्चोढा था. वो पंत के नीचे दिखने लगा. इससे नरगिस की नज़र वही जेया रुकी, और वो चुप सी हो गयी. सब शांत हो गये. रेहान टेबल के दूसरी साइड पर था, इसलिए उसे ये मालूम नही था.

हम सब रात में सोने लगे. नरगिस रूम में चली गयी. लेकिन उसका फिगर अभी भी मेरे मॅन में घूम रहा था, और मेरे अंदर उसकी छूट की तलब बेकाबू हुए जेया रही थी.

रेहान: यार पड़ोस के लड़के की मा की चुदाई कर दी मैने. साली को खूब ठोका.

मे: उसकी मा तो किसी से बात नही करती.

रेहान: मेरे लंड पर तो झुकती है साली.

रोहित: अपनी मा को भी झुका ले, इतने मस्त बड़े चूचे लेके घूम रही है.

सब शांत हो गये. रेहान कुछ नही बोला और सब हॉल में सोने लगे. पर ये बात मेरे मॅन की तलब और बढ़ा रही थी. मैने देखा सब सो गये, पर मुझे नींद नही आ रही थी. फिर मैं उठा, और नरगिस को देखने के लिए रूम के पास गया. वो डोर अंदर से लॉक कर चुकी थी.

मुझसे अब रहा नही जेया रहा था. मैं हॉल से कनेक्ट विंडो से रूम में झाँकने लगा. वाहा नरगिस बेड पर पड़ी थी. उसकी उंगलियाँ उसकी छूट में थी, और वो धीरे-धीरे सिसकियाँ भर रही थी. ये देख मेरे पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गयी.

फिर मेरे मॅन में आया, ये सेयेल होते ही हवासी है. इसका बेटा इतनी चुदाई कर रहा है, कुछ तो जेनेटिक्स मा के अंदर भी होंगे. ये देख अब मुझे मेरी पहली छूट दिख रही थी, जिसे मैं छोड़ सकता था. मैं रूम के डोर को धीरे से नॉक करने लगा. नरगिस ने डोर खोला. उसकी साँसे तेज़ थी, और उसकी चूचे उपर-नीचे हो रहे थे, जो उसकी मिल्की थिक बॉडी में जोश डाल रहे थे. वो शॉक में मुझे देखने लगी.

मे: आंटी मुझे टाय्लेट जाना है, वो रूम में ही है.

नरगिस: हा बेटा, आ जाओ.

मैं नरगिस को घूरते हुए अंदर गया. वाहा बातरूम में जाते ही मैं शॉक रह गया. नरगिस ने आने के बाद बात नही लिया था, लेकिन उसकी पनटी गीली वाहा पड़ी थी. मैं समझ गया इसके छूट में गर्मी बहुत है. मैं बातरूम से बाहर आया तो नरगिस ड्रेसिंग में अपने चेहरे को देख रही थी.

फिर मैं हिम्मत करके उसके पीछे जेया खड़ा हो गया. क्यूंकी मेरा लंड अब बर्दाश्त नही कर रहा था.

नरगिस: क्या हुआ बेटा!

मे: मैं सच बतौ तो तुम मुझे बहुत बेकाबू कर रही हो.

नरगिस: मतलब?

मैने नरगिस को बीच बात में ही पीछे से पकड़ लिया. मेरा लंड नरगिस की मोटी गांद में टच होके अलग लेवेल की फीलिंग ले रहा था, और उसके मोटे चूचों पर मेरा हाथ जाते ही उसकी साँसे पहले से तेज़ हो गयी थी. नरगिस की आवाज़ धीरे हो गयी.

नरगिस: ये क्या कर रहे हो कारण? मैं तुम्हारे दोस्त की मा हू.

मे: तो क्या तुम्हे खुशी लेने का हक़ नही है?

नरगिस (धीमी सिसकियों में): एम्म कैसी खुशी? छ्चोढो मुझे.

मे: तुम्हारा बेटा डेली छूट मारता फिरता है, और तुम यहा गीली छूट रखो, ये मुझसे नही देखा जाएगा.

नरगिस: बकवास मत करो, रेहान जान जाएगा.

मे: मैने तुम्हारी पनटी देख ली है, और मेरा लंड तुम्हारे बदन के लिए तड़प रहा है.

नरगिस ने तुरंत मुझे बेड पर धक्का दिया. मैं बेड पर गिर गया, और तोड़ा दर्र गया.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.

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