दो बहनें और एक केला

नीला और लीला दो बहनें कहानी की शौकीन। अक्सर कहानियों के चक्कर में घर का हर कोना, बेड के नीचे, रैक में और आलमारी में खंगालती रहतीं थीं। दोनों अब जवान हो चलीं थीं, उनकी छोटी स्कर्ट उनके बड़े चूंचों को अक्सर न छुपा पाती थी और बडी चूंचियों को घूर के देखने वालों में स्कूल, मुहल्ले और अब तो घर के कुछ

जवान और बुजुर्ग सदस्य भी शामिल हो गये थे। पर सबसे ज्यादा वो अपने स्तनों को नहाने के बाद आपस में घूर और टटोल कर देखती थीं। उन्हें इस बात का अंदाजा हो चला था कि उनके स्तन बढ रहे हैं। आज दोनों ही कालेज से वापस आईं तो अपने भाई मनोज की रैक में कहानियों के चक्कर में टटोलने लगीं। एकाद उपन्यास मिले और अंत में मिली एक मुड़ी तुड़ी किताब, पतली सी, किताबों के बीच में छुपा के रखी हुई।

नीला ने लीला को दिखाई और दोनों ने उसे स्कर्ट में खोंस कर दूसरी मंजिल पर अपने बेडरुम में चली गयीं। अब बारी थी कहानी पढने की। नीला अक्सर पढ के सुनाती थी और लीला हां में हां मिलाती थी। नीला ने पहली कहानी शुरु की। भाई का लंड नमकीन! नीला- छि छि कितनी गंदी कहानी है, मन कर रहा है कि अभी खिड़की से बाहर टुकड़े टुकड़े करके फेंक दें इस किताब को! लीला – ” अरे यार रुको! जरा धीरे धिरे पढो, फिर फेंक देंगे। नीला ने कहानी शुरु की – मेरा नाम आशा है, मेरी उम्र अठारह है, मेरी चूंचियां छ्त्तीस साईज की हैं और मेरे हुस्न को देखने के लिए सभी लोग मुहल्ले में लालायित रहते हैं। आज मेरा भाई जो कि मुझसे छोटा था। उसने मुझे नहाते हुए देख लिया। और मूठ मारने लगा।” लीला – अरे ये मूठ मारना क्या होता है। नीला – पगली, लड़के अपना नून्नू पकड़ के हाथों से हिलाते हैं ना, उसे ही मूठ मारना कहते हैं। लीला – ओह! ऐसा क्या मजा आता है उनको? अब नीला की चूत में हलचल मच रही थी।

उसने कहानी आगे सुनाते हुए कहा। आशा ने अपने भाई को बाथरुम के दरवाजे के पास मूठ मारते पकड़ लिया और उसे अंदर खींच लिया। भाई का लंड पकड़ के उसने उसे चूसना शुरु कर दिया। अब आशा का बदन भीगे होने के बावजूद जल रहा था। नीला इतना पढ के रुक गयी। उसे शायद चूत में खुजली हो रही थी और लीला ने कहा कि कहानी तो आगे पढ। नीला ने कहानी को मोड़ के रख दिया और अपनी स्कर्ट खोल दी। दरवाजा पहले से बन्द था। उसने लीला के सामने ही अपनी टाप भी खोल दी। लीला अवाक! पागल हो गयी क्या बहना? नीला ने कहा – देख आज ना हम दोनों कुछ करते हैं। लीला ने कहा क्या करने वाली हो तुम तो नीला ने आलमारी खोली। उसमें से निकाला एक केलों का गुच्छा और कहा – देख इसे मान ले भाई का लंड्। और चल ले ले इसे अपने मुह में मान ले कि कहानी में जो भी हो रहा था हमारे साथ ही हो रहा था।

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ऐसा सुनकर लीला सहमत हुई दोनों बहनों ने एक एक केला ले लिआ और अपने मुह में अंदर बाहर करने लगी। नीला ने लीला को भी नंगा कर दिया। बिना बाल की सफाचट कंवारी चूत अब जोड़े में दिख रही थी। लीला को नीचे लिटा कर नीला ने कहा – रुक तेरे को मजा देती हूं। वो उसकी चूत के उपर बैठ गयी। दोनों की चूत ट्करा रही थी। कहानी हाथ में लेकर उसने पढना शुरु किया – आशा के भाई ने उसके चूंचे चूसे” अरे वाह ये तो मैं भी कर सकती हू। और उसने अपनी बहन के चूंचे उसकी चूत पर बैठे बैठे चूसने शुरु किये। लीला मचल रही थी! क्या कर रही हो बहन! पागल हो गयी हो क्या आह्ह्ह्॰ उफ्फ़्फ धीरे धीरे चूसो। और नीला तो राजधानी एक्स्प्रेस हो गयी थी। उसने अपनी कमर हिलाते हुए लीला की चूत में अपनी चूत रगड़ते हुए लीला के एक चूंचे को पकड़ के जोर से दबा दिया। लीला चीख उठी – अबे मारेगी क्या? नीला ने कहा नहीं यार , बस मजे दे रहीं हूं तुझे अब रुक बताती हूं।

और नीला ने लीला को पेट के बल लिटा कर उसके पेट के नीचे एक तकिया रख दिया। अब क्या करेगी तू नीला? नीला – रुक यार तेरे को जिंदगी के मजे चखाती हूं। और अब उसने दो केले निकाले। केलों में कांडोम लगाया और एक केला लीला की गांड के छेद पर रगड़ने लगी। लीला डर गयी और बोली, रुक यार ये क्या कर रही है, वो ह्गने के लिए है केला खाने के लिए मुह होता है। नीला हसने लगी – ही ही दी तू भी ना एकदम घोंचू रह गयी। और उसने लीला से कहा- चल मेरे हथेली पर थूक! जैसा कहती हूं वैसा ही किये जा। अब नीला ने लीला का ढेर सारा थूक उसके गांड पर मल दिया। खुद भी उसने गांड और चूत पर जम के थूका और कंडोम लगे केले से धीरे धीरे गांड में घुसाने लगी। लीला -अ आह फट जाएगी यार क्या कर रही हो। पर वो रुकी नहीं और केला आधा घुसा दिया। अब उसने वही काम दूसरे कंडोम लगे केले से उसकी चूत में करना शुरु किया।

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नीला ने दोनों छेदों में केले घुसाते हुए स्पीड बढा दी। सोचो कि दोनों भाई तुम्हें चोद रहे हों। क्या लीला ने अपनी आंखें बंद कीं और सोचने लगी। आकाश और अमन दोनों ही मुझे चोद रहे हैं। आह्ह आह्ह्ह चोदो भैया मेरी गाँड को चोदते रहो। मस्त चोद दो, मुझे। उसने आंखें मूंदे ही बड़बड़ाना शुरु कर दिया था। अब दोनों ही मस्ती में थीं आधे घंटे तक नीला ने लीला को फंतासी देते हुए चोदना जारी रक्खा और फिर मौका मिलते ही कहानी में ट्विस्ट आ गया। लीला अब ड्राईविंग सीट पर थी और लीला के छोटे छेदों में दो दो केले घुसा रही थी।

अचानक कंडोम कम पड गया और उसने एक केला अंदर गांड में डाला जो टूट गया। अब कोई चारा नहीं था सिवाय जीभ अंदर घुसा कर केले को धीरे धीरे बाहर की तरफ खींचने के। नीला को इस केले को जीभ से बाहर निकलवाने में मजा आ रहा था और वह अपनी चूत को रगड़ते हुए बड़बडा रही थी, चोदो भैया चोदो मेरी चूत को। आह्ह आह्ह और कहानी के सीन के बारे में सोचती रही। केले के बाहर आते ही उसने एक केला छील कर अपनी चूत में घुसेड़ लिया और लीला को फिर एक चैलेंज दे दिया। लीला ने उसके चूत से फिर जीभ अंदर घुसेड़ केले को खींच खींच के खाया। आज दोनों बहनों ने अश्लील कहानी पढ कर एक नयी लेस्बियन कहानी बना दी थी। आज भी वो ये कहानी दुहराती रहती हैं।

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