दोस्त के घर जाके उसका लंड चूसने की कहानी

अगले दिन सुबह मेरी नींद खुली. मैं अभिषेक के बेड पर सो रहा था. मैं हड़बड़ी में उठा, और अपने आप को ड्रेसिंग टेबल के मिरर में देखा, और चौंक गया. पूरी तरह से नंगा अभिषेक के बेड पर सो रहा था मैं. मुझे कल रात की सारी बात फ्लॅशबॅक की तरह याद आ गयी. फिर मैने जल्दी से अपने कपड़े पहने. तभी वाहा पर अभिषेक आ गया.

अभिषेक: गुड मॉर्निंग समीर.

मैने गुस्से से अभिषेक को देखा, और उसके बेडरूम से बाहर आ गया.

अभिषेक: समीर, समीर, रूको समीर.

पर मैं अभिषेक के घर से निकल कर अपने घर पहुँचा. मों-दाद अपने ऑफीस के लिए निकल ही रहे थे. मैं सीधे अपने बेडरूम में गया. मैंने अपने आप को मिरर में देखा. मुझे खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था. मैं बातरूम में गया और शवर लिया. किचन में जेया कर अपने लिए छाई बनाई. तभी डोरबेल बाजी. मैने दरवाज़ा खोला, और मेरे सामने अभिषेक खड़ा था.

मैं: तुम यहा से चले जाओ अभिषेक.

मैं दरवाज़ा बंद करने ही वाला था की अभिषेक घर के अंदर आ गया. फिर मैं किचन में चला गया और वो मेरे पीछे-पीछे मुझे कन्विन्स कर रहा था.

अभिषेक: समीर, प्लीज़ एक बार मेरी बात सुन तो लो. चलो हम कॉलेज चलते है.

मैं (थोड़ी देर बाद): ठीक है.

मैं अपने बेडरूम में जेया कर कॉलेज के लिए तैयार हो गया. अभिषेक अपनी कार लेकर आया था. मैं अभी भी गुस्से में ही था. उसने कार का दरवाज़ा खोला, और मैं कार में बैठ गया. रास्ते में वो मुझे बार-बार कन्विन्स कर रहा था. पर मैं उसकी तरफ देख भी नही रहा था. अभिषेक ने एक जगह कॉर्नर पर कार रोक दी, और मुझसे बात करने लगा.

अभिषेक: मुझे पता है समीर की तुम कल रात की वजह से गुस्सा हो. पर अगर तुम्हे पसंद नही तो मैं तुम्हे प्रॉमिस करता हू की आयेज से ऐसा कुछ नही होगा. मैं अपने आप पर कंट्रोल रखूँगा. कल हम दोनो के बीच में जो कुछ हुआ, वो सब तुम भूल जाओ.

पर मैं ऐसा कुछ नही चाहता था. मैं मॅन ही मॅन में चाहता था की हमारा ये नया रिलेशन्षिप आयेज चले. पर मैं डाइरेक्ट्ली अभिषेक को ये सब कुछ नही बोल सकता था. और मैं उसका और टेस्ट लेना चाहता था.

मैं: मुझे ज़ोर की भूख लगी है.

मैं गुस्से से अभिषेक की तरफ देखा. उसने कार स्टार्ट की, और हम कॉलेज के पास वाले केफे पर गये. मैं कार में ही बैठा रहा. वो कार से उतरा, और मेरी तरफ आ कर मेरा दरवाज़ा खोला. मैं कार से उतार कर सीधा केफे के अंदर चला गया. अभिषेक मेरे पीछे आया.

मैने हम दोनो के लिए 2 कॉफीस आंड सॅंडविच ऑर्डर किए. हमने ब्रेकफास्ट किया, और अभिषेक ने बिल पे किया-

अभिषेक: समीर चलो कॉलेज चलते है.

मैं: नही आज मेरा मूड नही है (गुस्से से).

अभिषेक: ओक, मैं तुम्हे तुम्हारे घर ड्रॉप करता हू.

मैं: नही, मुझे अपने घर नही जाना.

मैं केफे से बाहर आया, और अभिषेक की कार की और चला गया. अभिषेक मेरे पीछे-पीछे आया. उसने मेरी साइड का कार का दरवाज़ा खोला. मैं कार के अंदर बैठा, और वो कार ड्राइव करने लगा. पुर रास्ते हमने कुछ भी बात नही की. वो मुझे अपने घर ले गया. कार रुकने पर मैने बाहर देखा, और कार से उतार कर घर के दरवाज़े पर जेया कर खड़ा हो गया.

अभिषेक कार लॉक करके आया. उसने दरवाज़ा खोला. उसके घर पर कोई नही था. मैं घर के अंदर गया. अभिषेक भी मेरे पीछे अंदर आया, और उसने मैं डोर लॉक किया. मैने अपनी कॉलेज बाग जस्ट उतार कर सोफे पर रखी ही थी, की अभिषेक ने पीछे से आ कर मुझे दबोच लिया.

वो मेरे होंठो पर पागलों की तरह किस कर रहा था. वो मेरे गाल गर्दन हर जगह किस कर रहा था. अभिषेक मेरी त-शर्ट उतार रहा था, पर मैने उसे रोक दिया.

मैं: यहा नही (और बेडरूम की और इशारा किया).

अब वो समाज गया. उसने मुझे अपनी गोद में उठाया, और अपने बेडरूम में ले गया. बेडरूम में जाते ही मैं उसकी गोद से उतार गया, और फिर एक बार हम किस करने लगे. अभिषेक ने मेरी त-शर्ट उतरी, और मेरी गर्दन और सीने पर लगातार चूम रहा था. वो मेरे निपल्स चूस रहा था. मैं सातवे आसमान पर था. मेरे मूह से सिसकारियाँ निकल रही थी.

मैं: आ आ आ.

अभिषेक ने मुझे गोद में उठाया, और बेड पर पटक दिया. वो मेरे उपर आ कर मेरे पेट पर, नाभि पर, हर जगह चूम रहा था. उसने मेरी पंत उतरी और सीधे मेरी अंडरवेर में अपना हाथ डाला. उसके छूने से मेरे शरीर में करेंट दौड़ गया. मेरा लंड खड़ा हो गया.

अब अभिषेक ने मेरी अंडरवेर उतरी. मुझे खड़ा किया, और मेरे पीछे आ कर मेरी पीठ पर किस करने लगा. वो अपने एक हाथ से वो मेरा लंड हिला रहा था. मैं फिरसे मदहोश हो गया था. मैने अपनी आँखें बंद कर ली. मेरे दिमाग़ में कल का फ्लॅशबॅक चल रहा था. 15 मिनिट्स बाद मैं झाड़ गया, और मेरा सारा वीर्या ज़मीन पर गिर गया.

मैने अपनी आँखें खोली, और अपने आप को ड्रेसिंग टेबल के मिरर में देखा. मैं पूरा नंगा पसीने से भीगा हुआ अभिषेक के आयेज खड़ा था, और वो भी पूरी तरह पसीने से भीगा हुआ मेरे पीछे खड़ा था.

मैं: अभिषेक 10 मिनिट का ब्रेक ले क्या?

अभिषेक को कुछ समझ नही आया. वो मुजसे तोड़ा डोर हुआ, और अपनी पसीने से भीगी हुई त-शर्ट उतारने लगा. पर मैने उसे रोक दिया. तो फिर वो टाय्लेट चला गया. मैं तक के बेड पर गिर गया, और अपनी आँखें बंद कर ली.

15 मिनिट्स बाद अभिषेक ने मुझे नींद से उठाया.

अभिषेक: समीर उठो, तुम ठीक तो हो ना?

मैने अपनी आखें खोली. मेरे सामने अभिषेक खड़ा था. मैने अपने मॅन में कुछ सोचा, और अपना हाथ अभिषेक की और बढ़ाया. उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खड़ा किया.

मैं: हा, मैं ठीक हू.

हम दोनो एक-दूसरे के बहुत करीब थे. मैं अभिषेक की सांसो को महसूस कर सकता था. वो मेरी ही तरफ देख रहा था. पर उसे कुछ समझ नही आ रहा था.

अभिषेक: समीर क्या हुआ?

मैने फ़ौरन उसके होंठो पर किस कर दिया. 10 मिनिट किस करने के बाद मैने किस तोड़ी. अभिषेक हैरान हो कर मुझे देखने लगा.

मैं: क्या हुआ अभिषेक? लगता है तुम दर्र गये.

अब अभिषेक कहा रुकने वाला था.

अभिषेक: तुम रूको, अभी तुम्हे मैं बताता हू की कों दर्र गया.

अभिषेक ने अपनी त-शर्ट उतार कर फेंक दी, और वो मेरे होंठो को लगातार चूमता रहा कभी गाल पर, कभी गर्दन पर. अब मुझे भी जोश आ गया था. मैने उसको अपने से डोर किया, तो फिर उसने मुझे कस्स कर बाहों में जाकड़ लिया. वो मुझे छ्चोढ़ ही नही रहा था.

अभिषेक: अब तुम कहा जाओगे?

तभी मुझे एक आइडियास आया. मैं उसकी बाहों में था. मैं धीरे-धीरे उसके सीने पर किस करने लगा. अब अभिषेक की पकड़ थोड़ी-थोड़ी ढीली होने लगी. मैं धीरे-धीरे नीचे की और जाने लगा. मैं उसके एबेस और नाभि पर किस कर रहा था, तो उसका लंड धीरे-धीरे खड़ा हो रहा था. थोड़ी देर बाद वो पंत के अंदर से ही सलामी देने लगा. मैं वही पर रुक गया.

मेरे मॅन में अभिषेक का लंड देखने की बहुत तेज़ इक्चा हुई. पर मैने अपने आप को कंट्रोल किया. लेकिन अभिषेक सब समझ गया.

अभिषेक: क्या हुआ? रुक क्यूँ गया? क्या तुझे देखना नही है? लगता है अब तू दर्र गया?

अभिषेक की ये बोलने की ही देर थी, मुझे गुस्सा आ गया. मैने उसकी पंत का बटन खोला, और उसकी जीन्स नीचे की. अंडरवेर के अंदर अभिषेक का लंड पूरी तरह से तन्ना हुआ खड़ा था. मैं अपने घुटनो के बाल पर बैठा और मैने अपने हाथो से उसकी अंडरवेर नीचे की. फिर पहली बार मैने अभिषेक का सलामी देता हुआ लंड देखा.

अभिषेक: क्या सिर्फ़ डेक्ता ही रहेगा? हाथ नही लगाएगा? इसको हिलाएगा नही? मैने अभिषेक की तरफ देखा वो उपर से मुझे ही देख रहा था.

फिर मैने अभिषेक के लंड को डरते हुए हाथ लगाया, और धीरे-धीरे सहलाने लगा. अब मैने अपनी स्पीड बधाई.

अभिषेक: आ आ आ.

फिर अचानक से अभिषेक ने अपने दोनो हाथों से मेरा सिर पकड़ा, और अपना तन्ना हुआ लंड मेरे मूह में घुसा दिया. वो मेरे सिर को आयेज-पीछे करने लगा. मेरी साँसे तेज़ होने लगी. मेरा मूह लाल हो गया. मैं झटपटाने लगा.

अभिषेक: आ आ चूसो समीर, इसे चूसो, आ.

लगभग 15 मिनिट्स बाद वो मेरे मूह के अंदर ही झाड़ गया. उसका वीर्या मेरे मूह के अंदर और मेरे होंठो पर था. उसका टेस्ट काफ़ी अजीब था. मैने थूक कर और वॉमिट करके उसे मूह से बाहर निकाला.

मैने अपने सपने में भी कभी ये नही सोचा था की मैं किसी लड़के का लंड अपने मूह में लूँगा. पर ये हुआ था, और मुझे अछा और अजीब दोनो फीलिंग आ रही थी.

तभी अभिषेक ने एक और बार अपना लंड मेरे मूह में घुसा दिया. अब 5 मिनिट में वो झाड़ गया. उसका सारा वीर्या मेरे फेस और बॉडी पर था.

अभिषेक ने अपने हाथो से मेरे कंधे पकड़ कर मुझे खड़ा किया. मैने खुद को मिरर में देखा.

अभिषेक: ई लोवे योउ समीर.

मैं अभिषेक को डेक्ता ही रह गया. वो मुझे बातरूम लेकर गया. हम दोनो ने एक साथ ही शवर लिया. मैं पूरी तरह से तक गया था. मैने अपनी अंडरवेर पहनी, और बेड पर सो गया. अभिषेक ने अपने कपड़े पहने और मेरे बगल में आ कर सो गया.

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